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मीना बाजार परमिशन विवाद: वायरल ऑडियो से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, मेयर मंजूषा भगत पहुंचीं थाने; कांग्रेस ने SIT जांच की रखी मांग

अंबिकापुर। कलाकेंद्र मैदान में मीना बाजार की अनुमति को लेकर सामने आए कथित वायरल ऑडियो ने अंबिकापुर की राजनीति में हलचल मचा दी है। प्रसारित ऑडियो में परमिशन के बदले मोटी रकम मांगने की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। इस ऑडियो में मेयर मंजूषा भगत और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज होने की बात कही जा रही है। हालांकि नईदुनिया इस प्रसारित ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
ऑडियो सामने आने के बाद मेयर मंजूषा भगत ने आजाक थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं कांग्रेस ने पूरे मामले की एसआइटी जांच की मांग उठाई है।
क्या है वायरल ऑडियो में?
प्रसारित ऑडियो क्लिप में कलाकेंद्र मैदान के आबंटन को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इसमें मीना बाजार संचालक से लाखों रुपये की मांग का जिक्र होने की बात कही गई है।
ऑडियो में तीन लोगों की आवाज होने की बात सामने आई है। इनमें से एक व्यक्ति कलाकेंद्र मैदान आबंटन की मांग करता सुनाई दे रहा है, जबकि अन्य दो आवाजों को मेयर मंजूषा भगत और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया का बताया जा रहा है। ऑडियो में आबंटन नहीं होने पर रकम वापस ले जाने और मैदान के लिए रकम तय करने जैसी बातचीत होने का दावा किया जा रहा है।
मेयर पहुंचीं थाने, की कार्रवाई की मांग
वायरल ऑडियो के बाद सोमवार को मेयर मंजूषा भगत भाजपा पार्षदों और नेताओं के साथ आजाक थाने पहुंचीं। उन्होंने अनुराग मिश्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
मेयर ने शिकायत में कहा कि वह अनुसूचित जनजाति की आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि हैं और 21 जून को अनुराग मिश्रा ने इंटरनेट मीडिया पर फर्जी ऑडियो डालकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कला केंद्र मैदान के नाम पर भ्रष्टाचार की झूठी कहानी तैयार की गई है और यह एक आदिवासी महिला को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की साजिश है।
एससी-एसटी एक्ट और IT Act के तहत कार्रवाई की मांग
मेयर ने शिकायत में एससी-एसटी एक्ट, बीएनएस की धारा 336, 340, 356 और आईटी एक्ट 66-डी के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से सोशल मीडिया से ऑडियो हटवाने और आरोपितों के खिलाफ तत्काल एफआइआर दर्ज करने की मांग की। शिकायत के साथ पेनड्राइव में ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी गई है।
कांग्रेस ने उठाई SIT जांच की मांग
मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस का कहना है कि मामला मेयर और सत्ता पक्ष के जिलाध्यक्ष से जुड़ा हुआ है, इसलिए सामान्य पुलिस जांच से सच्चाई सामने नहीं आएगी।
पार्टी ने पूरे प्रकरण की जांच एसआइटी से कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मीडिया के सामने भावुक हुईं मेयर
थाने से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मेयर मंजूषा भगत भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वह आदिवासी परिवार से आती हैं और जनता ने उन्हें चुनकर महापौर बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी और भाजपा जिलाध्यक्ष की छवि खराब करने के लिए यह पूरी साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि वह आखिरी दम तक लड़ेंगी।
बात करते हुए मेयर की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं वायरल ऑडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज होने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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