- Home
- Chhattisgarh
- ‘नवरंग काव्य मंच’ एवं ‘जैन कवि संगम’ के तत्वावधान में आयोजित दुष्यंत कुमार की स्मृति काव्य संध्या में ‘कैसे मंज़र सामने आने लगे’ रसमय रहा
‘नवरंग काव्य मंच’ एवं ‘जैन कवि संगम’ के तत्वावधान में आयोजित दुष्यंत कुमार की स्मृति काव्य संध्या में ‘कैसे मंज़र सामने आने लगे’ रसमय रहा

रायपुर [छत्तीसगढ़ आसपास]
रायपुर : 28 सितम्बर, 2025 : महान शायर दुष्यंत कुमार की स्मृति में नवरंग काव्य मंच एवं जैन कवि संगम छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित काव्य संध्या “कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं” का कार्यक्रम बेहद सफल और रसमय रहा।

काव्य संध्या में मुख्य अतिथि ‘मैट्स विश्वविद्यालय’ हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा अंसारी और अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने की. विशिष्ट अतिथि रहे- कथाकार मुकुल वर्मा और युवा संस्था के संस्थापक एम राजीव सर.
संचालन राजेश जैन ‘राही’ ने किया. युवा कवयित्री योगिता साहू ने दुष्यंत कुमार की जीवनी का पाठ किया. उपस्थित रचनाकारों ने अपनी- अपनी प्रतिनिधि ग़ज़लों, कविताओं एवं छंदों से समा बांधा.
वयोवृद्ध कवि सुरेंद्र रावल ने बुढ़ापे पर ज़ोरदार व्यंग्य का पाठ किया। शायर आर.डी.अहिरवार, इमरान अब्बास, राकेश अग्रवाल, राकेश तिवारी एवं सुषमा पटेल ने ग़ज़लों का पाठ किया। शीलकांत पाठक, राजेन्द्र ओझा, संदीप शर्मा बिहार से पधारे कवि सागर इंडिया ने मनभावन रचनाओं की प्रस्तुति दी.
जमशेदपुर [झारखंड] से पधारे प्रख्यात कहानीकार मुकुल वर्मा ने अपनी कहानी ‘गौरैया’ का वाचन किया, जिसे उपस्थित प्रबुद्धजनों द्वारा सराहा गया. इस अवसर पर मुकुल वर्मा द्वारा ‘मूकदृष्टि’ के नाम से दो छायाचित्र भी प्रदर्षित किए गए.
शीलकांत पाठक ने कहा-
दोनों चित्र किसी कविता से कम नहीं है। युवा संस्था के संस्थापक एम. राजीव सर ने कहानीकार मुकुल वर्मा की कहानियों का पाठ ‘युवा’ के छात्रों के बीच कराने की इच्छा प्रकट की।
आभार व्यक्त ‘नवरंग काव्य मंच’ एवं ‘जैन कवि संगम’ ने काव्य रसिकों का किया.
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)