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भिलाई : ‘ मुक्तकंठ साहित्य समिति ‘ के तत्वावधान में सर्वभाषी अखण्ड काव्य पाठ : आयोजन बांग्ला के लेखक दम्पति शंकर राय व विजया राय के स्मृति नगर निवास में… मुख्यअतिथि पुलिस अधीक्षक सीआईडी रायपुर नरेंद्र कुमार सिक्केवाल थे…

भिलाई [छत्तीसगढ़ आसपास न्यूज़] : 16 अप्रैल 2023 को स्मृति नगर में शंकर राय जी के निवास पर मुक्तकंठ साहित्य समिति के तत्वावधान में विशेष चर्चा गोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सी. आई. डी. पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिक्केवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुक्तकंठ साहित्य समिति के अध्यक्ष गोविंद पाल ने की। विशेष अतिथि के रूप में पुलिन पाल उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैल चित्र पर धूप दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की गई। अतिथियों के स्वागत के पश्चात चर्चा गोष्ठियों में सभी लोगों ने मुक्तकंठ साहित्य समिति को निरंतर आगे विकसित करने के लिए एवं क्रियाशीलता पर अपना अपना विचार प्रकट किया। मुक्तकंठ द्वारा दो बड़े कार्यक्रम करने के लिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय सर्वभाषी अखण्ड काव्य पाठ जैसे वृहत योजना के तहत हिंदुस्तान के हर भाषा भाषी कवियों को आमंत्रित कर अखण्ड रामायण के तर्ज पर अखण्ड काव्य पाठ का आयोजन किया जायेगा।

इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल साहित्यकार संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा जिसमें राष्ट्रीय स्तर के बाल साहित्यकारों को आमंत्रित किया जाएगा तथा मुक्तकंठ के बाल साहित्य विशेषांक भी प्रकाशित की जायेगी। बाल साहित्यकारों को इस अवसर सम्मानित किया जाएगा।

•पुलिस अधीक्षक [सीआईडी] नरेंद्र कुमार सिक्केवाल और गोविंद पाल राय दम्पति का अभिनंदन करते हुए..
हर माह नियमित रूप से कार्यक्रम किये जाने हेतु सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके पश्चात काव्य गोष्ठी के प्रारंभ में श्रीमती विजया राय जी के हिंदी रवीन्द्र संगीत एवं देश भक्ति गीतों से की गई। कार्यक्रम के प्रारंभिक विचार गोष्ठी का संचालन मुक्तकंठ साहित्य समिति के महासचिव ओमप्रकाश शर्मा ने किया एवं काव्य गोष्ठी का संचालन मुक्तकंठ साहित्य समिति के उप सचिव सी ए भूषण चिपड़े ने किया। काव्य गोष्ठी में शंकर राय ने हिंदी व बांग्ला में कविता पाठ किया। इसके पश्चात पंडित बासुदेव भट्टाचार्य ने एक हिंदी कविता का पाठ किया। विशेष अतिथि पुलिन पाल ने अपने कार्यक्षेत्र के जीवन के अनुभवों से उनके लिखे हुए एक कहानी सुनाया। ओमवीर करण ने अपने कविता के माध्यम से महाभारत की घटनाक्रमों के उपमा देते हुए वर्तमान समाज के विसंगतियों पर कुठाराघात किया। ओमप्रकाश शर्मा ने अपने कविता के माध्यम से शहरी अंधानुकरण के चलते हम किस तरह गांव की संस्कृति और संस्कारों को भुला बैठे उस पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। भूषण चिपड़े ने हास्य व्यंग्य कविता के माध्यम से लोगों को हसने के लिए मजबूर कर दिया। गोविंद पाल ने स्तर हीन होते मानवीय सोच और हावी होते व्यक्ति स्वार्थ पर कड़ा प्रहार करते हुए दो हिन्दी ग़ज़ल पढ़कर सुनाये। इसके पश्चात मुख्य अतिथि नरेंद्र सिक्केवाल ने एक लड़की द्वारा खुदकुशी के घटना को याद दिलाते हुए अपने कविता के माध्यम से कहा कि आजकल के युवा पीढ़ी किस तरह से सामान्य व छोटी छोटी बातों पर धैर्य खोते हुए खुदकुशी करने से पहले अपने माता-पिता रिश्ते नाते भाई बहनों तक को भुला देते हैं। कविता को बहुत मार्मिक ढंग से कवि ने ऐसे प्रस्तुत किया लोगों के मुंह से स्वतः वाह वाह निकल गया।
कार्य के अंत में गृहकर्ता शंकर राय ने सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

•शंकर राय और विजया राय का स्वागत करते हुए ‘ मुक्तकंठ ‘ के अध्यक्ष गोविंद पाल

•उपस्थित रचनाकार
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chhattisgarhaaspaas
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