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बैठक : ‘भिलाई इस्पात मजदूर संघ’ के तत्वावधान में संयंत्र के कर्मचारियों के विभिन्न मांगों को लेकर बैठक और विचार-विमर्श : बैठक का नेतृत्व ‘बीएमएस’ के महामंत्री चन्ना केशवलू ने किया

👉 • इस्पात भवन कॉफी हाउस के बैठक में ‘भिलाई इस्पात मजदूर संघ’ के महामंत्री चन्ना केशवलू, उपाध्यक्ष मृगेंद्र कुमार, सुधीर गड़ेवाल, जगजीत सिंह, संयुक्त महामंत्री प्रदीप कुमार पाल, अनिल गजभिये, सचिव संजय कुमार साकुरे, अखिलेश उपाध्याय, नारायण प्रसाद बाजपेयी, संतोष जगन्नाथ नाले और नेहरू साहू उपस्थित थे
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री चन्ना केशवलू के नेतृत्व में भिलाई इस्पात मज़दूर संघ यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक इस्पात भवन कॉफी हाउस में सम्पन्न हुई.
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में व्याप्त समस्याओं के संबंध में बैठक में विचार विमर्श हुआ एवं सुझाव दिए गए ।संयंत्र के कर्मचारियों और टाउनशिप ,सेक्टर 9 अस्पताल की ज्वलंत समस्याओं एवं संयंत्र के भीतर सुरक्षा को लेकर सभी ने चिंता ज़ाहिर की ।संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रबंधन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश का सीधा असर संयंत्र के उत्पादन पर पड़ सकता है।संघ ने कहा कि संयंत्र के कर्मचारियों ने यूनियन के प्रतिनिधियों को बताया कि संयंत्र में नॉन-फाइनेंशियल स्कीम का विस्तार हो.

भिलाई इस्पात मजदूर संघ ने प्रबंधन द्वारा 11 मार्च 2026 से शुरू की गई ‘नॉन-फाइनेंशियल स्कीम’ का कर्मचारीयों ने स्वागत तो किया, लेकिन इसकी अवधि (31 मार्च तक) को अत्यंत कम बताया है। कर्मचारियों की मांग पर महामंत्री ने मांग की है कि पूर्व वर्षों की भांति गर्मी के महीनों में उत्पादन की गति बनाए रखने के लिए इस स्कीम को 30 जून 2026 तक बढ़ाया जाए।
सेक्टर-9 अस्पताल में मरीजों की फजीहत एवं प्रबंधन पर संघ ने ग़ैर ज़िम्मेदार अधिकारियों को सख़्त चेतावनी दी ।समय रहते चिकित्सा व्यवस्था में सुधार किया जाना चाहिए ।नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

जवाहरलाल नेहरू अनुसंधान एवं चिकित्सालय सेक्टर-9 अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर संघ ने कड़ा प्रहार किया है। संघ के अनुसार, अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन लंबे समय से खराब है, जिसके कारण अपॉइंटमेंट लेकर आने वाले कर्मचारी और उनके परिजन प्रतिदिन भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा, भीषण गर्मी को देखते हुए सभी ओपीडी प्रतीक्षालयों में तत्काल कूलर एवं पंखे लगाने की व्यवस्था करने की मांग की गई है।ओपीडी में समय पर डाक्टर उपलब्ध नहीं होने से मरीज़ों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।ओपीडी मे मरीज़ों की भीड़ एवं परेशानी को ध्यान रखते हुए ओपीडी में डाक्टरो की बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मांगें-
‘बीएमएस’ के महामंत्री चन्ना केशवलू ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रबंधन का ध्यान दिलाया-
* इंसेंटिव स्कीम: वर्ष 2007 से लंबित इंसेंटिव स्कीम का तत्काल पुनरीक्षण (Revision) किया जाए ताकि कर्मचारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
* टाउनशिप व जलापूर्ति: भीषण गर्मी में टाउनशिप वासियों को दो समय पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित किया जाए ॥
•मकानों का सब्जेक्टूकेसन शुरू किया जाये ।जिससे संयंत्र के कर्मचारियों को लाभ मिले ।
अधिकारियों को मिलने वाले मकानों को कर्मचारियों को भी आबंटित किया जाए ।जिससे कर्मचारियों को लाभ मिल सके ।
.संयंत्र कर्मचारियों को उनके बच्चों के जन्मदिन,विवाह,तेरहवीं एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भिलाई क्लब,स्टील क्लब को आबंटित किया जाना चाहिए एवं सभी इस्पात क्लबों के आंबटन की प्रकिया को सरलीकरण किया जाए ताकि कर्मचारियों को इसका नियमित लाभ मिल सके ।
* सड़क सुरक्षा: मुर्गा चौक से ख़ुर्शीपार गेट तक अनियंत्रित वाहनों के खड़े रहने के कारण एवं अत्यधिक अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, वहां तत्काल प्रकाश व्यवस्था की जाए। साथ ही बोरिया गेट और इस्पात भवन मार्ग पर भारी वाहनों के अनियंत्रित जमावड़े और अवैध कब्जों पर रोक लगाई जाए।संयंत्र के अंदर वाहनों का स्पीड नियंत्रण करने के लिए प्रबंधन के द्वारा दिशा निर्देशों के अनुसार मोटर साइकिल की गति 30 एवं कार की स्पीड गति 40 की गति पर चलाने का निर्देश दिया गया है जो कि भिलाई इस्पात संयंत्र के नियमित कर्मचारियों के लिए है इसे ठेका श्रमिकों एवं ठेकेदारों के लिए भी निर्धारित किया जाना चाहिए ।नियमित कर्मचारियों को मानसिक रूप से कमजोर करने का प्रयास प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा है ।यह न्याय संगत नहीं है ।एवं प्रबंधन के द्वारा बार-बार नोटिस देकर कार्यवाही करने की चेतावनी दी जा रही है ।जिससे कर्मचारी भयभीत एवं परेशान है ।मानसिक तनाव से ग्रसित है ।जे . पी .चौक के गेट से कर्मचारियों के ड्यूटी आते जाते समय के एक घंटे के बाद गेट को खोला जाना चाहिए ताकि कर्मचारी दुर्घटना से बच सकें ।संयंत्र के भीतर सड़कों पर जगह जगह पर स्क्रैप एवं स्लैग पड़े रहने पर रोड एक्सीडेंट की आशंका रहती है उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए ।संयंत्र में मिक्सर क्रेन आपरेटर की कमी के चलते आपरेटरो पर भारी कार्य के दबाव के कारण आपरेटर के स्वस्थ मे लगातार गिरावट आने के कारण कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं ।प्रबंधन समय रहते इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लेकर उचित कार्यवाही करने की मांग भिलाई इस्पात मजदूर संघ करता है।
‘भिलाई इस्पात मजदूर संघ’ ने चेतावनी दी है कि संयंत्र में सुरक्षा शांति और निरंतर उत्पादन के लिए प्रबंधन को इन मूलभूत मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए, अन्यथा ‘बीएमएस’ यूनियन कर्मचारियों के साथ मिलकर आंदोलन कर सकता है. जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी. जिसका असर संयंत्र की सुरक्षा एवं उत्पादन क्षमता पर पड़ेगा.
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chhattisgarhaaspaas
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