• Chhattisgarh
  • 27 अप्रेल पुण्यतिथि पर विशेष : सदाबहार गीतकार नारायणलाल परमार- डॉ. बलदेव

27 अप्रेल पुण्यतिथि पर विशेष : सदाबहार गीतकार नारायणलाल परमार- डॉ. बलदेव

2 years ago
867

अपने भीतर एवं निहायती देहाती किस्म का बज्रमूर्ख बैठा हुआ है , जो हर किसी से अपनत्व चाहता है , जो विशुद्ध घरू वातावरण में साहित्य को जीना चाहता है , जो कभी साहित्य में रचनाकार को ढूंढता है , तो कभी उसके व्यक्तित्व में साहित्य को संभव हुआ देखना चाहता है , और इस चाहत की कभी कभी किसी से पूर्ति भी हो जाती है , जैसे नारायण लाल परमार से शुरू से ही वे मेरे लिए बड़े भाई की हैसियत रखते हैं , उनसे भेंट बहुत कम हुई और पत्र व्यवहार भी कम रहा , लेकिन जितना हुआ | उतना मेरे लिए काफी मतलब रखता है । वे एक जिन्दादिल इन्सान हैं , उसके मन में बात कही सुनी जा सकती है , दुखड़ा तो विश्वसनीय से ही रोया जा सकता है , साक्ष्य बतौर उनके पत्र का एक नमूना दिये देते हैं :

6-6-2000 नारायण लाल परमार

प्रिय भाई ,
सा . नमस्कार ,
पत्र मिला । आभार । पिछले दो तीन वर्षों से बीमार चल रहा हूँ । कहीं आना जाना नहीं हो पाता । सारा समय घर पर ही गुजरता है , गुरूदेव की किताब कहाँ से छपी है । जानकारी हो तो लिखो । प्रकाशक का पता लिख भेजो । मैं अविलम्ब बुलवा लूंगा । मेरे कृतित्व व्यक्तित्व पर भी पिछले दिनों एक किताब आई है । मैं एक बची हुई प्रति गुरूदेव को भेजना चाहता हूँ । लेकिन पोस्ट आफिस तक जाना आना नहीं हो पाता चूंकि उसमें गुरुदेव का भी एक आलेख सम्मिलित है । गुरूदेव याद करते हैं , यही बहुत है । जब किसी बीमार दोस्त को कोई स्वस्थ मित्र पत्र लिखे या याद करे तो अच्छा लगता है ।

अभी पिछले दिनों आपके द्वारा सम्पादित पुस्तक पाण्डेय जी के आलेखों वाली पढ़ गया । आपकी याद भी आती रही । आपका पत्र आने पर मैने रचना को भी स्मरण दिलाया ? रचना यहीं के गर्ल्स हायर सेकेन्डरी में सीनियर लेक्चरर है । पी . एच . डी . कर ली है । मेरे मकान के पीछे मकान भी बनवा लिया है । उसका एक काव्य संकलन भी आ गया है । कभी वक्त मिला तो भिजवाउँगा ।

कभी – कभार पत्र अवश्य लिखो । अब कम समय शेष रह गया है ।

आपका
नारायण लाल परमार

अन्तिम पंक्ति पढ़कर मन रुआंसा हो गया । अमंगल की कल्पना मात्र से मन सिहर सिहर उठता है , प्रभु उन्हें शतायु करे ।

मैने गुरुदेव काश्यप चौबे की कविता किताब ‘ अभिशप्त उत्कल ‘ कुरियर से भेज दी , परमार जी ने उसके एवज मे जो पत्र लिखा वह मेरे लिए अमूल्य धरोहर है , आत्मचर्चा से बचना चाहिए , थाड़ी हो गयी सो हो गयी , इसीलिए इस कीमती तोहफे को प्रकाश में नहीं लाना चाहता । तुलसी की यह एक पंक्ति तो आप सबको याद होगी –

‘उपजत अनत , अनत छवि लहहिं’

परमार जी गुजराती मूल के हैं , वे कच्छ में जन्मे लेकिन उन्होंने कर्म क्षेत्र बनाया इस महाजनपद छत्तीसगढ़ को , और यहाँ के सरल जन – जीवन में इस कदर घुल मिल गये कि उन्हें छत्तीसगढ़ियों से अलग पहिचानना मुश्किल है उनकी मनसा बाचा कर्मणआ आत्म स्वीकृति है एक प्रकार से छत्तीसगढ़ी अब हमर मातृभाषा होगे हे , तो छत्तीसगढ़ी में लिखे म गौरव के अनुभव होथे । यह उनका अतिशय छत्तीसगढ़ी प्रेम का अद्वैतता का परिचायक है । उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत पाडुंका में प्रायमरी स्कूल टीचर से किया । शीघ्र ही वे ग्रामीणों के बीच माखन – मिश्री से घुल – मिल गये । और जब रिटायर हुए तो धमतरी के महाविद्यालय की प्रोफेसरी से परमार जी का यह चुनौती भरा जीवन – गाथा और उच्च स्तरीय सफलताएँ , आज की नयी पीढ़ी के लिए भी चुनौती हो सकती है । जो यहाँ जन्में , ठोकर खाने बाहर नहीं गए … पढ़ने लिखने के बाद बेरोजगारी को झेलते कुँठाओं के शिकार हो जाते हैं , जिनका सुनने वाला कोई नहीं , उनके लिए परमार जी आदर्श हो सकते हैं , उनका आहवान सुने :

जय यात्रा कर अरे निकर जा / सुरूज तोला अगोरे

साहित्यकारों का राजनीति में प्रवेश खतरों भरा खेल होता है । थोड़ी सी प्रसिद्धि मिली कि -गंदी राजनीति की लपेट में आ गए । जब दिशा नयाक ही दिक भ्रमित हो जाय तो समाज किस गर्त में जाएगा , इसकी कल्पना आप स्वयं कर लें । आपातकाल में नामी – गरामी साहित्यकारों का पतन साहित्येतिहास का काला – अध्याय है , उससे वाग्वीरों और विशुद्ध कोटि के साहित्यकारों के बीच का फर्क एकदम साफ हो जाता है । हमारे लिए गर्व का विषय है , साहित्य और प्रसिद्धि के शिखर को छूने वाले परमार जी अपनी सुदीर्घ – साहित्य साधना से कभी भ्रष्ट नहीं हुए , उनकी निर्मल छवि आज भी ज्यों की त्यों है … उन्होंने जब से चलना शुरू किया है पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा था । वे अतिरिक्त चेतना के भी कभी शिकार नहीं हुए , यह और भी गर्व की बात है । स्व . भगवती लाल सेन , मेहतराम साहू , चेतराम व्यास , चम्पा मोवले डॉ . राजेन्द्र सोनी , त्रिभुवन पाण्डेय , राम प्यारे नरसिंह , डुमन लाल ध्रुव जैसे शताधिक रचनाकार यदि नारायण लाल परमार से अनुप्रेरित हुए हैं , तो इसके पीछे वजह है , उनकी साधुता उनका बड़प्पन , अपने अनुजो के प्रति अत्यधिक स्न्हेल भावना। नारायण लाल परमार के पीछे रचनाकारों की एक भरी – पुरी पीढ़ी खड़ी हुई है , जो हिन्दी और छत्तीसगढ़ी की भाषा – साहित्य और संस्कृति को निरंतर विकसित कर रही है । अपने बीच एक जिन्दादिल इन्सान को पाकर कोई भी साहित्य समाज गर्व का अनुभव कर सकता है ।

▪️[फाइल फोटो] बाएँ से- छेदीलाल पांडेय, डॉ. बलदेव, नारायणलाल परमार, पद्मश्री पं. मुकुटधर पांडेय और रचना परमार

नारायण लाल परमार पिछले पचास – पचपन वर्षों से हिन्दी की छोटी – बड़ी पत्र – पत्रिकाओं में लगातार छपते आ रहे हैं , कविता , कहानी , उपन्यास , नाटक निबंध प्राय : सभी विधाओं में हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखते आ रहे हैं । उन्होंने प्रचुर मात्रा में बाल साहित्य का सृजन किया है , पाठ्यक्रमों में भी वे शामिल रहे हैं ‘ प्यार की लाज ‘ , ‘छलना पूजा मयी’ हिन्दी उपन्यास । ‘कांवर भर धूप’, ‘रोशनी का घोषणा पत्र’ हिन्दी कविता संकलन। ‘सोन के थाली’ कहानी संग्रह। ‘सूरज नह मरे’ कविता संग्रह। मलवार अस दूसर एकांकी ( छत्तीसगढ़ी )। उनकी उल्लेखनीय कृतियों हैं , लेकिन जो पत्र – पत्रिकाओं में रचनाएं बिखरी हुई हैं , उनसे इतनी ही किताबें और तैयार की जा सकती है । इन सब के बावजूद नारायण लाल को गीतकार के रूप में जो ख्याति मिली है , पुराने मध्यप्रदेश के शायद दूसरे गीतकार को नहीं मिली है । उन्होंने आकाशवाणी और कवि सम्मेलनों के माध्यम से भी गीत – विधा को भरपूर विकसित किया है ।

जैसा कि पूर्व में कहा गया , परमार जी हिन्दी और छत्तीसगढ़ी के समान धर्मा रचनाकार है , हमने मयारू माटी 89 के किसी अंक में उनकी छत्तीसगढ़ी रचना पर विस्तार से लिखा है , अस्तु पिष्ट पेषण से बचने के लिए हम अपना विचार उनके हिन्दी गीतों पर ही यहां केन्द्रित करना चाहेगे । परमार जी के गीतों में विषय का वैविध्य तो है ही , विपुल मात्राओं में गीत लिखने की वजह से रिपीटीशन भी जादा है । लेकिन उनमें एक अविच्छिन्न प्रवाह भी है , जो उनकी रचनाओं की खास पहिचान है । वे किसी वाद के खूंटे से कभी नहीं बंध पाए , उनका स्वयं का कथा है ‘ मेरी अनुभूतियां वैयक्तिक होकर भी संकुचित सीमाओं में बद्ध नहीं , वे जन से जुड़ी हुई है । परमार जी स्वातंत्रोत्तर युग के महत्वपूर्ण कवि में से एक हैं । उन्होंने नयी कविता आन्दोलन के दौरान मुक्त छंद में जन्मोमुखी कविता लिखी और नवगीत भी लिखे , उन्होंने इन रचनाओं को ‘ लोकल कलर ‘ देकर एकदम ताजगी से भर दिया है । छत्तीसगढ़ के हिन्दी के प्रतिनिधि कवियों का संकलन नये स्वर में यह बात देखी जा सकती है । यही शिल्प भी काफी समृद्ध है और भाव तो उच्चस्तरीय है ही दोनों से काव्य भाषा , मुखर ही गयी है । ग़त्वर बिम्ब का अनूठा प्रयोग देखिए :-

मंद मंद डोलती / गीतों में बोलती
दीदी के दहिया बिलाने सी रात
अपने दिल खींचती / प्राणों को सींचती
पंचामृत के सुघ्घर ढोने की रात

ग्राम्य सौन्दर्य और पारिवारिक वातावरण का यह संदेदय छत्तीसगढ़ी शब्दों के सुन्दर समायोजन से हैं ‘ गोहारती ‘ में जो एक हुमक है , लय है वह पुकारती में कहां ? कांवर भर धूप की रचनाओं में भी यही लोकरंजकता है । प्रकृति सौन्दर्य के चित्रण में कवि ने सादृश्य बिम्बों की लड़ी सी पिरो दी है , कांवर भर धूप शीर्षक गीत की पंक्तियां दृष्टब्ध है : –

अक्षरों पर उग आया / मीठा सा गीत
सबकों अंजुरियों में / सुख का नवगीत
चल रहे हवा के हैं / हाथ गजब आज
चांदी के दाने हैं / सोने का सूप

भइ खूब । चावल की उज्जवलता चांदी से और पके बांस की पतली सफचियों से बने सुनहले रंग के धूप की तुलना सोने से इत्ते से सजल बिम्ब में घर का वातावरण मुखर है और वह भी गीत के उगने के मुहावरे मे ढलता हुआ । यह प्रसन्न चित्त है , इसके विपरीत यह उदास छाया देखिये , अकाल से प्रभावित किसानों की आंखों में , जो सूक्ष्म प्रतीकों के चयन से और भी अधिक संवेदय हो गये हैं –

चिल्लाकर सूखे सब पत्ते थके हारे
उग आयी अनाहूत बालू की फसलें
और उसके आगे उर्ध्व सांस खींचते हुए गांव नगर ,

नारायण लाल परमार मूलतः राष्ट्रीय विचारधारा के कवि हैं । उनका दुख वैयक्तिक पीड़ा को पीछे छोड़ , समूह की चेतना में तिरोहित हो चुका है । आज प्रजातांत्रिक आधार बौनी हो चुकी है , ज्ञान अभिशप्त है , संबंध बिखरे हुए हैं , अनाचारियों की उम्र लम्बी होती जा रही है , वर्तमान की विसंगतियों दुरभि संधियों षड़यंत्रों को बेनकाब करने वाले उनके बिम्ब प्रत्यारोपण से नहीं , बल्कि स्वयं से लगते हैं , कुछेक पंक्तियां देखिये :-

पी रहे हैं धुँए सभी , है कहां शरण
जड़वत ही है जीवन / के सभी मापदण्ड
पशुता के प्रेमी / दिया भ्रमित समारोह

यह अमानवीयता के खिलाफ कवि की सार्थक कोशिश है , जो उत्तरोत्तर बलवती होती गयी है,उनका व्यंग्य काफी तेजधार है :-

” नदी और पर्वत भी उगते हैं कागजी
बिक रही सभाओं में कोमल हरियाली

इस आकाश वृत्त से हमारा राष्ट्रीय पाप बढ़ चढ़कर बोलता है , उन्होंने कम शब्दों में बहुत बड़ी बातें सत्ताधारियों के खिलाफ कह दी हैं : –

सूख रहा कंठ किन्तु / बोलो अनुप्रास में
धरती पर रहो और / खेती आकाश में

शब्दों की जुगाली करते इन राजनेताओं से परमार जी को बेहद नफरत है । आज का आदमी एक दूसरे की पीठ पर दांत गड़ाने को तैयार है । शान्ति के इस उपमहाद्वीप में क्षुधा तृप्ति के लिए एक दाना भी मयस्मर नहीं है । इसीलिए निन्यानबे प्रतिशत लोग कुंठाओं के शिकार हैं , इस भूख में लोग अपनी पहिचान खो चुके हैं प्रजातंत्र के इस अधोपतन में रोशनी के घोषणा पत्र संकलन में उसकी हुंकृति स्पष्ट सुनाई देती है लगभग पूरे देश को नपुंसक बना देने वाली उस काली रात के खिलाफ जिसे आपात्काल कहा जाता है , कवि के घनघोर आपत्ति दर्ज की है और उसकी खिलाफत करने वाली ताकतों की स्पष्ट आवाज सुनी है : –

पत्थरों में गुंजता है । इस्पाती गीत
पहाड़ो में रोशन देह से / फूटती क्रांति की नदी

यह आस्थावान कवि सार्थक विद्रोह हैं । कवि की आंखो में उम्मीदों का जंगल बढ़ता ही जाता है। उसे अपने इन आंसुओं पर पूरा भरोसा है , जो बादल को आज नहीं तो कल शर्मिंदा कर देंगे। नारायण लाल परमार का देश की जनता के नाम पैगाम है :-

भीतर से आदमी / आज भी स्वतंत्र है
जूझना विरोधों से / जीवन का मंत्र है •

वास्तव में अन्याय का विरोध शोषित पीड़ित जन का जन्मसिद्ध अधिकार है , ज्यादा दिन उसका दमन चलने वाला नहीं है । लेकिन इससे भी आगे नारायण लाल परमार जीवन मूल्यों के कवि हैं , मानवीय संवेदनाओं के रोपण में उन्हें पूरा पूरा विश्वास है । वे जोड़े हुए आदर्शों के खिलाफ हैं , और मनुष्य के भीतर जो आग छुपी हुई है , उसे जगाने के आकांक्षी है कवि का विश्वास यहां दुनियां के बेहतरी के लिए बड़े काम की चीज है , उनकी आकांक्षा इन शब्दों में फुट पड़ी है:-

पड़ेगा / मनुष्य को / पौधे की तरह /
पुन : रोपना

परमार जी कुंठा , विघटन , निराशा , अविश्वास की दुनियां से उबरने और एक बड़ी दुनिया आशाओं की , मूल्यों की प्रेम और विश्वास को रचने के आकांक्षी हैं : –

” नया ढंग , जीवन जीने का
इस धरती पर चलो तलाशे

नारायण लाल परमार में जितनी बौद्धिकता है उससे अधिक कहीं भावुकता है , कई प्रसंगों में मैने उनकी वह आलोकित मुख- छवि देखी है “ बोबापन ” या ” गूंगे केरी सर्करा के ” आस्वाद तक उन्होंने जिस काव्य भाषा की साधना की है , उसमें प्रकृति के सहाचर्य में छन्दित मनुष्य है । जो प्रेम करना जानता है , जो दूसरे के सुख – दुख में शामिल है , और साहित्य का यही सेतु तो होना चाहिए जिसे आत्म- सात् कर मन घास जैसा हरा जो जाता है।

प्रस्तुति-
बसंत राघव
[ रायगढ़ छत्तीसगढ़ ]
• संपर्क- 83199 39396

▪️▪️▪️

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

कल स्कूल-कॉलेज के अलावा सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद, 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश
breaking Chhattisgarh

कल स्कूल-कॉलेज के अलावा सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद, 12 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश

छत्तीसगढ़ में 13 महीने में दो बार बढ़ी बिजली की दरें, 201 से 400 यूनिट वालों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 13 महीने में दो बार बढ़ी बिजली की दरें, 201 से 400 यूनिट वालों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का बढ़ेगा दायरा, अब 40+ अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का बढ़ेगा दायरा, अब 40+ अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

छत्तीसगढ़ में जड़ी, बूटी, औषधीय पौधे उगाओ, एडवांस में लाखों पाओ, राज्य सरकार ने जारी की प्रोत्साहन राशि
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में जड़ी, बूटी, औषधीय पौधे उगाओ, एडवांस में लाखों पाओ, राज्य सरकार ने जारी की प्रोत्साहन राशि

तिरंगा यात्रा पर भूपेश बघेल ने कहा – जो कहती है उसके विपरीत चलती है भाजपा, राम नाम जपना, पराया माल अपना
breaking Chhattisgarh

तिरंगा यात्रा पर भूपेश बघेल ने कहा – जो कहती है उसके विपरीत चलती है भाजपा, राम नाम जपना, पराया माल अपना

राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…
breaking Chhattisgarh

राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

महतारी वंदन योजना से जुड़ा बड़ा अपडेट: 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
breaking Chhattisgarh

महतारी वंदन योजना से जुड़ा बड़ा अपडेट: 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर, महिला दलाल और ग्राहकों समेत कुल 9 गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर, महिला दलाल और ग्राहकों समेत कुल 9 गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के तबादले का इंतजार खत्म, 700 शिक्षको के हुए ट्रांसफर; 400 नाम हटाए गए
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के तबादले का इंतजार खत्म, 700 शिक्षको के हुए ट्रांसफर; 400 नाम हटाए गए

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 24 IFS अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना, देखें पूरी लिस्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 24 IFS अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना, देखें पूरी लिस्ट

ATM से मिलेगा अनाज : रायपुर समेत 3 शहरों में ग्रेन एटीएम शुरू, दूसरे राज्य के हितग्राही भी कर सकेंगे इस्तेमाल
breaking Chhattisgarh

ATM से मिलेगा अनाज : रायपुर समेत 3 शहरों में ग्रेन एटीएम शुरू, दूसरे राज्य के हितग्राही भी कर सकेंगे इस्तेमाल

भगवान शिव पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अरुण पन्नालाल गए जेल, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका…
breaking Chhattisgarh

भगवान शिव पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अरुण पन्नालाल गए जेल, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका…

छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: 6 जिलों में 40-60 KM की रफ्तार से तेज आंधी की चेतावनी, बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: 6 जिलों में 40-60 KM की रफ्तार से तेज आंधी की चेतावनी, बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार

सुप्रीम कोर्ट से भूपेश बघेल को झटका, चुनाव याचिका पर अब होगी सुनवाई, जानिए क्या है मामला…
breaking Chhattisgarh

सुप्रीम कोर्ट से भूपेश बघेल को झटका, चुनाव याचिका पर अब होगी सुनवाई, जानिए क्या है मामला…

हाईकोर्ट का अहम फैसला, तबादले के आधार पर समाप्त नहीं की जा सकती किसी कर्मचारी की अर्जित वरिष्ठता…
breaking Chhattisgarh

हाईकोर्ट का अहम फैसला, तबादले के आधार पर समाप्त नहीं की जा सकती किसी कर्मचारी की अर्जित वरिष्ठता…

NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के 3 एक्सपर्ट पर लीक कराने का आरोप, बताया कैसे छात्रों तक पहुंचाया गया पेपर
breaking National

NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा, NTA के 3 एक्सपर्ट पर लीक कराने का आरोप, बताया कैसे छात्रों तक पहुंचाया गया पेपर

छत्तीसगढ़ को ई-बसों की सौगात… सबसे पहले दुर्ग-भिलाई में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, अब तक कुल 240 बसों को मिली मंजूरी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ को ई-बसों की सौगात… सबसे पहले दुर्ग-भिलाई में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, अब तक कुल 240 बसों को मिली मंजूरी

जानिए याददाश्त बढ़ाने के आसान और वैज्ञानिक तरीके, बेहतर मेमोरी के लिए अपनाएं ये आदतें
breaking Chhattisgarh

जानिए याददाश्त बढ़ाने के आसान और वैज्ञानिक तरीके, बेहतर मेमोरी के लिए अपनाएं ये आदतें

राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ को भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं भविष्य की क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का विजन
breaking National

राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखा छत्तीसगढ़ को भारत की ऊर्जा सुरक्षा एवं भविष्य की क्रिटिकल मिनरल अर्थव्यवस्था का अग्रणी राज्य बनाने का विजन

रेल यात्रियों को बड़ी राहत, अब घर बैठे करें अतिरिक्त लगेज की ऑनलाइन बुकिंग, हवाई यात्रा जैसी सुविधा रेलवे में भी शुरू
breaking Chhattisgarh

रेल यात्रियों को बड़ी राहत, अब घर बैठे करें अतिरिक्त लगेज की ऑनलाइन बुकिंग, हवाई यात्रा जैसी सुविधा रेलवे में भी शुरू

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला
poetry

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’
poetry

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन