लघुकथा
5 years ago
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■परिवार का हिस्सा
-महेश राजा
[ महासमुंद-छत्तीसगढ़ ]
इस शहर में हाल ही में तबादला हुआ था।वे गेस्टहाउस में ठहरे हुए थे।रहने के लिये जगह की तलाश थी।
दोनों शाम को एक अच्छी लोकेलिटी पर फ्लैट देख रहाथा।साथ में उसका प्यारा पप्पी शैडो था। युवती का उससे बडा लगाव था।
एक सुंदर जगह दिखी।सारी बातें तय हो गयी।नियम कानून की बातें भी सेट हो गयी।अचानक बुजुर्ग मकान मालिक ने पूछा,यह डाँगी आप लोगों के साथ रहेगा।
उन्होंने हामी भरी।मकान मालिक ने एतराज किया।युवती ने समझाया काफी अच्छी नस्ल का प्यारा पपी है।किसी को तंग नहीं करेगा।
पर बात आकर अटक गयी।वे बाहर निकल गये।शैडो युवती की गोद में ही था।घर के एक सदस्य की तरह।
उन्होंने तय किया कि अगली जगह पहले वे शैडो के साथ रहने की बात करेंगे।
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chhattisgarhaaspaas
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