• National
  • GST में जल्द हो सकता है बड़ा बदलाव, अब 12% की जगह 5% ही लगेगी जीएसटी? रोजमर्रा के ये सामान हो सकते हैं सस्ते

GST में जल्द हो सकता है बड़ा बदलाव, अब 12% की जगह 5% ही लगेगी जीएसटी? रोजमर्रा के ये सामान हो सकते हैं सस्ते

11 months ago
251

गुड्स एंड सर्विस टैक्स(GST) को देश में एकीकृत कर प्रणाली के रूप में लागू किया गया था ताकि विभिन्न करों को एक साथ समाहित किया जा सके. अब, आठ वर्षों के बाद, सरकार इस प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन करने की योजना बना रही है, जिसका लाभ आम जनता को मिल सकता है. सरकार 12% टैक्स स्लैब को समाप्त कर कई वस्तुओं को 5% टैक्स श्रेणी में लाने की तैयारी कर रही है. इससे जूते-चप्पल, मिठाई, कुछ कपड़े और डेयरी उत्पादों जैसी वस्तुओं की कीमतों में कमी आ सकती है.

सरकार महंगी वस्तुओं जैसे कारें, तंबाकू, पान मसाला और कोल्ड ड्रिंक्स पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स (सेस) को सीधे जीएसटी के दर में शामिल करने की योजना बना रही है.

किन चीजों पर लगता है ये सेस?

मिंट ने जीएसटी काउंसिल से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार ने पहले ‘सेस’ इसलिए लागू किया था ताकि जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद राज्यों को होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई की जा सके. इसके बाद, कोरोना महामारी के दौरान राज्यों को दिए गए लोन की वसूली के लिए इस सेस को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया.

सरकार ने यह प्रस्ताव रखा है कि कारों, सिगरेट और कोल्ड ड्रिंक्स पर लगने वाले 22% तक के सेस को सीधे जीएसटी दर में शामिल किया जाए. इस कदम से टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और राज्यों को अधिक राजस्व प्राप्त होगा.

सेस हटने पर कितना असर पड़ेगा?

इस वर्ष सेस का अनुमानित संग्रह लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये होगा, लेकिन मार्च 2026 के बाद यह संग्रह समाप्त हो जाएगा. सरकार का कहना है कि सेस को जीएसटी में समाहित करने से उपभोक्ताओं पर कीमतों का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. वर्तमान में, एक SUV पर 28% जीएसटी और 22% सेस लगता है, जबकि भविष्य में यह टैक्स सीधे 50% जीएसटी के रूप में दिखाई देगा.

12% Tac स्लैब हटाने की भी तैयारी

केंद्र सरकार की योजना है कि 12% टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया जाए और अधिकांश वस्तुओं को 5% स्लैब में शामिल किया जाए. इससे जीएसटी की संरचना और अधिक सरल हो जाएगी, जिससे ग्राहकों को लाभ होगा. हालांकि, इसके लिए राज्यों की सहमति आवश्यक है, क्योंकि इससे कुछ राज्यों की कर आय में कमी आ सकती है.

12% Tax स्लैब हटेगा तो ये सामान होंगे सस्ते

12% वाले प्रमुख सामान:

दूध से बने विभिन्न उत्पादों में चीज़, कंडेन्स्ड मिल्क, मक्खन और अन्य वसा जैसे घी और डेयरी स्प्रेड शामिल हैं. इसके अलावा, टॉफी-कैंडी और डेयरी ड्रिंक्स भी लोकप्रिय हैं. उच्च मूल्य वाले कपड़े, 1000 रुपये से ऊपर, और 1000 रुपये तक के जूते भी बाजार में उपलब्ध हैं. प्रिजर्व्ड फिश, ईंट, और क्लीन एनर्जी डिवाइसेज जैसे उत्पादों की मांग बढ़ रही है. सूखे मेवों में ब्राजील नट्स, बादाम, हेज़लनट्स, चेस्टनट, पिस्ता, मैकाडामिया नट्स और कोला नट्स शामिल हैं, जबकि खजूर, अंजीर, अनानास, एवोकाडो, अमरूद, आम और सूखे मैंगोस्टीन जैसे फलों की भी खासी पहचान है.

खट्टे फलों में संतरे, कीनू, सतसुमा, क्लेमेंटाइन, और अन्य साइट्रस हाइब्रिड शामिल हैं, साथ ही अंगूर, पोमेलो, नींबू और लाइम भी आते हैं. इसके अतिरिक्त, फल और सूखे मेवे, जो अध्याय 8 के अंतर्गत आते हैं, जैसे कि सूखे इमली और चेस्टनट को छोड़कर, छिलके के साथ या बिना हो सकते हैं. इसके अलावा, पास्ता, चाहे वह पकाया हुआ हो या अन्य तरीकों से तैयार किया गया हो, जैसे स्पेगेटी, मैकरोनी, नूडल्स, लसग्ना, ग्नोची, रैवियोली और कैनेलोनी, भी शामिल हैं. अंत में, सब्जियां, फल, मेवे और अन्य खाद्य पौधों के भाग, जो सिरका या एसिटिक एसिड द्वारा संरक्षित या तैयार किए गए हैं, का उल्लेख किया जा सकता है.

सिरका या एसिटिक एसिड के बिना तैयार या संरक्षित टमाटर, मशरूम और ट्रफल्स के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के जैम, फलों की जेली, मुरब्बा, और फलों या मेवों की प्यूरी और पेस्ट शामिल हैं, चाहे उनमें चीनी या अन्य मीठा करने वाले पदार्थ हों या न हों. इसके अतिरिक्त, अन्य खाद्य भाग जैसे फल, मेवे और पौधे, जो अन्यत्र निर्दिष्ट नहीं हैं, जैसे मूंगफली, काजू, भुने हुए या नमकीन मेवे और बीज, आम, नींबू, संतरा, अनानास या अन्य फलों का स्क्वैश भी शामिल हैं. अंत में, सभी प्रकार के सॉस, मिश्रित मसाले, सरसों का आटा, तैयार सरसों, करी पेस्ट, मेयोनीज और सलाद ड्रेसिंग भी इस श्रेणी में आते हैं.

वनस्पति प्रोटीन जैसे सोया बरी, मुंगोडी और दालों से बनी विभिन्न खाद्य तैयारियां, जैसे नमकीन, भुजिया, मिश्रण और चबेना, पहले से पैक और लेबल की गई होती हैं, सिवाय भुने हुए चने के. इसके अतिरिक्त, डाइबिटीज के लिए उपयुक्त खाद्य पदार्थ, 20 लीटर की बोतलों में पैक किया गया पीने का पानी, कॉटन और जूट के हैंड बैग तथा शॉपिंग बैग भी उपलब्ध हैं. इसके अलावा, लकड़ी, पत्थर (संगमरमर सहित) और धातुओं से बनी मूर्तियों के साथ-साथ लकड़ी के अन्य सामान, जैसे कपड़े के हैंगर, स्पूल, कॉप बॉबिन, सिलाई धागा रील और विभिन्न कपड़ा मशीनरी के लिए लकड़ी के बने सामान, माचिस की पट्टियाँ और पेंसिल स्लैट्स भी शामिल हैं. अंत में, लकड़ी के हिस्से, जैसे जहाज, नाव और अन्य तैरती संरचनाओं के लिए चप्पू, पैडल और पतवार भी उपलब्ध हैं.

घरेलू सजावटी सामान के अंतर्गत टेबलवेयर और रसोई के बर्तन शामिल हैं, जैसे लकड़ी के फ़र्श के ब्लॉक और अन्य सघन लकड़ी के उत्पाद, जो किसी अन्य श्रेणी में नहीं आते. इसके अलावा, मानव निर्मित स्टेपल फाइबर से बने सिलाई धागे का उपयोग कालीन और अन्य कपड़ा फर्श कवरिंग के लिए किया जाता है, जिसमें हाथ से बुने हुए गलीचे जैसे ‘केलेम’, ‘शूमाक्स’ और ‘करमनी’ शामिल हैं. सुधारात्मक चश्मे का उल्लेख करते हुए, यह ध्यान देने योग्य है कि ये दृष्टि सुधारने के लिए उपयोग किए जाते हैं. इसके अतिरिक्त, 1000 रुपये से अधिक मूल्य का फर्नीचर पूरी तरह से बांस, बेंत या रतन से निर्मित होता है, और 1000 रुपये से अधिक मूल्य की कपास की रजाई भी इस श्रेणी में आती है.

शारीरिक व्यायाम के लिए आवश्यक वस्तुओं और उपकरणों के साथ-साथ खेल सामग्री भी शामिल है. इसके अतिरिक्त, हाथ से पेंट की गई या सजाई गई कलाकृतियों के साथ-साथ पूरी तरह से हस्तनिर्मित पेंटिंग, चित्र और पेस्टल, कोलाज, मोज़ाइक और अन्य सजावटी पट्टिकाएं भी महत्वपूर्ण हैं. नक्काशीदार लकड़ी के उत्पाद और कला के सामान, जैसे कि इनले वर्क, पीपे, बैरल और वैट, भी इस श्रेणी में आते हैं. इसके अलावा, धातु, पत्थर या अन्य सामग्रियों से बनी मूल मूर्तियां और प्रतिमाएं भी इस क्षेत्र का हिस्सा हैं.

यदि इन वस्तुओं को 5% टैक्स स्लैब में स्थानांतरित किया जाता है, तो उनकी कीमतें कम हो सकती हैं. वहीं, कुछ उत्पाद सीधे 12% से 18% टैक्स श्रेणी में चले जाएंगे, जिससे उनके दाम में वृद्धि हो सकती है. हालांकि, सरकार का प्रयास है कि आम उपभोक्ता की आवश्यकताओं वाली वस्तुएं 5% टैक्स में ही बनी रहें.

GST के तहत TAX कैसे बंटता है?

जीएसटी के अंतर्गत टैक्स दो भागों में विभाजित होता है: CGST (केंद्रीय जीएसटी) और SGST (राज्य जीएसटी). SGST पूरी तरह से राज्यों को प्राप्त होता है, जबकि CGST का एक हिस्सा केंद्र सरकार राज्यों के साथ साझा करती है. यदि सेस जीएसटी में शामिल किया जाता है, तो उसका भी एक हिस्सा राज्यों को मिलेगा.

केंद्र सरकार वर्तमान में अपनी टैक्स आय का 41% राज्यों के साथ साझा करती है. अक्टूबर 2025 में, 16वां फाइनेंस कमीशन, जिसका नेतृत्व अरविंद पनगरिया करेंगे, अगले पांच वर्षों के लिए टैक्स शेयरिंग फॉर्मूले का निर्धारण करेगा, जो वित्तीय वर्ष 2027 से लागू होगा. यदि उस समय तक GST काउंसिल सेस पर कोई निर्णय नहीं ले पाई, तो फाइनेंस कमीशन को अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है.

जरूरी दवाओं पर क्या असर?

अभी आवश्यक और जीवन रक्षक दवाएं या तो जीएसटी से मुक्त हैं या 5% कर के दायरे में आती हैं. अन्य दवाओं पर 12% कर लगाया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि सभी दवाओं को 5% कर स्लैब में लाना चाहिए, जिससे इलाज की लागत कम हो सके.

क्यों जरूरी है ये बदलाव?

Nexdigm के टैक्स सलाहकार प्रभात रंजन का मानना है कि जीएसटी स्लैब की संख्या को घटाकर तीन (5%, 18%, 28%) करने से टैक्स प्रणाली अधिक स्पष्ट और सरल हो जाएगी. इससे न केवल टैक्सपेयर्स को भ्रमित होने से बचाया जा सकेगा, बल्कि ग्राहकों को भी कीमतों का स्पष्ट विवरण मिलेगा.

AMRG & Associates के रजत मोहन के अनुसार, अतीत में जब टैक्स में कटौती की गई थी, तब पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर घाटे की भरपाई की गई थी. संभव है कि इस बार भी ऐसा ही उपाय अपनाना पड़े.

कुछ वित्तीय रूप से कमजोर राज्य इस परिवर्तन को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि टैक्स दरों में कमी से उनकी आय में गिरावट आ सकती है.

क्या कहती है GST काउंसिल?

जीएसटी काउंसिल की बैठक जुलाई के तीसरे सप्ताह या मानसून सत्र के बाद आयोजित की जा सकती है. इस बैठक में सेस को शामिल करने, टैक्स स्लैब को घटाकर तीन श्रेणियों में – 5%, 18%, और 28% में विभाजित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी. राजत मोहन ने बताया कि इस बैठक में केवल टैक्स दरों पर ही नहीं, बल्कि जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना, नए इनवॉइस सिस्टम को लागू करने, और ऑनलाइन गेमिंग, बीमा तथा रियल एस्टेट जैसे जटिल क्षेत्रों में नियमों को स्पष्ट करने जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार किया जाएगा. जीएसटी काउंसिल का प्रमुख उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल बनाना, राजस्व में संतुलन बनाए रखना और सभी राज्यों की आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना होगा.

क्या आम जनता को मिलेगा फायदा?

इस परिवर्तन से दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं, टैक्स भरने की प्रक्रिया और वर्गीकरण सरल हो जाएगा. सरकार और राज्यों को टैक्स का अधिक हिस्सा प्राप्त होगा, जबकि व्यापारियों के लिए जटिलताएं कम होंगी. इसके अतिरिक्त, उपभोक्ताओं को कीमतों में स्पष्टता मिलेगी. यदि सभी राज्यों की सहमति प्राप्त हो जाती है, तो आने वाले महीनों में देशभर में कई उत्पादों की कीमतें घट सकती हैं.

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ में इबोला की आहट: दुर्ग-भिलाई में मिले तीन संदिग्ध मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में इबोला की आहट: दुर्ग-भिलाई में मिले तीन संदिग्ध मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

छत्तीसगढ़ के पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 संविदा पदों पर होगी भर्ती, प्रोफेसर-असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट्स की होगी नियुक्ति
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 149 संविदा पदों पर होगी भर्ती, प्रोफेसर-असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट्स की होगी नियुक्ति

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान
breaking international

तेल संकट के बीच मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ATF के के दाम स्थिर करने लिए 10000 करोड़ के फंड का किया ऐलान

नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों को बड़ी राहत, एक साथ मिलेंगे यूनिफॉर्म के दो सेट
breaking Chhattisgarh

नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों के छात्रों को बड़ी राहत, एक साथ मिलेंगे यूनिफॉर्म के दो सेट

खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज
breaking Chhattisgarh

कभी गोलियों की गूंज, अब बच्चों के सपनों की आवाज

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन
breaking Chhattisgarh

मुख्यमंत्री ने बिहान की दीदियों को सौंपी आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहन

तमिलनाडु में बंधक बने छत्तीसगढ़ के 50 श्रमिकों को मिली आजादी, जांजगीर-चांपा प्रशासन की तत्परता से हुई सुरक्षित घर वापसी
breaking Chhattisgarh

तमिलनाडु में बंधक बने छत्तीसगढ़ के 50 श्रमिकों को मिली आजादी, जांजगीर-चांपा प्रशासन की तत्परता से हुई सुरक्षित घर वापसी

छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, लेकिन बारिश-अंधड़ का भी अलर्ट… रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, लेकिन बारिश-अंधड़ का भी अलर्ट… रायपुर समेत कई जिलों में बदलेगा मौसम

छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी बीकेएस रे का निधन, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी बीकेएस रे का निधन, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
breaking Chhattisgarh

शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचे, प्रशासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

’गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’
breaking Chhattisgarh

’गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

’महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’
breaking Chhattisgarh

’महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

सुप्रीम कोर्ट को 5 नए जज मिले, जजों की संख्या अब 37 हुई, जानें इससे क्या फायदा होगा
breaking National

सुप्रीम कोर्ट को 5 नए जज मिले, जजों की संख्या अब 37 हुई, जानें इससे क्या फायदा होगा

10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार
breaking Chhattisgarh

10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
breaking Chhattisgarh

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

म्यांमार में मचा मौत का ‘महातांडव’, विस्फोट में उड़ा 100 से ज्यादा घर, 55 लोगों की मौत
breaking Chhattisgarh

म्यांमार में मचा मौत का ‘महातांडव’, विस्फोट में उड़ा 100 से ज्यादा घर, 55 लोगों की मौत

जून की शुरुआत के साथ बदले कई बड़े नियम, LPG सिलेंडर से लेकर कार और UPI तक का सीधा असर आपकी जेब पर
breaking National

जून की शुरुआत के साथ बदले कई बड़े नियम, LPG सिलेंडर से लेकर कार और UPI तक का सीधा असर आपकी जेब पर

डॉ. रमन सिंह की नाराजगी पर मुख्यमंत्री साय ने दी प्रतिक्रिया, मामले की जांच के निर्देश देते हुए कही यह बात
breaking Chhattisgarh

डॉ. रमन सिंह की नाराजगी पर मुख्यमंत्री साय ने दी प्रतिक्रिया, मामले की जांच के निर्देश देते हुए कही यह बात

भाजपा नेता से अभद्र व्यवहार करना पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रुपेश पांडे निलंबित, जानिए पूरा मामला
breaking Chhattisgarh

भाजपा नेता से अभद्र व्यवहार करना पड़ा भारी, दुर्ग जनपद पंचायत सीईओ रुपेश पांडे निलंबित, जानिए पूरा मामला

कविता

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

गीत – डॉ. दीक्षा चौबे

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

इस माह की नवाकुंर कवयित्री – सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर
poetry

इस माह के बाल साहित्यकार : कमलेश चंद्राकर

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा
poetry

साहित्यनामा – अमृता मिश्रा

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : शुभेंदु बागची ‘मुन्तज़िर’

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

कवि और कविता : हरिप्रकाश गुप्ता ‘सरल’

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल
poetry

इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

कवि और कविता : दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर
poetry

कवि और कविता : कमलेश चंद्राकर

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर
poetry

कविता श्रृंखला आरंभ : डॉ. शिरोमणि माथुर

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कविता श्रृंखला ‘आरंभ’ में : दीप्ति श्रीवास्तव

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

कृति आरंभ : कविता आसपास- दीप्ति श्रीवास्तव

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

स्तम्भ ‘आरंभ’ : इस माह की कवयित्री- दीप्ति श्रीवास्तव

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर
poetry

कविता आसपास स्तम्भ ‘आरंभ’ – संजय एम तरानेकर

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी
poetry

रचना और रचनाकार- पल्लव चटर्जी

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी
poetry

होली विशेष [दो फागुनी रचना यें] – तारकनाथ चौधुरी

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

⏩ 12 अगस्त-  भोजली पर्व पर विशेष
Article

⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

Article

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

Article

■पर्यावरण दिवस पर विशेष लघुकथा : महेश राजा.

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन