• Chhattisgarh
  • सांप्रदायिक षड्यंत्र के अंदेशों की ओट में नाकामियां छुपाने के 9 साल : आलेख – राजेंद्र शर्मा

सांप्रदायिक षड्यंत्र के अंदेशों की ओट में नाकामियां छुपाने के 9 साल : आलेख – राजेंद्र शर्मा

3 years ago
343

जिस बहुचर्चित ”कवच” नाम की टक्कररोधी प्रणाली का मोदी सरकार, रेलवे को सुरक्षित बनाने में अपनी बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में ढोल पीटती नहीं थकती थी, उसकी सुरक्षा बालासोर में दुर्घटना की शिकार हुई दोनों एक्सप्रैस यात्री गाड़ियों को उपलब्ध ही नहीं थी। फौरन यह सच भी सामने आ गया कि सारे ढोल पीटे जाने के बावजूद, इस टक्कररोधी प्रणाली की सुरक्षा अब तक देश के रेल ताने-बाने के बहुत छोटे से हिस्से में ही उपलब्ध है।

संयोग ही सही, पर यह बहुत कुछ बताने वाला संयोग है कि ओडिशा में बालासोर के निकट हुई भयावह रेल दुर्घटना के बाद, भाजपा को नरेंद्र मोदी राज के 9 साल पूरे होने के मौके पर प्रस्तावित अपने आयोजनों को स्थगित कर देना पड़ा है। इस तिहरी रेल दुर्घटना में 277 मौतें होने की बात आधिकारिक रूप से मानी जा चुकी है। ऐसे जश्न के जरिए मोदी सरकार की 9 साल की उपलब्धियों का ढोल पीटना, तीन या उससे भी ज्यादा राज्यों को छूते मातम की पृष्ठभूमि में, उल्टा भी पड़ सकता था। बहरहाल, अब मुख्यधारा के मीडिया पर और उसमें भी सबसे बढ़कर खबरिया टीवी मीडिया पर अपने लगभग मुकम्मल नियंत्रण के जरिए, यह नैरेटिव गढ़ने की हर संभव, असंभव कोशिश की जा रही थी कि शीर्ष पर प्रधानमंत्री और उनके नेतृत्व में रेलमंत्री, एक ओर दुर्घटना विचलित व पीड़ितों के प्रति कितने संवेदनशील हैं और दूसरी ओर, खुद मौके पर पहुंचकर बहुत ही कुशल नेतृत्व मुहैया कराने वाले हैं और इस त्रासदी के लिए उनकी ओर उंगली उठाना, उनसे किसी प्रकार की जवाबदेही की मांग करना ही ज्यादती होगी। ”यह राजनीति करने का समय नहीं है” के बार-बार दुहराए जाते उपदेश, ठीक इसी प्रयास का हिस्सा थे।

याद रहे कि यह तब हो रहा था, जबकि मुख्यधारा के मीडिया पर वर्तमान शासकों के लगभग मुकम्मल नियंत्रण के बावजूद, वर्तमान शासन में रेलवे की भयंकर दुर्दशा तथा उपेक्षा की आंखों में गढ़ने वाली सच्चाईयां, गाढ़े रंगों में रंगकर सामने आने में खास देर नहीं लगी। मिसाल के तौर पर एक तो यही कि रेलवे में इस समय 3 लाख 20 हजार के करीब अनुमोदित पद खाली पड़े हुए हैं, जिनमें एक तिहाई से ज्यादा पद जमीनी स्तर पर रेल मार्ग का सुरक्षित संचालन करने से जुड़े हुए हैं। और यह भी कि रेल चालकों तक की इतनी भारी तंगी है कि खुद रेलवे की ही अपनी रिपोर्टों के अनुसार, उसके कुछ खंडों में तो तिहाई या उससे भी ज्यादा रेल चालकों को, बारह घंटा या उससे भी ज्यादा समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है और वह भी रेस्ट के बिना ही। रेल संचालन के सारे तकनीकी उन्नयन के बावजूद, रेलगाड़ियों के सुरक्षित संचालन के लिए, रेल चालक के ध्यान या कन्सेंट्रेशन तथा त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता की जितनी ज्यादा भूमिका होती है, उसे देखते हुए इस तरह थकाते हुए चालकों से रेलगाड़ियां और खासतौर पर यात्री रेलगाड़ियां चलवाना, दुर्घटनाओं को न्यौतने से कम किसी तरह नहीं है।

