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छत्तीसगढ़ के सरकारी दफ्तरों में 1 अगस्त से प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य, पहले रिचार्ज फिर बिजली
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों और शासकीय कार्यालयों में अब बिजली का उपयोग करने की व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। अब निजी मोबाइल फोन की तर्ज पर सरकारी दफ्तरों में भी ””पे-फर्स्ट, यूज़-लेटर”” (पहले भुगतान, फिर उपयोग) का कान्सेप्ट लागू होने जा रहा है।
केंद्र सरकार की योजना की शर्तों को पूरा करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 अगस्त 2026 से सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों को अनिवार्य रूप से प्री-पेड बिलिंग प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था को बिना किसी अड़चन के लागू करने और अधिकारियों की शंकाओं के समाधान के लिए ऊर्जा विभाग द्वारा 15 जुलाई को शाम 4:30 बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक विशेष ””ओरिएंटेशन कार्यशाला”” का आयोजन किया गया है। इसमें प्रदेश के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
दो चरणों में पूरी होगी रीचार्ज व्यवस्था
ऊर्जा विभाग द्वारा जारी मार्गदर्शिका के अनुसार, प्रदेश में कुल 1,65,727 शासकीय बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से 1,43,800 कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
पहला चरण (1 अगस्त 2026 से): विकासखंड स्तर एवं उससे उच्च स्तर तक के सभी शासकीय दफ्तरों में प्री-पेड व्यवस्था प्रभावी होगी। इस चरण में लगभग 39,326 कनेक्शन आएंगे।
दूसरा चरण: ब्लाक स्तर से निचले स्तर के सभी शासकीय कार्यालयों और भवनों में प्री-पेड बिलिंग का काम किया जाएगा।
बकाया 3432 करोड़ रु. का गणित, 4 किश्तों में होगा निपटारा
राज्य के सरकारी विभागों पर मार्च 2026 तक 2,883.42 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया था, जो जून 2026 की स्थिति में अनुमानित 3,432.64 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
बकाया राशि फ्रीज: 30 जून 2026 की स्थिति में विभागवार बकाया राशि को फ्रीज कर दिया जाएगा।
भुगतान की समय-सीमा: विभागों को इस बकाया राशि का भुगतान 4 समान तिमाहियों (जुलाई 2026 से मार्च 2027) में किश्तों के रूप में एसबीआई पचपेड़ी नाका शाखा के निर्दिष्ट खाते में जमा करना होगा। 31 मार्च 2027 तक संपूर्ण पुराना बकाया शून्य करना अनिवार्य होगा।
रीचार्ज खत्म होने से 7 दिन पहले मिलेगा अलर्ट
शासकीय कनेक्शनों के लिए विभागवार या जिलेवार ””यूनिक ग्रुप आईडी”” बनाई जाएगी। प्रत्येक ग्रुप के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा।
अलर्ट सिस्टम:रीचार्ज समाप्त होने से 7 दिन, 3 दिन और 1 दिन पहले पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस और व्हाट्सऐप से अलर्ट भेजा जाएगा।
कटौती से राहत का नियम: यदि किसी माह रीचार्ज बैलेंस माइनस (ऋणात्मक) हो जाता है, तो माह की अंतिम तिथि से पहले भुगतान करने पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा।
आपातकालीन सुविधा: बैलेंस खत्म होने पर लाइन कटने के बाद ””मोर बिजली ऐप ””चैटबॉट से एक बार आपातकालीन रीक्वेस्ट भेजकर 7 दिनों के लिए अस्थायी बिजली शुरू कराई जा सकेगी।
केंद्रीय अनुदान का हिस्सा रुका, इसलिए कड़ा कदम
भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटरिंग और प्री-पेड बिलिंग अनिवार्य की गई है। समीक्षा बैठकों के दौरान यह शर्त पूरी न होने के कारण केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को मिलने वाली अनुदान राशि में से एक तिहाई हिस्सा रोक लिया है। इसी के बाद ऊर्जा विभाग ने 1 जुलाई 2026 के निर्देशों के तहत 1 अगस्त से सख्ती से प्री-पेड व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी किया है।
सबसे ज्यादा बकाया वाले शीर्ष 5 विभाग
विभाग का नाम अनुमानित बकाया (30 जून 2026 तक)
नगरीय प्रशासन एवं विकास 1674.40करोड़
पंचायत एवं ग्रामीण विकास 891.82 करोड़
जल संसाधन विभाग 199.24करोड़
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी 111.23करोड़
स्कूल शिक्षा विभाग 80.51करोड़
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