• Chhattisgarh
  • राजनैतिक व्यंग्य-समागम : 1. ये जेन ज़ी, जेन ज़ी क्या है! – राजेंद्र शर्मा : 2. गरीब देश की शाही राष्ट्रपति- विष्णु नागर

राजनैतिक व्यंग्य-समागम : 1. ये जेन ज़ी, जेन ज़ी क्या है! – राजेंद्र शर्मा : 2. गरीब देश की शाही राष्ट्रपति- विष्णु नागर

11 months ago
643

▪️
ये जेन ज़ी, जेन ज़ी क्या है! – राजेंद्र शर्मा

कोई बताएगा कि ये जेन ज़ी क्या बला हैं? बताइए, बेचारे छप्पन इंची छाती वालों तक को डरा के रखा हुआ है। और डर भी छोटा-मोटा नहीं, थर-थर कंपाने वाला डर। ऐसा डर जैसे कोई भूत देख लिया हो। देखा नहीं, कैसे जेन ज़ी का नाम लेने भर से सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया गया। वह भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में यानी राष्ट्र की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए। अब राष्ट्र को लगे न लगे, पर छप्पन इंच वालों को तो सुरक्षा खतरे में लग ही रही होगी। वर्ना वांगचुक से उन्हें खास प्यार भले ही नहीं रहा हो, पर पहले दुश्मनी तो हर्गिज नहीं थी। उल्टे वांगचुक ने तो एक जमाने में थैंक यू मोदी जी का ट्वीट भी किया था। यह तब की बात है जब मोदी जी-शाह जी, कश्मीरी अब्दुलों की चूड़ी टाइट करने के चक्कर में, जम्मू-कश्मीर को तोड़ने-फोड़ने लगे हुए थे।

वांगचुक ने समझा कि हर चीज के लिए श्रीनगर का मुंह देखने से छुट्टी मिली। अब जो भी होगा, लेह से होगा, लेह-लद्दाख वालों की मर्जी से होगा। वह तो बाद में उनकी समझ में आया कि गद्दी तो मोदी जी-शाह जी श्रीनगर से उखाड़ कर दिल्ली ले गए। कहां तो वे लेह-लद्दाख से श्रीनगर की दूरी का रोना रो रहे थे और कहां अब हर चीज के लिए दिल्ली का मुंह देखना पड़ेगा। दिल्ली के मुकाबले तो श्रीनगर बहुत नजदीक था।

श्रीनगर के मुकाबले दिल्ली से लेह भले दूर हो, पर राष्ट्र सेठ, ‘‘जिसका नाम नहीं ले सकते’’, दिल्ली के बहुत नजदीक था। नजदीक क्या, वह तो दिल्ली में ही था। दिल्ली में होना भी क्या, वह तो खुद ही दिल्ली था — नयी दिल्ली। नयी दिल्ली में शाही तख्त था और शाही तख्त के पीछे राष्ट्र सेठ। शाही तख्त से हुक्म जारी हुआ — जो राष्ट्र सेठ मांगे सो राष्ट्रहित, अज़ दिल्ली ता लेह-लद्दाख।

राष्ट्र सेठ ने लद्दाख में नारा लगाया, राष्ट्र की जमीन, सो राष्ट्र सेठ की जमीन और सूरज से बिजली निकालने के नाम पर एक शहर के बराबर जमीन पर कब्जा कर लिया। दिल्ली ने कहा, यही विकास है। साथ में जोड़ दिया — इब्तदा-ए-इश्क है रोता है क्या, आगे-आगे देखिए होता है क्या। लेह-लद्दाख वाले डर गए। ये वाला विकास नहीं चाहिए, का शोर मचाने लगे। मोदी जी-शाह जी ने समझाने की कोशिश भी कि विकास तो विकास है, उसमें ये वाला और वो वाला नहीं करते। विकास जैसा भी हो, उसका विरोध करना अच्छी बात नहीं है। राष्ट्र सेठ का विरोध कर के, राष्ट्र-विरोध करने की गलती नहीं करें। पर पहाडिय़ों का पत्थरों वाला अड़ियल सुभाव, नहीं माने तो नहीं ही माने। लगे आंदोलन करने और वह भी गांधीवादी तरीके से। कभी पांच दिन की भूख हड़ताल, तो कभी पंद्रह दिन और कभी अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल। कभी धरना, कभी बंद। भीड़ बढ़ती गयी। यहां तक कि चुनाव में खतरा नजर आने लगा। नतीजा सामने है। मांगा छठा शेड्यूल, मिली गोली, कर्फ्यू और गिरफ्तारी, वह भी अकेले वांगचुक की नहीं, सैकड़ों की।

आप पूछेंगे कि इसमें जेन ज़ी कहां आ गयी? जेन ज़ी आ गयी, क्योंकि वांगचुक ने अपने एक भाषण में जेन ज़ी का नाम ले दिया। फिर क्या था, जेन ज़ी लेह में आ गयी। असल में जेन ज़ी तो पहले ही दरवाजे पर खड़ी थी। उसका डर हवाओं में था। खासतौर पर दिल्ली की हवाओं में। और डर हवाओं में क्यों न होता? जेन ज़ी नाम का एलान कर के जेन ज़ी ने राजगद्दी भले ही नेपाल में ही पलटी हो, पर उसकी शुरूआत तो और पहले हो चुकी थी। कोई कहता है अरब स्प्रिंग, तो कोई कुछ और कहता है। और तो और खुद हमारे पड़ौस में पहले श्रीलंका, फिर बांग्लादेश और अब नेपाल ; तख्त पर तख्त लुढ़कते जा रहे हैं। डरना तो बनता है। खासतौर पर उनका जो तख्त पर तो बैठे हैं पब्लिक के नाम पर और खुल्लमखुल्ला नजदीकी बढ़ा रहे हैं, तरह-तरह के धन्नासेठों से।

नौजवानों का धीरज टूट रहा है। न करने को काम और न गुजारे को जेब में छदाम। और तख्तेशाही पर बैठने वालों का बिना कहे यह साफ एलान कि हमसे आगे भी कोई उम्मीद मत रखना। चुनाव से हमें हटाने की तो सोचना भी मत! ऐसे में छप्पन इंची छाती की कोई कितनी भी शेखी मार ले, डरना तो बनता है। डर तो सब को लगता है। पांव सब के कांपते हैं। पर इस डर के आगे भी उनकी जीत नहीं है। इस डर के आगे गोलीबारी है, गिरफ्तारी है।

छप्पन इंची छाती डर रही है। गिरफ्तारियां कर रही है, पुलिस-मिलिटरी आगे कर रही है, पर डर रही है। डर रही है, तभी तो जेन ज़ी का जिक्र भर करने पर, सुरक्षा कानून में गिरफ्तारियां कर रही है। और छप्पन इंची छाती डर रही है, इसलिए लोग उसे और भी डरा रहे हैं। एक नयी हवा यह कहने की चल रही है कि जेन ज़ी तो हर जगह है और वह भी हमेशा से। लोग कह रहे हैं कि भगतसिंह भी अपने टैम के जेन ज़ी ही तो थे। नौजवान तो थे ही। पढ़े-लिखे भी थे। बदलाव चाहते थे। और अपनी कल्पना के बदलाव के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार थे। यानी जैसे तब भगत सिंह यहां पैदा हुए थे, जेन ज़ी अब यहां भी प्रकट हो सकता है। अचानक से प्रकट हो सकता है। इतनी ज्यादा बेरोजगारी है कि बेरोजगार नौजवानों का हुजूम जो कभी दिल्ली, तो कभी लखनऊ, कभी पटना, तो कभी जयपुर, कभी देहरादून तो कभी बेंगलुरु में, कभी भर्ती परीक्षा के लिए, तो कभी परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ, प्रदर्शनों में पुलिस की लाठियां खा रहा है, अब तक अपने अंदर छुपे जेन ज़ी को नहीं पहचान सका, इसी में हैरानी की बात है। पर चोर की मां कब तक खैर मनाएगी। अब्दुल की चूड़ी टाइट होने की झूठी खुशी से, नौजवान पीढ़ी कब तक अपने भूखे पेट को बहलाएगी? राज करनी वालों को डर तो लगेगा ही।

खैर! गद्दीधारियों का यह डर अच्छा है। इस डर के आगे, गद्दीधारियों की नहीं, पब्लिक की जीत है। सो जेन ज़ी को आने दो। गद्दीधारियों को इसे अपने खिलाफ कभी चीन, कभी नेपाल, कभी बांग्लादेश और कभी सोरोस का षडयंत्र बताने दो, पर जेन ज़ी को आने दो। भगतसिंह को रास्ता दिखाने दो, जेन ज़ी को आने दो।

[ • इस व्यंग्य के लेखक राजेंद्र शर्मा वरिष्ठ पत्रकार और ‘लोक लहर’ के संपादक हैं ]

▪️
गरीब देश की शाही राष्ट्रपति – विष्णु नागर

कोई भारत का राष्ट्रपति हो, तो उसका धार्मिक होना सहज संभाव्य है। जहां करोड़ों -करोड़ लोग धार्मिक हों, जहां का प्रधानमंत्री किसी न किसी मंदिर में जाकर त्रिपुंड धारण करता रहता हो, पीत अथवा लाल अथवा कोई और वस्त्र पहनकर धार्मिक होने का ढोंग रचता रहता हो, वहां के राष्ट्रपति का धार्मिक होना स्वाभाविक है!

राष्ट्रपति हैं तो क्या हुआ, उनके मन में भी मथुरा, वृंदावन, बनारस, बद्रीनाथ, केदारनाथ, रामेश्वरम् आदि जाने की इच्छा पैदा हो सकती है। वैसे भारत का कोई पांच साल के लिए राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री हो जाए, इसके बाद उसे ईश्वर से और क्या चाहिए? हम तो न कभी राष्ट्रपति रहे, न उपराष्ट्रपति, न प्रधानमंत्री, न मंत्री, न राज्यपाल और न इनके लगुए-भगुए, हमें क्या मालूम कि इन बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोगों को ईश्वर से और क्या चाहिए होता है और ईश्वर जो है नहीं, इन्हें क्या दे देता होगा!

खैर, तो महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मन में मथुरा-वृंदावन जाने की इच्छा पैदा हुई। राष्ट्रपति का एक प्रोटोकॉल होता है। ऐसा नहीं हो सकता कि सुबह इच्छा हुई, तो दोपहर या शाम को चल दिए! उनके मुख से यह बात निकली होगी, तो यह बात सबसे पहले फाइल के रूप में परिणत हुई होगी! फिर फाइल इस से उस और उस से उस और फिर उससे भी उस अफसर तक लटकती-भटकती रही होगी। अफसरों ने उस पर अपनी-अपनी टीप लिखी होगी। मोदी राज है, तो हर फाइल की तरह यह फ़ाइल भी प्रधानमंत्री तक गई होगी। उनकी अनुकंपा से यह फाइल पास हुई होगी! तब जाकर यह तय हुआ होगा कि राष्ट्रपति जी निश्चित रूप से मथुरा-वृंदावन जाएंगी। किस दिन जाएंगी, कैसे जाएंगी, यह भी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय से मिल कर फाइल पर तय किया होगा।

राष्ट्रपति जी को बताया गया होगा कि मैडम जी आपके लिए ट्रेन से यात्रा करना सबसे सुरक्षित होगा। कार से यात्रा करने में आपको कष्ट होगा। आप हेलिकॉप्टर से भी मत जाइए। आजकल कुछ ठीक नहीं है। तब उन्होंने कहा होगा कि जैसा आपने तय किया, ठीक है। मुझे तो वहां जाकर देव-दर्शन करना है, बाकी आप जानें!

उन्होंने इतना कहा होगा कि अधिकारियों की बांछें खिल गई होंगी। वे अपने इस महान मिशन में लग गए होंगे।पहले उन्होंने दिन तय किया होगा। गुरुवार उन्हें सबसे उपयुक्त लगा होगा। क्या पता कुछ ज्योतिष वगैरह का चक्कर हो! राष्ट्रपति जी का नाम चूंकि ‘द’ से शुरू होता है, तो हो सकता है शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन जाना ठीक समझा गया हो! फिर ट्रेन का इंतजाम करने के लिए ई-मेल गया होगा।उसका प्रबंध हो गया होगा, तो दिल्ली से मथुरा-वृंदावन तक कितने ही विभागों को, कितने ही ई-मेल और फोन गए होंगे। हर एक ने पुष्टि की होगी कि हमने इंतजाम कर दिया है। फिर इस इंतजाम का अंतिम रूप से निरीक्षण-परीक्षण किया गया होगा। जब सब टनाटन हो गया होगा, तो मामला आगे बढ़ा होगा!

वैसे ट्रेन राष्ट्रपति या प्रधानमन्त्री को चाहिए, तो भारत की कोई ताकत रोक नहीं सकती। अकेला ट्रंप है, जो कुछ भी कहीं भी रोक सकता है। शुक्र है कि राष्ट्रपति जी की इस यात्रा से अमेरिकी हितों को कोई चोट नहीं पहुंच‌ रही होगी, तो ट्रंप ने आपत्ति नहीं जताई होगी! हो यह भी सकता है, मोदी जी ने उसके संज्ञान में यह बात आने नहीं दी होगी, मगर जिस दिन उसे यह पता चलेगा कि मोदी जी ने यह बात उससे छुपाई है, वह दस फीसदी टैरिफ और बढ़ा देगा!

खैर राष्ट्रपति जी के लिए देश की सबसे महंगी और शाही ट्रेन ‘महाराजा एक्सप्रेस’ के प्रेसिडेंशियल सुइट को फिर से सुसज्जित किया गया होगा, जिसका आम तौर पर किराया लगभग इक्कीस लाख रुपए होता है। उसमें पांच सितारा होटल से भी अधिक सुविधाएं हैं। नाम राष्ट्रपति का, मजे अधिकारियों के आ गए होंगे! ऐसी ट्रेन में मुफ्त यात्रा का एक दिन का सुयोग भी कम नहीं है। यह कुछ भाग्यवानों को ही मिलता है और ऐसे भाग्यवानों में भारत सरकार के आईएएस-आईएफएस अधिकारी अग्रिम पंक्ति में होते हैं!

अब अधिकारियों को इसकी क्या परवाह कि सामान्य कामकाजी दिन राष्ट्रपति जी जाएंगी, तो उनकी सुरक्षा का जो लंबा-चौड़ा लवाजमा होता है, उसके लिए यहां से वहां तक न जाने कितनी तरह के कितनी जगह इंतजाम किए जाएंगे। हर आदमी, हर वाहन को संभावित बम माना जाएगा और दाएं-बाएं, ऊपर-नीचे,आकाश में, पाताल में शत्रु ही शत्रु देखे जाएंगे और हर जगह ट्रैफिक रोका जाएगा। इससे कितने कर्मचारियों, मजदूरों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों, पैदल चलने वालों की उस दिन की जिंदगी जाम हो जाएगी। इस भयानक गर्मी में खड़े-खड़े उनकी ज़िंदगी झंड हो जाएगी! काम पर देर से आने के कारण कितने ही मजदूरों की आधे दिन की मजदूरी काट ली जाएगी या उस दिन की पूरी दिहाड़ी छिन जाएगी!अधिकारियों को इसकी चिंता नहीं होती, बल्कि उन्हें खुशी हुई होगी कि राष्ट्रपति जी के कारण हमारे भी कितने ठाठ हो गए हैं कि ये लाखों ‘कीड़े-मकोड़े’ कितने परेशान हो रहे हैं। अफसरी का असली सुख तो दूसरों को दुखी देखने में है। मन ही मन देते रहें लोग गालियां। गालियों से क्या होता है! तीन-तीन किलो रोज गालियां खानेवाले का आज तक क्या बिगड़ा, जबकि उसे कांग्रेसियों द्वारा कथित रूप से दी गई हर गाली मुंहजबानी याद है! कहो तो वह आज और अभी यहीं सुना दे!

खैर द्रौपदी मुर्मू जी राष्ट्रपति हैं और भारत जैसे गरीब देश की राष्ट्रपति हैं, इसलिए सारे इंतजाम शाही तो होने ही थे! भारत के गणतंत्र बनने के बाद से यही परंपरा चली आ रही है‌, सो उसे मिटाया भी नहीं जा सकता, वरना लोकतंत्र और गणतंत्र खतरे में पड़ जाता! और भारत सरकार लोकतंत्र और गणतंत्र की रक्षा के प्रति इतनी अधिक प्रतिबद्ध है कि वह हर खतरा उठा सकती है, मगर यह नहीं ! संकेत में भी ऐसी सलाह देना देशद्रोह की श्रेणी में आ सकता है, इसलिए आप गवाह हैं कि मैंने देशभक्ति दिखाने में बिलकुल भी कंजूसी नहीं की है! आप कहो तो वन्देमातरम तथा जन-मन-गण गाकर भी दिखा दूं!

[ • कई पुरुस्कारों से सम्मानित विष्णु नागर साहित्यकार, पत्रकार और ‘जनवादी लेखक संघ’ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. ]

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग
breaking Chhattisgarh

दुर्ग के बाद अब यहां स्वाइन फ्लू की दस्तक, 7 मरीजों की पुष्टि से मचा हड़कंप, अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य विभाग

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें
breaking international

नेपाल में बाढ़ का कहर, 178 भारतीय नागरिक समेत 644 टूरिस्ट लापता, 150 से ज्यादा मौतें

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति
breaking international

सीमा विवाद से मानसरोवर तक… डोभाल-वांग यी की मुलाकात में भारत-चीन के बीच इन 8 मुद्दों पर सहमति

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 1 सितंबर से शुरू होगी बिजली कनेक्शनों की eKYC, जानिए घर बैठे कैसे करें पूरी प्रक्रिया?

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा
breaking Chhattisgarh

TET को लेकर मानी गई शिक्षकों की बड़ी मांग! छत्तीसगढ़ में अब साल में 3 बार होगी परीक्षा

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल
breaking Chhattisgarh

IGKV में एक बार फिर पेपर लीक ! B.Sc फर्स्ट ईयर का ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ पेपर परीक्षा से 6 घंटे पहले वायरल

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय
breaking Chhattisgarh

कांग्रेस ने आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा: CM साय

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में निजी बिजली वितरण कंपनी ने लगाया दांव, टाटा पावर ने मांगी अनुमति…

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक
breaking Chhattisgarh

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बोले- शिक्षक ही करा रहे आंदोलन, प्राचार्यों का ध्यान सिर्फ केबिन स्पेस पर; यूट्यूब पत्रकारों की एंट्री पर रोक

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, 1 सितंबर से शुरू होगी eKYC, नाम गलत हुआ तो अटक जाएगा सत्यापन

भिलाई इस्पात संयंत्र : छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ सत्र 2026-27  के लिए विभिन्न आयु वर्गों में बीएसपी क्रिकेट टीम के गठन हेतु चयन स्पर्धा 26 एवं 27 अगस्त, 2026 को क्रिकेट ग्राउंड [सिविक सेंटर] में प्रात: 9.00 बजे से
breaking Chhattisgarh

भिलाई इस्पात संयंत्र : छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न आयु वर्गों में बीएसपी क्रिकेट टीम के गठन हेतु चयन स्पर्धा 26 एवं 27 अगस्त, 2026 को क्रिकेट ग्राउंड [सिविक सेंटर] में प्रात: 9.00 बजे से

खाद्य तेल के कम वजन वाले पैकेट पर सरकार का शिकंजा, अब सिर्फ 1 लीटर पैक की होगी बिक्री
breaking Chhattisgarh

खाद्य तेल के कम वजन वाले पैकेट पर सरकार का शिकंजा, अब सिर्फ 1 लीटर पैक की होगी बिक्री

220 की स्पीड पर ट्रेनों का ट्रायल! कंप्लीट होने वाला है हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक का काम
breaking National

220 की स्पीड पर ट्रेनों का ट्रायल! कंप्लीट होने वाला है हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक का काम

जिंगपिंग के भारत दौरे से पहले… NSA डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें इस मीटिंग के मायने
breaking international

जिंगपिंग के भारत दौरे से पहले… NSA डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, जानें इस मीटिंग के मायने

छत्तीसगढ़ के पूर्व रणजी खिलाड़ी राजेश दवे को बड़ी जिम्मेदारी, एशिया कप के लिए बने टीम इंडिया के मैनेजर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पूर्व रणजी खिलाड़ी राजेश दवे को बड़ी जिम्मेदारी, एशिया कप के लिए बने टीम इंडिया के मैनेजर

सितंबर में राशन लेने से पहले जान लें ये बड़ा बदलाव, एक साथ मिलेगा 2 महीने का चावल
breaking Chhattisgarh

सितंबर में राशन लेने से पहले जान लें ये बड़ा बदलाव, एक साथ मिलेगा 2 महीने का चावल

“खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ को सोलर ऊर्जा से बनाएंगे और अधिक विकसित”: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
breaking Chhattisgarh

“खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ को सोलर ऊर्जा से बनाएंगे और अधिक विकसित”: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

नीट छात्रों के साथ NSUI करेगी प्रदर्शन : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- Gen-Z युवाओं को भटकाने की कोशिश…
breaking Chhattisgarh

नीट छात्रों के साथ NSUI करेगी प्रदर्शन : स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- Gen-Z युवाओं को भटकाने की कोशिश…

बाहर से बोगी, अंदर रेस्टोरेंट! भिलाई में शुरू होगा 50 सीटर बोगी रेस्ट्रो
breaking Chhattisgarh

बाहर से बोगी, अंदर रेस्टोरेंट! भिलाई में शुरू होगा 50 सीटर बोगी रेस्ट्रो

रायपुर, बिलासपुर समेत 24 जिलों में तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
breaking Chhattisgarh

रायपुर, बिलासपुर समेत 24 जिलों में तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

कविता

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला
poetry

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन