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- डॉ. शिरोमणि माथुर की साहित्यिक यात्रा और पांच कृति ‘चल रे मनवा हद के पार’, ‘अंतरध्वनि’, ‘समय की पुकार’, ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ और ‘स्वर्णिम रश्मियां’ का विमोचन : साक्षी बने छत्तीसगढ़ के सैकड़ों साहित्यकार और उन्हें काव्यात्मक पंक्तियों से 82 वर्ष की ‘दादीजी’ को शुभकामनाएं दी गई
डॉ. शिरोमणि माथुर की साहित्यिक यात्रा और पांच कृति ‘चल रे मनवा हद के पार’, ‘अंतरध्वनि’, ‘समय की पुकार’, ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ और ‘स्वर्णिम रश्मियां’ का विमोचन : साक्षी बने छत्तीसगढ़ के सैकड़ों साहित्यकार और उन्हें काव्यात्मक पंक्तियों से 82 वर्ष की ‘दादीजी’ को शुभकामनाएं दी गई
• छत्तीसगढ़ आसपास
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दल्लीराजहरा [रिपोर्ट- प्रदीप भट्टाचार्य] :

यह दुनिया है, यहाँ भीड़ में सब नज़र आते हैं. पर इस भीड़ में अपनी अलग पहचान बनाकर प्रसिद्धि प्राप्त कर इस मुकाम तक अपना कारवां बनाया वो है डॉ. शिरोमणि माथुर. 15 मार्च, 2026 का स्वर्णिम दिन. सैकड़ों साहित्यकारों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ रत्न 82 वर्ष की ‘वूमन इंस्पिरेशन’ की ‘दादी अम्मा’. हौसलाअफजाई, साहस एवं संयम से एक-एक कदम बढ़ाते हुए ‘माथुर सिनेप्लेक्स’ में साहित्य, संस्कृति और प्रेरणा का एक ऐतिहासिक संगम दिखा. अवसर था एक साथ पांच पुस्तकों का विमोचन समारोह. डॉ. शिरोमणि माथुर ने वक़्त की कीमत को समझा और आज भी निरंतर लिख रही हैं. जीवन के अंतिम पड़ाव में भी सृजन की अटूट शक्ति को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे छोटी-छोटी ईटों से हम अपना आशियाना बनाते हैं.

👉 • डॉ. शिरोमणि माथुर
5 पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे- छत्तीसगढ़ शासन में कैबिनेट दर्जा प्राप्त खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय. अध्यक्षता की- छत्तीसगढ़ शासन में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त राज्य कृषक कल्याण परिषद् के अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी. विशिष्ट अतिथि रहे- हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग के कुल सचिव भूपेंद्र कुलदीप, दल्लीराजहरा नगरपालिका अध्यक्ष तोरण साहू, भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री सौरभ लूनिया, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्णिमा दीदी, जिला कांग्रेस कमेटी के चंद्रेश हिरवानी, डीएव्ही पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजशेखर राव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रत्तीराम कोसमा, ‘हस्ताक्षर साहित्य समिति’ के अध्यक्ष संतोष ठाकुर, पीयूष सोनी और शमीम सिद्दीकी.
आयोजन समिति के अध्यक्ष समाजसेवी उद्योगपति एवं साहित्यिक चिंतक लेखक कैलाश जैन बरमेचा ने आयोजकीय व्यक्तत्व में कहा कि-
यह आयोजन साहित्यिक जगत में हमेशा याद रखा जायेगा. ‘अम्मा जी’ की साहित्यिक निष्ठा से मैं प्रभावित हूँ और उनके मार्गदर्शन से ही यह ‘महाकुंभ’ कर पाया हूँ. मेरे आत्मीय आमंत्रण से भिलाई-दुर्ग के अनेकों साहित्यकार इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. दादी जी की रचनाएं केवल शब्दों का संग्रह नहीं है बल्कि समाज को जागरूक करने वाली चेतना की मशाल है. साहित्यकार समाज का दर्पण होता है और ऐसे साहित्यकार समाज में सकारात्मक सोच, नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करते हैं.
राकेश पाण्डेय ने कहा कि-
आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की. समाज में ऐसे साहित्यिक आयोजन होते रहना चाहिए. मैं आगे भी कैलाश जैन बरमेचा के साथ बैठक करूँगा और इस तरह के बड़े आयोजन की इच्छा रखता हूँ. डॉ. शिरोमणि माथुर की साहित्य के प्रति गहरी निष्ठा की भी सराहना की. यह मेरे जीवन का एक गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण है.
भूपेंद्र कुलदीप ने कहा कि-
डॉ. शिरोमणि माथुर की पुस्तकों को आगामी शिक्षा सत्र में एमए हिंदी के पाठ्यक्रम में शामिल होने की प्रक्रिया का उल्लेख किया. 82 वर्ष की उम्र में भी इनकी साहित्यिक ऊर्जा और समाज के प्रति समर्पण भावना से में अत्यंत प्रभावित हूँ.

