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इंडियन इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग [IIIE] भिलाई चेप्टर के तत्वावधान में हिंदी एवं अभियंता दिवस समारोह में दिवंगत इंजीनियर दयानंद हरिरमानी को ‘लाइफ टाइम एचिवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया

👉 • दिवंगत इंजीनियर स्व. दयानंद हरिरमानी की पत्नी पोर्षा हरिरमानी ने ‘लाइफ टाइम एचिवमेंट अवार्ड’ का सम्मान ग्रहण किया
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई [13 सितम्बर, 2026] : इंडियन इंस्टीट्यूशन आफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (IIIE) की भिलाई चेप्टर के तत्वावधान में हिंदी दिवस एवं अभियंता दिवस के अवसर पर भिलाई निवास काफी हाउस सभागार में रविवार को संयुक्त समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ परदेशीराम वर्मा, विशिष्ट अतिथि वाइस चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन, एक्स चेयरमैन एच के देसाई, एस के डोगरा थे। अध्यक्षता चेयरमैन के. पटेल ने की।
समारोह में इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिवंगत इंजीनियर स्व. दयानंद हरिरमानी को लाईफ टाईम एचिवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उनकी स्मृति में दयानंद हरिरमानी मेमोरियल लेक्चर आयोजित करने की घोषणा की गई। उनकी पत्नी पोर्शा हरिरमानी ने यह सम्मान ग्रहण किया।
मुख्य अतिथि साहित्यकार डॉ परदेशीराम वर्मा ने कहा कि हिंदी की लोकप्रियता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है। इसे साहित्य के साथ साथ तकनीकी एवं औद्योगिक भाषा के रूप में विकसित करने से इसकी महत्ता बढ़ेगी। उन्होंने हिंदी दिवस एवं अभियंता दिवस समारोह को संयुक्त रूप से आयोजित किए जाने की प्रशंसा की।
आरंभ में वाइस चेयरमैन घनश्याम कुमार देवांगन ने हिंदी दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित संगोष्ठी “तकनीकी एवं औद्योगिक विकास में हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी की भूमिका : संभावनाएं एवं चुनौतियां” विषय पर आधार वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी सहित जनभाषा का उपयोग तकनीकी एवं औद्योगिक विकास को अधिक गतिशील, सार्थक एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है। हिंदी हर दृष्टि से समृद्ध एवं सक्षम भाषा है। तकनीकी शिक्षण-प्रशिक्षण, औद्योगिक कार्य व्यवहार, सुरक्षा एवं उत्पादन प्रणाली सहित सभी जगह हिंदी भाषा का सर्वकालिक उपयोग सुनिश्चित होना आवश्यक है।
चेयरमैन के. पटेल ने अभियंता दिवस के परिप्रेक्ष्य में समय प्रबंधन पर केन्द्रित पोमोडोरो तकनीक पर आधार वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा इस तकनीक से किसी भी कार्य को करने से एकाग्रता बढ़ती है और बेहतर परिणाम प्राप्त होता है। समारोह को डॉ बीडी थारकन, कमलेश गुप्ता, दयामणी नायक, सौरभ सिन्हा, सुरेन्द्र गुप्ता एवं सेंगर ने भी संबोधित किया। साहित्यकार परदेशीराम वर्मा को संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सेक्रेटरी अवनीश दुबे एवं आभार प्रदर्शन ट्रेजरार विवेक गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अभियंता सुखेती डोगरा, पीके तिवारी, दीनामणी नायक, वीके सिंह, संतोष अग्रवाल, एम ए खान, एम श्रीनिवास, नितिश वर्मा, साहूकार, श्रीमती दमयंती पटेल, सुमन देवांगन, उमा गुप्ता, ज्योति दुबे, स्मिता वर्मा, मनोरमा गुप्ता, संगीता तिवारी, बसंती नायक आदि सहित इंजीनियर, साहित्य प्रेमी एवं सदस्यगण परिवार सहित उपस्थित थे.

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