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भारतीय मजदूर संघ छत्तीसगढ़ : संघ की कार्यसमिति बैठक में निर्णय लिया गया 1 अक्टूबर को 1 लाख श्रमिकों के साथ राजधानी रायपुर में होगा आक्रोश रैली

👉 • भारतीय मजदूर संघ की कार्यसमिति की बैठक 16-17 मई, 2026 को अंबिकापुर में सम्पन्न हुई. प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडे ने आव्हान किया कि 1 अक्टुबर की रैली को सफल बनाएं
• छत्तीसगढ़ आसपास
• छत्तीसगढ़ [अंबिकापुर]
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में ‘भारतीय मजदूर संघ’ की 16-17 मई को कार्यसमिति की बैठक में विभाग प्रमुख, जिलाध्यक्ष, जिला मंत्री एवं अन्य यूनियनों के पदाधिकारी शामिल हुए.

👉 • राष्ट्रीय महामंत्री राधेश्याम जायसवाल ने 1 अक्टुबर को आक्रोश रैली को सफल बनाने के लिए तैयारी में जुट जाने को कहा
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडे ने प्रदेश के कार्यों की जानकारी दी. छत्तीसगढ़ राज्य के नव नियुक्त क्षेत्रिय संगठन मंत्री सीवी राजेश ने यूनियन गतिविधि बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया.

छत्तीसगढ़ राज्य के क्षेत्रिय संगठन मंत्री सी. वी. राजेश ने कहा कि-
यूनियन गतिविधि बढ़ाने एवं यूनियन के कार्य क्षेत्र में विस्तार करने की आवश्यकता बताई जिस पर बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कार्यक्षेत्र में होने वाली श्रमिकों की समस्याओ की जानकारी दिए और यूनियन के समक्ष मौजूदा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई जिस पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने कहा कि अब समय पत्र देने का नहीं खुलकर संघर्ष का है लगातार पत्र देने के बाद भी सरकार द्वारा यूनियन की मांग पर सकारात्मक पहल ना करने से श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, लंबे समय तक श्रमिको की समस्याएं बनी रहना भारतीय मजदूर संघ सहन नहीं करेगा, सभी यूनियनों के विषय को लेकर एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता उन्होंने बताया, जिसमें सर्व सम्मति से एक अक्टूबर को राजधानी रायपुर में एक लाख श्रमिकों के साथ आंदोलन करना तय हुआ।राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जयसवाल ने कहा कि आक्रोश रैली सफल करने के लिए सभी श्रमिक क्षेत्र में श्रमिकों से संपर्क, नुक्कड़ सभा, पम्पलेट वितरण और गेट मीटिंग कर तैयारी करना होगा दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र के ठेका श्रमिकों की छटनी,सुविधाओं में असमानता,औद्योगिक क्षेत्र मे कर्मचारियों की छटनी,कम वेतन मिलना,उद्योगो मे वेतन समझौता, सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना,श्रमिकों को यूनियन बनाने से रोकना,अस्पताल कर्मचारियों से निर्धारित समय से अधिक कार्य करवाना और उनको उचित वेतन न देना , शासकीय विभागो एवं निगम मंडल में दस वर्ष से कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित करना, ट्रक ड्राइवरो की समस्याओ, इलेक्ट्रिक आटो के लिए चार्जिंग प्वाईंट बनाना, आँगन बाडी, आशा वर्कर, रसोइया कर्मियों को श्रमिक का दर्जा देना, निर्माणी यूनियन के पदाधिकारियों को नियोजन का अधिकार देना, गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी देना, परिवहन कल्याण बोर्ड की स्थापना करना, सुरक्षा गार्ड से 12 घंटे ड्यूटी के बाद कम वेतन देना, होटल कर्मियों के लिए पीएफ ईएसआई एवं कार्य घंटे लागू करवाना उपरोक्त सभी विषय आंदोलन के प्रमुख मुद्दे हैं.
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