• National
  • ■स्वरांजलि : स्वर यात्रा का मंगल राग- लता मंगेश्कर.

■स्वरांजलि : स्वर यात्रा का मंगल राग- लता मंगेश्कर.

4 years ago
604

♀ भारत रत्न लता मंगेशकर.
♀ मिथिलेश रॉय
[ शहडोल, मध्यप्रदेश ]

लता मंगेशकर ख्यातिप्राप्त पार्श्वगायिका हैं जिन्होंने अपने गायकी के हुनर व अंदाज़ में अनेक सदाबहार फिल्मी और गैर-फिल्मी गीत गाए हैं। दुनिया भर की सीमाओं के बांध को तोड़कर कर उनके गाये गीतों ने बड़ी सहजता से अनेक लोगों के अंतर्मन को छुआ, फिर चाहे सुदूर गांवों में रहने वाले स्त्री पुरुष बूढ़े, बच्चे किशोर, किशोरियों, बच्चे हो, उनके प्रशंसक हर आयु वर्ग और समझ के लोग है। अपने जीवन मे किवदंती सी बनी रही, हमारे आसपास उनके अनेक किस्से सुनते सुनाते लोग मिल जाते है। अपनी सुरीली आवाज, चंचल स्वरलहरियों और गाने में अभिनय को जिस तरह से उन्होंने एक साथ पिरोया जो अपने आप मे किसी चमत्कार से कम नही हैं,लता जी ने अपने साथ कि तमाम मशहूर अभिनेत्रियों को हूबहू उनके अंतर्मन की भाषा और अंदाज दिया, पर्दे पर उनके अभिनय को देखकर सहज यह अनुमान लगाना कठिन था कि यह आवाज़ उनकी नही है। लता ने हजार से ज्यादा हिंदी फिल्मों में गीत गाए हैं। उन्होंने हिंदी, मराठी और बंगाली सहित कई भाषाओं में 30 हजार से अधिक गीत गाए।

जन्म-

लता मंगेशकर के पिता शहर -शहर में घूम घूम कर नाटक करते थे इसी यात्रा के दौरान उनका एक पड़ाव इंदौर में रहा, इसी दौरान लता जी का जन्म 28 सितम्बर 1929 को इन्दौर (मध्यप्रदेश) में हुआ। मूलतः लता जी मराठी थी, उनके बचपन के कुछ दिन महाराष्ट्र में ही बीता,।उनके पिता नाम दीनानाथ मंगेशकर और शेवंती था। लता के पिता ,एक मराठी संगीतकार, शास्त्रीय गायक और थिएटर एक्टर थे उनके पिता मराठी जबकि मां गुजराती थीं। जो उनकी दूसरी पत्नी थी।

लता का नाम व उपनाम मंगेशकर-

लता जी के परिवार का उपनाम हरदिकर था, पर जैसा कि बताया जाता है, की उनके पिता दीनानाथ, जी गोआ के मंगेशी गाँव के रहने वाले थे, अतः उन्होंने अपने नाम के साथ इस गांव का नाम जोड़कर अपना पूरा नाम दीनानाथ मंगेशकर लिखते थे जिसको बाद में परिवार में सभी ने माना व अपने नाम के साथ जोड़ लिया। ऐसा ही रोचक किस्सा लता जी के नाम को लेकर भी है। असल मे लता जी का जन्म के समय नाम हेमा रखा गया था। लेकिन लता जी ने सन 1942 में भावबन्धन नाम के नाटक जो उनके पिता द्वारा निर्देशित था में काम किया। जिस नाटक की प्रमुख किरदार का नाम लतिका था। बाद में इसी नाम के आधार पर उनके पिता ने उन्हें लता नाम दिया । आगे चलकर में इसी नाम से वे मशहूर हुई।
लता जी के बाद मीना, आशा, उषा और हृदयनाथ का जन्म हुआ।

संगीत शिक्षा –

लता जी को गीत-संगीत की शिक्षा उनके घर पर ही उनके पिता से प्राप्त हुई,कला का माहौल मिला और बचपन से वह इस ओर आकर्षित हुईं। संगीत की शिक्षा को लेकर एक वाकया यह भी है जिसे लता जी अपने साक्षात्कार में बताती रहीं है। एक बार कोई उनके पिता शागिर्द उनके घर पर उनके पिता से गायन सीखते हुए बार बार गलत गा रहा था लता वहीं पास बैठे खेल रही थी, उन्होने उस शागिर्द को कहा कि वह गलत सुर लगा रहा है। उनके पिता ने लता के सुर कर प्रति इस समझ से अत्यंत खुश हुएऔर लता को विधिवत संगीत शिक्षा देने लगे, इस तरह लता पांच वर्ष की छोटी सी उम्र से ही संगीत का पाठ पढ़ने लगी। उनके पिता ने उन्हें संगीत की पहली सिख देते हुए कहा था – जिस तरह कविता में शब्दों का अर्थ होता है वैसे ही गीत में सुरों का अर्थ होता है। गाते समय दोनो अर्थ उभरकर आना चाहिए। लता ने उनकी दी हुई इस सिख को हमेशा के लिए अपने जीवन मे आत्मसात किया, और गाती रहीं। अपने पिता की देखरेख में उन्होंने ने कुछ नाटकों में भी अभिनय किया। किन्तु अभिनय में उनकी रुचि ना होने के कारण संगीत में ही उन्होंने अपना कैरियर चुना।

 पिता की मृत्यु-

लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ की मृत्यु 1942 में हृदयाघात के कारण हो गई, उस समय घर माली हालत ठीक नही थी। पिता की मृत्यु से परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा। उस समय लता मात्र 13 वर्ष की थी। घर में बच्चों में सबसे बड़ी लता ही थी अतः सारी जिम्मेदारी उन्ही के ऊपर आ पड़ी। मुसीबत की इस घड़ी पिता के मित्र व नवयुग चित्रपट मूवी कंपनी के मालिक मास्टर विनायक, कॉफी मददगार साबित हुये, उन्होंने ने लता को अपनी कंपनी में गाने का अवसर देना जारी रखा जिससे परिवार की कुछ आर्थिक मदद होती रही। पैसों की तंगी के कारण लता जी को अपने शुरुआती दिनों में कई मराठी फिल्मो में अभिनय भी करना पड़ा । मंगला गौरी, माझे बल गजभाउ बड़ी मां जीवन यात्रा जैसे नवयुग चित्रपट कंपनी की फिल्मों में छोटी- मोटी भूमिकाएं अदा करनी पड़ी। सबसे पहला गाना लता जी ने सदाशिव राव की एक मराठी फिल्म के लिए एक गाना गाया। परन्तु उनके पिता जी नाराजगी के कारण फ़िल्म के फाइनल कट में उस गाने को हटा दिया गया। बाद में मंगला गौर में उन्होंने ने गाया। साथ ही मराठी फिल्म गजाभाउ में उन्होंने सबसे पहले एक हिंदी गाना गाया। एक तरह से लता को गायिका व अभिनेत्री के रूप में कैरियर बनाने का सुअवसर विनायक मास्टर जी ने प्रदान किया।

मुंबई आगमन-

इसी बीच सन 1945 में नवयुग चित्रपट कम्पनी लेकर मास्टर विनायक मुंबई आ गए । फलतः लता को भी मुंबई आना पड़ा। यही उन्होंने उस्ताद अमन अली खान जो भिंडीबाजार घराना के उस्ताद थे से भारतीय शास्त्रीय संगीत शिक्षा-दीक्षा लेना प्रारंभ किया। उन्ही कि मदद से लता को फिल्म बड़ी मां ,में एक भजन ‘माता तेरे चरणों (1946) में गाया। उन्होंने बतौर गायिका फ़िल्म ‘आपकी सेवा में’ गीत ‘पा लागूं कर जोरी’ गाया जिसने लोगों को बढ़ा भाया इसके साथ ही संगीत जगत में उनके नाम की सुगबुगाहट होने लगी । लेकिन इधर मास्टर विनायक और उस्ताद, अमन अली खान के निधन से लता को बड़ा झटका लगा। किन्तु तभी गुलाम हैदर जैसे संगीतकार का उन्हें सानिध्य प्राप्त हुआ। उनकी गायिकी परवान चढ़ने लगी। किन्तु तभी एक वाकये ने लता और गुलाम हैदर के मन को गहरे तक झकझोर दिया। हुआ यूं कि लता की गायिकी से खुश होकर उनके मार्गदर्शक हैदर अली ने बड़े उमंग में आकर लता को मशहूर फिल्म ‘शहीद’ के निर्माता शशधर मुखर्जी से मिलवाया। किन्तु शशधर मुखर्जी ने लता को गाने गवाने से यह कहकर इन्कार कर दिया कि उनकी आवाज़ पतली है। हैदर अली इस बात से कॉफी नाराज हो गए। और उन्होंने लता के लिए भविष्यवाणी की देख लेना एक दिन वो आयेगा। जब संगीतकार लता के पास चलकर आएंगे। और उनकी यह बात आगे चलकर शत प्रतिशत सच साबित हुई।

लता की चुनौतियां-

लता ने जब फ़िल्म गायन के क्षेत्र में कदम रखा उस समय उनके सामने कीदिग्गज गायिका पार्श्वगायन के क्षेत्र में उनके सामने चुनौती बन कर खड़ी थी। नूरजहां, शमशाद बेगम, सुरैया, राजकुमारी, जैसी माहीर गायिकाओं की गायन शैली की तूती बोलती थी। लता ने शुरुआत में इन्ही का अनुसरण किया किन्तु जल्द ही वे उनके प्रभाव से बाहर आकर उन्होंने हिंदी और उर्दू के शब्दों के उच्चारण उच्चारण पर अपनी पकड़ मजबूत की। साथ ही साथ उस जमाने की सभी सफल अभिनेत्रियों के हावभाव को बारीकी से देखना परखना शुरू किया। लता ने यह अच्छी तरह से जान लिया था कि गायन में शास्त्रीय नियमों के आलावा अभिनय के पुट को रखा जाना आवश्यक है, उनको माइक पर गाना चलकर या कितने दूर से गाना है या किस विशेष स्थित परिस्थिति में गाना है इसकी उनमे कमाल की समझ थी। जिससे उन्होंने जल्दी ही अपनी शैली के रूप में विकसित किया।

लता ने अपनी बेमिसाल गायिकी की समझ का प्रदर्शन 1949 में बनी फिल्म ‘महल’ का मशहूर गाना, आएगा आने वाले के रिकार्डिंग के दौरान किया इस गाने को गाते हुए वे दूर से चलकर माइक तक आती थी। जिससे इसमे एक कमाल का प्रभाव सुनने वाले पर पड़ता है।इस गाने के बाद तो लता ने पीछे मुड़कर कभी देखा ही नही।

 1950 का दशक-

1950 का दशक लता के बड़े धमाकेदार रहा इस दौर में उन्होंने की हिट फिल्मों जैसे, दीदार,उड़न खटोला, बैजू बावरा,देवदास, मधुमती, श्रीमान 420,मुगले आज़म, बरसात, मदर इंडिया, दिल अपना और प्रीत पराई, के लिए अपने जादुई और खनकदार आवाज दी, लता जी ने उस के सभी उस दौर के लगभग सभी संगीतकारों और गीतकारों व गायकों के साथ गाना गया। कुछ गायक व गीतकार, संगीतकार से उनके मनमुटाव भी हुए, पर फिर भी अपने सहज और अपनेपन के बर्ताव ने कॉफी लोगों को उनके करीब लाया, उनकी गायकी के एक बड़े मुरीद बड़े गुलाम अली खान साहब भी थे। वे अक्सर लता जी बारे में कहते। “”कमबख्त कभी सुर से कभी कटती ही नही। “”

 1962 का साल-
एक तरफ जहां गायकी में दिन ब दिन सफलता के नए शिखर छू रही थी वही हमारी सीमा पर भारत चीन के मध्य युद्ध चल रहा था, युद्ध चल क्या रहा था हम 1962 का युद्ध चीन से हार गए थे। पूरा देश गहरी निराशा में डूबा हुआ था। देश के चहेते प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू गहरे सदमे से गुजर रहे थे। उन्हें देश मे नए मनोबल किस तरह से भरा जाए इस बारे में कुछ सूझ नही रहा था उस संकट की घड़ी में लता जी ने कवि प्रदीप द्वारा लिखित गीत “ये मेरे वतन के लोगों “को आज़ादी के समारोह में गाकर लोगो के अंदर एक नये जोश का संचार देशवासियों के हृदय में कर दिया था। जिसे सुनकर पंडित नेहरू जो विकट से विकट परिस्थिति में नही रोये। रो पड़े थे। और लता जी के प्रशसंकों में से एक हो गए थे।

लता जी भजन,-
लता जी हर तरह के गीत गाये खुशी, प्रेम, वियोग, मिलन, विछोह, पर हर गीत का परम तत्व करुणा ही रही। जहां उनके गीतों में नयापन और अद्भुत स्वर संयोजन मिलता है वही उनके गाये भजनों में एक रूहानी सुकून मिलता है। मीरा के गए भजनों को इस सहज और सुरीला अंदाज दिया कि लगता ही मीरा स्वयं कहीं उपस्थित हो गई हो।

लता जी की शादी-

लता जी शादी को लेकर अक्सर लोगों उनके चाहने वालों की चर्चाओं में रही। दरअसल बहुत छोटी सी उम्र में ही उन पर अपने परिवार भाई बहन के देख रेख की जिम्मेदारी कुछ इस तरह रही कि वे विवाह नही कर सकी। उनकी शादी को लेकर कभी उनकी बहन उषा जी ने कहा था कि “ईश्वर का दिया लता जी के पास सब कुछ था, पर उनके पास हम भाई बहन भी थे.

लता मंगेशकर को को जीवन काल मे कई दिग्गज मान-सम्मान, व पुरुस्कारों से नवाजा गया गया।

1969 – पद्म भूषण

1989 – दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

1999 – पद्म विभूषण

2001 – भारत रत्न

लता जी दुनिया के उन महत्वपूर्ण गायिकाओं में शामिल है जो सबसे अधिक उम्र तक गाती रही । तथा अपने अंतिम जीवन काल तक कभी भी गायन ना करने की कोई घोषणा नही की। लता जी ने अपने सहज व्यक्तित्व से न केवल संगीत को ऊँचाई दी बल्कि समाजिकता को भी अव्वल रखा वे दिलीप कुमार को राखी बांधती थी, दोनो ने 13 साल के मनमुटाव के बाबजूद भाई बहन के रिश्ते को निभाया। यह उनकी महान आत्मा का एक छोटा सा किस्सा है ऐसे तमाम किस्सों उनके जीवन से जुड़े है।

1.कभी लता जी के बारे में बोलते हुए नरगिस ने इकबाल का शेर कहा था।

हजारों साल नरगिस अपनी बे नूरी पर रोती है,
बड़ी मुश्किल से पैदा होता है चमन में दीदा-वर पैद

2.महान गायक कुमार गन्धर्व ने कहा था-
लता के देश मे कभी सूर्य अस्त नही होता।

3.कभी अभिनेता अमिताभ बच्चन ने विदेश में कहा था आपके पास सब चीजे हो सकती है, पर दो चीजें ताजमहल और लता मंगेशकर नही हो सकती,

3.ऐसे ही एक सुनील गावस्कर ने नूरजहाँ से एक मुलाकात में कहा था। मैं किसी नूरजहां को नही लता मंगेशकर को जानता हूँ।
4. मशहूर वायलिन वादक येहूदी मेनहिन ने उनके लिए कहा था.- काश!मेरी वायलिन लता जी के गायिकी की तरह बज सके।
स्वर कोकिला लता जी जीवन-राग की तरह हम भारतीयों के जीवन मे शामिल हैं,जब तक हमारे जीवन मे समाज मे जीवन मे राग तत्व रहेगा लता जी हमारे बीच बनी रहेगी।

♀ लेखक संपर्क-
♀ 88898 57854

■■■ ■■■

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

कांग्रेस ने बदले 3 राज्यों के AICC प्रभारी, खड़गे ने जारी किए नए आदेश
breaking Chhattisgarh

कांग्रेस ने बदले 3 राज्यों के AICC प्रभारी, खड़गे ने जारी किए नए आदेश

मानसून सत्र से पहले जिला प्रशासन अलर्ट, सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर लगी रोक, मुख्यालय छोड़ने पर भी सख्ती
breaking Chhattisgarh

मानसून सत्र से पहले जिला प्रशासन अलर्ट, सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर लगी रोक, मुख्यालय छोड़ने पर भी सख्ती

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया
breaking National

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी
breaking Chhattisgarh

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’
breaking Chhattisgarh

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी
breaking Chhattisgarh

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले
breaking Chhattisgarh

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम
breaking Chhattisgarh

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
breaking Chhattisgarh

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा
breaking National

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन