CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन का ‘जन-महाभियोग’, मॉक संसद में बोले खरगे – खतरे में है वोट का अधिकार

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन ने सांकेतिक जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर जमकर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में नागरिकों के वोट देने का अधिकार गंभीर खतरे में है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी की।
मीरा कुमार ने की मॉक पार्लियामेंट की अध्यक्षता
इस सांकेतिक जन-महाभियोग कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने की। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों लोगों के नाम कथित तौर पर अनुचित तरीके से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इस मामले में जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन ने इसी मुद्दे पर एक विशेष सभा बुलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव लाने और उन्हें पद से हटाने का फैसला किया है। इसके बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन के सामने प्रस्ताव रखा और अपना संबोधन दिया।
‘वोट का अधिकार आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत’
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत नागरिकों को मिला मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
खरगे ने कहा, “वोट के अधिकार से सरकार बनती है और चलती है। इसी अधिकार के जरिए जनता सरकार बनाती भी है और उसे सत्ता से हटाती भी है। आज यही अधिकार गंभीर खतरे में है। इसे बचाने के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं।”
PM मोदी और अमित शाह के निर्देश पर काम करने का आरोप
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार पटेल और मौलाना आजाद जैसे नेताओं ने लोकतंत्र और संविधान की स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं।
खरगे के बयान को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खरगे हाल ही में बिहार के पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक बयान के कारण विवादों में आ गए थे। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। अब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग कार्यक्रम में खरगे के तीखे तेवरों ने सियासी बहस को फिर गरमा दिया है।
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