- Home
- Chhattisgarh
- श्रीराम स्तुति : श्रीमती जाह्नवी पुरोहित
श्रीराम स्तुति : श्रीमती जाह्नवी पुरोहित

[ 70 वर्षीय कवयित्री श्रीमती जाह्नवी पुरोहित हिंदी, उड़िया एवं संस्कृत में लिखती हैं. वर्तमान में आप खटखटी, बसना उड़ीसा में महिलाओं को सत्संग के द्वारा धर्म शिक्षा का अभूतपूर्व कार्य कर रही हैं. ‘छत्तीसगढ़ आसपास’ के पाठकों के लिए इस अंक में ‘श्रीराम स्तुति’ प्रकाशित कर रहे हैं. पाठक अपनी राय से अवगत कराएं – संपादक ]
▪️
श्रीराम स्तुति
– जाह्नवी पुरोहित
[ उड़ीसा ]

कौशल्यासुतं रविवंश जातम्,
श्यामलगातं जगततातम् ।
सुजनहितं रावणघातम्
नमामिरामं रघुवंशनाथं।
दयावतारं क्षमासागरं ,
पद्मपयरं श्यामसुन्दरं ।
जानकीवरं रघुवंशहारम् ,
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।
भरताग्रजं गरुड़ध्वजम्
पादपंकजं हनुमंतसेव्यम्।
पीतदुकूलं अतिउज्वलं ,
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।
यशस्वीरामं तपस्वीरामम् ।मंगलधामम् गुणाभिरामम् ।
तिलकदृश्यं ईन्दुसदृशम् ।
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।
गुणसागरम् रुपसागरम् ,
रणबांकुरं शरचापधरम् ।
बैकुण्ठेश्वरं धर्म-प्रचारम
नमामिरामम् घुवंशनाथम्।
हेसत्यसंघम् सच्चिदानंद
आनन्दकंदम् कोशलचान्द।
जय मुकुन्दं पूर्णमिचान्दं
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।
श्रीरामचन्द्रं रघुवंशचन्द्रं
अयोध्याचंन्द्रं विश्वनरेन्द्रम्।
सुरम्य वस्त्रं करुणाकरं
नमामि रामं रघुवशंनाथम्।
भक्त रक्षकं दुष्टमारकं
नारीतारकं बालीनाशकम्।
रक्षनाशकं देवताप्रिय
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।
त्रयलोक्यस्वामि अन्तर्यामी
पादेनमामि पादेप्रणमि।
प्रणमामिरामं प्रणमामिरामं
नमामिरामं रघुवंशनाथम्।।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)