• Chhattisgarh
  • विशेष आलेख : चुनाव रणनीति फर्मों को राजनीति आउटसोर्स करने के खतरे – आलेख, शुभम शर्मा : अनुवाद, संजय पराते

विशेष आलेख : चुनाव रणनीति फर्मों को राजनीति आउटसोर्स करने के खतरे – आलेख, शुभम शर्मा : अनुवाद, संजय पराते

2 years ago
741

👉 • प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर उर्फ पीके एक अनुभवी चुनाव रणनीतिकार हैं, जिन्होंने 2014 में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाने में मदद की थी और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोर टीम का हिस्सा थे। इससे पहले, उन्होंने 2011 के गुजरात विधानसभा चुनाव अभियान में मोदी की मदद की थी, जो उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। बाद में प्रशांत किशोर उनसे अलग हो गए और उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को भाजपा या उसके सहयोगियों को हराने में मदद की।

प्रशांत किशोर की इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी या आई-पीएसी के ग्राहकों में दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) से लेकर तमिलनाडु में स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तक शामिल हैं। राजनीति, विचारधारा और संगठन में अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी आई-पीएसी के साथ जुड़ने का प्रयास किया था, लेकिन मामला खटाई में पड़ गया और अब यह योजना ठप्प हो गई है। जब, पीके ने “मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने” के लिए बिहार भर में यात्रा करने का फैसला किया था, तब अटकलें लगाई गई थीं कि वह इस राज्य में अपनी कोई पार्टी बना सकते हैं या किसी पार्टी का समर्थन कर सकते हैं।

प्रशांत किशोर और उनकी आई-पीएसी के संचालन का तरीका मुख्य रूप से विशाल पैमाने पर संग्रहित आंकड़ों के साथ काम करना, ज़मीनी स्तर पर तथ्य जुटाना, जिस पार्टी या नेता से वे जुड़े हैं, उसकी लोकप्रियता का आंकलन करना और जहां भी कोई कमज़ोरी नज़र आए, वहां अपने अभियान से उसे सुव्यवस्थित करना शामिल है। पिछले साल बंगाल चुनावों के दौरान मैंने जो कार्यप्रणाली देखी, वह थी प्रशांत किशोर के लोगों का निर्वाचन क्षेत्रों में तेज़ी से घूमना और लोगों की तो बात ही छोड़िए, स्थानीय नेतृत्व को भी दरकिनार करते हुए सीधे हाईकमान को उम्मीदवार के बारे में सुझाव देना।

अमेरिकी संगठन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (पीएसी) के नाम पर प्रशांत किशोर ने अपने फर्म का नाम आई-पीएसी रखा है, लेकिन यह उससे अलग है। अमेरिकन फेडरेशन फॉर लेबर (ए एफ एल) और कांग्रेस ऑफ इंडस्ट्रियल ऑर्गनाइजेशन (सी आई ओ) ने 1940-60 के दशक के बीच संगठित मजदूरों से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के लिए, उदार-सामाजिक और आर्थिक सुधारों के समर्थन में, दान लेने के लिए पीएसी की शुरुआत की थी। बाद में जाकर धनी कॉरपोरेटों ने पीएसी प्रणाली पर कब्ज़ा कर लिया, खास तौर से 1963 में बिजनेस इंडस्ट्रियल पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के गठन के बाद।

इस पीएसी में व्यवसाय की भागीदारी ने अमेरिकी कांग्रेस के मौजूदा सदस्यों के पक्ष में चुनावों में धांधली करने का रास्ता खोल दिया। पीएसी को प्राप्त 60% से अधिक धन उनके पास गया। इसका परिणाम यह हुआ कि व्यवसाय और बड़ी धनराशि अमेरिकी राजनीति में प्रवेश कर गई, जिससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का आधार ही खतरे में पड़ गया।

प्रशांत किशोर की आई-पीएसी व्यवसाय और सरकार के बीच तालमेल बिठाने का कार्य नहीं करती है। शायद इसकी वजह सरकार द्वारा 2018 में लाई गई भयावह चुनावी बॉन्ड योजना है, जिसके ज़रिए बड़े कॉरपोरेट दानकर्ता अपनी पसंद की राजनीतिक पार्टी को बड़ी रकम दान कर सकते हैं और फिर भी, जनता की नज़रों से ओझल रह सकते हैं।

बहरहाल, आई-पीएसी जैसे संगठन और प्रशांत किशोर जैसे व्यक्ति भारतीय प्रतिनिधि लोकतंत्र में सेंध लगाने और बड़े पैसे वाले दलों के पक्ष में धांधली करने की क्षमता रखते हैं। इसके लिए उनकी फीस बहुत ज़्यादा होगी, जिसका अनुमान आई-पीएसी के सालाना कारोबार से लगाया जा सकता है। 2021 में यह 103.217 करोड़ रुपये से ज्यादा था और तीनों निदेशकों का कुल वेतन 2.67 करोड़ रुपये था।

चूंकि अधिकांश राजनीतिक दल अपना अधिकांश धन कॉर्पोरेट दान से जुटाते हैं, इसलिए हम कॉर्पोरेट-बहुलता और राजनीति के बीच एक नाभिनाल संबंध देख सकते हैं। ऐसा नहीं है कि चुनावी रणनीति बनाने वाली फर्मों के उदय से पहले ऐसे संबंध मौजूद नहीं थे। लेकिन चुनावी रणनीति फर्मों के उदय ने चुनावों में धन-दौलत की हिस्सेदारी के परिमाण को बढ़ा दिया है। 2009 के आम चुनाव में लगभग 200 करोड़ डॉलर (लगभग 17000 करोड़ रुपए) खर्च हुए थे, जबकि 2014 के चुनावों के लिए कीमत 500 करोड़ डॉलर (लगभग 425000 करोड़ रुपए से अधिक) थी। दुर्भाग्य से, आई-पीएसी द्वारा ली जाने वाली फीस का कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है। इसलिए, किसी को सैकड़ों करोड़ के अनुमानों को बेबुनियाद मानकर इस पर संदेह भी नहीं करना चाहिए।

भारत एक उत्तर-औपनिवेशिक लोकतंत्र है, जिसने निरंतर जन आंदोलनों के माध्यम से ब्रिटिश साम्राज्यवाद के शिकंजे से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की है। राजनीतिक दलों द्वारा वास्तविक जन आंदोलनों को दरकिनार करना और कॉर्पोरेट शैली की रणनीति फर्मों पर निर्भर रहना हमारी शानदार उपनिवेशवाद विरोधी, राष्ट्रवादी विरासत को क्रूरतापूर्वक नष्ट कर देता है। साल भर चलने वाला किसान आंदोलन वास्तव में यह याद दिलाता है कि गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों की वास्तविक चिंताओं से पैदा जैविक जन-आंदोलनों का स्थानापन्न संख्याओं की गणना करना और आंकड़ों का विशाल संग्रहण नहीं हो सकता।

दूसरा, मौजूदा सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच स्वाभाविक वित्तीय असमानता तब भुनाई जाती है, जब रणनीति बनाने वाली फर्में भारी भुगतान के बदले सहायता के लिए उपलब्ध होती हैं। विपक्षी पार्टी पैसे की कमी के कारण समान तरीकों को अपनाने का अवसर खो देती है, और मौजूदा सत्ताधारी पार्टी भ्रष्ट आचरण में लिप्त होकर जनता को निचोड़ने के लिए योजना बनाती है।

तीसरा, कॉरपोरेट शैली की रणनीति भी पूंजीवादी नवउदारवादी परियोजना को सफल बनाती है। आम आदमी, जो पहले से ही नवउदारवाद के तहत कई भागों में बंटकर अलग-थलग हो चुकी है, के लिए चुनाव आम तौर पर राजनीतिक दलों से अपने वोट के लिए अधिक से अधिक की मांग करने का एक अवसर होता है। चुनावी रणनीतिकारों द्वारा गढ़े गए चमकीले बायलाइन और सारहीन, उत्तेजक बयानों के कारण यह संभावना भी खत्म होती दिखती है। चाय पर चर्चा और नीतीश का निश्चय जैसी तुच्छ बातों के इर्द-गिर्द ही राजनीति घूमती दिखती है, जो चौबीसों घंटे टेलीविजन स्क्रीन, इंटरनेट, होर्डिंग्स और तख्तियों पर दिखाई जाती हैं, जिससे जनता द्वारा उठाई जाने वाली वास्तविक मांगों और नारों के लिए दरवाजे बंद हो जाते हैं।

चौथा, विचारधारा से परे जाकर न्यूनतम राजनीति करना रोजमर्रा की बात हो जाती है। चूंकि फर्मों द्वारा चुनावी रणनीति काले धन के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए राजनीति की वैचारिक बुनियाद कहीं पीछे छूट जाती है। सांप्रदायिक भाजपा और राजनीतिक रूप से उसका समर्थन करने वालों के लिए सेवाएं उपलब्ध हैं। मजदूर वर्ग पर आधारित मांगें, जैसे कि न्यूनतम वेतन बढ़ाना और न्यूनतम वेतन 25,000 रुपये सुनिश्चित करना — जो वामपंथियों और सहयोगी ट्रेड यूनियनों की लंबे समय से मांग है — राजनीतिक संगठनों द्वारा कार्रवाई के संभावित कार्यक्रम के रूप में कभी अपनाई नहीं जाती हैं। इसलिए, भारतीय राजनीति पैसे कमाने वाली चुनावी रणनीति के बिना ही बेहतर हो सकती है।

दुनिया के इतिहास में कोई भी बड़ा सामाजिक संघर्ष बोर्ड-रूम रणनीति के बल पर नहीं लड़ा गया है और न ही जीता गया है। भारतीयों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे इस देश के ‘नागरिक’ हैं, न कि कॉरपोरेट शैली की रणनीति की विषय वस्तु। वर्ष 2025 सांप्रदायिक घृणा की विभाजनकारी राजनीति और नव-उदारवादी बाजीगरी के खिलाफ जन आंदोलनों की एक श्रृंखला का आह्वान कर रहा है।

👉 • शुभम शर्मा

[ • लेखक शुभम शर्मा स्वतंत्र शोध अध्येता हैं. • अनुवादक संजय पराते अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष हैं. ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

भारत ने जीता पहला स्वर्ण पदक, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास
breaking international

भारत ने जीता पहला स्वर्ण पदक, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास

अब साबुन-शैंपू खरीदते समय पैकेट पर दिखेगा खास निशान, केंद्र सरकार ने बदले पैकेजिंग नियम, शाकाहारी और नॉन-वेज प्रोडक्ट की पहचान हुई आसान
breaking National

अब साबुन-शैंपू खरीदते समय पैकेट पर दिखेगा खास निशान, केंद्र सरकार ने बदले पैकेजिंग नियम, शाकाहारी और नॉन-वेज प्रोडक्ट की पहचान हुई आसान

अटकलों पर लगा विराम: इलाज के बाद कल छत्तीसगढ़ लौट रहे किरण सिंह देव, संभालेंगे BJP की कमान
breaking Chhattisgarh

अटकलों पर लगा विराम: इलाज के बाद कल छत्तीसगढ़ लौट रहे किरण सिंह देव, संभालेंगे BJP की कमान

मोबाइल का सिम पहुंचा सकती है जेल, 50 लाख तक जुर्माना भी, पढ़िए पूरी खबर
breaking National

मोबाइल का सिम पहुंचा सकती है जेल, 50 लाख तक जुर्माना भी, पढ़िए पूरी खबर

असम में भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, बोले हम लड़ेंगे और जीतेंगे, निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
breaking Chhattisgarh

असम में भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, बोले हम लड़ेंगे और जीतेंगे, निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत
breaking international

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता
breaking Chhattisgarh

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?
breaking Chhattisgarh

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
breaking international

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय
breaking Chhattisgarh

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक
breaking Chhattisgarh

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज
breaking Chhattisgarh

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन
breaking National

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ
poetry

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन
poetry

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन