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बस्तर का विकास सरकार की प्राथमिकता, लोगों में जगा भरोसा, नक्सलवाद समर्थक कांग्रेस को बोलने का हक नहीं: अरुण साव
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति के 100 दिन बाद जिस तरीके का बदलाव दिखा है, वह बदलते बस्तर की कहानी बयां करता है. छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद की समाप्ति बहुत सामान्य बात नहीं है, इसने पूरे बस्तर को विकास के नए आयामों के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है. 100 दिन के जिस सफर को पूरा किया गया है, उसमें बहुत सारे काम पूरे किए गए हैं. शिक्षा, रोजगार, कानून व्यवस्था सहित तमाम चीजें पटरी पर आ रही हैं. सड़क निर्माण, स्वास्थ्य व्यवस्था, आम जन से जुड़ी सुविधाएं, पेयजल समस्या सहित सभी समस्याओं पर तेजी से काम हुआ है और हो रहा है.
100 दिन में छत्तीसगढ़ खास तौर से बस्तर क्षेत्र में हुए बदलाव का एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है. नक्सलवाद के खात्मे के 100 दिन पूरे होने पर ईटीवी भारत से खास बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सली मोर्चे पर मजबूत काम करते हुए देश के सामने एक कीर्तिमान स्थापित किया है.
सवाल: नक्सलवाद की समाप्ति के 100 दिन पूरे हो चुके हैं, हम इन 100 दिनों में कहां तक पहुंचे हैं ?
जवाब: नक्सलवाद का खात्मा होना एक बहुत बड़ी सफलता है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प, देश के गृहमंत्री अमित शाह जी की मेहनत, रणनीति और हमारे राज्य के मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता, इन तीनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ के माथे पर जो माओवाद रुपी बदनामी का दाग था, उसे धो डाला है. यह ऐतिहासिक और बहुत बड़ी सफलता है, जो कल्पना से परे थी. यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि कभी बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होगा. बस्तर में सड़क, बिजली, पानी और आवागमन की व्यवस्था बने, यह तमाम चीजें हमारी रणनीति में रही हैं. वहां पर आयुष्मान कार्ड बने यह हमारी योजना में रही हैं. अब जब नक्सलवाद खत्म हो गया है तो हमारी प्राथमिकता पुल-पुलिया, सड़क और अस्पताल सहित स्कूलों के भवन पर है, इनपर तेजी से काम किया भी जा रहा है.
मैंने स्वयं लगातार 5 दोनों का प्रवास वहां पर किया है, वहां चल रहे विकास के कामों को देखा और उनका निरीक्षण भी किया है. नक्सलवाद जब खत्म नहीं हुआ था तब वहां पर विकास के काम ठप पड़े थे. लेकिन अब विकास के कामों में तेजी आई है. बस्तर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में तेजी से इजाफा हुआ है. लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं. बस्तर के युवाओं को खेल से जोड़ा जा रहा है. बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन कराए जा रहे हैं. खेलो इंडिया की टीम भी लगातार बस्तर का दौरा कर रही है. जहां-जहां खेल की संभावनाएं हमें नजर आ रही हैं, वहां-वहां पर अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है.
सवाल: खेल और खिलाड़ियों के मुद्दों पर कहा जाता है कि जब से अरुण साव जी के जिम्मे यह विभाग आया है, बहुत काम हुआ है. लेकिन वहीं सड़क को लेकर जब बात होती है, तो कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने 10 मीटर भी सड़क नहीं बनाई ?
जवाब: कांग्रेस जिस तरह का आरोप लगाती है, उसमें कांग्रेस को विकास दिखता ही नहीं है. विकास के पैमाने पर उनके देखने के सारे नजरिए और प्रयास फेल हो जाते हैं. अभी मैं खुद बस्तर से लौट कर आया हूं. बस्तर में अगर बजट की बात करें तो हमने वहां के लिए पर्याप्त बजट रखा है. हम तेज गति से सड़क का निर्माण वहां कर रहे हैं. देखिए सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं है, सड़क जब बनती है तो सड़क स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की बेहतरी लेकर आती है. सड़क के निर्माण से जीवन संस्कृति में बदलाव आता है, रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं. बस्तर में सड़क निर्माण कार्य में तेजी आई है, लेकिन ये बदलाव कांग्रेस को नजर नहीं आएगा. खेल और खिलाड़ियों को लेकर जहां तक बात है, तो खेल और खिलाड़ियों को जितनी सुविधा दे सकते हैं दे रहे हैं, उनको प्रोत्साहित भी कर रहे हैं. आने वाले समय में खेल के लिए बहुत बड़ा काम और होना है, जो बदलाव लोगों को भी दिखेगा. हम लोग खेल के लिए बहुत सारी संभावनाओं पर काम कर रहे हैं. रायपुर में एक बड़े केंद्र की स्थापना का भी प्रयास चल रहा है. यहां पर नेशनल स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर, खेल का विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स साइंस की व्यवस्था हो जाए इस दिशा पर भी हम तेजी से कम कर रहे हैं. बस्तर में भी खेल के विकास के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी इस पर भी विभाग तेजी से कम कर रहा है. छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक तक जाएं इसके लिए हम लोग तेजी से कम कर रहे हैं.
सवाल: बस्तर बदल रहा है यह बीजेपी का कहना है. कांग्रेस कह रही है अगर योजना थी तो अध्यापकों की बहाली कर ली होती. बस्तर फाइटर की बहाली का ऐलान कर दिया गया लेकिन बहाली करेंगे कि नहीं इस पर प्रश्नचिन्ह है ?
जवाब: कांग्रेस को प्रश्नचिन्ह लगाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके पास जब सरकार थी तो उन्होंने कुछ नहीं किया. 5 सालों तक उनकी सरकार रही लेकिन बस्तर के विकास के लिए वहां के लोगों के हितों के लिए एक भी काम नहीं किया. सरकार ने बस्तर फाइटर्स सेवा और भर्ती को लेकर बड़ी घोषणा की है. कैबिनेट बैठक में उनके हित में प्रस्ताव को मंजूरी भी दी गई है. हमारी मंशा अच्छी है और हम उनके लिए काम कर रहे हैं. शिक्षा के लिए हम पहले ही बता चुके हैं कि हम स्कूल खोलने का काम कर रहे हैं, इस दिशा में हमने काम करना प्रारंभ भी कर दिया है. हम प्रतिबद्ध हैं छत्तीसगढ़ के विकास के लिए और विकसित छत्तीसगढ़ के विकास में बस्तर के योगदान के लिए.
सवाल: कांग्रेस के लोग कहते हैं कि नक्सली हिंसा में बीजेपी ने कुछ भी नहीं खोया, कांग्रेस ने तो अपनी एक पूरी राजनीतिक पीढ़ी ही खो दी है ?
जवाब: झीरम घाटी की जो घटना हुई थी वह बहुत दुखद थी. वह एक बहुत दुर्भाग्यजनक और दर्दनाक घटना थी, जिसको कभी भी भूल नहीं जा सकता. लेकिन जब आपको मौका मिला आपने क्या किया. नक्सलवाद किनके समय में पनपा ये बताना चाहिए. हमने सरगुजा से नक्सलवाद को समाप्त किया. हम बस्तर से भी नक्सलवाद खत्म करने में कामयाब रहे. कांग्रेस को मौका मिला था नक्सलवाद के खात्मे का लेकिन उसने नक्सल उन्मूलन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. पांच साल तक आपकी सरकार रही लेकिन आपने क्या किया. हमने तो ढाई साल में ही नक्सलवाद का सफाया कर दिया. कांग्रेस में इच्छा शक्ति की कमी थी. कांग्रेस तो माओवादियों की समर्थक रही, ये उनको पालना पोसना चाहते थे. अगर ये बस्तर का भला चाहते तो नक्सलवाद के सफाए के लिए काम करते.
सवाल: माओवाद खत्म होने के बाद 100 दिन का सफर पूरा हो चुका है. लोगों के मन में एक भरोसा जगा है कि बहुत कुछ अब बदल रहा है. अरुण साव जी के मन में क्या है, वह बस्तर को कहां देख रहे हैं ?
उत्तर: बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होते ही मैं स्वंय सुकमा गया था. बस्तर के आम लोगों के मन में खुशहाली, परिवर्तन और विकास की उत्सुकता बढ़ी है. हम विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए संकलिप्त हैं. विकसित बस्तर बनाने का भी हमारा संकल्प है जो नक्सलवाद के कारण पीछे रह गया था, उसे मुख्यधारा में लेकर आना चाहते हैं. इसके लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनी है. उस कार्य योजना पर हम काम कर रहे हैं. बस्तर के आम जीवन में परिवर्तन और खुशहाली लाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं, यह विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आवश्यक भी है ताकि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हो. बस्तर विकास की मुख्यधारा में आए, इसकी पूर्ण कार्य योजना बनकर तैयार है, हम बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ेंगे इस लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं.
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