■21 जून योग दिवस पर विशेष दोहा ग़ज़ल : ललित पाल सिंह अर्कवंशी [हरदोई, उत्तरप्रदेश]
4 years ago
277
0
♀ दोहा ग़ज़ल
जो भी नर नारी सदा,करता नियमित योग।
शारीरिक अरु मानसिक, होत न कोई रोग।।
इक्कीस जून विश्व में ,योग दिवस कहलाय।
रामदेव ,मोदी मिले , बना है तब संयोग।।
विषयवार होते सुनो,योग के अर्थ अनेक।
दो तत्वों के मिलन को,कहते हैं सब योग।।
योगी ऊर्जावान बन, रखता सबका मान।
राष्ट्र हित के लिए सदा,होता पिता वियोग।।
हर पन में जो भी सुनो,रखता इसका ध्यान।
मुक्ती मिले तनाव से, रहता सदा निरोग।।
जाति,धर्म बाधक नही,नर नारी एक साथ।
छोटा हो या हो बड़ा , करें योग सब लोग।।
करें विनय सबसे ललित,करे योग हर देश।
तन मन ऊर्जावान हो,सकल सुखों को भोग।।
■कवि संपर्क-
■97926 85856
◆◆◆ ◆◆◆
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)