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झीरम घाटी केस: 10 दोषियों की फांसी पर अब हाईकोर्ट में सुनवाई, NIA कोर्ट के फैसले के बाद कानूनी लड़ाई आगे बढ़ी

छत्तीसगढ़ को दहला देने वाले बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में एक बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। जगदलपुर की एनआईए (NIA) विशेष अदालत द्वारा 10 दोषी नक्सलियों को सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि के लिए अब यह मामला बिलासपुर हाई कोर्ट भेज दिया गया है।
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस संबंध में क्रिमिनल रेफरेंस दर्ज कर लिया है और अब जल्द ही इस पर आगे की सुनवाई शुरू होगी।
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी मामले की अंतिम सुनवाई
हाल ही में जगदलपुर स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल 10 नक्सलियों को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। कानूनी प्रक्रिया के तहत, निचली अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा को हाई कोर्ट से पुष्ट कराना होता है। इसी कड़ी में अब यह पूरा मामला हाई कोर्ट की खंडपीठ के पास पहुंच चुका है, जहां इन नक्सलियों की सजा पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इन 10 खूंखार नक्सलियों को मिली है मौत की सजा
एनआईए कोर्ट ने जिन 10 नक्सलियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का फैसला सुनाया है, उनके नाम सामने आ चुके हैं। इन दोषियों में प्रमिला मोडियम, चैतू लेकाम (उर्फ मुन्ना), सुमित्रा (उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम), मुक्का मंडावी, कोसा कवासी (उर्फ कोसाराम), आयता मरकाम, मडकामी देवा, जोगा मडकामी, बंजामी सन्ना (उर्फ चम्रू उर्फ देंगा) और महादेव नाग शामिल हैं।
आगे की रणनीति के लिए राहुल गांधी से मिलेंगे झीरम पीड़ित
- इधर, एनआईए कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी भी आगे की रणनीति बनाने में जुट गई है। अपनी अगली रूपरेखा तय करने के लिए कांग्रेस नेता और झीरम हमले के पीड़ित परिवारों के सदस्य दिल्ली के केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे।
- इसी सिलसिले में 26 सितंबर को 17 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करेगा। इस अहम दल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मलकीत सिंह गैदू विशेष रूप से मौजूद रहेंगे।
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