- Home
- Chhattisgarh
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी [एनटीए] नीट यूजी-2026 में ट्विनसिटी की [फरीदनगर-सुपेला] की अर्शी खान ने 527 अंक प्राप्त कर, अभावों से लड़कर हासिल की सफलता
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी [एनटीए] नीट यूजी-2026 में ट्विनसिटी की [फरीदनगर-सुपेला] की अर्शी खान ने 527 अंक प्राप्त कर, अभावों से लड़कर हासिल की सफलता

• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (BECT) ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा आर्थिक परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। वर्ष 2026 की NEET परीक्षा में BECT के 5 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जबकि JEE में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक छात्र का चयन IIT Bombay तथा 14 अन्य विद्यार्थियों को NIT, IIIT, शासकीय इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटें प्राप्त हुई हैं। वर्तमान में JoSAA एवं अन्य काउंसलिंग प्रक्रियाएं जारी हैं।
इस वर्ष NEET में सफल होने वाले अधिकांश विद्यार्थी अत्यंत गरीब एवं संघर्षशील परिवारों से आते हैं।
किशोर राजवाड़े (559 अंक), सरगुजा जिले के निवासी हैं। उनकी माता का निधन हो चुका है और वे अपने नाना के संरक्षण में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शानदार सफलता प्राप्त की।

👉 • अर्शी के पिता ठेले पर कपड़े बेचते हैं और माँ सिलाई-कड़ाई का काम करती है. मेहनत से गरीबी हारती है, हौसले की जीत होती है.
अर्शी खान (527 अंक) फरीदनगर, सुपेला (भिलाई) की निवासी हैं। उनकी माता घर पर सिलाई का कार्य करती हैं, जबकि उनके पिता ठेले पर मैक्सी, सूट एवं अन्य सिलाई किए हुए कपड़े बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अर्शी ने अपने सपने को साकार किया।
पूर्वा देवांगन (504 अंक) एसीसी जमुना श्रमिक कॉलोनी की निवासी हैं। उनके पिता नहीं हैं तथा उनकी माता एक छोटे से कमरे में ब्यूटी पार्लर संचालित कर परिवार का खर्च चलाती हैं। पूर्वा की सफलता संघर्ष और आत्मविश्वास का प्रेरणादायक उदाहरण है।
कंचन बंजारे (464 अंक, SC वर्ग) सुपेला के पंचरास्ता क्षेत्र में अपनी माता के साथ ननिहाल में रहती हैं। उनकी माता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए जीटी डायग्नोस्टिक्स में अटेंडेंट के रूप में कार्य करती हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी कंचन ने NEET में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार का नाम रोशन किया।
सांची (464 अंक, SC वर्ग) के पिता कई वर्षों से अस्वस्थ हैं। परिवार की जिम्मेदारी उनकी माता पर है, जो छोटे-मोटे कार्य करके घर का खर्च चलाती हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद सांची ने NEET परीक्षा में सफलता प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इसमें अर्शी खान और कंचन बंजारे शासकीय कन्या हाई सेकेंडरी स्कूल वैशाली नगर की छात्राएं हैं
JEE में भी BECT के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुणाल देवांगन का चयन IIT Bombay में हुआ है, जबकि 14 अन्य विद्यार्थियों को NIT, IIIT, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज एवं देश के अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश मिल रहा है। काउंसलिंग प्रक्रिया अभी जारी है और संस्थान को और बेहतर परिणामों की उम्मीद है।
भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (BECT) वर्ष 2014 से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। ट्रस्ट के सहयोग से अब तक 100 से अधिक JEE NEET में सफल रहे हैं
BECT आर्थिक रूप से कमजोर (BPL) परिवार के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयन करके उनका एडमिशन PW विद्यापीठ, भिलाई में JEE, NEET एवं फाउंडेशन कोर्सेज में एडमिशन करवाते हैं तथा उनके कोचिंग और बुक्स का पूरा खर्चा उठाते हैं।
BECT ने अपने कार्यों के माध्यम से यह साबित किया है कि डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना केवल सम्पन्न परिवारों के बच्चों तक सीमित नहीं है। यदि उचित मार्गदर्शन, अवसर और सहयोग मिले तो गरीब परिवारों के बच्चे भी देश के सर्वोच्च संस्थानों तक पहुंच सकते हैं। यही BECT का उद्देश्य और संकल्प है.
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)