- Home
- Chhattisgarh
- रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समारोह : वर्ष-2026 का सम्मान समाजसेवी माधुरी कैवर्त को दिया गया
रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समारोह : वर्ष-2026 का सम्मान समाजसेवी माधुरी कैवर्त को दिया गया

👉 • छत्तीसगढ़ राज्य : जगदलपुर में जिला अपराध एवं अनुसंधान शाखा में निरीक्षक एवं जिला प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं माधुरी कैवर्त.
• छत्तीसगढ़ आसपास
• दुर्ग
लोक कला एवं साहित्यिक संस्था ‘सिरजन’ द्वारा बीते 11 जून,2026 को सुरता पारकर सम्मान भिलाई के निर्मल ज्ञान कबीर आश्रम में सम्पन्न हुआ.

👉 • रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समारोह के अतिथि थे- बिसरा राम यादव [समाजसेवी] प्रदीप कुमार कैवर्त, राजीव चौबे, पी. साहू, डॉ. दीनदयाल साहू
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती व संत कबीर के तेलचित्र पर माल्यार्पण के पश्चात् संत कबीरजी आरती, राजगीत और स्वागत गीत कुंजलता साहू, गीतांजलि साहू, प्रेमलता साहू और दिलेश्वरी साहू द्वारा प्रस्तुत की गई।
संस्था द्वारा प्रतिवर्षनुसार महिला उत्थान के लिए इस वर्ष रामप्यारा पारकर स्मृति सम्मान समाजसेवी माधुरी कैवर्त को सम्मानित किया गया। वे जगदलपुर में जिला अपराध एवं अनुसंधान शाखा में निरीक्षक एवं जिला प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व छत्तीसगढ़ प्रान्त प्रमुख एवं समाजसेवी बिसरा राम यादव उपस्थित रहे। विशिष्ठ अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश संयोजक मछुआरा प्रकोष्ठ प्रदीप कुमार कैवर्त, अध्यक्ष स्मृति गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, स्मृति नगर भिलाई राजीव चौबे, ट्रस्टी कोषाध्यक्ष निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम नेहरू नगर, भिलाई के पी साहू तथा प्रांतीय अध्यक्ष लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन डॉ. दीनदयाल साहू रहे।
समस्त अतिथियों ने राम प्यारा पारकर के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को इस व्यक्तित्व के कार्यों का अनुसरण कर समाज सेवा के लिए अपना योगदान देना चाहिए। अनेक वक्ताओं में कला परंपरा के संपादक डा डी पी देशमुख और समाजसेवी मुन्नी लाल निषाद ने भी अपने विचार प्रकट किए।
बिसरा राम यादव ने भी राम प्यारा पारकर के योगदान पर विस्तार से अपनी बात रखी। आगे उन्होंने कहा कि राम प्यारा पारकर के जन्मभूमि ग्राम बेलोदी के हाईस्कूल को राम प्यारा पारकर के नाम होने के लिए वर्षों से लंबित प्रक्रिया को यथाशीघ्र स्कूल का नाम रामप्यारा पारकर के नाम होने की घोषणा की.

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से निषाद समाज के पदाधिकारी, अनेक साहित्यिक संस्थाओं के साहित्यकार, निर्मल ज्ञान मंदिर कबीर आश्रम के महिला पदाधिकारी, ट्रस्टी गण, प्रबंधन समिति के सदस्य गण तथा बुध्दिजीवी कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिए।
कार्यक्रम का संचालन जागृति सार्वा तथा आभार प्रदर्शन लोक कला एवं साहित्य संस्था दुर्ग जिला इकाई के अध्यक्ष लालजी साहू ने किया।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)