• Chhattisgarh
  • कहानी : ‘नमक हराम’- डॉ. शिरोमणि माथुर

कहानी : ‘नमक हराम’- डॉ. शिरोमणि माथुर

2 months ago
160

👉 • प्रस्तुत कहानी ‘नमक हराम’ केवल एक दुर्घटना की कथा नहीं है, बल्कि यह मानव मन के उस अंधकार को उजागर करती है. जहाँ लालच इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वह अपने हितैषी और उपकारी व्यक्ति के साथ भी विश्वासघात कर बैठता है…

▪️
नमक हराम
– डॉ. शिरोमणि माथुर
[ दल्ली राजहरा, छत्तीसगढ़]

मनुष्य का जीवन केवल धन, वैभव और स्वार्थ से नहीं चलता, बल्कि विश्वास, कृतज्ञता और इंसानियत से चलता है। जब कोई व्यक्ति हमारे कठिन समय में सहारा बनता है, तो उसका उपकार जीवन भर स्मरण रखना ही सच्ची मानवता है। परंतु जब इंसान की नीयत में खोट आ जाती है, तब वह अपने हित के लिए रिश्तों, विश्वास और मानवता तक को भूल जाता है।
प्रस्तुत कहानी “नमक हराम” केवल एक दुर्घटना की कथा नहीं है, बल्कि यह मानव मन के उस अंधकार को उजागर करती है, जहाँ लालच इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वह अपने हितैषी और उपकारी व्यक्ति के साथ भी विश्वासघात कर बैठता है। यह कहानी हमें बताती है कि स्वार्थ और कुटिलता से प्राप्त सुख क्षणिक होता है, परंतु उसके परिणाम अत्यंत भयावह होते हैं।
यह कथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को यह सोचने पर विवश करती है कि यदि हमारी नीयत शुद्ध न हो, तो चाहे कुछ समय के लिए सफलता मिल जाए, पर अंततः न्याय और कर्मफल अपना प्रभाव अवश्य दिखाते हैं।
संध्या का समय था। झीने धुंधलके के कारण वातावरण धूमिल था। देखते ही देखते सड़क पर तीव्र गति से आता ट्रक दाईं ओर एक पेड़ से टकराकर गिर गया। एक चीख वातावरण में गूँज गई। बाईं ओर की खिड़की से ट्रक मालिक राधे सड़क पर कूद पड़ा और सहयात्री दाईं ओर से जोर से चिल्लाया—
“मुझे बचाओ… निकालो मुझे… मुझे बचा ले राधे… मेरी बेटी की सुबह बारात आने वाली है… कल उसकी शादी है।”
राधे के होठों पर घबराहट न आकर एक कुटिल मुस्कान आ गई। वह अपने चिल्लाते मित्र की ओर घूरे जा रहा था। उसकी तीक्ष्ण बुद्धि ने एक्सीडेंट के तुरंत बाद ही बड़ी गहराई से सोचकर योजना बना डाली थी।
धीरे-धीरे चिल्लाहट कम होती गई। राधे धीरे-धीरे मित्र की दिशा में आगे बढ़ा और अपने हाथों से उसे उठाने का प्रयत्न भी किया, परंतु उसे निकाल पाने में अपनी असमर्थता समझकर वह रुक गया। मित्र एक दर्दनाक चीख के बाद बेहोश हो गया था। शायद खींचने में उसका पैर कहीं जोर से दब गया था।
राधे ने उसकी जेबें टटोलीं। इधर-उधर देखा, कोई दिखाई नहीं दिया। फिर नए हरे-हरे नोटों की गड्डियाँ झट से अपनी जेब के हवाले कर लीं। उसे पहले से ही मालूम था कि उसका मित्र पूरे दस लाख रुपये बैंक से निकालकर शहर अपनी बेटी की शादी में व्यय करने हेतु ले जा रहा है।
अँधेरा गहरा हो गया। “सायं-सायं” करती तेज हवा चल रही थी। कभी-कभी पत्तों की सरसराहट होती। उसने सड़क पर दोनों ओर दृष्टि दौड़ाई। दूर कोई साइकिल से आता हुआ दिखाई पड़ा। कुछ आशा बंधी। अपने परिचित महावीर को देखकर वह आश्वस्त हुआ। ईश्वर को शुक्रिया दिया कि उसने सहायता के लिए दूसरा इंसान इतनी देरी के बाद ठीक समय पर भेजा।
चेहरे पर चरम विषाद का भाव धारण करके बड़े दुखी स्वर में राधे ने पुकारा—
“महावीर!”
महावीर ने पूछा—
“क्या हुआ?”
राधे बोला—
“ट्रक एक्सीडेंट हो गया है। प्रिंसिपल को निकालो। मैंने निकालने की बहुत कोशिश की, पर निकाल नहीं सका।”
हड़बड़ाया-सा महावीर कभी ट्रक को देखता, कभी राधे को, जिसे खरोंच भी नहीं आई थी, और कभी बेहोश प्रिंसिपल के चेहरे को। जिस दिशा में वह खड़ा था, उधर से उसे प्रिंसिपल का चेहरा ही दिखाई दे रहा था।
दोनों ने मिलकर प्रिंसिपल को निकालना प्रारंभ किया। उनकी टाँगें कहीं बुरी तरह फँस गई थीं। जोर से खींचने पर टाँगों की हड्डियाँ टूट गईं। उन्होंने उन्हें निकालकर एक पेड़ के नीचे जमीन पर लिटा दिया।
सौभाग्य से बस आने का समय हो गया था। महावीर के संरक्षण में प्रिंसिपल के बेहोश शरीर को छोड़कर राधे ने आती हुई बस रुकवाई और उसमें बैठ गया।
कस्बे के अस्पताल में उसने सरकारी एम्बुलेंस माँगी, परंतु डॉक्टर के यह कहने पर कि—
“एम्बुलेंस हम तभी देते हैं, जब मरीज हमारे अस्पताल में लाया जाए।”
वह परेशान हो गया।
छोटे से कस्बे में टैक्सी भी नहीं मिलती थी, जिसे किराये पर लेकर वह प्रिंसिपल को रामपुरा वापस ले जाए। यहाँ तो वह किसी भी कीमत पर उन्हें ला नहीं सकता था। दूसरा कस्बा, वहाँ डॉक्टर नए, पुलिस वाले नए, फिर उसके पास ट्रक चलाने का लाइसेंस भी नहीं था और ट्रक वही चला रहा था। यहाँ लाकर तो वह स्वयं बुरी तरह फँस जाता।
यकायक उसे ख्याल आया— यहाँ उसके एक मित्र के पास भी तो ट्रक है। चलकर उसी से बात की जाए।
दौड़ा-दौड़ा वह अपने उस मित्र के घर जा पहुँचा। वहाँ से ट्रक लेकर वह महावीर और प्रिंसिपल को लेता हुआ वापस रामपुरा आ गया। रात के बारह बजे ही उसने रामपुरा के अस्पताल में प्रिंसिपल को भर्ती करवा दिया।
घर आकर वह तकिये के सहारे पलंग पर लेट गया। उसे नींद नहीं आई। सिगरेट जलाकर कश खींचते हुए उसने अपने उन्मीलित नेत्रों से छत की ओर देखा और किन्हीं विचारों में खो गया।
“प्रिंसिपल की पत्नी पर प्रभाव जमाने का अच्छा मौका हाथ लगा है। उसके पति को अस्पताल में भर्ती कराया… उसकी बीमारी का खर्च स्वयं उठाया… कितना एहसान मानेगी वह…”
“बारात विदा होते ही वह इधर ही आएगी। सबसे पहले लाचार, मुरझाए चेहरे से मुझसे मिलेगी। मेरे सामने सिसकियाँ लेकर रोएगी… गिड़गिड़ाएगी…”
“जैसे ही वह पैसे की कमी की बात कहेगी, मैं इत्मीनान से कहूँगा—
‘पैसों के लिए क्यों परेशान होती हो भाभी? मैं तो सदैव आपकी सेवा में हाजिर हूँ।’”
“यदि वह दो सौ रुपये माँगेगी, तो मैं चार सौ दूँगा…”
एक कुटिल मुस्कान उसके चेहरे पर थिरक गई।
रुँधे कंठ से वह जीवन भर एहसान न भूलने का वचन देगी… फिर कभी अवसर हाथ लगा तो…
मन ही मन सिहर उठा वह। एक सुखद स्वप्न उसकी आँखों के सामने नाचने लगा। किसी सुनहरी कल्पना से उसका पापी मन पुलक उठा।
“तीन बच्चों की माँ है तो क्या हुआ? बड़ी लड़की सोलह वर्ष की है। कोई कह ही नहीं सकता कि उसकी बेटी होगी। माँ-बेटी छोटी-बड़ी बहनों जैसी लगती हैं। कैसा भरा-भरा शरीर है… सुडौल, आकर्षक गोलाइयाँ…”
मन में कुछ और ही कौंध गया उसके।
सब कुछ सोचकर उसकी आँखों में चमक आ गई। वह सोचता—
“प्रिंसिपल की पत्नी और बच्चों पर कुछ खर्च भी कर दूँगा, जिससे सब मेरी प्रशंसा करेंगे। करना तो मुझे अपने पास से कुछ भी नहीं है। इन्हीं दस लाख में से तीन-चार हजार खर्च कर यश पा लूँगा और मेरी प्रतिष्ठा में चार चाँद लग जाएँगे…”
वह इन रुपयों का तकादा भी नहीं करेगा।
परंतु ऐसा सोचते समय राधे यह बिल्कुल भूल गया कि प्रिंसिपल साहब और उनकी पत्नी ने उसकी कितनी सहायता की थी। उसकी आज की सुदृढ़ स्थिति के आधार वे ही थे।
जब उसके बड़े भाई ने “पड़े-पड़े खाते हो, निकल जाओ घर से” कहकर उसे घर से निकाल दिया था, तब प्रिंसिपल ने ही उसे अपने घर रखकर पूरे छह महीने खाना खिलाया था। उसे अपनी खुद की दुकान चलाने के लिए चार लाख रुपये दिए थे, जिन्हें उसने धीरे-धीरे किस्तों में तीन वर्षों में चुकाया था।
ऐसी खबरें जल्दी ही फैल जाती हैं। छोटी-सी बस्ती और बाजार में बात फैल भी गई।
सुबह तड़के ही राधे ने पुलिस द्वारा अपने ड्राइवर को गिरफ्तार करवा दिया। पुलिस वाले तो पहले से पटे-पटाए थे।
सुबह सात बजे रामपुरा के सम्पन्न, प्रतिष्ठित, वृद्ध रणधीर राधे से मिलने उसके घर पहुँचे। प्रिंसिपल की गंभीर हालत के विषय में सभी एकमत थे कि उनका शरीर जीवन की घड़ियाँ गिन रहा है। यही विचार रणधीर का भी था।
उन्होंने उसे समझाया—
“तेरे हाथों से एक्सीडेंट हुआ है। तू अभी शहर चला जा और उसकी लड़की का कन्यादान अपने हाथों से कर दे। तेरे चले जाने से उसकी पत्नी को थोड़ा संतोष रहेगा।”
राधे बोला—
“यहाँ भी तो प्रिंसिपल की देखरेख के लिए आदमी चाहिए।”
रणधीर सुलझे हुए प्रतिष्ठित व्यक्ति थे। बोले—
“यहाँ तो हम लोग संभाल लेंगे। तू अपने हाथों लड़की को विदा करके उसके पिता की अनुपस्थिति में पिता का फर्ज पूरा कर दे।”
राधे टस से मस नहीं हुआ। भयानक कुटिलता और क्रूरता छा गई उसके अंतर्मन पर।
वहाँ जाकर वह लड़की को क्या-क्या उत्तर देगा?
यहाँ जो आएँगे, उन्हें वह दिखा देगा कि वह कितनी तत्परता से प्रिंसिपल की देखभाल कर रहा है, अपने अभिन्न मित्र के लिए पैसा पानी की तरह बहा रहा है।
प्रिंसिपल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और बच्चे आए। राधे की कल्पनाओं के विपरीत वे उससे मिले भी नहीं। वही उनसे मिलने गया। उसके सामने न कोई गिड़गिड़ाया और न किसी ने उसकी प्रशंसा में एक शब्द कहा। उस समय घर में एक चुप्पी छाई रही।
वह कुढ़ गया। उसका दंभी मन सोचता रहा—
“लगता ही नहीं इस घर में मौत हुई है। कोई भी सहायता हेतु उससे कुछ याचना नहीं करता…”
“मत करने दो। कितने दिन चलेगी प्रिंसिपल की कमाई? फिर जब खाने के लाले पड़ेंगे, तो सब उसी के पास दौड़े आएँगे।”
तेरह दिन तक शोक मनाने के बाद प्रिंसिपल की पत्नी पहली बार रणधीर के घर पहुँची। उनकी प्रतिष्ठा और न्यायप्रिय बातचीत से उन्हें विश्वास था कि वे राधे और उनके बीच कोई आपसी समझौता करा देंगे, तो कोर्ट-कचहरी की झंझट समाप्त हो जाएगी।
रणधीर ने राधे को बुलाया। उसके घर पहुँचते ही रणधीर ने कहा—
“तुम्हारे हाथों हुई अपने पति की मृत्यु के फलस्वरूप यह तुमसे कुछ हरजाना चाहती हैं।”
एक क्षण के लिए उसकी इच्छा हुई कि दोनों की गर्दन मरोड़ दे। फिर दूसरे ही क्षण उसकी आँखों में चमक आ गई।
पत्नी ने पति की मृत्यु के फलस्वरूप पचास लाख रुपये माँगे। चालीस, पैंतीस, तीस और फिर पच्चीस लाख पर आकर रुकीं वे। और राधे तीन-चार, पाँच-छह, बहुत मुश्किल से सात लाख पर रुका। एक पैसा भी अधिक देना स्वीकार नहीं किया उसने।
रणधीर की स्थिति विचित्र थी। कैसे वे प्रिंसिपल की पत्नी को बोल दें कि वे सात लाख लेकर संतोष कर लें?
आखिर किसी विश्वास के सहारे ही तो वह उनके घर आई थी और पंचायत ने उन्हें प्रमुख बनाया था। कैसे वे न्याय से डिग जाएँ, सब कुछ जानते-बूझते? उसे भी तो मालूम था कि उस दिन जाते समय प्रिंसिपल ने बैंक से दस लाख रुपये निकाले थे।
राधे को तो विश्वास था कि यदि वह एक कौड़ी भी न दे, तो एक विधवा उसका क्या कर लेगी?

प्रिंसिपल की पत्नी केस लड़ती रही। साल भर बाद राधे के ऊपर एक करोड़ की डिग्री आ गई। तब उसे लगा कि सबने मिलकर षड्यंत्र रचा है। उसका चेहरा लाल हो गया और बदन थर-थर काँपने लगा।
कितना नपुंसक है उसका क्रोध…
कितना प्रभावहीन है उसका व्यवहारिक ज्ञान…!
इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य को कभी भी अपने उपकार करने वालों को नहीं भूलना चाहिए। जो व्यक्ति हमारे कठिन समय में साथ खड़े रहते हैं, उनके प्रति कृतज्ञता और सम्मान का भाव सदैव बनाए रखना चाहिए।
लालच, स्वार्थ और गलत नीयत इंसान को भीतर से खोखला कर देती है। दूसरों का हक छीनकर या छल-कपट से प्राप्त किया गया धन कभी सुख नहीं देता। आज नहीं तो कल, मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है।
इसलिए हमें सदैव अपनी नीयत साफ रखनी चाहिए, मानवता का साथ देना चाहिए और परोपकार करने वालों का सम्मान कभी नहीं भूलना चाहिए। क्योंकि सच्चाई और न्याय देर से ही सही, पर अंत में विजय अवश्य प्राप्त करते हैं।

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए खुशखबरी! जल्द शुरू होगी महतारी वंदन योजना के नए आवेदन की प्रक्रिया

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया
breaking National

Amazon CEO पीएम मोदी से मिले, भारत में 4.1 लाख करोड़ निवेश करने का ऐलान किया

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी
breaking Chhattisgarh

IPS बद्रीनारायण मीणा बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 25 तक पहाड़े रटवाने, बारहखड़ी कंठस्थ करने और हिंदी अंग्रेजी की धारावाहिक रीडिंग के लिए चलेगा विशेष अभियान

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: CM साय ने दिल्ली में जेपी नड्डा से की मुलाकात, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में कुत्तों की नसबंदी अभियान पर गंभीर सवाल, ऑपरेशन के बाद मौतें और अनियमितताओं के आरोप

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’
breaking Chhattisgarh

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी
breaking Chhattisgarh

एक जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह, ग्राम सभाओं में दे रहे योजना की जानकारी

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
breaking Chhattisgarh

दुर्ग में भीम का मैंगो आईस कैंडी पर प्रतिबंध, असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अल-नीनो संकट, 49 लाख हेक्टेयर मे होनी है बुआई अब तक महज दो प्रतिशत

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में हीरे की पुष्टि, महासमुंद में मिले 5 हीरे, मुख्यमंत्री साय ने खुशी जताते हुए कह दी यह बड़ी बात

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले
breaking Chhattisgarh

साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और CBG नीति को मंजूरी, पढ़िए सभी फैसले

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम
breaking Chhattisgarh

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में 1076 सीएम हेल्पलाइन साबित हो रहा बड़ा कदम

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
breaking Chhattisgarh

सहारा निवेशकों को रिफंड पोर्टल के माध्यम से मिलेगी राशि : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 8 मर्डर का खुलासा, मजाक और छोटी-छोटी शिकायतों से नाराज होकर बना साइको किलर

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा
breaking National

PM मोदी ने देश को समर्पित किए तीन स्वदेशी युद्धपोत, अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक और मजबूत हुई भारत की समुद्री सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब OTP से नहीं मिलेगा राशन, सिर्फ बायोमेट्रिक से मिलेगा राशन, नियम तोड़ने पर होगी FIR

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार
breaking Chhattisgarh

चेन्नई में फंसी छत्तीसगढ़ की तीन युवतियां : ‘हमें घर वापस लाओ’… युवतियों ने विधायक को फोन कर मदद की लगाई गुहार

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग
breaking Chhattisgarh

मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन