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औद्योगिक दुर्घटनाओं पर विधानसभा में बवाल, वेदांता डायरेक्टर पर FIR का मुद्दा गरमाया, मंत्री के जवाब से नाराज़ विपक्ष ने किया वॉकआउट

CG VIDHANSABHA : छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज औद्योगिक दुर्घटनाओं का मामला जोर शोर से उठा। विपक्ष ने शक्ति जिले में वेदांता प्लांट में हुए हादसे में मजदूरों की मौत पर वहां के चेयरमैन पर FIR करने पर सरकार को घेरा। इस पर विपक्ष ने इस फैक्ट्री को बेचने के लिए मालिक पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उद्योग मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने पूछा कि जनवरी 2024 से मई 2026 तक प्रदेश के उद्योगों में कितनी दुर्घटनाएं, कहां कहां हुई और उसमें कितनी मौतें हुई और मृतक के परिजनों को कितनी मुआवजा राशि दी गई है। सक्ती जिले में वेदांता प्लांट में 25 मजदूरों की मौत पर अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR की गई है उसे छिपाया क्यों जा रहा है। इसके पहले कितने फैक्ट्री डायरेक्टरों पर FIR की गई है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने यह स्वीकार किया कि सुरक्षा ऑडिट नहीं होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही है। वेदांता ने मृतक के आश्रितों को 35,35 लाख और प्रधानमंत्री की ओर से 2,2 लाख का मुआवजा दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच पुलिस कर रही है और श्रम न्यायालय में भी मामला चल रहा है दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के जवाब के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इससे पहले कितनी फैक्ट्रियों में हुए हादसे पर डायरेक्टरों पर FIR हुई है। कांग्रेस ने वेदांता प्लांट को बेचने के लिए दबाव बनाने अनिल अग्रवाल पर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर अपनी नाराजगी दिखाई।
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