• National
  • विशेष : मौर्य साम्राज्य के संस्थापक पितामह चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य का 13 अप्रैल को 2368वां जन्मोत्सव – लेख व प्रस्तुति : एनएल मौर्य ‘ प्रीतम ‘

विशेष : मौर्य साम्राज्य के संस्थापक पितामह चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य का 13 अप्रैल को 2368वां जन्मोत्सव – लेख व प्रस्तुति : एनएल मौर्य ‘ प्रीतम ‘

3 years ago
1103

भारत को पहली बार एक राष्ट्र के रूप में संगठित करने वाले सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य को बचपन में उनके गुरु कौटिल्य ने यही शिक्षा दी थी –आरंभते इति आरंभ किया जाय तो इति तक पहुंचने के लिए ही और यह पाठ पढ़ने के बाद सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य ने पिछे पलट कर कभी नहीं देखा।अबसे 2500 वर्ष पहले सुदृढ़ राष्ट्र की नींव रखी। भारत राष्ट्र को चन्द्रगुप्त मौर्य व्दारा दिये आकार पर आज भी गर्व किया जाता है। अब वक्त आ गया है कि भारत में हमारी जनसंख्या 18 करोड़ से अधिक हो चुकी है। हमें भी राजनीति में आरंभते इति की आवश्यकता आन पड़ी है। इस मंत्र अपने और अपने परिवार के सदस्यों को धारण करवाना है कि हम भारत वर्ष के 600000 गांव में बसने वाले हमारे भाई बहनों के जेहन में यह रोमांच गर्व पैदा करना है कि हम शासकों के वंशज है। हमारे युग दृष्टा विश्व के महान् शासक भारत शिल्पी सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य का सपना, परिकल्पना थी कि मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी आदि घटकों का शासन अनन्त युगों तक चलता रहे । इसके लिए उन्होंने अपने वंशजों में समय समय पर नव उमंग,नव तरंग,नव उत्साह का संचार किया करते थे ताकि उनमें निरंतर उत्साह की सहस्त्र धाराएं प़फुटित होता रहें।
सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य ने कहा था कि -आप लोगों में अदम्य साहस कुटकुट भरा हुआ है।आपही लोग हैं सहस्त्र ही नहीं बल्कि हजारों धाराओं के पथ मोड़ सकते हैं।आप लोगों के बाजूओं में इतनी अपार शक्ति है। आप हर काल की धारा के पथ को मोड़ सकते हैं। आप लोगों में मैं अपार शक्ति का संचार होते देख रहा हूं। आप लोग दुश्मनों के लिए शेर है तो प़जा के पालक रक्षक है इस भारत वर्ष में एक न एक दिन आप लोग स्वर्ग का वातावरण अवश्य बनाएंगे। और अपने राष्ट्र,जाति,गोत्र वंश का मानसम्मान अनन्त युगों तक बनाए रखेंगे।

मौर्य वंश के सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य यह वंश जिसकी 164 पीढ़ियां इस भारत वर्ष पर तथा अन्यान्य व्दीपो पर रामायण काल के पूर्व से राज करती रही है।ईशा पूर्व 563 में महामानव तथागत गौतम बुद्ध ने जन्म लेकर सर्वप्रथम गो हत्या बंद करने की आवाज महात्मा बुद्ध ने ही उठाया।
363-322 ईशा पूर्व राजा विशाल गुप्त मौर्य एवं मयूरा देवी के महानतम सुपुत्र सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य का इस वसुधा पर अवतरण हुआ। मौर्य शिरोमणि चन्द्रगुप्त मौर्य एक महान विजेता, निर्माता तथा अत्यंत कुशल प्रशासक था। योग्यता एवं कुशलता के बल ही अपने को सार्वभौम सम़ाट बना।वह भारत का प़थम ऐतिहासिक सम़ाट था जिसके नेतृत्व में चक्रवर्ती आदर्श को वास्तविक रूप प्रदान किया गया। भारत को चन्द्रगुप्त मौर्य व्दारा दिये आकार पर आज भी गर्व किया जाता है।जो मौर्य युग इतिहास के पन्नों में मणियों से चमक रहा है।
इतिहासकारों का मत है कि -मौर्य काल की राजनीति एवं सामाजिक दशा पर्याप्त सुदृढ़ तथा समृद्ध थीं। फलतह इस काल में खूब आर्थिक प्रगति हुई। राजनीतिक वातावरण सुव्यवस्थित,शांत तथा सुरक्षित था। अपने समय के शासकों में चन्द्रगुप्त मौर्य सर्वाधिक महत्वपूर्ण और तेजस्वी शासक था।जिस प्रकार से चन्द्रगुप्त भारतीय राजनीति में एक महान क्रांतिकारी व्यक्तित्व प्रमाणित होता है, ठीक उसी प्रकार अनेक प़संग तथा प्रमाण उसे भारतीय शासन प्रणाली के मूल स्वरूप का निर्माता प्रमाणित करते हैं। विशाल साम्राज्य के स्थायित्व के लिए जिन बीजों को बोया, उनके अंकुरित होने पर कालांतर में कयी स्वर्ण युग रूपी वृक्ष पल्लवित पुष्पित हुए। चन्द्रगुप्त मौर्य के सम्मुख कोई अतीत, आदर्श या मार्गदर्शन नहीं था, उसने अपने मौलिक प़यासो व्दारा आदर्शों का निर्माण किया।यह बात शासन प़बंध के विषयों में तो पूर्णतः निश्चित है।

मौर्यो की वर्ण -जाति
अलग-अलग इतिहासकारों के विभिन्न विचार है। बौद्ध साहित्य का साक्ष्य -मौर्यो को क्षत्रिय जाति होने की दावा करते हैं।इन ग़न्थों में चन्द्रगुप्त मोरिय क्षत्रिय वंश का माना गया है।ये मोरिय कपिल वस्तु के शाक्यो़ की एक शाखा थी‌।महावंश से ज्ञात होता है कि जब महात्मा बुद्ध जीवित थे, तभी कोशल नरेश विडूडभ ने शाक्यो के उपर आक्रमण कर दिया। इसके बार-बार आक्रमण से तंग आकर शाक्यो के अन्य परिवारों ने हिमालय एक सुरक्षित स्थान पर में जाकर बस गए।वे जिस नवीन स्थान पर बसे वह क्षेत्र मोरों के लिए प़सिध्द था। अतः वे मोरिय कहे जाने लगे।मोरिय शब्द मोर से ही बना है। जिसका अर्थ मोरों के प़देश का निवासी है।
एक दूसरी कथा में भी मोरिय नगर का उल्लेख हुआ है ‌। इस नगरों के भवनों का निर्माण मयूर की ग़ीवा/गर्दन/के समान होता था तथा वह नगर हमेशा मयूर की ध्वनि से गुंजायमान रहता था ‌इस लिए इस नगर का नाम मयूर नगर पड़ा। और इसी कारण इस नगर के निवासी और उनकी संतानें मौर्य कहलाते थे। ‌
चन्द्रगुप्त निश्चित रूप से क्षत्रिय वंश का था।इसकी पुष्टि मध्यकालीन अभिलेखों से भी हो जाती हैं। जिसमें मौर्य वंश को सूर्यवंशियों से सम्बंधित माना गया है। इसके अनुसार सूर्यवंशियों के एक राजकुमार मान्धतृ से मौर्य वंश का उदय हुआ। राजपूताना गजेटियर में मौर्यों को राजपूत कहा गया है।

पुरातात्त्विक साक्ष्य -जैन तथा बौद्ध साहित्य एक स्वर में मौर्य को मयूर से सम्बंधित करते हैं इसकी पुष्टि पुरातात्त्विक साक्ष्यों से भी होती है। उदाहरणार्थ सम़ाट अशोक के लौरिया नन्दगढ के स्तंभ के निचले भाग में मयूर की आकृति उत्कीर्ण है तथा सांची के विशाल स्तूप के तोरण में भी मयूरो की अनेक आकृतियां मिलती है। सर्वप्रथम ग़ुन ब़ेडेल ने मयूर को मौर्य राजवंश का वंशीय चिन्ह माना था।यही कारण है कि मौर्य युगीन कला-कृतियों में मयूरो का अत्यधिक प्रतिनिधत्व देखने को मिलता है। जहां तक मौर्यों की जाति का प्रश्न है इस सम्बन्ध में उत्तर विहरट्टकथा उत्तरी बिहार के श्रमणों की अट्टकथा का साक्ष्य महत्वपूर्ण है। इस ग़न्थ की रचना स्वयं सम़ाट अशोक के पुत्र महेन्द्र ने की थी । इसके अनुसार चन्द़गुप्त की माता का नाम रानी मयूरा देवी तथा पिता का नाम राजा विशाल गुप्त मौर्य था। विशाल गुप्त मौर्य नगर के मोरिय वंश के राजा थे जो कपिल वस्तु के शाक्य क्षत्रिय गणराज्य की एक शाखा थी‌। जन्म के पूर्व ही राजकुमार चन्द्रगुप्त मौर्य का राजसिंहासन छीन लिया गया था तथा उसे पिता विहीन बना दिया गया था ‌। अतः चन्द्रगुप्त मौर्य अपने खोए हुए राज्य और मान सम्मान को प्राप्त करने के लिए प़यत्न शील था। चन्द्रगुप्त में अदम्य साहस और बहुमुखी प्रतिभा तो थी ही वह एक छत्र साम्राज्य की संकल्पना को साकार रूप देने की तैयारी में लगा था।इसी बीच चन्द्रगुप्त की मूलाकात चाणक्य से हुई । जिसने नन्द की सभा से अपमानित होकर उसे विनष्ट करने के लिए शिखा में गाठ बांध लिया था।महावंश से ज्ञात होता है कि चाणक्य ने नन्दवंशीय शासक घनानंद का विनाश कर जिस व्यक्ति को सम्पूर्ण जम्बूद्वीप का सम़ाट बनाया वह चन्द्रगुप्त मौर्य क्षत्रिय था।दिव्यावदान में चन्द्रगुप्त के पुत्र बिन्दुसार ने अपने को क्षत्रियमूर्धाभिषिक्त घोषित किया है।उसी ग़थ में सम़ाट अशोक को भी क्षत्रिय माना गया है।
चन्द्रगुप्त मौर्य का कहना था कि -प़जा के सुख में ही राजा का सुख है और प़जा की भलाई ही उसकी भलाई।राजा को जो अच्छा लगे वह हितकर नहीं है बरन हितकर वह है जो प़जा को अच्छा लगे । और वे कहा करते थे कि -प़जा के लिए हमारा हमेशा दरवाजा खुला हुआ है, प़जा मेरे पास कभी भी आ सकती है मैं क्यों न अन्तहपुर में होऊं।
भारत का अव्दितीय मौर्य साम्राज्य
/1/चक्रवर्ती सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य 322-299 ई0पू0/2/सम़ाट बिन्दुसार मौर्य 299-274 ई0पू0/3/मौर्य सम्राट अशोक महान 274-234 ई0पू0/4/ सम़ाट कुणाल मौर्य 234-231ई0 पू0 /5/सम़ाट दशरथ मौर्य 231-223 ई0पू0/6/सम़ाट सम्पत्ति मौर्य 223-215 ई0पू0/7/ सम़ाट शालिशुक मौर्य 215-203 ई0पू0/8/ सम़ाट देव वर्मा मौर्य 203-196 ई0पू0/9/ सम़ाट सतधन्वा मौर्य 196-190 ई0पू0/10/सम़ाट वृहदर्थ मौर्य 190-184 ई0पू0 इस प्रकार हम देखते हैं कि मौर्य सम़ाटों ने इस भारत भूमि पर 137 वर्षों तक शासन किया जो शानदार जानदार था।
मौर्य काल में अखंड भारत, विश्व गुरु, नालंदा विश्वविद्यालय, तक्षशिला विश्वविद्यालय, विक्रमशिला विश्वविद्यालय 23 विश्व विद्यालय, जिसमें विदेशी छात्र पढ़ने आते थे,सोने की चीडिया, विश्व विजयी, चन्द्रगुप्त मौर्य के नेतृत्व में विश्व की प़थम संयुक्त सेना का सफल सहविजयी सेना का निर्माण हुआ था, विश्व में अखंड भारत की सेना सबसे विशाल एवं अजय थी, भारत विदेशी आक़मण कारियों से चिन्ता मुक्त था,सेल्युकस आक़मण कारी को चन्द्रगुप्त के सामने अपनी हार और भारत की विजय स्वीकार करनी पड़ी थी, भारत विश्व की सबसे मजबूत समावेशी, मानवीय, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, मैत्री इत्यादि की ताकत होता था, विदेशी छात्रों का आगमन शुरू हुआ , भारत पूरे विश्व में व्यापार का शुभारंभ किया, सबको शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्पत्ति, समावेशी मौलिक जीवन का समान अधिकार था, समृद्ध शाली भारत का निर्माण हुआ, भारत प़बुध्द भारत कहलाता था, इसी समय में भारत सत्य, अहिंसा, करूणा, मैत्री,बन्धुत्व,शील,प़ज्ञा इत्यादि से शांतिमय,सहसुखमय भारत था, इसी समय का शासन मानवता, समानता,लोक कल्याणकारी, राष्ट्रीयता,समाजवेशी समाज,सहराष्ट़ विकास पर आधारित था।
सुदर्शन झील,किला, बेहतरीन सडके ,सराय, सड़कों के किनारे छायादार पेड़ लगाए गए, इस प्रकार कहा जा सकता है कि मौर्य काल एक सुदृढ काल था जिसमें चहुंमुखी विकास हुआ। मौर्यों की सत्ता हिमालय पर्वत पर गंगा से लेकर दक्षिण सागर तक विस्तृत हो गई थी।आप्पियानुस लिखता है कि -सेल्युकस ने सिंध पार कर भारत के तत्कालीन सम़ाट चन्द्रगुप्त मौर्य से युद्ध किया।बाद में दोनों पक्षों में सन्धि वार्ता हुई तथा दोनों के मध्य वैवाहिक सम्बन्ध भी स्थापित हुआ। तत्कालीन स़ोतो से संकेत मिलता है कि सेल्युकस अपनी पुत्री का विवाह चन्द्रगुप्त मौर्य से कर उसे चार प़ांत भी दिए।ये प़ात एरिया,अरकोसिया,जेड्डोसिया तथा परोपनिसदाई अर्थात हेरात, कन्दहार,मकरान और काबूल। इतना सब कुछ प्राप्त करने के पश्चात् चन्द्रगुप्त ने सेल्युकस को 500 हाथी प़दान किया क्योंकि इन दोनों के सन्धि के पश्चात् सेल्युकस को एन्टीगोनोस से युद्ध करना था।जिसकी पुष्टि जस्टिन करता है। इस प्रकार सेल्युकस एवं चन्द्रगुप्त के बीच मैत्री सम्बन्ध स्थापित हुआ। सेल्युकस ने चन्द्रगुप्त के दरबार में अपना एक राजदूत मेगास्थनीज को भेजा जो काफी दिनों तक रहकर भारतीय समाज एवं संस्कृति के विषय मे इंडिका नामक पुस्तक की रचना की।
जैन ग्रंथों से ज्ञात होता है कि चन्द़गुप्त मौर्य ने 25 वर्षों तक सत्ता सुख भोगने के पश्चात् अपने सुपुत्र बिन्दुसार को उत्तराधिकारी घोषित कर खुद जैन मुनि भद़बाहु के साथ दक्षिण भारत के श्रवणबेलगोला/मैसूर/नामक स्थान पर तपस्या करने चला गया, जहां 298 ई0पू0 के लगभग उसका स्वर्गवास हो गया।
वास्तव चन्द्रगुप्त मौर्य एक राजर्षी था जिसने अपने उत्तर कालीन जीवन में राज्य के सुख वैभव का परित्याग कर तप करते हुए स्वेच्छा से मृत्यु का वरण किया। श्रवणबेलगोला की एक छोटी सी पहाड़ी आज़ भी चन्दगिरि मानी जाती है तथा वहां चन्द्रगुप्त बस्ती नामक एक मंदिर भी है।कयी लोगों का कहना है कि यहां पर चन्द्रगुप्त मौर्य की एक छोटी समाधि स्थल भी है।

[ •लेख के लेखक एनएल मौर्य ‘ प्रीतम ‘, सम्राट अशोक अकादमी छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव हैं.
•संपर्क – 83197 23617 ]

🟥🟥🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

भारत ने जीता पहला स्वर्ण पदक, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास
breaking international

भारत ने जीता पहला स्वर्ण पदक, महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास

अब साबुन-शैंपू खरीदते समय पैकेट पर दिखेगा खास निशान, केंद्र सरकार ने बदले पैकेजिंग नियम, शाकाहारी और नॉन-वेज प्रोडक्ट की पहचान हुई आसान
breaking National

अब साबुन-शैंपू खरीदते समय पैकेट पर दिखेगा खास निशान, केंद्र सरकार ने बदले पैकेजिंग नियम, शाकाहारी और नॉन-वेज प्रोडक्ट की पहचान हुई आसान

अटकलों पर लगा विराम: इलाज के बाद कल छत्तीसगढ़ लौट रहे किरण सिंह देव, संभालेंगे BJP की कमान
breaking Chhattisgarh

अटकलों पर लगा विराम: इलाज के बाद कल छत्तीसगढ़ लौट रहे किरण सिंह देव, संभालेंगे BJP की कमान

मोबाइल का सिम पहुंचा सकती है जेल, 50 लाख तक जुर्माना भी, पढ़िए पूरी खबर
breaking National

मोबाइल का सिम पहुंचा सकती है जेल, 50 लाख तक जुर्माना भी, पढ़िए पूरी खबर

असम में भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, बोले हम लड़ेंगे और जीतेंगे, निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल
breaking Chhattisgarh

असम में भूपेश बघेल के काफिले पर पथराव, बोले हम लड़ेंगे और जीतेंगे, निर्वाचन आयोग पर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेजों में 15 दिन छुट्टियों का ऐलान, देखिए दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश का पूरा शेड्यूल

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत
breaking international

फ्लाइट ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो भारतीय छात्रों की मौत

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता
breaking Chhattisgarh

‘छात्रों की गूंज’ में पीएम मोदी की मिमिक्री पर सीएम साय का बड़ा बयान, कहा- राहुल गांधी को यह शोभा नहीं देता

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?
breaking Chhattisgarh

मंत्री खुशवंत साहेब ने बड़े भाई गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश पर जानिए क्या कहा ?

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान: ₹2000 करोड़ खर्च के बाद भी 30% काम अधूरा, 11 लाख श्रमिकों को मिल रहा रोजगार

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
breaking international

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका का नया कदम, भारत पर दबाव बढ़ा तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय
breaking Chhattisgarh

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी फैसले से आदिवासी समाज असंतुष्ट, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी; हर परिवार से 20 रुपये चंदा जुटाने का फैसला

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अब तेजी से बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, पूरे प्रदेश में ग्रामीण व शहरी इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक
breaking Chhattisgarh

नदी में एक घंटे तक बेसुध पड़ा रहा युवक, लोगों ने समझा डूबकर हो गई मौत, पुलिस रेस्क्यू की तैयारी में जुटी तो अचानक शरीर में हुई हलचल, नशे में नहाते-नहाते सो गया था युवक

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?
breaking Chhattisgarh

झीरम घाटी केस में 185 पन्नों के फैसले से खुले कई राज, 206 गोलियों से लेकर माओवादी साजिश तक कोर्ट ने क्या माना?

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ कृषि विभाग के कर्मचारियों का वेतन और भत्ता बढ़ेगा, सरकार ने बिलासपुर हाई कोर्ट में दी जानकारी

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़वासियों को बड़ी राहत! आधार कार्ड में अब घर बैठे बदल सकेंगे नाम-पता, लगेंगे सिर्फ इतने रुपये, जानिए क्या है प्रक्रिया ?

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज
breaking Chhattisgarh

दीया उत्सव पर फिजूलखर्ची और यूपीआई शुल्क को लेकर सरकार पर बरसे दीपक बैज

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन
breaking National

भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ा बूस्ट PM मोदी ने किया सेमीकॉन India 2026 का उद्घाटन

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ
poetry

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन
poetry

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन