• Chhattisgarh
  • दिल्ली विधानसभा चुनाव पर विशेष आलेख : दो नावों की सवारी में ‘आप’ [आम आदमी पार्टी] हुई धड़ाम – राजेंद्र शर्मा

दिल्ली विधानसभा चुनाव पर विशेष आलेख : दो नावों की सवारी में ‘आप’ [आम आदमी पार्टी] हुई धड़ाम – राजेंद्र शर्मा

2 years ago
670

आखिरकार, दिल्ली में वह हो गया, जिसकी बहुतों द्वारा आशंकाएं जताई जा रही थीं। भाजपा सत्तर में से 48 सीटें जीत गई। 27 साल के बाद उसे दिल्ली की सत्ता में निर्णायक तरीके से वापसी करने का मौका मिल गया। और बारह वर्ष बाद, दिल्ली के चुनाव में जनता का फैसला आम आदमी पार्टी नाम की उस नयी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ आया है, जो राजधानी दिल्ली से ही धूमकेतु की तरह उठी थी, जिसका दिल्ली से ही अस्त होने की भविष्यवाणियां सुनाई देने लगी हैं। यह दूसरी बात है कि हालांकि आम आदमी को सिर्फ 22 सीटें मिली हैं और वह भाजपा से पूरे 26 सीटों से पिछड़ गयी है, फिर भी दोनों पार्टियों के वोट में सिर्फ 2 फीसदी का अंतर रहा है। इस चुनाव में भाजपा को जहां 45.56 फीसदी वोट मिले हैं, आम आदमी पार्टी को 43.57 फीसद वोट पर ही संतोष करना पड़ा है। बेशक, यह हमारी ‘जो पहले आए, सब ले जाए’ पर आधारित चुनाव प्रणाली की विचित्रता का हिस्सा है कि सिर्फ 2 फीसदी वोट के अंतर से भाजपा, आप से दोगुनी से ज्यादा सीटें पाने में कामयाब रही है।

हैरानी की बात नहीं है कि संघ-भाजपा, इस जीत को लेकर न सिर्फ बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, बल्कि इस चुनावी जीत को भाजपा और मोदी राज के पक्ष में दिल्ली की जनता का जोरदार जनादेश साबित करने की भी कोशिश कर रहे हैं। इसके बल पर यह साबित करने की भी कोशिश की जा रही है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जो धक्का लगा था, देश की जनता अब अपनी उस भूल का ‘सुधार’ कर रही है, लोकसभा चुनाव के बाद से हरियाणा, महाराष्ट्र और अब दिल्ली में भाजपा की जीत, इसका जीता-जागता सबूत हैं। लेकिन, स्पष्ट जनादेश के ये दावे इस मायने में संदेहास्पद हैं कि न सिर्फ भाजपा को आम आदमी पार्टी के मुकाबले केवल 2 फीसदी वोट की बढ़त हासिल हुई है और भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां मिलकर भी, 47 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू पाई हैं, भाजपा और उसके सहयोगियों के घोषित विरोध के मंंच के आधार पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस को भी इस चुनाव में 6.34 फीसद वोट मिला है और उसका तथा आम आदमी पार्टी का वोट मिलकर ही पचास फीसदी के करीब हो जाता है। भाजपा के विरोध के आधार पर सीमित संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ी वामपंथी पार्टियों का वोट भी जोड़ लिया जाए तो, भाजपा के विरुद्घ जनादेश का बल 50 फीसदी से ज्यादा वोट का हो जाता है।

बेशक, तिकोने मुकाबले में भाजपा के खिलाफ लड़ते हुए भी, एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का वोट आपस में जोड़े जाने का चुनाव नतीजों के हिसाब से कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं है। फिर भी, इस वोट का जोड़कर देखा जाना इसलिए प्रासंगिक है कि जैसा कि करीब दस महीने पहले ही हुए संसदीय चुनाव ने दिखाया था, इन पार्टियों का चुनाव के लिए साथ आना सिर्फ कोरी कल्पना का ही मामला नहीं था, बल्कि एक व्यावहारिक संभावना का मामला था। और जैसा कि देश में जनतंत्र तथा धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों की परवाह करने वाली अनेक ताकतों तथा लोगों ने चुनाव से पहले ही आगाह भी किया था, संघ-भाजपा को सत्ता से दूर बनाए रखने के लिए, आम तौर पर तमाम संघ-भाजपा विरोधी ताकतों का और खासतौर पर आप तथा कांग्रेस का साथ आना, जरूरी था। इस आगाही का वजन लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिल्ली में सभी सात सीटें एक बार फिर जीतने और पहले हरियाणा तथा उसके बाद महाराष्ट्र में उसका विजयरथ फिर से दौड़ पड़ने के प्रभावों को देखते हुए, और भी ज्यादा बढ़ गया था।

इस सब को देखते हुए, यह बात भी दर्ज करने वाली जरूर है कि आप को 22 सीटों पर जीत मिलने के अलावा कम से कम 13-14 सीटों पर आप और कांग्रेस का संयुक्त वोट, जीत के लिए काफी होता। यानी दोनों पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ी होतीं तो, इसी गणित में भी चुनाव का नतीजा बदल सकता था। जाहिर है कि साथ मिलकर चुनाव लड़ने से जो राजनीतिक-चुनावी प्रभाव पड़ा होता, इस गणित को संघ-भाजपा के खिलाफ ही झुका सकता था। वास्तव में पिछले लोकसभा चुनाव में ही इसका भी सबूत मिल गया था, जब सभी सात सीटें जीतने के बावजूद, भाजपा के मत फीसदी में, 2019 के चुनाव के मुकाबले करीब 3 फीसदी वोट की कमी दर्ज हुई थी। भाजपा के वोट में इस कमी के पीछे एक बड़ा कारक, आप और कांग्रेस का मिलकर चुनाव लड़ना था। इसे देखते हुए, कम से कम इतना तो कहा ही जा सकता है कि दिल्ली में भाजपा की 27 साल बाद सत्ता में वापसी को संभव बनाने में, एक कारण आप और कांग्रेस का, संघ-भाजपा को समान रूप से विरोधी मानते हुए भी, उसके खिलाफ एकजुट नहीं हो पाना था। इंडिया के मंच की इस विफलता की जनतांत्रिक तथा धर्मनिरपेक्ष ताकतों को आने वाले समय में बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। याद रहे कि जनतांत्रिक विपक्षी मंच ने ऐसी ही विफलता का प्रदर्शन इससे पहले मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान तथा बाद में हरियाणा जैसे राज्यों में भी किया था। इन सबसे पहले गुजरात, गोवा आदि राज्यों में भी जनतांत्रिक विपक्ष का ऐसा ही बिखराव देखने को मिला था। कम से कम इतना तो कहा ही जा सकता है कि आम चुनाव के बाद से इंडिया ब्लाक, राज्यों के स्तर पर इस बिखराव को दूर करने में कोई सुधार नहीं कर पाया है। यहां तक कि इसे देखते हुए मीडिया में अब इंडिया ब्लाक के ही अंत की भविष्यवाणियां भी की जाने लगी हैं।

