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समीक्षा ‘आवरण’ : देवांगन जन कल्याण समिति की सामाजिक पत्रिका ‘आवरण’ 2023 : समाज कल्याण की प्रतिनिधि पत्रिका है ‘ आवरण’

‘देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई नगर छत्तीसगढ़ की सामाजिक पत्रिका आवरण 2023 नये स्वरूप में नये कलेवर, नई सज्जा, नई जानकारियों के साथ जैसे ही हाथ में आया, मुख पृष्ठ पर मां परमेश्वरी मंदिर प्रगति नगर रिसाली, भिलाई में विराजित मां परमेश्वरी का दिव्य अलौकिक चित्र मन को भा गया, छवि अंकित हो गई | माथे पर लगा, आशीर्वाद ले पृष्ठ खोला, प्रधान संपादक घनश्याम कुमार देवांगन के परिवार के तीन पीढ़ियों ‘कल आज और कल’ का सचित्र परिचय आल्हादित कर गया | उत्सुकतावश पृष्ठ पलटते गया |इत्मीनान से देखा, पढ़ा | संपादक मंडल, विज्ञापन संकलन कर्ता, वेबसाइट डेवलपमेंट, चित्रांकन, मुखपृष्ठ सज्जा, रंगीन पृष्ठ संयोजन, आलेख मुद्रण व वैवाहिकी संयोजन की जानकारी के साथ पहली बार 27 वें अंक के रचनाकारों के रंगीन चित्रों के साथ नाम, फिर अगले दो पृष्ठों में परमेश्वरी महोत्सव में आमंत्रित अतिथियों के नाम सहित रंगीन फोटो, मां परमेश्वरी की आरती, जन आशा के श्रीमंतों एवं समाज प्रमुखों के शुभ कामना संदेश शुभाकांक्षा, फिर रंगीन पृष्ठ में जन समिति के संरक्षकों के सनाम फोटो, कार्यकारिणी के माननीयों के नाम सहित रंगीन फोटो, विभाग प्रभारी गणों के रंगीन फोटो युक्त परिचय, महिला प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों कार्यकारिणी, देवांगन सुपर वुमन ग्रुप, स्व सहायता समूह, यंगर सिस्टर्स ग्रुप के रंगीन पेज में परिचय |
पहले की पत्रिकाओं से बेहतर, रुचिकर, हितकर, प्रेरणास्पद लगा | बहुत कुछ नया, क्रमबद्ध, व्यवस्थित | सुना था – ‘ तस्वीरें बोलती हैं |’ यहां तो हर पृष्ठ कुछ बोल रहा है, कुछ बयां कर रहा है |
संपादकीय लेख ‘देवांगन समाज प्रतिभा संपन्न है’ में प्रधान संपादक घनश्याम कुमार देवांगन ने विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर चयनित प्रतिभाशाली युवाओं का उल्लेख करते यह स्पष्ट किया है कि समाज में प्रतिभा की कमी नहीं है | अपनी श्रेष्ठ प्रतिभा से क्षेत्र विशेष में उपलब्धि पाने के साथ समाज का मान भी बढ़ाया है | पत्रिका में समाहित प्रेरणास्पद लेख, कविता सहित सभी बिंदुओं पर प्रकाश डाला है |
‘नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर देवांगन समाज’ अध्यक्ष की कलम से में अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने समिति द्वारा किये गये एवं किये जा रहे योजना बद्ध तरीके से समाज उत्थान के कार्यों का जिक्र किया है | चतुर्दिक विकास को गति देने 25 विभागों का गठन, विभाग प्रभारियों की नियुक्ति एवं जिम्मेदारी देते उनके द्वारा किये जा रहे परिणामी प्रयासों को रेखांकित किया है | महिलाओं, युवाओं की सुनिश्चित भागीदारी तय कर समाज हित में किये जा रहे क्रियाकलापों का उल्लेख किया है |
‘सचिव की कलम’ से में विनोद कुमार देवांगन ने नई कार्यकारिणी के साल भर के उल्लेखनीय कार्यों, उपलब्धियों के साथ प्राप्त सहयोग, योगदान , महिलाओं की सक्रिय भागीदारी एवं आयोजनों की जानकारी देते सफलता का श्रेय अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन के कुशल नेतृत्व, उनकी सूझ बूझ एवं दूरदर्शिता को दिया है |
गजेंद्र कुमार देवांगन ने कोषाध्यक्ष की कलम से ‘आत्म ज्ञान होने पर द्वैत भाव मिटता है’ में धन के प्रबंधन के साथ मन के प्रबंधन पर भी जोर दिया है जिससे परिवार में एक दूसरे को आदर दे सकें और समाज में एकता और संगठन मजबूत हो सके |
फिर, 2023 का पारदर्शी आय व्यय विवरण, चैत्र एवं क्वांर नवरात्र में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने वाले श्रद्धालुओं का परिचय प्रकाशित है जो विश्वास को बढ़ाता है |
उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाज के गौरव और शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभा संपन्न छात्र छात्राओं का जिन पर ‘समाज को गौरव है’ शीर्षक से रंगीन पेज में सचित्र परिचय उत्साहवर्धक है |
‘फोटो फीचर 2023’ में , समिति द्वारा पिछले वर्ष किये गए प्रमुख आयोजनों की झलकियों में समाज की सक्रियता, निरंतता और सहभागिता झलकती है | हर तस्वीर आयोजन का साक्षी बना है | समिति को सहयोग एवं दानदाताओं की सूची प्रेरणपरक है | 2023 की साल भर की क्रियाकलापों, गतिविधियों, आयोजनों को अखबारों की सुर्खियों में, उल्लेखनीय कार्यक्रमों को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है जिससे समाज की सक्रियता, सहयोग, समन्वित प्रयास रूपायित होता है | मानस पटल पर सभी कार्यक्रमों की झांकी अंकित हो जाती है |
‘ बसंत आगे ‘ कविता में तुलाराम देवांगन ने ऋतुराज बसंत की मादकता को अपनी भाखा में वर्णित कर छत्तीसगढ़ी बोली का मान बढ़ाया है |
साहित्य प्रभारी नेक प्रभा देवांगन ने आवरण के 26 वें अंक समीक्षा लेख ‘आवरण एक संपूर्ण पत्रिका’ में पत्रिका में प्रकाशित हर लेख, बिंदु, व्यक्ति का सही और सटीक प्रतिक्रियात्मक विचार रख यह प्रतिपादित किया है कि आवरण एक संपूर्ण पत्रिका है | उन्होंने ‘रिश्तों की खुशहाली’ लेख में रिश्तों को कैसे मधुर एवं प्रगाढ़ बनायें जिससे रिश्ते हमेशा कायम रहे और घर परिवार में खुशहाली बरकरार रहे | रिश्तों को गतिशील बनाये रखने भावनात्मक जुड़ाव पर उन्होंने बल दिया है |
उन्होंने ‘देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई नगर प्रगति की ओर’ लेख में पूर्व अध्यक्ष रामानंद देवांगन के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों एवं आयोजनों, वर्तमान अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन के पदभार संभालते उनके द्वारा उठाये गये प्रगति के कदम, 25 विभागों का गठन, योग्य को प्रभार सौंपना, हर क्षेत्र में विकास के कीर्तिमान का बिंदुवार वर्णन करते यह बताया है कि पिछले वर्षों की तुलना में बीता वर्ष देवांगन जन कल्याण समिति का बेहतरीन वर्ष रहा |
मुझे भी लगा, घनश्याम कुमार देवांगन जी संकल्पवान हैं | संकल्प शक्ति एक खजाना है जिसे उपयोग करना और बढ़ाना अच्छी तरह से जानते हैं | जब से वे इस पद पर आसीन हुए हैं, समाज उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है | वे ऐसा कोई मौका नहीं चूकते जहां चेतना की ऊर्जा का विस्तार, उत्कृष्ट आदर्शवादिता की प्रतिष्ठापना हो जिसके आधार पर भविष्य के सपनों को साकार किया जा सके | इनकी गतिविधियों एवं उपलब्धियों का पर्यवेक्षण करने पर लगता है, उत्कृष्टता के संवर्धन में, रचनात्मक कार्यों में समर्थ साधनों (जन शक्ति, धन शक्ति, श्रम शक्ति, बुद्धि शक्ति) का उपयोग कितना सुपरिणाम दे सकता है | इनके द्वारा किये जा रहे चमत्कारिक गतिविधियों, क्रियाकलापों का जिनमें मातृ शक्ति, युवा शक्ति भी प्रेरक भूमिका में होते हैं, आये दिन संचार माध्यमों, समाचार पत्रों की सुर्खियों में छाये रहते हैं | यह उनकी निरंतता, क्रियाशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है | प्रदर्शनात्मक आयोजनों के साथ ठोस कार्यों में रुचि को प्रदर्शित करता है जिससे जन मानस के परिष्कार की लक्ष्य पूर्ति में महती भूमिका निभा सके, जिसका भाव और दर्शन प्रेरणास्पद स्वरूप में चिरकाल तक होता रहे |
डॉ नीलकंठ देवांगन का 2023 वां अंक का समीक्षा लेख ‘आवरण देवांगन समाज का दर्पण है’ विस्तृत एवं व्यापक समीक्षा लेख है जिसके लिए अध्यक्ष एवं संपादक घनश्याम कुमार देवांगन, सुमन देवांगन, उषा देवांगन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते धन्यवाद प्रेषित किया है | इस पत्रिका के माध्यम से मैं उनका आभार मानता हूं |
खुमानसिंह देवांगन ने स्व. श्री झड़ीराम देवांगन का समाज के प्रति समर्पित, समाज को जागरूक करने, संगठन को मजबूत बनाने, समाज के विकास में उनके योगदान एवं भूमिका को याद करते ‘स्मृति शेष’ में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर सुंदर प्रकाश डाला है |
’12 वीं पास विधार्थी क्या करें?’ शीर्षक में आगे की शिक्षा के लिए दिशा निर्देश एवं संभावनाओं का मार्ग सुझाया गया है जिससे विधार्थी अपनी रुचि एवं सुविधा सामर्थ्य अनुसार आगे की पढ़ाई सुनिश्चित कर सकें |
वर्ष 2023 में समिति की नई कार्यकारिणी द्वारा किये गये प्रयास, उठाये गये कदम, क्रियाकलाप, निर्माण कार्य एवं उपलब्धियों की जानकारी समाज की सक्रियता एवं उत्तरोत्तर विकास की प्रतिबद्धता को दिग्दर्शित करता है |
सुमन देवांगन ने ‘सुखी एवं खुशहाल परिवार की अवधारणा’ शीर्षक में परिवार क्या है?, उसका स्वरूप कैसा हो?, पारिवारिक जीवन सुंदर एवं सुव्यवस्थित सहकारी जीवन पद्धति है, इसे कैसे सुखी, खुशहाल, संपन्न बना सकते हैं? पर सूक्ष्म एवं गहन चिंतन किया है | परिवार कैसे खुशहाल रहे? जहां प्यार है, वहां परिवार है | जहां परिवार है, वहां खुशी जरूर होनी चाहिये | खुशियों के अनगिनत खजाने हमारे पास हैं, उन्हें पहचानें, उसका आनंद लेना शुरू कर दें | उन्होंने बताया है कि परिवार एक गतिशील इकाई है जिसकी विशेषता प्यार, सम्मान, संवाद और साझा अनुभव है |
हेमलाल देवांगन ने ‘देवता आगमन पर गाये जाने वाले चरण’ में अवसर विशेष में देवताओं के लिए गाये जाने वाले गीतों की श्रृंखला को संकलित किया है, देवी वंदना भी प्रस्तुत किया है |
सुधा देवांगन शुचि ने ‘देवांगन जन’ कविता में हम देवांगन क्यों कहलाते हैं? , हम कोष्टा क्यों कहलाते हैं? को बताते ‘जय देवांगन जय महाजन’ का मधुर गुणगान किया है |
आज की नई तकनीक – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस Artificial Intelligence पर घनश्याम कुमार देवांगन ने बहुत ही सुंदर जानकारी दी है | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इसकी आवश्यकता पर 7 सूत्रीय नीति, टैबनोलाजिकल सिंगुलैरिटी, भारत में इसकी संभावनाएं, क्लीन डाटा की जरूरत, इसका प्रमुख अनुप्रयोग, प्रकार, इसके लाभ हानि, अन्य देशों में इसकी स्थिति, भावी परिणाम, Reskilling की जरूरत, की जानकारी देते इसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों के संबंध में समग्र अध्ययन एवं चिंतन को आवश्यक बताया |
