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उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर ‘स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय’ पर कथा वाचन एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

👉 • प्राचार्या डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि- मुंशी प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग की पीड़ा, संघर्ष और आशाओं को स्वर दिया. प्रेमचंद की रचनाएं आज भी उतनी ही प्रांसगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं.

👉 • चित्रकला प्रतियोगिता में होमेंद्र कुमार देशमुख [प्रथम] तनिषक शर्मा [द्वितीय] और तृतीय रहे उमेश सिद्ध
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई [31 जुलाई, 2026] : स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय [आमदी नगर, हुडको] के कला संकाय द्वारा हिंदी साहित्य के महान कथाकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती पर कथा वाचन एवं चित्रकला का आयोजन किया गया.

👉 • कथा वाचन प्रतियोगिता में कामना राज [प्रथम] मीनेश कुमार यादव [द्वितीय] और तृतीय रहीं- पायल
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहित्यिक चेतना का विकास करना, मुंशी प्रेमचंद के साहित्य में निहित मानवीय मूल्यों, सामाजिक संवेदनाओं एवं यथार्थवादी चिंतन से परिचित कराना तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं मुंशी प्रेमचंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कला संकाय एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता वर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज का दर्पण है। उनकी रचनाएँ आज भी सामाजिक समानता, नैतिकता, मानवीय संवेदनाओं तथा राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रेमचंद के साहित्य का गंभीर अध्ययन कर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
श्री शंकराचार्य शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. मोनीषा शर्मा ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि साहित्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति, सृजनशीलता एवं चिंतन क्षमता का विकास करती हैं तथा उन्हें भारतीय साहित्यिक विरासत से जोड़ती हैं।
डॉ. हंसा शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग की पीड़ा, संघर्ष और आशाओं को स्वर दिया। उनकी रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। उन्होंने विद्यार्थियों से साहित्य को केवल परीक्षा का विषय न मानकर जीवन को समझने तथा समाज के प्रति उत्तरदायी बनने का माध्यम बनाने का आग्रह किया।

कथा वाचन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानियों का प्रभावशाली वाचन कर श्रोताओं का मन मोह लिया। कामना राज (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने बड़े घर की बेटी, मीनेश कुमार यादव (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने बंद दरवाजा तथा पायल (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) ने नमक का दरोगा का उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण कर निर्णायकों एवं उपस्थितजनों की सराहना प्राप्त की। इसके अतिरिक्त डैनी कुमार सिंह (बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) द्वारा प्रस्तुत दूध का दाम कहानी तथा सायना मोदक (बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर), यश जोशी (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) एवं करुणा जैन (बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) की प्रस्तुतियों की भी विशेष प्रशंसा की गई।
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य एवं सामाजिक सरोकारों को चित्रों के माध्यम से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। प्रतिभागियों द्वारा निर्मित चित्रों को निर्णायकों एवं दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा.
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. शिवानी शर्मा, विभागाध्यक्ष, जैव प्रौद्योगिकी एवं डॉ. मीना मिश्रा, विभागाध्यक्ष, गणित द्वारा किया गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की विषय-वस्तु, प्रस्तुति, अभिव्यक्ति एवं रचनात्मकता के आधार पर परिणाम घोषित किए।
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कथा वाचन और चित्रकला प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे-

कथा वाचन प्रतियोगिता-
• प्रथम : कामना राज, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
• द्वितीय : मीनेश कुमार यादव, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
• तृतीय : पायल, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
चित्रकला प्रतियोगिता-
प्रथम : होमेंद्र कुमार देशमुख, बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर
• द्वितीय : तनिष्क शर्मा, बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
• तृतीय : उमेश सिद्ध, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
प्रतियोगिता में अलीना देशमुख (बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर), सिद्धि शर्मा (बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर), पवन विजूरेजा (बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर), माही दुर्गा (बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर), हर्षिता मोदक (बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर), भावना साहू (बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर), लीना गायकवाड़ (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर), कुर्रत (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुनीता वर्मा, विभागाध्यक्ष, हिंदी एवं कला संकाय द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायक प्राध्यापक श्रीमती ज्योति मिश्रा एवं श्री गोल्डी राजपूत का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में एन बबीता विभागाध्यक्ष भौतिक शास्त्र श्री अमरजीत सहायक प्राध्यापक वाणिज्य अनामिका राय सहायक प्राध्यापक गणित विशेष रूप से उपस्थित हुए अंत में सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
महाविद्यालय परिवार ने विजेता विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा ऐसे साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, संवेदनशीलता एवं सामाजिक चेतना के निरंतर विकास का संकल्प व्यक्त किया।

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