■गणेश चतुर्थी पर विशेष : ■तारकनाथ चौधुरी.
5 years ago
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♀ गणपति बप्पा मोरया
♀ तारकनाथ चौधुरी
[ चरोदा-भिलाई, छत्तीसगढ़ ]
“परित्राणाय साधुनाम्,
हुए अवतरित गणपति,
दूर करेंगे दुःख जग का,
देंगे सबको सम्मति।
मात- पिता ब्रह्माण्ड प्रतिम,
सिखलाया प्रभु ने,
तभी प्रथम पूजित हुए,
यश गाया सबने।
किये सवारी मूषक की,
बस यही समझाने,
हीन-तुच्छ कोई नहीं,
केवल गुण पहचाने।
गणनायक का वाहन है,
मानव-विवेक प्रतिम,
अहंजाल काटे यही,
पहुँचाये लक्ष्य अंतिम।
विकृतियाँ प्रभु देह की,
देती हैं ये संदेश,
परहित करिए सुकृतियाँ,
बनिये मनुज विशेष।
अंत में तारक भक्त कहे,
गणपति बप्पा की जय
विघ्न-विनाश करिए सकल
जग-जीवन हो सुखमय।

●कवि संपर्क-
●83494 08210
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chhattisgarhaaspaas
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