कार्यक्रम के दौरान मंच से यह जानकारी दी गई कि साहित्य और समाज के लिए उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए ‘दादी जी’ डॉ. शिरोमणि माथुर के नाम का प्रस्ताव ‘गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ के लिए प्रस्तावित किया गया. उपस्थित जनसमूहों ने इस प्रस्ताव का समर्थन अनुमोदन किया.
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द्वितीय सत्र में काव्य पाठ हुआ. उपस्थित कवियों ने डॉ. शिरोमणि माथुर के सम्मान में लिखी गई विशेष रचनाओं की प्रस्तुति दी. कैलाश जैन बरमेचा और माथुर परिवार द्वारा सभी रचनाकारों का सम्मान किया गया. कार्यक्रम में विशेष रूप से पधारे- छत्तीसगढ़ [रायपुर] के कवि मोहम्मद हुसैन द्वारा प्रभावशाली सरस्वती वंदना एवं काव्य पाठ के लिए कैलाश जैन बरमेचा ने चांदी का सिक्का प्रदान कर सम्मानित किया. काव्य पाठ करने वाले प्रमुख रचनाकार-



डॉ. रौनक जमाल, डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’, डॉ. संजय दानी, प्रकाशचंद्र मण्डल, ब्रजेश मल्लिक, नवेद रजा दुर्गवी, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, डॉ. इकबाल खान ‘तन्हा’, ओमवीर करन, सत्या चंद्राकर, शुचि ‘भवि’, माला सिंह, सोनिया सोनी, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, शशिप्रभा गुप्ता, एनएल मौर्य ‘प्रीतम’, टीएन कुशवाहा ‘अंजन’, इस्माइल आजाद, सुशील यादव, आलोक नारंग, आलोक राय, डॉ. यशवंत सूर्यवंशी ‘यश’, तरुण पटेल, हाजी ताहिर और बैकुंठ महानंद.
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आयोजन में उपस्थित प्रमुख बुद्धिजीवी-


फिल्म निर्माता सुनील दत्त मिश्रा, प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के सचिव आलोक कुमार चंदा, सतीश पारख, सुरेश कुमार बंछोर, तुलसी सोनी, दिनेश जैन, जाहिद खान, मृदुला रोजिंदर, सीमा यादव, राजेंद्र भारद्वाज, शेखर रेड्डी, राजेश पटेल, गोपेश गुप्ता, छ्गन साहू, राजेश श्रीवास्तव, हितेश पटेल, आशीष धुरिया, दिगंत माथुर, पार्थ माथुर, मंजू कैलाश जैन और अनेक सुधिजन.
कार्यक्रम का संचालन सुनील श्रीवास्तव, नवेद रजा दुर्गवी और प्रखर दुबे ने किया. आभार व्यक्त श्रीमती रश्मि अग्रवाल ने दिया.
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समारोह की कुछ प्रमुख झलकियाँ-

👉 • मंचस्थ अतिथि

👉 • दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया गया

👉 • कार्यक्रम का कुशल संचालन किया नवेद रजा दुर्गवी, सुनील श्रीवास्तव और प्रखर दुबे

👉 • डॉ. शिरोमणि माथुर द्वारा राकेश पाण्डेय और भूपेंद्र कुलदीप को विमोचित कृति भेंट करते हुए

👉 • कैलाश जैन बरमेचा और मंजू जैन बरमेचा ने मुख्य अतिथि राकेश पाण्डेय का पुष्पगुच्छ देकर कार्यक्रम में स्वागत किया

👉 • हम सबकी आदर्श, प्रेरणास्रोत ‘अम्मा जी’ डॉ. शिरोमणि माथुर का बरमेचा दम्पति {कैलाश जैन बरमेचा और मंजू जैन बरमेचा} ने चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया

👉 • कवयित्री शुचि भवि और माला सिंह ने डॉ. शिरोमणि माथुर का स्वागत किया

👉 • आयोजक कैलाश जैन बरमेचा का स्वागत करते हुए

👉 • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ द्वारा डॉ. शिरोमणि माथुर का अभिवादन किया गया [‘आरंभ’ की तरफ से मुख्य संरक्षक- कैलाश जैन बरमेचा, सचिव- आलोक कुमार चंदा, कोषाध्यक्ष- प्रकाशचंद्र मण्डल, संस्थापक सदस्य- ब्रजेश मल्लिक, मीडिया प्रभारी- डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, सदस्य- विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ और नवेद रजा दुर्गवी उपस्थित थे]

👉 • डॉ. शिरोमणि माथुर ने बांग्ला-हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि प्रकाशचंद्र मण्डल का मोमेंटो देकर अभिनंदन किया

👉 • राष्ट्रवादी कवि ब्रजेश मल्लिक को डॉ. शिरोमणि माथुर ने अपनी कृति भेंट में दी

👉 • प्रकाशचंद्र मण्डल को काव्य पाठ के लिए सम्मानित किया गया

👉 • ब्रजेश मल्लिक को काव्य पाठ के लिए सम्मानित किया गया

👉 • डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’ को काव्य पाठ के लिए सम्मानित किया गया

👉 • शायर ग़ज़लकार कवि नवेद रजा दुर्गवी को सफल संचालन और उत्कृष्ट काव्य पाठ के लिए सम्मानित किया गया

👉 • भूपेंद्र कुलदीप का सम्मान करते हुए

👉 • एक यादगार पल : कवि ब्रजेश मल्लिक की मुलाकात डॉ. शिरोमणि माथुर और राकेश पाण्डेय के साथ

👉 • ऐतिहासिक साहित्यिक महाकुंभ में डॉ. शिरोमणि माथुर के साथ

👉 • प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ के आरंभिक सदस्य ‘साहित्यकुंभ दल्लीराजहरा’ में रवाना होने के पूर्व ‘आरंभ’ के मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा के ‘कमला मोटर्स’ ऑफिस में चाय की चुस्की लेते हुए [बाएँ से] आलोक कुमार चंदा, ब्रजेश मल्लिक, सुरेश कुमार बंछोर, एक अतिथि, इस्माइल आजाद और एनएल मौर्य ‘प्रीतम’
[ • रिपोर्टिंग परिकल्पना एवं संयोजन- प्रदीप भट्टाचार्य, अध्यक्ष- ‘आरंभ’ ]
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