इसी प्रकार, इस सच्चाई को चर्चा में आने से भी नहीं रोका जा सका कि जिस बहुचर्चित ”कवच” नाम की टक्कररोधी प्रणाली का मोदी सरकार, रेलवे को सुरक्षित बनाने में अपनी बहुत बड़ी उपलब्धि के रूप में ढोल पीटती नहीं थकती थी, उसकी सुरक्षा बालासोर में दुर्घटना की शिकार हुई दोनों एक्सप्रैस यात्री गाड़ियों को उपलब्ध ही नहीं थी। फौरन यह सच भी सामने आ गया कि सारे ढोल पीटे जाने के बावजूद, इस टक्कररोधी प्रणाली की सुरक्षा अब तक देश के रेल ताने-बाने के बहुत छोटे से हिस्से में ही उपलब्ध है। और इससे भी बढ़कर यह कि यह महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए जरूरत है 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की और हाल के बजट में इसके लिए मुश्किल से 500 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

दिलचस्प है कि इस सिलसिले में वर्तमान सरकार के लिए पेश किए जा रहे बचाव के क्रम में ही यह सच्चाई भी सामने आ गयी कि कवच, जो वैसे भी इस माने में वर्तमान सरकार की उपलब्धि तो किसी भी तरह से नहीं है, क्योंकि उसकी शुरूआत रेलवे में यूपीए सरकार के अंतिम वर्षों में हो चुकी थी और वर्तमान सरकार ने तो अपने पहले कार्यकाल के अधिकांश हिस्से में इसकी ओर से आंखें ही फेर रखी थीं। बाद में जरूर उसने, जैसाकि मोदी राज का नियम ही बन गया है, ”कवच” का नया आकर्षक नाम देकर, अपनी उपलब्धि के रूप में इसे दोबारा लांच कर दिया। बहरहाल, ताजा दुर्घटना के सिलसिले में यह भी उजागर हुआ कि यह प्रणाली भी, सिर्फ एक ही लाइन पर दो गाड़ि़यों के बीच आमने-सामने की टक्कर को रोकने में समर्थ है। बालासोर जैसी दुर्घटना को टालने में नहीं।

इसी प्रकार, यह सच्चाई भी सामने आ गयी है कि रेलवे में दुर्घटनाओं के पैटर्न के अध्ययनों से साफ तौर यह स्थिति निकलकर सामने आती है कि वर्तमान सरकार, रेलवे को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने में, लगातार कोताही ही बरतती रही है। उल्टे, वर्तमान सरकार ने स्वतंत्र रेल बजट को खत्म करने समेत, इस सबसे बड़े केंद्रीय राजकीय उद्यम का महत्व घटाने के लिए जो भी कदम उठाए हैं, उनका एक बड़ा नतीजा यह हुआ है कि कर्मचारियों की कमी समेत विभिन्न कारणों से ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी उपायों के लिए समुचित निवेश के अभाव में भी, रेलों की सुरक्षा की ही सबसे ज्यादा बलि दी जा रही है। और यह इसके बावजूद है कि वर्तमान सरकार, अपने ढांचागत क्षेत्र में अभूतपूर्व पैमाने पर निवेश करने का ढोल पीटती है।

रेलवे तथा उसमें भी उसके सुरक्षित संचालन की इस आपराधिक उपेक्षा का संबंध, सिर्फ कमाई के हिसाब से रेलवे की सुविधाओं का बढ़ते पैमाने पर निजीकरण किए जाने और वास्तव में जनता के लिए रेल सुविधाओं की बढ़ती दुर्दशा को ढांपने के लिए, पहले बुलेट ट्रेन तथा ”वंदे भारत” जैसी मुख्यत: संपन्न वर्ग के ही उपयोग की, फैंसी परियोजनाओं पर और उनके जरिए शानदार प्रगति के जबर्दस्त प्रचार पर ही, मौजूदा राज के सारा जोर दिए जाने से भी है।

वास्तव में शुद्घ प्रचार के जरिए, वर्तमान शासन तो यह धारणा भी बनाने में भी काफी हद तक कामयाब रहा था कि अब बड़ी रेल दुर्घटनाएं अतीत की चीज हो चुकी हैं। लेकिन, तभी बीस साल की इस सबसे भयावह दुर्घटना के बाद, यह सच झटके के साथ सामने आ गया कि न सिर्फ रेल दुर्घटनाएं लगातार जारी हैं, बल्कि हर दुर्घटना से सीखकर, रेलवे को और सुरक्षित बनाने के काम में, मौजूदा निजाम में भारी कोताही ही होती रही है। बहरहाल, ताजा दुर्घटना समेत, रेलवे की मौजूदा खस्ता हालत के लिए जिम्मेदारी के सवालों से, मौजूदा शासन को बचाने में जब प्रचार के सामान्य तरीके कारगर नजर नहीं आए, यहां तक प्रधानमंत्री के खुद दौरा करने तथा रेल मंत्री के बहुत ही पढ़ा-लिखा होने और इसके बाद भी दुर्घटनास्थल पर चौबीस घंटे जमे रहने के टोटके भी खास कामयाब नहीं रहे, तो सांप्रदायिक संदेह के उस मारक हथियार को आगे बढ़ा दिया गया, जिसे मोदी राज के 9 साल में संघ-भाजपा ने, अपने सबसे कारगर राजनीतिक हथियार में बदल दिया है।

अचानक और बिना किसी आधार के, कम से कम दो प्रकार के सांप्रदायिक प्रचार संदेश सोशल मीडिया में वायरल कर दिए गए। पहला, दुर्घटना स्थल की आकाश में ऊंचाई से ली गयी तस्वीरों में, दो सौ या उससे अधिक मीटर की दूरी पर दिखाई दे रही एक सफेद रंग की इमारत को इंगित कर, इसका दावा किया गया कि दुर्घटना मस्जिद के नजदीक हुई थी और शुक्रवार के दिन हुई थी — जाहिर है कि यह मुसलमानों की करतूत है! इस सांप्रदायिक दुष्प्रचार में, आम संघी ट्रोलों के अलावा इस्कॉन जैसे खुद को सांप्रदायिकता से ऊपर बताने वाले मठों तक के पदाधिकारी कूद पड़े। बाद में ऑल्ट न्यूज नाम के फैक्टचेक वैबसाइट ने यह इस सच को उजागर किया कि संबंधित इमारत कोई मस्जिद नहीं थी, उल्टे यह तो वाहनाग का, जहां ट्रेनों की टक्कर
हुई थी, खुद इस्कॉन का मंदिर था। इसी प्रकार, संभवत: इससे कुछ छोटे पैमाने पर, सोशल मीडिया में यह चलाया गया कि रेल दुर्घटना, शरीफ नाम के स्टेशन मास्टर के ड्यूटी पर रहते हुए हुई थी और वह घटना के बाद से लापता था! बाद में किसी और फैक्ट चेकर ने उजागर किया कि घटना के समय तो ड्यूटी पर एसबी मोहंती नाम का डिप्टी स्टेशन मास्टर था। वास्तव में, सत्ताधारियों को जिम्मेदारी से बचाने के लिए छेड़े गए इस भयावह सांप्रदायिक दुष्प्रचार के खतरों को भांपते हुए, ओडिशा पुलिस को बाकायदा इसकी चेतावनी जारी करनी पड़ी थी कि ऐसा सांप्रदायिक झूठ फैलाने वालों के साथ बहुत सख्ती से निपटा जाएगा।

वास्तव में मोदी राज के 9 साल की सबसे बड़ी कामयाबी यही है कि संघ-भाजपा द्वारा इस तरह के सांप्रदायिक प्रचार के विशद ताने-बाने को न सिर्फ संरक्षण दिया जाता है तथा उनके डबल इंजन राज में उसे हर तरह से न सिर्फ बचाया जाता है, बल्कि खुद ही अपने औपचारिक-अनौपचारिक बाजुओं से इस तरह के ताने-बाने को खड़ा भी किया जाता है। धीरे-धीरे इस तरह प्रचारित सांप्रदायिक धारणाओं को संघ-भाजपा द्वारा आधिकारिक रूप से तथा उनके द्वारा नियंत्रित सरकारों तथा राजकीय संस्थाओं द्वारा भी अपना लिया जाता है और उन्हें राजकीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाने लगता है। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही होने के आसार नजर आते हैं।

‘एक्स्ट्रा-क्वालीफाइड’ तथा अपनी जिम्मेदारी के प्रति अभूतपूर्व तरीके से समर्पित ”रेल मंत्री” ने, घटनास्थल पर पहुंचने के कुछ ही घंटों में इसका ऐलान कर दिया कि दुर्घटना के कारण का पता चलने ही वाला है। वह चौबीस घंटे में ही इसका भी ऐलान कर चुके थे कि दुर्घटना इलैक्ट्रोनिक सिग्नलिंग प्रणाली की गड़बड़ी से हुई थी, जिससे कोरोमंडल एक्सप्रैस मेन लाइन से सीधे निकल जाने के बजाय, लूप लाइन में खड़ी मालगाड़ी से जाकर भिड़ गयी और इसकी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की
भी निशानदेही की जा चुकी थी। लेकिन, चंद घंटों में ही रेल मंत्रालय इसका ऐलान कर चुका था कि अब आगे, सीबीआइ इसकी जांच करेगी कि यह सब हुआ क्यों? इसके पीछे और क्या है?

