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- व्याख्यान [स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शा. महाविद्यालय रानीतराई] : ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं वैदिक संस्कृति’ विषय पर रोचक व्याख्यान के साथ रोजगार मार्गदर्शन दिया डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने
व्याख्यान [स्व. दाऊ रामचंद्र साहू शा. महाविद्यालय रानीतराई] : ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं वैदिक संस्कृति’ विषय पर रोचक व्याख्यान के साथ रोजगार मार्गदर्शन दिया डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने

👉 • महाविद्यालय में प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
“ज्ञान-विज्ञान की प्रतिभा में रत भारत इसकी वर्षा भी पूरी दुनिया में करता है, इसलिये भारतवर्ष भी कहलाता है। हमारे ऋषि मुनियों ने स्वयं को और सारे विश्व को जगाया इसलिये भारतवर्ष जगद्गुरु के नाम से जाना गया। वेद, उपनिषद , रामायण, महाभारत, गीता और कालिदास के बिना भारत, भारत नहीं है। इन्हीं सब के कारण पूरे संसार में भारत की प्रतिष्ठा है.”

👉 • महाविद्यालय सभागार में उपस्थित विद्यार्थी
ये विचार है वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. महेशचंद्र शर्मा विगत दिनों स्व.दाऊ रामचन्द्र साहू शा.महाविद्यालय रानीतराई में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा एवं वैदिक संस्कृति’ विषय पर शिक्षाविदों और विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
देश-विदेश के अनेक सफल शैक्षणिक भ्रमण कर चुके आचार्य डॉ.शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भारतीय ज्ञान परम्परा के सन्दर्भ में बताया कि वैदिक साहित्य के सार के रूप में उपनिषद् कहता है – असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर और मृत्यु से अमरता की ओर ले जाने का काम करे वही सच्ची शिक्षा है। डॉ. शर्मा ने बताया कि शिक्षा नीति रोजगार को भी महत्त्वपूर्ण मानती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन सहित रोजगार पठन-पाठन सामग्री भी दीं। साथ ही पर्यावरण अध्ययन फाइल सामग्री भी दीं।आचार्य शर्मा ने शिक्षा नीति से प्रेरित स्वरचित अपनी चार पुस्तकें – प्रेरणा प्रदीप, साहित्य और समाज, छत्तीसगढ़ में संस्कृत और गागर में सागर आदि भी प्राचार्य डॉ.मिश्र और ग्रन्थालय को नि: शुल्क भेंट की.
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं गणितज्ञ डॉ.अरुण कुमार मिश्र ने व्याख्यान की भूमिका रखते हुवे विषय और विशेषज्ञ के बारे में भी बताया.

👉 • महाविद्यालय की ओर से आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा का शॉल-श्रीफल से अभिनंदन करते हुए प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार मिश्र
आई.क्यू.ए.एस. प्रभारी एवं संयोजक चंदन गोस्वामी एवं आई.के.एस. प्रभारी और सहसंयोजक अम्बिका ठाकुर बर्मन ने अपनी भूमिकाओं का सफल निर्वाह किया.
कार्यक्रम का संचालन आराधना देवांगन एवं आभार व्यक्त अंबिका ठाकुर बर्मन ने किया.
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (आर.यू.एस.ए.) द्वारा प्रायोजित और आई.के.एस.द्वारा आयोजित व्याख्यान में डॉ. रेशमी वासनीकर, भारती गायकवाड, डॉ.शगुफ़्ता सिद्दीकी एवं रेणुका वर्मा समेत बड़ी संख्या में स्टाफ एवं विद्यार्थी गण उपस्थित रहे.
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