दिल दिया मैंने तुझे अब प्यार कर, आज मेरे हमसफ़र इक़रार कर
6 years ago
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ग़ज़ल
-अनन्या श्री
कानपुर-उत्तरप्रदेश

दिल दिया मैंने तुझे अब प्यार कर।
आज मेरे हमसफ़र इक़रार कर।
रात बीतेगी सहर भी आएगी।
इश्क़ का दरिया अभी तू पार कर।
चाँद सा चेहरा मेरा खिलने लगा।
नैन कजरारे कहे अब धार कर।
साथ देना राह में ओ हमसफ़र।
जीत जाना इश्क़ में सब हार कर।
क्यों छुपाता फिर रहा है दाग तू।
कर्म की थोड़ी बहुत बौछार कर।
वक्त बदलेगा जरा तू सब्र रख।
हौसलों से कष्ट पे तू वार कर।
कौन किसका “श्री” न जाने कब कहाँ।
भाग्य से जैसा मिले अधिकार कर।
कवयित्री अनन्या श्री ‘नेशनल मैगजीन नारी तू कल्याणी’ की चीफ एडिटर है
कवयित्री संपर्क-
7991379108
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