मुद्दा यह नहीं है कि सीबीआइ जांच में क्या निकलेगा, क्या नहीं निकलेगा? मोदी राज में यह तरीका ही बन गया है कि जवाबदेही अपने सिर से हटाने के लिए, षड़यंत्र का शोर मचा दो। अब तक कई रेल दुर्घटनाओं की षड़यंत्र के एंगल से जांच कराई भी जा चुकी है। अंतत: कुछ नहीं निकलता है, क्योंकि कुछ होता ही नहीं है। लेकिन, सत्ताधारियों को जवाबदेही से छुट्टी जरूर मिल जाती है। और षड़यंत्र के सांप्रदायिक इशारे तो जितने वक्त तक चलेंगे, वर्तमान सत्ताधारियों का उतना ही काम कर देंगे।

अब यह दूसरी बात है कि इन सांप्रदायिक इशारों से सत्ताधारी संघ-भाजपा को होने वाला लाभ भी, दिनों-दिन घटता जा रहा है। लेकिन, हताशा में तो वे और ज्यादा वही-वही करेंगे।


•राजेंद्र शर्मा
[ लेखक ‘ लोकलहर ‘ के संपादक हैं ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ में फिर तेज बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट; गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में फिर तेज बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट; गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, कहा- बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम…
breaking Chhattisgarh

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा बयान, कहा- बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम…

बड़ा कदम: अदालतों के फैसलों और एफआईआर में अब नहीं लिखे जाएंगे ‘रखैल’ और ‘चरित्रहीन’ जैसे शब्द…
breaking Chhattisgarh

बड़ा कदम: अदालतों के फैसलों और एफआईआर में अब नहीं लिखे जाएंगे ‘रखैल’ और ‘चरित्रहीन’ जैसे शब्द…

छत्तीसगढ़ में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 24 घंटे में मिले 10 नए मामले, जानें किस जिले में कितने एक्टिव मरीज ?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा! 24 घंटे में मिले 10 नए मामले, जानें किस जिले में कितने एक्टिव मरीज ?

दंतेवाड़ा के ‘खजाने’ से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, DMF फंड से जंगलों तक पहुंचेगी सड़क, पानी और बिजली; 4 जिलों को फायदा
breaking Chhattisgarh

दंतेवाड़ा के ‘खजाने’ से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, DMF फंड से जंगलों तक पहुंचेगी सड़क, पानी और बिजली; 4 जिलों को फायदा

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
breaking Chhattisgarh

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें
breaking international

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति
breaking international

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा
breaking Chhattisgarh

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल
breaking Chhattisgarh

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय
breaking Chhattisgarh

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक
breaking Chhattisgarh

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन

भिलाई इस्पात संयंत्र : छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ सत्र 2026-27  के लिए विभिन्न आयु वर्गों में बीएसपी क्रिकेट टीम के गठन हेतु चयन स्पर्धा 26 एवं 27 अगस्त, 2026 को क्रिकेट ग्राउंड [सिविक सेंटर] में प्रात: 9.00 बजे से
breaking Chhattisgarh

भिलाई इस्पात संयंत्र : छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न आयु वर्गों में बीएसपी क्रिकेट टीम के गठन हेतु चयन स्पर्धा 26 एवं 27 अगस्त, 2026 को क्रिकेट ग्राउंड [सिविक सेंटर] में प्रात: 9.00 बजे से

खाद्य तेल के कम वजन वाले पैकेट पर सरकार का शिकंजा, अब सिर्फ 1 लीटर पैक की होगी बिक्री
breaking Chhattisgarh

खाद्य तेल के कम वजन वाले पैकेट पर सरकार का शिकंजा, अब सिर्फ 1 लीटर पैक की होगी बिक्री

220 की स्पीड पर ट्रेनों का ट्रायल! कंप्लीट होने वाला है हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक का काम
breaking National

220 की स्पीड पर ट्रेनों का ट्रायल! कंप्लीट होने वाला है हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक का काम

जिंगपिंग के भारत दौरे से पहले… NSA डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें इस मीटिंग के मायने
breaking international

जिंगपिंग के भारत दौरे से पहले… NSA डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें इस मीटिंग के मायने

छत्तीसगढ़ के पूर्व रणजी खिलाड़ी राजेश दवे को बड़ी जिम्मेदारी, एशिया कप के लिए बने टीम इंडिया के मैनेजर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पूर्व रणजी खिलाड़ी राजेश दवे को बड़ी जिम्मेदारी, एशिया कप के लिए बने टीम इंडिया के मैनेजर

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला
poetry

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन