₹2,000 तक UPI ट्रांसफर पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा, सरकार ने दूर किया कनफ्यूजन

वित्त मंत्रालय ने सोमवार को भारत में UPI लेनदेन का तरीका को एकदम पूरी तरह बदलते हुए एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें 2000 रुपये तक के यूपीआई पेमेंट को पूरी तरह चार्ज-फ्री रखा गया है. हालांकि, पहले से भी इन पेमेंट्स पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है. संसद में बिल पेश होने के बाद सरकार ने स्पष्ट भी किया था कि छोटे ट्रांजैक्शंस पर चार्ज नहीं लिए जाएंगे. सरकार ने 2000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगाने का कानूनी रास्ता साफ कर दिया है.
रोजाना भुगतान करने के लिए सबसे ज्यादा यूज हो रहे यूपीआई लेन-देन को लेकर सरकार ने नया नोटिफिकेशन जारी किया किया है. वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ₹2000 तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतानों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, जिससे आम जनता और छोटे व्यापारियों को राहत मिली है.
वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत औपचारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर किया है. इसके अनुसार, RuPay-संचालित डेबिट कार्ड और ₹2,000 तक के सभी UPI भुगतानों को विशेष ‘इलेक्ट्रॉनिक मोड ऑफ पेमेंट’ के दायरे में रखा गया है.
हालांकि, सरकार ने यह पहले ही पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि आम ग्राहकों के बीच होने वाले सामान्य लेनदेन जैसे दोस्तों, रिश्तेदारों या परिवार को पैसे भेजना, चाहे वह ₹2,000 से अधिक ही क्यों न हों, पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे. मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है कि UPI से 2,000 रुपये तक के लेनदेन और RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड पेमेंट पर बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर किसी भी चार्ज नहीं लगा सकेंगे.
सरकार ने 2000 से ऊपर के मर्चेंट पेमेंट पर एमडीआर चार्ज लगाने का कानूनी रास्ता साफ कर दिया है. एनपीसीआई जल्द ही दरें जारी करेगा. हालांकि, MDR पर सरकार कि स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. सरकार ने बताया था कि भविष्य में लागू होने वाली कोई भी मल्टी-डिस्क्लोजर रेट (MDR) व्यवस्था एक निर्धारित सीमा से अधिक के कुछ व्यापारी लेन-देनों तक ही सीमित रहेगी.
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