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छत्तीसगढ़ 3.40 लाख छात्रों के लिए बुरी खबर… आधार सीडिंग के फेर में फंसी छात्रवृत्ति, एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किलें

रायपुर। सत्र 2025-26 में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को मिलने वाली राज्य छात्रवृत्ति का लाभ तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पाया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 14,79,854 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दिया जाना था। इनमें से अब तक 11,38,873 विद्यार्थियों को राशि मिल चुकी है। जबकि 3,40,981 विद्यार्थी अब भी छात्रवृत्ति से वंचित हैं।
आधार सीडिंग और ई-केवाईसी बनी अड़चन
छात्रवृत्ति भुगतान में ई-केवाईसी और आधार सीडिंग की समस्या सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई है। आधार सीडिंग की प्रक्रिया बैंक के माध्यम से होती है। कई विद्यार्थियों ने बैंक में आधार सीडिंग करा ली है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रही है। इसके चलते पात्र होने के बावजूद विद्यार्थियों का भुगतान अटक गया है।
इसी तरह राशन कार्ड में ई-केवाईसी नहीं होने के कारण भी छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने दो-तीन महीने पहले ही ई-केवाईसी करा ली है, लेकिन पोर्टल पर अब तक इसका अपडेट दिखाई नहीं दे रहा है। इससे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए बार-बार संबंधित कार्यालयों और बैंकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
डीपीआई को भेजे गए जिलावार आंकड़े
छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति को लेकर जिलों से आंकड़े एकत्र कर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को भेजे गए हैं। इन्हीं जिलावार आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश में 3.40 लाख से अधिक विद्यार्थी अब तक छात्रवृत्ति की राशि से वंचित हैं। अब आधार सीडिंग और ई-केवाईसी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के निराकरण के बाद ही लंबित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद है।
कक्षा और वर्ग के अनुसार अलग राशि
छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि कक्षा, वर्ग (एससी/एसटी/ओबीसी) और संबंधित योजना के आधार पर अलग-अलग निर्धारित है। सामान्यतः राज्य शासन की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा तीसरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 300 रुपये से लेकर 2,500 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रतिवर्ष दी जाती है।
इन जिलों की स्थित
| जिला | अनुमानित विद्यार्थी की संख्या | छात्रवृत्ति प्राप्त |
| सक्ती | 27,830 | 24,309 |
| कबीरधाम | 62,671 | 41,539 |
| महासमुंद | 56,229 | 38,294 |
| सुकमा | 15,337 | 10,492 |
| जांजगीर-चांपा | 55,994 | 38,839 |
| बीजापुर | 13,667 | 9,507 |
| बस्तर | 47,483 | 33,508 |
| बलौदाबाजार | 92,929 | 69,976 |
| रायपुर | 85,220 | 63,976 |
| दुर्ग | 56,513 | 44,438 |
| जिला | अनुमानित विद्यार्थी | छात्रवृत्ति प्राप्त | प्रतिशत |
| कबीरधाम | 62,671 | 41,539 | 66.28 |
| महासमुंद | 56,229 | 38,294 | 68.10 |
| सुकमा | 15,337 | 10,492 | 68.41 |
| जांजगीर-चांपा | 55,994 | 38,839 | 69.36 |
| बीजापुर | 13,667 | 9,507 | 69.56 |
| बस्तर | 47,483 | 33,508 | 70.57 |
| बलौदाबाजार | 92,929 | 69,976 | 75.30 |
| रायपुर | 85,220 | 63,976 | 75.07 |
| दुर्ग | 56,513 | 44,438 | 78.63 |
इन जिलों की स्थिति बेहतर
हालांकि राजनांदगांव, सरगुजा, बालोद, मोहला मानपुर, गरियाबंद, कोरिया, धमतरी, दंतेवाड़ा समेत अन्य जिले शामिल हैं, जहां 80 से 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है।
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