• Chhattisgarh
  • क्या वाकई लोकप्रियतावाद के रास्ते पर बढ़ रही है भाजपा – राजेंद्र शर्मा

क्या वाकई लोकप्रियतावाद के रास्ते पर बढ़ रही है भाजपा – राजेंद्र शर्मा

3 years ago
252

विधानसभाई चुनाव के मौजूदा चक्र में पांच में से तीन राज्यों — मिजोरम, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश — मेें 21 नवंबर को इन पंक्तियों के लिखे जाने तक वोट डाले जा चुके हैं और चौथे राज्य –राजस्थान– में इसी हफ्ते के आखिर में वोट पड़ जाएंगे। उसके बाद, इस चक्र में से तेलंगाना ही बचेगा, जहां मतदान इस महीने के आखिरी दिन 30 नवंबर को होना है। लेकिन, तेलंगाना का मामला वैसे भी इस चक्र में कुछ अलग-सा है। विधानसभाई चुनावों के इस चक्र में शामिल यह इकलौता दक्षिणी राज्य, ऐसा इकलौता राज्य भी है, जहां राष्ट्रीय मुख्यधारा की पार्टी बनने की आकांक्षी एक क्षेत्रीय पार्टी– बीआरएस (पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति) — सत्ता में है। दूसरी तरफ, मिजोरम की तरह, इस चक्र का यह एक और ऐसा चुनाव मुकाबला है, जहां केंद्र में सत्ताधारी भाजपा, अपनी सारी कोशिशों तथा सारे पैंतरों तथा सारी ताकत झोंकने के बावजूद, चुनावी हाशिए पर ही है। प्राय: सभी चुनावी रिपोर्टें और चुनाव-पूर्व सर्वे इस पर एकमत हैं कि तेलंगाना में वास्तविक चुनावी मुकाबला बीआरएस और कांग्रेस के बीच ही है, जबकि भाजपा काफी पीछे तीसरे स्थान के लिए होड़ कर रही है। इस माने में तेलंगाना के विधानसभाई चुनाव की कहानी के संकेत, मिजोरम की तरह, चुनाव के इस चक्र की मुख्य कहानी से अलग ही रहते लगते हैं। इसीलिए, हैरानी की बात नहीं है कि अब तक बाकायदा इसकी चर्चाएं भी शुरू हो गयी हैं कि चुनाव के इस चक्र के मोटे तौर पर उत्तरी भारत के लिए क्या संकेत हैं और विशेष रूप से आगामी आम चुनाव के लिए, सीधे चुनावी नतीजों के अलावा क्या संकेत नजर आ रहे हैं?

इस सिलसिले में एक स्वत:स्पष्ट रुझान की ओर स्वाभाविक रूप से अनेक टिप्पणीकारों का ध्यान गया है। विशेष रूप से उत्तरी भारत के तीनों राज्यों — छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तथा राजस्थान — में, इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच जिस तरह कल्याणकारी कदमों के वादों की होड़ लगी हुई है, इससे पहले कम-से-कम हिंदीभाषी इलाके में शायद ही कभी देखने को मिली हो। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में, जहां कांग्रेस सत्ता में है, कांग्रेसी सरकारों में इन कल्याणकारी कदमों के वादों को और बढ़ाने की और भाजपा की ओर से, उनसे बढ़कर वादे करने की होड़ लगी हुई है। इसी प्रकार, मध्य प्रदेश में जहां भाजपा सरकार में है, उसकी ओर से बढ़-चढ़कर वादे करने की कोशिश की गयी है और उसे चुनौती दे रही कांग्रेस ने भी उसके एक-एक वादे का मुकाबला करने की कोशिश की है। इस कोशिश में दोनों ओर के चुनाव घोषणापत्रों में जैसे सभी संभव तबकों के लिए रियायतों के वादों को समेट लिया गया है।

विभिन्न तबकों के लिए रियायतों के वादों की इस होड़ में, जिसमें एक प्रकार से दोनों पक्ष एक जैसे ही वादे करते नजर आते हैं, एक दिलचस्प मुकाबला और जुड़ गया है। यह मुकाबला है, अपने इन वादों की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाने और प्रतिद्वंद्वी के वादों को हवा-हवाई साबित करने के मुकाबले का। जाहिर है कि इस मुकाबले में छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में कांग्रेस और मध्य प्रदेश में भाजपा, अपनी पिछली सरकार के रिकार्ड के आधार पर, अपने वादों की विश्वसनीयता साबित करने में लगी हुई हैं और दूसरी ओर, जो पार्टियां सत्ता में नहीं हैं, वे संबंधित राज्यों की पिछली सरकारों के रिकार्ड के दावों पर भी सवालिया निशान लगाने में जुटी हुई हैं। इस सब के बीच भाजपा ने, जो कि इन तीनों हिंदीभाषी राज्यों में एक प्रकार से प्रधानमंत्री मोदी के ही चेहरे पर चुनाव लड़ रही है और जिसने इस चक्र में अपने इकलौते मुख्यमंत्री, शिवराज चौहान तक की मुख्यमंत्री पद की दावेदारी पर खुद ही संदेह खड़े कर दिए हैं, फिर पूर्व-मुख्यमंत्रियों — वसुंधरा राजे और रमन सिंह — की तो बात ही क्या करना, एक नया काम यह किया है कि इन सारे वादों को बाकायदा ‘‘मोदी की गारंटियां’’ का नाम दे दिया गया है। यह दूसरी बात है कि इस संदर्भ में ‘‘गारंटियां’’ शब्द के उपयोग को, कांग्रेस अपनी शब्दावली में से बौद्धिक चोरी का मामला बता रही है।

इस सबसे कुछ टिप्पणीकारों ने यह कहना शुरू कर दिया है कि अब इन चुनावों में मुकाबला, जनता के लिए रियायतों के वादों के बीच हो चला हैै। इसके साथ उसी सांस में यह भी जोड़ दिया जाता है कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के मुद्दे और प्रयास, पीछे पड़ गए लगते हैं! यहां तक कि आने वाले आम चुनाव के लिए भी ऐसे ही इशारे देखने की भी कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन, ऐसा कोई निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। बेशक, इसमें कोई शक नहीं है कि एक बार फिर चुनाव सामने देखकर, प्रधानमंत्री मोदी ने और जाहिर है कि उनसे संकेत ग्रहण कर संघ-भाजपा के समूचे नेतृत्व ने, तथाकथित ‘‘मुफ्त की रेवडिय़ों’’ के प्रति अपनी हिकारत को अचानक सिर्फ त्याग ही नहीं दिया है, जोर-शोर से खुद भी अपनी ओर से इस तरह की रियायतें देने की कसमें खाने में लगे हुए हैं। यह दूसरी बात है कि ‘‘मोदी की गारंटी’’ की शब्दावली का सहारा लेने के बावजूद, अपने वादों को विश्वसनीय बनाने के लिए उन्हें ‘‘मुफ्त की रेवडिय़ों’’ के प्रति हिकारत के अपने सुप्रीमो के रिकार्ड के चलते, कुछ-न-कुछ अतिरिक्त मेहनत जरूर करनी पड़ रही है।

फिर भी मुद्दा सिर्फ विभिन्न तबकों के लिए रियायतों की इन घोषणाओं के मामले में मुख्य प्रतिद्वंद्वियों के रूप में कांग्रेस और भाजपा के बीच होड़ होने का ही नहीं है। अव्वल तो यह नहीं भूलना चाहिए कि भाजपा इस होड़ में कोई स्वेच्छा से शामिल नहीं हुई है। उसका स्वाभाविक रुख तो, जिसे उसके शीर्ष सिद्घांतकारों ने फिलहाल ताक पर भले रख दिया हो, पर त्यागा अब भी नहीं है, ‘‘मुफ्त की रेवडिय़ों’’ के तौर पर, इस सब को ज्यादा से ज्यादा एक जरूरी भटकाव मानने का ही है। बेशक, इसके बावजूद विपक्ष के ज्यादा से ज्यादा असरदार होते दबाव में, संघ-भाजपा को इसके आरोपों का खंडन करने के लिए कि उसके पास ‘‘हिंदू-मुस्लिम करने’’ के सिवा, जनता को देने के लिए कुछ है ही नहीं, जनता को देने के लिए अपनी ओर से पेशकशें करनी जरूर पड़ रही हैं, लेकिन उसकी यह मुद्रा एक चुनावी कार्यनीतिक मुद्रा ही है। इन सभी पेशकशों का प्रधानमंत्री के नाम व छवि के साथ जोड़ा जाना भी, इन्हें चुनावी कार्यनीति से ऊपर नहीं उठा पाता है, जहां चुनाव के बाद इन्हें जुमला कहकर खारिज किया जाना मुश्किल हो।

इससे भी महत्वपूर्ण यह कि इस तरह की चुनावी कार्यनीतिक मुद्रा के अपनाए जाने में, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के पैंतरों का पीछे रखे जाना खोजना सही नहीं होगा। यह ज्यादा से ज्यादा इतना दिखाता है कि संघ-भाजपा खांटी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के नारे पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, नहीं लडऩे जा रहे हैं, बल्कि चुनाव प्रचार में जनहितकारी वादों का भी सहारा लेने जा रहे हैं। लेकिन, खांटी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के नारे पर चुनाव लडऩे की कल्पना तो वास्तविकता न होकर, बहस में या आलोचना में पेश किया जाने वाला, एक कैरीकेचर भर ही हो सकती है। जनतांत्रिक चुनाव में लोगों को उनके हितों का ख्याल रखने का भरोसा तो, किसी भी राजनीतिक पार्टी को दिलाना ही होता है, वह अपने सार में चाहे जितनी भी जनविरोधी क्यों न हो।

तो क्या हम जो देख रहे हैं, उसे सांप्रदायिक और लोकप्रियतावादी या लोकरंजक, इन दो अलग-अलग तत्वों के मिश्रण के रूप में देखा जाना सही होगा? पहली नजर में जरूर यह इस प्रकार के मिश्रण का मामला लग सकता है और इस मिश्रण में कोई लोकप्रियतावादी तत्व की अधिकता या प्रमुखता भी खोज सकता है। लेकिन, संघ-भाजपा के मामले में इन दो प्रकार के तत्वों की उपस्थिति को इस तरह से देखना भ्रामक होगा। असल में इस मामले में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आवेग, एक बुनियादी ढांचे का काम करता है और इस बुनियादी ढांचे में ही लोकप्रिय तत्व समेत दूसरे सभी तत्व संयोजित हो जाते हैं। इसके लिए संघ-भाजपा अपने लिए, चुनाव प्रचार के दौरान ही नहीं, बल्कि उससे आगे-पीछे, एक प्रकार से समग्रता में अपनी गतिविधियों के जरिए, एक धार्मिक-राजनीतिक यानी बहुसंख्यकवादी सांप्रदायिक पहचान बनाती हैं। और यही पहचान, उनके लोकप्रियतावाद को भी परिभाषित करती है। जैसे वे आदिवासियों के हित की दुहाई तो देंगे, लेकिन उसके साथ ही उसमें ईसाई-आदिवासीविरोधी तत्व जोड़ देंगे। वे रोजगार की बात तो करेंगे, लेकिन फौरन उसके साथ अनारक्षण का आग्रह या अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण से पिछड़े गैर-हिंदुओं को बाहर करने का आग्रह ले आएंगे। जनतंत्र की दुहाई देंगे और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का छीनने के जतन कर रहे होंगे, आदि, आदि।

इस सिलसिले में, विधानसभाई चुनाव के इस चक्र में ही तथाकथित ‘‘तुष्टीकरण’’ विरोध को, जिस तरह भाजपा के बहुसंख्यकवादी सांप्रदायिक संदेश का मुख्य वाहक बना दिया गया है, उसे याद रखना जरूरी है। इस बार के अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण से शुरू कर के मोदी ने, बार-बार प्रयोग कर के ‘‘तुष्टीकरण” विरोध के नारे को, अपने अल्पंख्यक और विशेष रूप से मुस्लिम अल्पसंख्यकविरोधी मंतव्यों का संकेतक बना दिया है। सबसे बढक़र राजस्थान में कन्हैयालाल टेलर की हत्या के प्रसंग के बहाने से, जाहिर है कि बिना किसी ठोस आधार के प्रधानमंत्री मोदी से लेकर नीचे तक, संघ-भाजपा की सेनाएं जिस तरह ‘‘तुष्टीकरण’’ का शोर मचाती मिल जाएंगी, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की ही पुकार है। इसी के सहारे राजस्थान में कांग्रेस के राज में हिंदुओं के असुरक्षित हो जाने, उनका अपने त्यौहार मनाना मुश्किल हो जाने आदि का सरासर झूठा आख्यान, खुद प्रधानमंत्री द्वारा प्रचारित करने की कोशिश की गयी है। यह संघ-भाजपा के लिए अयोध्या में राम मंदिर की दुहाई से भी ज्यादा असरदार पुकार है।

हैरानी की बात नहीं होगी कि विधानसभाई चुनावों के मौजूदा चक्र के नतीजों के बाद, संघ-भाजपा को विभिन्न तबकों के लिए रियायतों के वादों के रूप में और भी ज्यादा लोकप्रियतावाद की मिलावट करनी पड़े। लेकिन, यह मिलावट सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के समग्र ढांचे में अन्य तत्वों के संयोजन के रूप में की जा रही होगी और राम मंदिर की दुहाई से भी बढक़र, ‘‘तुष्टीकरण’’ विरोध का और हिंदुओं के खतरे में होने के शोर को इस सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का औजार बनाया जाएगा।


• राजेंद्र शर्मा
[ लेखक ‘ लोकलहर ‘ के संपादक हैं ]

🟥🟥🟥🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन
breaking National

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन

UNSC में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर साधा निशाना कहा बिन लादेन कहां छिपा था याद रखिए
breaking international

UNSC में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर साधा निशाना कहा बिन लादेन कहां छिपा था याद रखिए

विजय शर्मा के बाद अब CM साय को खुला चैलेंज, खदान पर बहस के लिए भूपेश बघेल ने क्यों कहा- ‘सामने आइए’?
breaking Chhattisgarh

विजय शर्मा के बाद अब CM साय को खुला चैलेंज, खदान पर बहस के लिए भूपेश बघेल ने क्यों कहा- ‘सामने आइए’?

छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन छुट्टी का ऐलान, इतने दिनों तक बंद रहेंगे स्कूल, देखें लिस्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन छुट्टी का ऐलान, इतने दिनों तक बंद रहेंगे स्कूल, देखें लिस्ट

छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव जहां पत्थरों की मूर्ति सख्त मना! महिलाओं का आना भी वर्जित
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव जहां पत्थरों की मूर्ति सख्त मना! महिलाओं का आना भी वर्जित

भिलाई इस्पात संयंत्र : श्री श्री विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर 17 सितम्बर को होगा भव्य लाइट-साउंड-लेजर शो
breaking Chhattisgarh

भिलाई इस्पात संयंत्र : श्री श्री विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर 17 सितम्बर को होगा भव्य लाइट-साउंड-लेजर शो

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मौसम, अगले 48 घंटे बारिश के आसार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मौसम, अगले 48 घंटे बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से क्यों बढ़ रहा बिजली बिल? 2-3 गुना बिल की शिकायतों के बीच एक्सपर्ट ने बताए कारण
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से क्यों बढ़ रहा बिजली बिल? 2-3 गुना बिल की शिकायतों के बीच एक्सपर्ट ने बताए कारण

