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भिलाई : बंगीय साहित्य संस्था द्वारा आयोजित 341वां साहित्य सभा : बांग्ला कवयित्री बानी चक्रवर्ती कृति ‘ भिंदेशी प्रेमेर कविता ‘ का विमोचन : कविगुरु रविंद्रनाथ टैगोर के 162वां और कवि काजी नज़रूल इस्लाम के 125वीं जन्म उत्सव मनाया गया…

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास] : बंगीय साहित्य संस्था द्वारा आयोजित 341वां साहित्य सभा विगत दिनों संस्था की अध्यक्ष बानी चक्रवर्ती के निवास स्थान स्मृति नगर भिलाई में कविगुरु रविंद्रनाथ टैगोर के 162वें और कवि काजी नज़रूल इस्लाम के 125वीं जन्म जयंती उत्सव मनाया गया. आज के अनुष्ठान के सभापति बांग्ला और अंग्रेजी के वयोवृद्ध लेखक डॉ. भवानी प्रसाद मुखर्जी थे.

प्रारंभ में माँ सरस्वती की वंदना की गई. वंदना स्तुति कवि प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया. रविंद्रनाथ टैगोर और नज़रूल की कविताओं पर गायन एवं आवृति किया गया.

•बानी चक्रवर्ती

•शुभेंदु बागची
•रचना पाठ करने वाले कवि और कवयित्री –
•दुलाल समाद्दार
[संपादक, मध्यवलय]
•श्रीमती दीपाली दासगुप्ता
•देवाशीष विश्वास
•श्रीमती स्मृति दत्त
•गिरीश हीरा
•तपन चक्रवर्ती
•प्रकाश चंद्र मण्डल
•पल्लव चटर्जी
•शंकर राय
•श्रीमती सुजाशा सेन
•श्रीमती विजय राय
•श्रीमती बानी चक्रवर्ती
•श्रीमती प्रमिला विश्वास
‘बंगीय साहित्य संस्था ‘ की अध्यक्ष बानी चक्रवर्ती की कृति ‘ भिंदेशी प्रेमेर कविता ‘ का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया.
‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ के महासचिव शुभेंदु बागची ने संस्था की गतिविधियों पर अपने उद्बोधन और रविंद्रनाथ टैगोर लिखित ‘ हटात देखा ‘ का पाठ पढ़कर सुनाया.
इस अवसर पर रविंद्रनाथ देबनाथ, सुबीर राय, समरेंदू विश्वास और अनेक सुधिजन उपस्थित थे.
अनुष्ठान संचालन श्रीमती स्मृति दत्त और प्रकाश चंद्र मण्डल ने किया. आभार व्यक्त दुलाल समाद्दार ने किया.

[ •रिपोर्ट, प्रकाश चंद्र मण्डल, सह सचिव ‘ बंगीय साहित्य संस्था ‘ भिलाई, जिला – दुर्ग, छत्तीसगढ़ ]
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