• Chhattisgarh
  • ■पुस्तक समीक्षा-‘दादी अम्मा गई किधर’. बाल गीतकार कमलेश चंद्राकर, समीक्षक विजय कुमार तिवारी.

■पुस्तक समीक्षा-‘दादी अम्मा गई किधर’. बाल गीतकार कमलेश चंद्राकर, समीक्षक विजय कुमार तिवारी.

5 years ago
615

जीवन का सबसे मधुर अनुभव बचपन का होता है। उस समय बाल मन पूरी तरह पवित्र,सरल और सहज होता है। किसी भी तरह की अनुभूति ऐसी नहीं होती कि कोई अंगुली उठाये और प्रश्न खड़ा करे। बच्चों की शरारतें भी आकर्षक और मन को मोहने वाली होती हैं। दुनिया के तमाम बड़े लेखकों, चिन्तकों,साहित्यकारों ने बच्चों के मन को सर्वप्रिय स्वीकार किया है। दुनिया भर में बाल साहित्य लेखन खूब होता है और दुनिया भर के बच्चे उसका आनन्द उठाते हैं। हमारे अपने देश में भी हर भाषा में बहुतायत बाल साहित्य लिखा और पढ़ा जा रहा है। यह मानना और कहना गलत नहीं होगा कि बाल साहित्य और उसकी सम्पूर्ण विधाओं पर शोधपरक चिन्तन की बहुत आवश्यकता है। छोटा सा प्रश्न पूछा जाना चाहिए कि क्या आज लिखा जा रहा बाल साहित्य, बाल मन की अभिव्यक्ति कर रहा है? साथ ही चिन्तन का विषय यह भी होना चाहिए कि बाल मन की मनोवैज्ञानिकता की सही पहचान हो पायी है?
मुझे स्वीकार करने में कोई असुविधा नहीं है कि इस दिशा में बहुत कुछ हो रहा है,साथ ही अभी बहुत कुछ करना या होना बाकी है। बाल साहित्य लिखने वालों की अभी बहुत कमी है और जो लिख रहे हैं उनके चिन्तन में बदलाव की आवश्यकता है। हर लेखक की पहली शर्त यह होनी चाहिए कि उसे बाल मनोविज्ञान की समझ हो। बाल मनोविज्ञान को समझे बिना उत्कृष्ट बाल साहित्य नहीं लिखा जा सकता। कुछ संकेत ऐसे समझा जाना चाहिए कि सभी बच्चे भिन्न-भिन्न प्रकृति के होते हैं और उनकी रुचियाँ, अभिव्यक्तियाँ,पसंद-नापसंद सब कुछ वैसे ही जटिलताओं भरी होती हैं जैसे बड़ों का। आज जो बाल साहित्य लिखा जा रहा है उसमें बाल-भावनाओं की पूर्ण अभिव्यक्ति नहीं हो रही है। केवल एक पक्षीय या दो-तीन रसों का मिश्रण देखने को मिलता है, उसमें सभी रसों का समावेश आवश्यक है।
अभी कुछ दिनों पूर्व दुर्ग,छत्तीसगढ़ के श्री कमलेश चंद्राकर जी की बाल गीत पुस्तक “दादी अम्मा गई किधर” मिली है। यह बाल गीतों का संग्रह है और बहुत सुन्दर है। उनका लिखा बाल साहित्य खूब छप रहा है,कुछ संग्रह प्रकाशित हुए हैं और उनके द्वारा रचित बाल साहित्य की अनेक पुस्तकें प्रकाशनाधीन है। उम्मीद की जानी चाहिए कि चंद्राकर जी के माध्यम से हिन्दी बाल साहित्य भंडार समृद्ध होने वाला है। इस संग्रह में कुल 42 बाल गीत हैं। आवरण सज्जा एवं भीतरी चित्र श्री हरि सेन जी ने बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया है। बच्चे बहुत तेजी से भाव-विचार इन चित्रों के माध्यम से समझ जायेंगे।
पुस्तक के भीतरी आवरण पृष्ठ पर लेखक,पत्रकार,संपादक श्री रमेश नैयर जी का बहुत सामयिक लेख है। उनकी बातों से सहमत होते हुए उन्हें हृदय से बधाई देना चाहता हूँ। उनके उठाये मुद्दे सामयिक और ग्रहण करने योग्य हैं। मुक्तनगर,दुर्ग के ही श्री विनोद साव जी के समीक्षात्मक लेख “हिन्दी के अनुपम नर्सरी गीत” में बहुत सटीक ढंग से इस बाल गीत संग्रह पर प्रकाश डाला गया है।
संग्रह के बाल गीतों को पढ़ते हुए स्वतः ही कोई गेयता भीतर हिलोर लेने लगती है और बाल मन झूमने लगता है। यह चंद्राकर जी की अपनी क्षमता,विशेषता है। उनका शब्द-चयन अद्भुत है और शैली प्रभावशाली। एक-एक गीत का अपना आकर्षण है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि चार-चार पंक्तियों में उन्होंने भावों का सागर भर दिया है। बच्चे तो बच्चे,बड़े भी आनंदित होते हैं। श्री विनोद साव जी का कहना सही है,”बाल गीत तो एक साल के बच्चे से लेकर पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों तक के भिन्न आयु समूहों के लिए अलग-अलग स्तर पर लिखे जा सकते हैं और लिखे जाते हैं जो उनकी पाठ्य पुस्तकों में मिल जाते हैं। यहाँ जिन बाल गीतों की चर्चा हो रही है वे फकत तीन-चार साल के बच्चों के लिए लिखे गये गीत हैं।” राजभाषा आयोग,छत्तीसगढ़ के पूर्व अध्यक्ष,प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री दानेश्वर शर्मा जी के आशीर्वचन के बाद कहने के लिए कुछ शेष रह नहीं गया है। मैं भी कमलेश चंद्राकर जी के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करता हूँ और उनके द्वारा श्रेष्ठ सृजन की कामनाएं करता हूँ।
‘आगे बढ़ते जायेंगे’ उत्साह,जोश और लक्ष्य के साथ एकजुटता की भावना से ओतप्रोत गीत का संदेश स्पष्ट है कि हम सभी आगे बढ़ते जायेंगे। ‘हुई सुबह’ बहुत ज्ञानप्रद गीत है। मां सुबह जगाती है अपने बच्चों को और खिड़की खोलने को कहती है। खिड़की खोलने से घर के भीतर की हवा शुद्ध हो जायेगी और घर में सुबह की धूप आयेगी। ‘मछली तैरे’ के माध्यम से बच्चों को मछली का ज्ञान दिया जा रहा है। मछली अपने डैनों के सहारे पानी की सतह पर या गहराई में तैरती रहती है। ‘भालू नाचे’ में बच्चे नये-नये शब्द सीख रहे हैं-भालू,मदारी,ढोल,भाषा और उनकी भाव-भंगिमा समझ रहे हैं।’सोन चिरइया’ में भी उपयोग में आने वाले बरतन की जानकारी हुई है। हर गीत अलग-अलग पात्रों से युक्त है जो ज्ञानवर्धक भी है और दृश्यों से भरा है। ‘बमबुकड़ी’ और ‘डायनासोर’ दोनों गीतों में अपेक्षाकृत बड़े आकार वाले जानवरों का उल्लेख है। बच्चों को संदेश है कि मगर पानी में रहता है और डायनासोर तो केवल माडल है,सचमुच का नहीं,अतः डरने की जरुरत नहीं है। झील का पानी मीठा और समुद्र का खारा होता है। बिलाव को देखकर चूहा भागता है। सबको अपना प्राण प्यारा होता है। गुड़िया,मुनिया, बेबी रानी सब गोल-गोल घूम रही हैं और उनकी घानीमूंदी भी गोल-गोल है। पिता बाबू को खुश करने के लिए कहते हैं,सारे खिलौने बाबू के लिए है,दीदी,भैया,पापा और दादू किसी और के नहीं है। ज्ञान के साथ-साथ भावनाएं और उनके मनोविज्ञान स्पष्ट हो रहे हैं।
बच्चे सीख रहे हैं कि नाव से नदी में यात्राएं होती है,उनकी नानी ढेर सारे खिलौने लायेगी और वे सब खूब खेलेंगे। कहीं-कहीं हास्य भी है ताकि बच्चे हँसना सीख सकें। राजा की पगड़ी है,उसमें कलंगी है और उसमें छोटी सी चिरइया बैठ गयी है। ‘मेरे मामा’ गीत में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से शब्द ज्ञान दिया गया है-फ्लाइट, नाइट,लैंड और हाइट। ‘मेरा टब्बू’ में बच्चा चिन्ता करता है और मां से कहता है कि मेरे टब्बू को बुखार है,उसे खोजकर लाओ। ‘दादी अम्मा’ गीत में बच्चा पूछता है कि दादी अम्मा किधर गयी?कब घर वापस आयेगी? ‘झूला’ में बच्चे झूला झूल रहे हैं और खूब मजा ले रहे हैं। उनका परिचय चाँद से होता है। चाँद नीले रंग के आकाश में आता है, मुस्कराता है और अंधेरे को दूर भगाकर रोशनी फैला देता है। ‘खजाने’गीत में गणना है। सौ ताल-तलैया भरे हुए हैं, नौ खाली हैं जिसे राजा ने खजाने क्यों बना दिये? ‘चुपके-चुपके’ गीत के माध्यम से अनेक शब्द और स्थितियों की जानकारी हो रही है-चोर, राजा, बंगला, पहरेदार और खजाना। ‘बुढ़िया चली’ में बहुत स्थानीय शब्द हैं-गठरी, लुकाठी कथरी, पान, कपूरी, हाट-हटरी। ‘मिजाज’ में मौसम की जानकारी दी गयी है।
‘आये बादल’ में बरसात का चित्रण है। आसमान में बादल छाये हैं,बिजली चमक रही है और बादल पानी बरसा रहे है। ‘ओले’ में बच्चे ओला से परिचित हो रहे हैं। ओले बरस रहे हैं। बच्चे पकड़ना चाहते हैं, तबतक ओले पिघल जाते हैं। बरसात के मौसम में अचानक धूप खिल जाती है और आसमान में इन्द्रधनुष निकल आता है। उसे देखकर बच्चे खुश होते हैं। ‘मेरे दादू’ गीत में बच्चे समझ रहे हैं कि उनके दादू जलयान से सात समुद्रों की यात्रा करके शान से आये हैं। ‘खैर नहीं’ की अलग शिक्षा है। जबड़ा डर कर बैठ गया है। उसने दबड़ा देखा,वहाँ शेर नहीं है। शेर होता तो खैर नहीं थी। मुर्गा सुबह-सुबह बांग देता है। उसने कहा,अगर मैं बाग नहीं दूँ तो सूरज सोया रह जायेगा और सबेरा नहीं होगा। बच्चे ‘अगड़ी-टंगड़ी’ खेल रहे हैं और जीत-हार का रहस्य समझ रहे हैं। ‘मेरे जूते’ में घर में सामान को ठीक से रखने की बात की गयी है। बच्चा जूता खोजकर हार गया है जबकि वह जूता रखने की जगह पर है। ध्यान से देखकर न चलने वालों के लिए ‘पंडित जी’ के माध्यम से बताया गया है। बच्चा को मच्छर काट रहे हैं। वह मां से डंडा मांगता है मच्छर को मारने के लिए। यहाँ किंचित हास्य भी है।
‘गोला-गोला’ में बच्चे आग को पहचान रहे हैं। ‘कमंडल में’ गीत में अनोखे दंगल की बात हो रही है। दहाड़ते शेर को साधु ने कहा,मेरे कमंडल में तुम्हारे जैसे सौ-सौ शेर हैं,जल्दी से भाग जा। ‘लाल परी’ गीत में बच्चों के बीच लाला जी की लाल परी की धौंस की चर्चा है। ‘मकड़ी’ के बारे में बच्चे सीख रहे हैं कि वह जाल बनाती है,दौड़ लगाती है,कीट-पतंगे फंसते हैं और कभी स्वयं फंस जाती है। ‘मिल-जुलकर’ में बहुत सुन्दर शिक्षाएं हैं-रोना नहीं,चिल्लाना नहीं,हमेशा हँसना-हँसाना और कैसी भी विपत्ति आये, मिल-जुलकर निपटा लेना। ‘समय’ की महत्ता बतायी गयी है कि समय थामने से थमता नहीं है,बाँधने से बँधता नहीं है,समय के साथ चलने वाला ही आगे बढ़ता है। ‘आलस’ भी शिक्षाप्रद गीत है। आलस्य के हम दास नहीं हैं,आलस्य हमें पसंद नहीं है। हम जीवन भर काम करेंगे,जीवन कोई टाइम-पास नहीं है। ‘अच्छा काम’ में बच्चे संकल्पित होते हैं-हम अच्छा काम करेंगे,सच्चा व नेक बनेंगे और कैसी भी बाधा आयेगी,हम मिलकर दूर करेंगे। ‘दीवाली और ‘होली’ हमारे पवित्र पर्व हैं। बच्चे इन गीतों के माध्यम से दीवाली और होली की महत्ता समझ रहे हैं। ‘चलो बगीचा’ में बच्चे आम के बगीचे में जाते है,झोला भर कर आम लाते हैं। दादाजी का बगीचा है,पैसे की कोई बात ही नहीं है।
श्री दानेश्वर शर्मा जी की बात में मेरी भी सहमति है कि इन बाल गीतों को रचने के क्रम में कमलेश चंद्राकर जी स्वयं नर्सरी के बच्चे बन गये होंगे। यह किसी भी रचनाकार की बड़ी उपलब्धि है कि अपने श्रोताओं,पाठकों की मनःस्थिति में बस जायें। हिन्दी,अंग्रेजी और स्थानीय भाषा के शब्दों से सारे गीत भरे पड़े है। कहीं-कहीं गीतों का प्रवाह बाधित होता दिखता है। ऐसी स्थिति में उन्हें थोड़ा धैर्य धारण करना चाहिए और दूसरी-तीसरी बार प्रयास करना चाहिए। उनका प्रयास अच्छा है और सराहा जाना चाहिए। संग्रह में बाल मन को स्पर्श करती बहुत सी परिस्थितियों का चित्रण मनोहारी है। साथ ही गीतों के अनुरूप चित्रांकन श्रेष्ठ बन पड़ा है।

■विजय कुमार तिवारी
[ भुनेश्वर उड़ीसा,संपर्क-9102939190 ]
■कमलेश चंद्राकर
[ दुर्ग छत्तीसगढ़, संपर्क-9981924900 ]

■■■ ■■■

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

शी जिनपिंग-पीएम मोदी की मुलाकातः SCO Summit में ऐसे गर्मजोशी से मिले दो दिग्गज, पुतिन भी मौजूद थे
breaking international

शी जिनपिंग-पीएम मोदी की मुलाकातः SCO Summit में ऐसे गर्मजोशी से मिले दो दिग्गज, पुतिन भी मौजूद थे

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का रायपुर दौरा: सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने किया मॉकड्रिल
breaking Chhattisgarh

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का रायपुर दौरा: सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने किया मॉकड्रिल

एक ही घर से मिले 23 शव, तीर्थयात्रियों के होने की आशंका; 1000 मौतें, 4 हजार से ज्यादा लापता
breaking international

एक ही घर से मिले 23 शव, तीर्थयात्रियों के होने की आशंका; 1000 मौतें, 4 हजार से ज्यादा लापता

PM मोदी का शहबाज शरीफ के सामने सख्त संदेश: आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा, टेरर फंडिंग पर हो निर्णायक कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

PM मोदी का शहबाज शरीफ के सामने सख्त संदेश: आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड नहीं चलेगा, टेरर फंडिंग पर हो निर्णायक कार्रवाई

ED का बड़ा एक्शन पूर्व CM भूपेश बघेल के PA के.के. चंद्रवंशी के घर ED छापा, दस्तावेजों की जांच जारी
breaking Chhattisgarh

ED का बड़ा एक्शन पूर्व CM भूपेश बघेल के PA के.के. चंद्रवंशी के घर ED छापा, दस्तावेजों की जांच जारी

छत्तीसगढ़ में फिर तेज बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट; गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में फिर तेज बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट; गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, कहा- बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम…
breaking Chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, कहा- बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम…

बड़ा कदम: अदालतों के फैसलों और एफआईआर में अब नहीं लिखे जाएंगे ‘रखैल’ और ‘चरित्रहीन’ जैसे शब्द…
breaking Chhattisgarh

बड़ा कदम: अदालतों के फैसलों और एफआईआर में अब नहीं लिखे जाएंगे ‘रखैल’ और ‘चरित्रहीन’ जैसे शब्द…

छत्तीसगढ़ में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 24 घंटे में मिले 10 नए मामले, जानें किस जिले में कितने एक्टिव मरीज ?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 24 घंटे में मिले 10 नए मामले, जानें किस जिले में कितने एक्टिव मरीज ?

दंतेवाड़ा के ‘खजाने’ से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, DMF फंड से जंगलों तक पहुंचेगी सड़क, पानी और बिजली; 4 जिलों को फायदा
breaking Chhattisgarh

दंतेवाड़ा के ‘खजाने’ से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, DMF फंड से जंगलों तक पहुंचेगी सड़क, पानी और बिजली; 4 जिलों को फायदा

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
breaking Chhattisgarh

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें
breaking international

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति
breaking international

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा
breaking Chhattisgarh

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल
breaking Chhattisgarh

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय
breaking Chhattisgarh

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक
breaking Chhattisgarh

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला
poetry

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन