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- छत्तीसगढ़ की अग्रणी महिला संस्था ‘स्वयंसिद्धा’ का 16वां स्थापना दिवस : यह कार्यक्रम कई मायनों में अलग था. हम वर्तमान में नहीं बल्कि इतिहास के पन्नों पर विचर रहे थे और हमारे चारों तरफ स्वतंत्रता संग्राम की मशाल प्रज्ज्वलित थी. ‘एसएनजी ऑडिटोरियम’ भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद और हर-हर महादेव के नारों से गूंज रहा था और इतिहास की भूली बिसरी वीरांगनाएं जिनमें रानी चेन्नम्मा, दुर्गावती, अब्बा का चौटा, वेलु नाचीयार से लेकर कल्पना दत्त, मातंगिनी हाजरा, बीबी दलेर कौर, तारा देवी, प्रीति लता वादेदार तक अपने संग्राम और शहादत की कहानियां सुना रही थी.
छत्तीसगढ़ की अग्रणी महिला संस्था ‘स्वयंसिद्धा’ का 16वां स्थापना दिवस : यह कार्यक्रम कई मायनों में अलग था. हम वर्तमान में नहीं बल्कि इतिहास के पन्नों पर विचर रहे थे और हमारे चारों तरफ स्वतंत्रता संग्राम की मशाल प्रज्ज्वलित थी. ‘एसएनजी ऑडिटोरियम’ भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद और हर-हर महादेव के नारों से गूंज रहा था और इतिहास की भूली बिसरी वीरांगनाएं जिनमें रानी चेन्नम्मा, दुर्गावती, अब्बा का चौटा, वेलु नाचीयार से लेकर कल्पना दत्त, मातंगिनी हाजरा, बीबी दलेर कौर, तारा देवी, प्रीति लता वादेदार तक अपने संग्राम और शहादत की कहानियां सुना रही थी.

👉 • ‘स्वयंसिद्धा’ द्वारा 16वें स्थापना दिवस का आगाज. कार्यक्रम में देशभक्ति की लहर से गूंज उठा सभागार. दर्शक दीर्घा में लोग अपने स्थान से उठकर भारत माता की जय पुकार रहे थे.
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
16वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि ‘छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी’ के अध्यक्ष शशांक दुबे थे. अन्य विशेष अतिथि रहे- भिलाई नगर निगम के महापौर नीरज पाल, भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ महाप्रबंधक उत्पल दत्त, CG भास्कर के संपादक जितेंद्र वर्मा, ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के संपादक प्रदीप भट्टाचार्य, बीके आशा दीदी, सीजू एंथोनी और डॉ. श्रुतिका देवेंद्र यादव.
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर 16वें स्थापना दिवस का शुभारंभ किया गया.
प्रारंभ में स्त्री मन के सपने, संघर्ष, दुविधाओं को कविताओं के माध्यम से नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई. निर्देशका डॉ. सोनाली चक्रवर्ती एवं तबला वादक थे रविंद्र कर्मकार. मधु देवांगन के नृत्य निर्देशन में शिल्पी शर्मा, लक्ष्मी साहू, ज्योति गाँधी, बिंदु नायक और रत्ना दुफारे थीं.

दूसरे नृत्य नाटिका की प्रस्तुति रही ‘वीरांगना’. रुमा डे के नृत्य निर्देशन में रीता वैष्णव, सुदेशना वर्धन, राजश्री नायर और कमल चक्रवर्ती थे.
साथ में रुखसाना शेख, संगीता जायसवाल, बैजाबाई शिंदे-रीता वैष्णव, हेमा रॉय, वैशालीनी, अनामिका कपूर, सोमाली शर्मा, आर. राधा, राजकुमारी कन्नोजे, वंदना नाडमवार, शीला प्रकाश, हर्षा रामटेके, नमीता त्रिपाठी, बनानी मायती, रूपाली पटेल, गीता चौधरी, श्रुति तिवारी, सीमा लदेर और पूर्णिमा लाल ने बेहतरीन अभिनय से इस शाम को यादगार बना दिया.

👉 • ‘वीरांगना’ नृत्य नाटिका में सोमाली शर्मा का एक भावपूर्ण मुद्रा में
‘अब बेटी के नाम से जानी जाएगी माँ’ सम्मान डॉ. राजश्री मिश्रा, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी, लोक कलाकार जोशी बहनें रीना दाम, श्रीमती अमरजीत कौर, सावित्री जायसवाल, रजिया बेगम, तस्लीम बी. और हेलन धर को सम्मानित किया गया.

👉 • चक्रवर्ती दम्पति का सम्मान

👉 • राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने सम्मानित किया संदीप चक्रवर्ती और डॉ. सोनाली चक्रवर्ती का सम्मान करते हुए…
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इन संस्थाओं को उल्लेखनीय सामाजिक कार्य के लिए ‘स्वयंसिद्धा’ सम्मान प्रदान किया गया-
इंजिनियर्स एसोसिएशन, माइल स्टोन, प्रिज्म ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट, फाउंडेशन प्ले ग्रुप, स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय, संतोष राय इंस्टीट्यूशन, दुर्ग ट्रैफ़िक पुलिस, रक्षा टीम, नारी समन्वय मंच, संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति [महिला इकाई] प्रगति नगर, अयोध्या वेबसाइट, श्रृंखला फाउंडेशन ममता यादव, मातृ शक्ति महिला समिति हुडको सेक्टर, साहू समाज [महिला प्रकोष्ठ], महाराष्ट्र मंडल सेक्टर-4, महाराष्ट्र मंडल हुडको सेक्टर, ईश्वर कृपा सेवा भाव समूह, ब्रह्महर्शि भूमिहार ब्राह्मण महिला समाज, संपूर्णा महिला समिति तालपुरी, संयुक्त महिला समिति, वॉयस ऑफ छत्तीसगढ़, जीजाबाई महिला समिति, सखी मंच वैशाली नगर और नव उपासना महिला समिति सेक्टर-5 भिलाई.
कार्यक्रम का संचालन देबजानी मजूमदार और माधुरी बिजोरिया ने किया. धन्यवाद ज्ञापन संदीप चक्रवर्ती ने दिया.
आयोजन में विशेष सहयोग रहा-

👉 • प्रथम पंक्ति में बैठे अतिथि [बाएँ से] प्रदीप भट्टाचार्य, जितेंद्र वर्मा, शशांक दुबे, नीरज पाल, सीजू एंथोनी, डॉ. संतोष रॉय

👉 • सभागार में बैठे अतिथि एवं प्रबुद्धजन
सत्या पांडे, शीलू लुनिया, लवकुमार चौधरी, कमलेश आर्य, हेमा, अरविंद वैष्णव, गीता चौधरी, पुनीता कौशल, रीता वैष्णव, ज्योति सिंह, संध्या तिवारी, कुदसिया अली, संगीता जायसवाल, राजश्री नायर, अनिल जायसवाल, रूपाली पटेल, वंदना नाडबर, वर्षा कुमारी, डॉ. कृतिका वैष्णव, डॉ. अक्षुणा वैष्णव, राजकुमारी कन्नोजे, संगीता मिश्रा, हतेश कुमार मिथिलेश, प्रताप सिंह, प्रशांत गुप्ता, देव साहू, खिलेश्वर, देवांगन, योगेश कुमार, सूरज, शोभा खरालकर, आँचल चक्रवर्ती, राधा और ‘स्वयंसिद्धा’ के सदस्य.

👉 • प्रदीप भट्टाचार्य का शॉल, श्रीफल, मोमेंटों देकर सम्मानित किया गया [बाएँ से] जितेंद्र वर्मा, शशांक दुबे, प्रदीप भट्टाचार्य, डॉ. सोनाली चक्रवर्ती, बीके आशा दीदी और डॉ. श्रुतिका देवेंद्र यादव

👉 • भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ महाप्रबंधक उत्पल दत्त का सम्मान ‘स्वयंसिद्धा’ की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती और अन्य उपस्थित अतिथियों द्वारा किया गया
👉 • नृत्य नाटिका एक दृश्य

• कार्यक्रम संयोजिका डॉ. सोनाली चक्रवर्ती एवं आभार व्यक्त संदीप चक्रवर्ती.
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