हेमंत देवांगन ने ‘ॐ नमः चुनाव’ लेख में चुटीली व्यंग के तीर छोड़े हैं | हालात पर दृष्टि दौड़ाते उन्होंने कई प्रसंगों का जिक्र कर स्पष्ट किया है कि जो दिखता है, वही सही नहीं होता | उसके पीछे का सत्य कुछ और होता है | उस सच को जान लें, समझ लें, ठगी से बच सकते हैं | दूसरे समाज और हमारे समाज का तुलनात्मक पक्ष रखते उन्होंने बताने की चेष्टा की है कि हम कितने पिछड़े हैं | मंदिर, यज्ञ, धर्म का जिक्र करते वास्तविकता से परिचित होने आगाह किया है , नहीं तो षडयंत्र में, उनकी बनाई योजना में फंस अपना अहित न कर लें | यह अवस्था और व्यवस्था पर चुटीला व्यंग है | श्री हेमंत जी लब्ध प्रतिष्ठ साहित्यकार हैं, चिंतक हैं, विश्लेषक हैं, समाजसेवी, पत्रकार, व्यंगकार हैं | सच्चाई को कहने की अपनी विधा है | उन्होंने बेबाक अपनी बात रखी है | चुनाव तो बहाना है, उनके कहने का अंदाज मस्ताना है |
‘समाज के साथ ही व्यक्ति का विकास’ समाजोपयोगी लेख में डॉ नीलकंठ देवांगन ने व्यक्ति और समाज का अंतर्संबंध, समाज क्या है? , मनुष्य सामाजिक प्राणी है, समाज से अलग उसकी कल्पना नहीं की जा सकती, हम हैं तो समाज है और समाज है तो हम हैं, जीवन के प्रति हम जितने आश्वस्त हैं, समाज के प्रति भी आशावान बनें, समाज हित सर्वोपरि हो | हमारे जीवन, हमारे प्रत्येक क्रियाकलापों का आधार व्यक्तिगत न होकर समष्टिगत हो, सार्वभौमिक हो, समाज संगठित हो, अपने आप का जितना ध्यान रखा जाय, अन्य का उससे भी अधिक रखा जाय तो आत्मीयता विकसित होती है, घनिष्ठता बढ़ती है और विकास को गति मिलती है जैसे मूलभूत बिंदुओं पर प्रकाश डालते यह स्पष्ट किया है कि समाज के साथ स्वयं का भी विकास होते जाता है |
पूर्व अध्यक्ष रामानंद देवांगन ने ‘देवांगन जन कल्याण समिति की विकास गाथा’ लेख में समिति की स्थापना, प्रारंभ के पदाधिकारियों द्वारा किये गये प्रयास एवं संघर्ष, अपने कार्यकाल में खासकर समिति के लिए भूखंड प्राप्ति के लिए किये गये समन्वित प्रयास, प्रगति की संभावनाओं को तलाशकर किये निर्माण कार्यों का तिथिवार विवरण देकर, जद्दोजहद, त्याग सेवाभाव से किये गये विकास कार्यों को गिनाया है जिसका परिणाम आज का व्यापक विकसित वर्तमान स्वरूप है | शासन के योगदान अनुदान, सामाजिक बंधुओं का अंतर्निहित भाव, अपेक्षित सहयोग को पटल पर रखा है |
मंजूषा मेहर ने ‘अपनी क्षमता पहचानें’ में अपनी जीवन कहानी को साझा करते ‘इग्नाइटब्रेन’ की दिशा में उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों, प्रयासों और सफलताओं को रेखांकित किया है | हरेक में प्रतिभा होती है | इन अंतर्निहित क्षमताओं को निखारने का अवसर मिले तो हर कोई अपना भविष्य संवार अपनी पहचान बना सकता है | चुनौतियों से घबरायें नहीं, संकल्पित मन से साहस पूर्वक सामना कर आगे बढ़ें तो कुछ समय में ही आशाजनक परिणाम सामने आ जायेंगे | मौलिक प्रतिभा को निखारने का उपयुक्त मंच है, जहां जीवन को कौड़ी से हीरे तुल्य बना सकते हैं |
मधुबाला देवांगन ने ‘महिला सशक्तिकरण’ लेख में बताया है कि नारी शक्ति स्वरूपा होती है, पुरुषों से कम नहीं | समाज में उसे यथोचित सम्मान मिले, उसकी सामाजिक आर्थिक स्थिति में सुधार हो, वह स्वयं निर्णय ले सके, उसके अधिकारों का हनन न हो, पुरुषों के समान उसे हर क्षेत्र में समान अवसर मिले तो वह अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर सकती है | नारी सशक्तिकरण का अर्थ, उद्देश्य, आवश्यकता, लाभ बताते स्पष्ट किया कि नारी किसी से कम नहीं |
उषा देवांगन ने ‘समय का सदुपयोग’ लेख में समय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते सार्थक जीवन के लिए समय प्रबंधन को बहुत जरूरी माना है | समय मूल्यवान है | जिसने समय की कीमत को जान लेता, उपगोग कर लेता, वह महान हो जाता, सफल हो जाता और जो समय को व्यर्थ गंवा देता, उसका जीवन निष्फल जाता | बीता समय वापस नहीं आता | हर क्षण का उपयोग करना सीखें, आलस्य प्रमाद में न बितायें | समय के सदुपयोग से जीवन व्यवस्थित और अनुशासित होता है | समय का सही उपयोग करें, तभी सच्चे अर्थों में हमें मानव होने का गौरव प्राप्त होगा | हम समय को महत्व दें, समय हमारा महत्व बढ़ायेगा | इसी परिप्रेक्ष्य में महिला प्रकोष्ठ द्वारा पिछले वर्ष किये गये महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का प्रमुखता से उल्लेख किया जिसमें महिलाओं ने स्वप्रेरित उत्साहपूर्वक बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपनी शक्ति, प्रतिभा, काबिलियत का परिचय दिया |
‘परमेश्वरी वंदना’ में सुधा देवांगन शुचि ने मां के प्रति श्रद्धा एवं भक्ति भाव जगाया है |
पत्रिका में विवाह योग्य युवक युवयियों का रंगीन एवं सादे पृष्ठों में सचित्र परिचय दिया गया है जो सराहनीय है, वांछितों के लिए उपयोगी है | वैवाहिकी संयोजन के लिए राकेश देवांगन को बधाई |
भिलाई नगर के देवांगन जनों का ‘जनगणना 2024’ का प्रकाशन स्तुत्य है |
हिमांशु देवांगन ने अपनी तकनीकी प्रतिभा से काबिले तारीफ देवांगन जन कल्याण समिति का उपलब्धि परक www.dewanganjan.com वेबसाईट डेवलपमेंट किया है |
हरीश कुमार देवांगन का चित्रांकन बहुत बढ़िया है | आलेख, गीत कविता, रचना के अनुरूप सभी चित्र सटीक हैं जो सुंदर हैं, चित्तार्षक हैं, सुग्राह्य हैं | भावाभिव्यक्ति में सहायक हैं | उन्होंने बड़े मनोयोग से, कुशलता से, प्रतिभा से, बारीकी से चित्रों को बनाया है |
श्री निवास राय की रंगीन मुख पृष्ठ सज्जा एवं पृष्ठ संयोजन, बहुत बढ़िया,चित्ताकर्षक, हृदय ग्राह्य, नयनाभिराम है | हर पृष्ठ सुंदर शोभनीय है |
अक्षर कम्प्यूटर श्री राकेश देवांगन द्वारा मुद्रण सही, स्पष्ट एवं त्रुटि रहित है |
व्यवसाय, उद्योग, प्रतिष्ठान, निर्माण, विक्रय, कारोबार को दर्शाता विविधवर्णी उपयोगी विज्ञापन रंगीन पृष्ठ में, मोटे कागज में प्लास्टिक कोटेड हैं, रमणीक हैं |
दिवंगत भुवनलाल देवांगन, छोटेलाल देवांगन को परिजनों ने याद किया है, श्रद्धांजलि दी है | स्मृति स्वरूप चित्र बहुत मार्मिक है |
सुधी पाठकों की रुचि प्रवृत्ति के अनुरूप, संस्पर्शित सामग्री समाज तक संप्रेषित हो, उन्हें जागृत करे, शिक्षित संस्कारित करे, महिलाओं युवाओं की प्रतिभा का लाभ समाज को मिले, उनकी सुनिश्चित भागीदारी हो, समाज संगठित हो, समन्वित प्रयास से समाज आगे बढ़े, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्रों में निरंतर प्रगति करे, जीवन मूल्यों की तलाश का प्रमाण हो जैसे उद्देश्य को प्राप्त करने में पत्रिका ‘आवरण’ सक्षम दिखाई देता है | प्रकाशित लेख समाज की आकांक्षाओं का आईना लगता है | सामाजिक उत्कर्ष का लेख हो तो उत्सुकता और तत्परता से लोग खोजकर पढ़ते हैं | पत्रिका के उत्कृष्ट लेख, मन को छूती रचनाएं सचमुच पठनीय हैं | समाज उत्थान की यह प्रतिनिधि पत्रिका है |

•समीक्षक : डॉ. नीलकंठ देवांगन
•संपर्क : 84355 52828
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