फिर भी दिल्ली के चुनाव के नतीजों को सिर्फ या मुख्यत: आप और कांग्रेस के गठबंधन न कर पाने का नतीजा नहीं कहा जा सकता है। इसका सीधा सा कारण यह है कि 2015 और 2020 के विधानसभाई चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जो झाडूमार जीत हासिल की थी, उसके पीछे अकेले उसकी ही पचास फीसदी से ज्यादा वोट की ताकत थी। पिछले विधानसभाई चुनाव में आम आदमी पार्टी को 53.57 फीसदी वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 38.51 फीसदी वोट पर ही संतोष करना पड़ा था। लेकिन, ताजातरीन चुनाव में आम आदमी पार्टी का वोट, घटकर 43.57 फीसदी रह गया है यानी पूरे 10 फीसदी से घट गया है, जबकि भाजपा का वोट, करीब 7 फीसदी बढ़कर, 45.46 फीसदी हुआ है। इसी दौरान कांग्रेस का वोट 4.26 फीसदी से बढ़कर 6.34 फीसदी हुआ है यानी आप पार्टी के वोट में हुई गिरावट में से 2 फीसदी से ज्यादा वोट कांग्रेस के हिस्से में भी आया है। आप के वोट में करीब 7 फीसदी छीनने ने ही, इस चुनाव के नतीजे को निर्णायक रूप से भाजपा के पक्ष में झुकाया है।

आप पार्टी के दुर्भाग्य ये, उसके वोट में भाजपा का इतनी ही बड़ी सेंध लगाना, न केवल संभव था, बल्कि उसके सारे आधार पहले से मौजूद थे। दिल्ली के हाल के चुनावी इतिहास की जिस विशिष्टता को अनेक टीकाकार बार-बार रेखांकित करते रहे थे, आम आदमी पार्टी के दिल्ली के राजनीतिक मंच पर उभरने के बाद से, मतदाताओं के एक उल्लेखनीय हिस्से का लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में स्पष्ट रूप से भिन्न चुनाव करना था। जैसा कि हमने पहले ध्यान दिलाया, 2015 के चुनाव से विधानसभा में दिल्ली के मतदाताओं में आधे से ज्यादा आप पार्टी के पक्ष में मतदान कर, उसकी झाडूमार जीत सुनिश्चित करते रहे थे और दूसरी ओर, लोकसभा चुनावों में 2014 से ही आधे से ज्यादा मतदाता इसी प्रकार, भाजपा की झाडूमार जीत सुनिश्चित करते आए थे। लेकिन, आप पार्टी के दुर्भाग्य से लोकसभा चुनाव में भाजपा के साथ रहने के बाद, विधानसभा में आप पार्टी का साथ देने वाला यह मतदाता घट रहा था और उसका बढ़ता हुआ हिस्सा विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के पक्ष में जा रहा था। 2015 के चुनाव में ऐसा वोट 40 फीसदी माना गया था, जो 2020 के चुनाव तक घटकर 35 फीसदी रह गया था। इस चुनाव में यह हिस्सा और भी घट गया लगता है और दस महीने पहले हुए लोकसभा चुनाव और अब हुए विधानसभा चुनाव के बीच, भाजपा के वोट में गिरावट घटकर 8 फीसदी के करीब ही रह गयी है।

इसे इस प्रकार भी कह सकते हैं कि दिल्ली में आप की शानदार जीत की इमारत, बहुत हद तक संघ-भाजपा के समर्थन आधार पर ही खड़ी थी। कहने की जरूरत नहीं है कि इसे आम आदमी पार्टी के एक ऐसी मूलत: अराजनीतिक राजनीति मध्यवर्गीय परिघटना होने ने ही संभव बनाया था, जिसका अपने जन्म के समय संघ-भाजपा के साथ गहरा साझा रहा था। एक राजनीतिक पार्टी के रूप में दिल्ली में सत्ता में पहुंचने के बाद भी आप पार्टी ने सचेत रूप से अपनी अराजनीतिक-राजनीति की इस छवि को ही नहीं बनाए रखा था, संघ-भाजपा की हिंदुत्ववादी राजनीति के साथ बुनियादी सहानुभूति का अपना रिश्ता भी बनाए रखा था। बहुसंख्यक सांप्रदायिकता और जातिवादी दमन, इन दोनों के तमाम पहलुओं पर और इसी प्रकार, आर्थिक नीति के अनेकानेक पहलुओं पर भी आप ने, ऐसा रुख अपनाए रखा था, जो संसदीय चुनाव में मोदी को चुनने वालों को, विधानसभा में आप को चुनने से रोकता नहीं था।

हैरानी की बात नहीं है कि दिल्ली में संघ-भाजपा के बढ़ते दबाव के सामने आप ने, मौन स्वीकृति की ओट लेने के बजाए, हिंदुत्व के अपने ही प्रारूप से लेकर, सवर्णत्व के अपने ही प्रारूप तक को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता अपनाया था। जम्मू-कश्मीर में धारा-370 के खत्म किए जाने के लिए समर्थन से लेकर, इस चुनाव के बीच आप के उम्मीदवारों के विहिप के त्रिशूल वितरण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर शामिल होने तक, इसके बेशुमार उदाहरण मिल जाएंगे। जैसा कि अब साफ हो गया है, इस सबने, जिसे आप के अवसरवादी रुख के रूप में प्राय: सभी टिप्पणीकार दर्ज करते आए थे, संघ-भाजपा के आप से अपनी आधारभूमि का हिस्सा छीनने की गति को तेज करने का ही काम किया। हिंदुत्व के समर्थन और भाजपा विरोध की दो नावों में एक साथ सवार होने की कोशिश में आप, बीच नदी में मुंह के बल गिर पड़ी है।

बेशक, आप के अंत की भविष्यवाणियां करने वाले इस अर्थ में गलत हैं कि इस चुनाव में भी आप को, भाजपा से सिर्फ 2 फीसदी वोट कम मिला है। फिर भी, इस हार से आप पार्टी के लिए अस्तित्वगत संकट पैदा हो जाने से इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता है कि यहां से आगे आप को एक जनतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष राजनीति के संदर्भ में खुद को स्पष्ट रूप से पुनर्परिभाषित करने की चुनौती स्वीकार करनी ही पड़ेगी। वर्ना अब भी संघ-भाजपा के आधार पर अमरबेल बनकर फूलते रहने की कोशिश करेगी, तो आगे और भी तेजी से सूखती जाएगी।

[ • लेखक राजेंद्र शर्मा वरिष्ठ पत्रकार और साप्ताहिक पत्रिका ‘लोकलहर’ के संपादक हैं ]

०००००

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत
breaking international

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता
breaking Chhattisgarh

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?
breaking Chhattisgarh

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
breaking international

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय
breaking Chhattisgarh

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक
breaking Chhattisgarh

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज
breaking Chhattisgarh

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन
breaking National

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन

UNSC में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर साधा निशाना कहा बिन लादेन कहां छिपा था याद रखिए
breaking international

UNSC में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर साधा निशाना कहा बिन लादेन कहां छिपा था याद रखिए

विजय शर्मा के बाद अब CM साय को खुला चैलेंज, खदान पर बहस के लिए भूपेश बघेल ने क्यों कहा- ‘सामने आइए’?
breaking Chhattisgarh

विजय शर्मा के बाद अब CM साय को खुला चैलेंज, खदान पर बहस के लिए भूपेश बघेल ने क्यों कहा- ‘सामने आइए’?

छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन छुट्टी का ऐलान, इतने दिनों तक बंद रहेंगे स्कूल, देखें लिस्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में दशहरा-दिवाली और शीतकालीन छुट्टी का ऐलान, इतने दिनों तक बंद रहेंगे स्कूल, देखें लिस्ट

छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव जहां पत्थरों की मूर्ति सख्त मना! महिलाओं का आना भी वर्जित
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव जहां पत्थरों की मूर्ति सख्त मना! महिलाओं का आना भी वर्जित

भिलाई इस्पात संयंत्र : श्री श्री विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर 17 सितम्बर को होगा भव्य लाइट-साउंड-लेजर शो
breaking Chhattisgarh

भिलाई इस्पात संयंत्र : श्री श्री विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर 17 सितम्बर को होगा भव्य लाइट-साउंड-लेजर शो

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ
poetry

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन
poetry

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन