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नोबैक्टो फाउंडेशन : खुले पैर स्कूल जाते बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, फाउंडेशन ने बासिन गांव के शासकीय स्कूल में बच्चों को पहनाए नए जूते

👉 • ‘नोबैक्टो फाउंडेशन’ ने कहा कि आजादी का असली उत्सव तभी है जब हर बच्चा बिना किसी अभाव के स्कूल जा सके और संस्था इसी सोच के साथ आगे भी काम करती रहेगी

👉 • Nobacto Foundation लगातार जन हित में ऐसे काम कर रही है और सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रही है
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
कोई खुले पैर स्कूल पहुंचता है, तो कोई टूटी हुई चप्पलों में मीलों का सफर तय करता है। बासिन गांव के शासकीय स्कूल के ऐसे ही बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस इस बार कुछ खास लेकर आया। नोबैक्टो फाउंडेशन (NOBACTO FOUNDATION) की टीम जब स्कूल पहुंची, तो बच्चों की आंखों में जो चमक दिखी, उसने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में लगभग 240 विद्यार्थियों तक फाउंडेशन पहुंचा। 62 बच्चों को नए जूते पहनाए गए — जिनमें से कई अब तक स्कूल खुले पैर या टूटी चप्पलों में आते थे। इसके अलावा 65 बच्चों को बैग और 110 बच्चों को उपहार भेंट किए गए। संस्था के सदस्यों ने जब बच्चों के पैरों में जूते पहनाए, तो यह पल कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण बन गया।
स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि कई बच्चे आर्थिक तंगी के कारण जूते-चप्पल जैसी बुनियादी जरूरतों से भी वंचित रह जाते हैं, और ऐसे में यह पहल उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं। नोबैक्टो फाउंडेशन ने कहा कि आज़ादी का असली उत्सव तभी है जब हर बच्चा बिना किसी अभाव के स्कूल जा सके, और संस्था इसी सोच के साथ आगे भी काम करती रहेगी।
नोबैक्टो फाउंडेशन विगत कुछ समय से भिलाई क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है।
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