चिकित्सा शिक्षा को निजी हाथों में सौंपना गलत निर्णय– महंत, राज्यपाल को लिखा पत्र
breaking Chhattisgarh

चिकित्सा शिक्षा को निजी हाथों में सौंपना गलत निर्णय– महंत, राज्यपाल को लिखा पत्र

₹2,000 तक UPI ट्रांसफर पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा, सरकार ने दूर किया कनफ्यूजन
breaking National

₹2,000 तक UPI ट्रांसफर पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा, सरकार ने दूर किया कनफ्यूजन

नुआखाई समृद्ध कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के परिश्रम का उत्सव : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

नुआखाई समृद्ध कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के परिश्रम का उत्सव : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

गणेशोत्सव पर छत्तीसगढ़ में 700 करोड़ का कारोबार, 50 लाख घरों में विराजेंगे बप्पा, मूर्तियों के दाम 50% तक बढ़े
breaking Chhattisgarh

गणेशोत्सव पर छत्तीसगढ़ में 700 करोड़ का कारोबार, 50 लाख घरों में विराजेंगे बप्पा, मूर्तियों के दाम 50% तक बढ़े

छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को बड़ी सौगात नेत्रहीन भी बन सकेंगे प्रथम-द्वितीय श्रेणी के अधिकारीसरकारी पद चिन्हांकित
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को बड़ी सौगात नेत्रहीन भी बन सकेंगे प्रथम-द्वितीय श्रेणी के अधिकारीसरकारी पद चिन्हांकित

छत्तीसगढ़ में थमेगी बारिश की रफ्तार, रायपुर में 32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; जानें आज का मौसम
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में थमेगी बारिश की रफ्तार, रायपुर में 32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; जानें आज का मौसम

जशपुर से बस्तर तक कंटेंट क्रिएटर्स का कमाल, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को 40 देशों तक पहुंचाया, भाषा बनी डिजिटल ताकत
breaking Chhattisgarh

जशपुर से बस्तर तक कंटेंट क्रिएटर्स का कमाल, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को 40 देशों तक पहुंचाया, भाषा बनी डिजिटल ताकत

महतारी वंदन योजना से लखपति दीदी तक… ढाई साल में विष्णु देव साय सरकार के बड़े फैसलों से ऐसे बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर
breaking Chhattisgarh

महतारी वंदन योजना से लखपति दीदी तक… ढाई साल में विष्णु देव साय सरकार के बड़े फैसलों से ऐसे बदली छत्तीसगढ़ की तस्वीर

ताकतवर की सेवा करना और कमजोर को धोखा क्या यही न्याय है? – एमए बेबी, महासचिव, सीपीआईएम
breaking Chhattisgarh

ताकतवर की सेवा करना और कमजोर को धोखा क्या यही न्याय है? – एमए बेबी, महासचिव, सीपीआईएम

ब्रह्माकुमारीज़ : ‘एक रिश्ता- जो जीवन बदल दे’ थीम पर श्री कृष्ण की दिव्य झांकी [3-22 सितम्बर, 2026] कर रही है सभी को आकर्षित
breaking Chhattisgarh

ब्रह्माकुमारीज़ : ‘एक रिश्ता- जो जीवन बदल दे’ थीम पर श्री कृष्ण की दिव्य झांकी [3-22 सितम्बर, 2026] कर रही है सभी को आकर्षित

तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट के महिला सर्किल समूह महिला समाज का तीज मिलन समारोह सम्पन्न
breaking Chhattisgarh

तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट के महिला सर्किल समूह महिला समाज का तीज मिलन समारोह सम्पन्न

PM मोदी की बात पुतिन-शी तक पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बाबू कौन? AIR 15 के बाद भी IAS नहीं, चुना IFS
breaking international

PM मोदी की बात पुतिन-शी तक पहुंचाने वाले सिद्धार्थ बाबू कौन? AIR 15 के बाद भी IAS नहीं, चुना IFS

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ
poetry

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन
poetry

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन