• Chhattisgarh
  • दुर्ग में दरार! : उत्तरप्रदेश में हिंदुत्व को मिली शिकस्त के मायने हैं? आलेख, सुभाष गाताडे

दुर्ग में दरार! : उत्तरप्रदेश में हिंदुत्व को मिली शिकस्त के मायने हैं? आलेख, सुभाष गाताडे

2 years ago
408

‘जोर का झटका धीरे से लगे’- किसी विज्ञापन की या किसी गाने में इस्तेमाल यह बात फिलवक्त़ भाजपा को मिले चुनावी झटके की बखूबी व्याख्या करती दिख रही है। कभी चार सौ पार पाने के किए गए वादे और अब अपने बलबूते बहुमत तक हासिल करने में आयी मुश्किलें इस बात की ताईद करती है। यूँ तो तीसरी दफा ताज़पोशी हो गयी है, लेकिन इसके लिए बाकी दलों का सहारा लेना पड़ा है।

यूँ तो इस उलटफेर से भक्तों की टोली गोया बौखला गयी है और अपनी चिरपरिचित हरकत पर उतर आयी है।सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्टस की इन दिनों भरमार है, जो अपनी भड़ास हिन्दुओं पर ही निकालते दिख रहे हैं। हिन्दू एकता की बात करने वाले तथा भारत को ‘हिन्दू राष्ट्र’ घोषित करने के लिए बेचैन रहे रथियों-महारथियों के उद्धरण भी जगह-जगह चस्पां करके इसी बात को रेखांकित किया जा रहा है कि ‘अन्य’ आसानी से एकता बना लेते हैं, मगर हिन्दू कभी एक नहीं हो पाते और इसी वजह से वह सदियों  से ‘गुलाम बने हुए हैं’।

अयोध्या के आम लोग निशाने पर

गौरतलब है कि अयोध्या के आम नागरिक — वही नगर जिसे वह हिन्दु राष्ट्र की अघोषित राजधानी बनाना चाहते थे — खासकर वहां के हिन्दू इस हमले का आसान शिकार हुए हैं, उन्हें ‘गद्दार’ कहा जा रहा है और तरह-तरह के अन्य लांछन उन पर लगाए जा रहे हैं। वजह साफ है कि उन्होंने इन चुनावों में भाजपा के प्रत्याशी को — जो पिछले दो बार वहां से सांसद चुने गए थे — पचास हजार वोटों से हराया है। गौरतलब है कि इस सामान्य सीट से उन्होंने समाजवादी पार्टी से जुडे़, इंडिया गठबंधन के दलित तबके के प्रत्याशी को जीत दिलाई है।

लगभग 75 साल पहले अपनाए गए संविधान द्वारा हर नागरिक को जो अधिकार दिए गए हैं, जो वोट देने का हक़ दिया है, उसी का प्रयोग करके अयोध्या-फैजाबाद की जनता ने यह करिश्मा कर दिखाया है ; लेकिन यही बात हिन्दुत्ववादी जमातों का नागवार गुजरी है। उन्हें निशाना बना कर तरह-तरह के नफरती वक्तव्य, मीम्स साझा किए जा रह हैं, जहां उन्हें अपशब्द कहे जा रहे हैं, तरह तरह से अपमानित किया जा रहा है।¹ ( गौरतलब है कि अयोध्या-फैजाबाद के निवासियों को इस तरह अपशब्द कहने की मुहिम में वह फिल्म स्टार्स भी जुड़ गए है, जिनकी एकमात्र खासियत यह थी कि उन्होंने रामायण सीरियल में कोई किरदार निभाया था।²

ट्रोल आर्मी और हिन्दुत्व की वर्चस्ववादी ताकतों से सम्ब़द्ध आई टी सेल के लोगों को यह जिम्मा सौंपा गया है। ‘राष्ट्रद्रोही’, ‘अर्बन नक्सल’ या ‘घुसपैठियों’ के खिलाफ नफरत भरे बयानों की फैक्टरी चलाने में संलग्न यह लोग इन दिनों हिन्दुओं के उस हिस्से के खिलाफ अनाप-शनाप बक रहे है , जिन्होंने भावनात्मक मुददों से सम्मोहित होने के बजाय अपने जीवनयापन से जुड़े सवालों को चुनाव में अहम माना तथा उसी हिसाब से निर्णय लिया, शायद उन्हें यह बात भी अब समझ में आ रही है कि हिन्दुत्व वर्चस्ववादी ताकतें भले ही हिन्दू धर्म की दुहाई देते रहें, हिन्दुओं का एक करने की बात करते रहें, लेकिन उनका असली मकसद राजनीतिक सत्ता हासिल करने के अलावा कुछ भी नहीं है।

नफरती संदेशों को साझा करने वाले इन कारिन्दों और उनके आकाओं के लिए आज भी यह समझना मुश्किल है कि अयोध्यावासियों ने अपनी कर्ताशक्ति/एजेंसी का प्रयोग किया और इस तरह हक़ीकत और दावों के बीच के व्यापक अंतराल को उजागर कर दिया।

हार के संकेत

यह सही है कि चार सौ पार जीतने की ऐसी हवा गोदी मीडिया के सहारे बना दी गयी थी कि खुद भाजपावाले भी उसके शिकार हुए। उन्हें यही लगने लगा था कि ‘मोदी की गारंटी’ उनकी जीत की गारंटी होगी, लेकिन हुआ बिल्कुल उलटा।

जाहिर है कि हार के चार दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें  यह समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाए और किस तरह गलती उन्हीं की थी। सोशल मीडिया पर यह बात भी चल पड़ी है कि इस ‘हार के पीछे विदेशी ताकतों की साज़िश है, जो भारत के बढ़ते गौरव से परेशान हैं।’

वैसे अगर जमीन के संकेतों पर गौर होता तो उन्हें पता चलता कि क्या हवा चल रही है। अयोध्या-फैजाबाद क्षेत्र के चर्चित अख़बार ‘जनमोर्चा’ के संपादक सुमन गुप्ता अपने साक्षात्कार में इसी बात को विस्तार से समझाते हैं कि किस तरह ‘संविधान ने भाजपा को हराया’।³

‘‘.. दरअसल बाहरी लोगों को कभी नहीं लगा कि भाजपा यहां हार जाएगी, लेकिन स्थानीय लोग जानते थे कि इस बार भाजपा नहीं जीतेगी! दरअसल अयोध्या ही नहीं, पूर्वांचल में भाजपा के खिलाफ जनता के बीच गुस्से को महसूस किया जा सकता था।…भाजपा के लिए सबसे बड़ी समस्या थी देशी विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने लिए अयोध्या-फैजाबाद के ‘‘सौदर्यीकरण’’ की बनी योजना। अयोध्या के तमाम लोगों की जमीनें, मकान और दुकानें या उनका एक हिस्सा सब कुछ सरकारी फरमान के तहत ध्वस्त किया गया और और ध्वस्तीकरण के बाद उन्हें ठीक से मुआवज़ा भी नहीं मिला, जिससे मतदाताओं मे जबरदस्त गुस्सा पनपा, (वही)। उनके मुताबिक : ‘‘इसके बारे में लोग इसलिए मौन रहे, क्योंकि डर काम कर रहा था, उन्हें लगता था कि अगर वह शिकायत करेंगे, तो बुलडोजर उन्हीं के घर पर आ जाएगा।’’ (वही) कहा जा रहा है कि लगभग 14 किलोमीटर लंबा ‘रामपथ’ बनाने में 2,200 दुकानें, 800 मकान, 30 मंदिर, 9 मस्जिदें और 6 मज़ारों का ध्वस्त किया गया। और जैसा कि आम नागरिकों के बयान बताते हैं कि इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में बहुत कुछ मनमाना था⁴  और अभी भी लोगों को मुआवजा नहीं मिला है।⁵

वैसे मकानों, दुकानों के इस ध्वस्तीकरण पर काफी कुछ लिखा गया है कि किस तरह आम निवासियों को विश्वास में लिए बिना इस काम को अंजाम दिया गया। स्थानीय निवासियों ने पत्रकारों को यह भी बताया कि ध्वस्तीकरण के पहले कुछ दुकानदारों से वायदा किया गया था कि शाॅपिंग कम्लेक्स में उन्हें दुकान दी जाएगी, लेकिन जब सब ध्वस्त कर दिया गया और इन दुकानदारों ने दुकानों की मांग की, तो उनसे काफी पैसे मांगे गए।

हक़ीकत यही है कि काफी समय से अयोध्या फैजाबाद के आम लोग बिल्कुल मूकदर्शक बन गए थे। इलाके की जमीनों को बेहद सस्ते दामों पर सत्ता के करीबी हथिया रहे थे, ऐसी जमीनें भूमाफियाओं को कौड़ी के दाम सौंपने के इन्तज़ाम किए जा रहे थे और खुद राज्य की बागडोर संभाले लोग भी इसके प्रति मौन थे।⁶ अंततः उन्होंने बोलना तय किया और नतीजा सभी के सामने हैै।⁷

ऐसा प्रतीत होता है कि हिन्दुत्व वर्चस्ववादियों  केेे आकाओं  के हिसाब से यह सबसे अच्छी बात होती कि अयोध्या के तमाम पीड़ित जन – जो अपने मकानों, दुकानों, अपने-अपने इलाके के प्रार्थनास्थलों से वंचित कर दिए गए थे और जिन्हें आए दिन किसी न किसी वीआईपी के आगमन के नाम पर तमाम बंदिशों का सामना करना पड़ता था, उन्होंने उनकी इस स्थिति को अपनी नियति मान कर खामोशी बरती होती, भूमाफियाओं, एक असंवेदनशील और निर्मम प्रशासन/सरकार और उनके करीबी दरबारी पूंजीपतियों — अडानी आदि — की इस तिकड़ी की मनमानी को बरदाश्त किया होता, मगर संविधान ने जो उन्हें बोलने का हक़ दिया है, उसका प्रयोग उन्होंने किया, तो उन्हीं पर कहर बरपा हो गया।

खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे?

अयोध्या के आम नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि समूचे हिन्दू समाज पर किया जा रहा यह दोषारोपण एक तरह से खिसियानी बिल्ली के खंभे नोचने जैसी कवायद है।वैसे यूपी में भाजपा की सीटें आधी से भी कम होना उनके लिए चिन्ता/बेइज्जती की बात है ही, जबकि वहां डबल इंजन की सरकार चल रही है और योगी आदित्यनाथ तो शेष भारत के अन्य प्रांतों में भी प्रचार के लिए बुलाए जाते हैं।

वाराणसी जहां से मोदी तीसरी बार चुनाव लड़ रहे थे, वहां उनके वोटों  में तीन लाख से अधिक की गिरावट इसी बात का संकेत देती है। कहां तो दावे किए गए थे कि दस लाख से अधिक मार्जिन से वह जीत जाएंगे और आलम यह था कि वोटों  की गिनती के कई दौर में वह कांग्रेस के अजय राय से पिछड़ रहे थे।

अयोध्या -फैजाबाद की तरह ही खुद वाराणसी के भी सौंदर्यीकरण के नाम पर आम नागरिकों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं के साथ, उनकी आस्था के साथ जिस तरह का खिलवाड़ हुआ है, उसकी तो चर्चा भी कहीं नहीं हुई है। तमाम पत्रकारों ने, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसके बारे में लिखा है, आवाज़ बुलंद की है, मगर मीडिया के गोदीकरण का ऐसा आलम है कि कहीं अधिक चर्चा नहीं हो पायी।⁸

वैसे क्या यह छोटी बात है कि इन चुनावों में मोदी मंत्रिमंडल के एक चौथाई सदस्य हार गए हैं। जनाब मोदी या उनकी भक्त मंडली इस बात को कबूल करे या नहीं, लेकिन 2024 के चुनावों ने हिन्दुत्व एजेंडा को पंक्चर कर दिया है।

यह समझना मुश्किल नहीं है कि हिन्दी पटटी में खासकर उत्तर प्रदेश जैसी उसकी हदयस्थली में उसकी दुर्गत क्यों  हुई, बशर्ते भाजपा-संघ का नेतृत्व  बेहद ठंडे दिमाग से विश्लेषण करने को तैयार हो।⁹

अपनी गलती पर आत्ममंथन करने के बजाय दोषारोपण करने के लिए किसी ‘अन्य’ को ढूंढने की उनकी कवायद उनकी समझदारी में इजाफा नहीं कर सकती।

बेहद वस्तुनिष्ठ तरीके से देखने की वह कोशिश करें, तो उसे पता चलेगा कि किस तरह इस चुनाव में हिन्दू-मुसलमान का मसला नहीं बन सका, बल्कि इसके विपरीत आम लोगों की जिन्दगी और जीवनयापन से जुड़े सवाल, महंगाई, बेरोजगारी, आवारा पशु, सामाजिक न्याय आदि ही हावी रहे। दस साल की अपनी हुकूमत की उपलब्धियों का गुणगान करने के बजाय, उन्हें जनता के सामने प्रस्तुत करने के बजाय कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों  के प्रति नकारात्मक बातें  परोसना, जनता को नागवार गुजरा और उन्होंने इसे नकारा।

संविधान बदलने का छिपा एजेंडा?

इन चुनावों का एक अहम मसला बना संविधान की रक्षा का, जब भाजपा के नेताओं ने अपने ही मुंह से बोलना शुरू किया कि 400 सीटें  आएंगी, तो वह सबसे पहले संविधान बदलेंगे।

भाजपा के इस खुले ऐलान ने सामाजिक तौर पर उत्पीड़ित तबकों के बीच भी यह चिन्ता उठी कि अगर ऐसा हुआ, तो उन्हें मिलने वाले तमाम अवसर समाप्त होंगे, आरक्षण समाप्त होगा। मध्यमवर्ग के एक हिस्से ने भी इस बात को अस्वीकार किया, जिन्हें जनतंत्र की अहमियत, संविधान के सिद्धांतों और मूल्यों की अहमियत का गहरे से एहसास है। आंकड़े बताते है कि दलितो-आदिवासियों  के बीच इस बार भाजपा की सीटें  काफी घटी है।¹⁰

दरअसल आम लोग संघ-भाजपा के संविधान के प्रति रूख को लेकर पहले से ही आशंकित रहते आए हैं, क्योंकि  इतिहास बताता है कि संघ ने कभी भी तहेदिल से संविधान बनाने का समर्थन नहीं किया और यही चाहा कि मनुस्मृति  को ही भारत के संविधान का दर्जा दिया जाए।

भाजपा के बड़बोले नेताओं के वक्तव्यों ने जनता के व्यापक हिस्से में भी इस बात को बेपर्द किया कि किस तरह संविधान को लेकर उनका यह ढुलमूल रवैया पहले से ही चला आ रहा है और उसमें कोई गुणात्मक बदलाव नहीं हुआ है।¹¹

इन पंक्तियों के लिखे जाते वक्त नरेन्द्र मोदी, भारत के वजीरे आज़म का पद तीसरी बार संभाल चुके हैं, लेकिन इस बार हालात बदले बदले हैं, उन्हें  सहयोगी दलों का साथ लेना पड़ा है।

वैसे जनाब मोदी की नैतिक हार को रेखांकित करने वाला यह चुनाव और बाद की यह स्थिति उनके लिए तथा व्यापक संघ-भाजपा परिवार के लिए कई सबक पेश करता है। अब उन्हें  यह तय करना है कि वह आत्ममंथन करेंगे या किसी अन्य के माथे दोषारोपण करके इतिश्री कर लेंगे!

[ लेखक सुभाष गाताडे स्वतंत्र पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक- राजनैतिक विषयों पर टिप्पणीकार हैं. •न्यू सोश लिस्ट इनिशिएटिव-एनएसआई से संबद्ध वामपंथी कार्यकर्ता हैं. •संपर्क : 97118 94180 ]

🟥🟥🟥

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 9 अधिकारियों के हुए तबादले, देखें पूरी लिस्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 9 अधिकारियों के हुए तबादले, देखें पूरी लिस्ट

महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : सरकारी शिक्षक और क्लर्क उठा रहीं थी फायदा, अब सैलरी से होगी कटौती
breaking Chhattisgarh

महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : सरकारी शिक्षक और क्लर्क उठा रहीं थी फायदा, अब सैलरी से होगी कटौती

छत्तीसगढ़ में 7,230 नए आवासों को मिली मंजूरी, तय समय में काम पूरा करने पर मिलेगा बोनस
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 7,230 नए आवासों को मिली मंजूरी, तय समय में काम पूरा करने पर मिलेगा बोनस

छत्तीसगढ़ की बेटी का सुप्रीम कोर्ट में चयन, सौम्या राठौर बनीं लॉ रिसर्च एसोसिएट, जांजगीर और रायपुर में खुशी की लहर
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की बेटी का सुप्रीम कोर्ट में चयन, सौम्या राठौर बनीं लॉ रिसर्च एसोसिएट, जांजगीर और रायपुर में खुशी की लहर

विशेष लेख : श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर: छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति
breaking Chhattisgarh

विशेष लेख : श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर: छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति

छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन जारी रहेगी बारिश, कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन जारी रहेगी बारिश, कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

राज्य खेल अलंकरण समारोह 2025-26: चयनित खिलाड़ियों की अंतरिम सूची जारी, 23 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति
breaking Chhattisgarh

राज्य खेल अलंकरण समारोह 2025-26: चयनित खिलाड़ियों की अंतरिम सूची जारी, 23 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति

साय सरकार की अगुवाई में हो रही छत्तीसगढ़ में AI क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत…
breaking Chhattisgarh

साय सरकार की अगुवाई में हो रही छत्तीसगढ़ में AI क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत…

कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा ने अमित शाह को कहा शंकर का अवतार, कांग्रेस नेता ने वीडियो पोस्ट कर दी गाली
breaking Chhattisgarh

कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा ने अमित शाह को कहा शंकर का अवतार, कांग्रेस नेता ने वीडियो पोस्ट कर दी गाली

पीड़ित के पैसों से हवाई सफर करने वाले आठ पुलिसकर्मी निलंबित
breaking Chhattisgarh

पीड़ित के पैसों से हवाई सफर करने वाले आठ पुलिसकर्मी निलंबित

युवाओं के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण का मौका, 18 से 45 वर्ष तक के युवक-युवतियां कर सकेंगे आवेदन
breaking Chhattisgarh

युवाओं के लिए निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण का मौका, 18 से 45 वर्ष तक के युवक-युवतियां कर सकेंगे आवेदन

‘NEET परीक्षा प्रणाली फुलप्रूफ, सेंध लगाना मुश्किल…,’ मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किया दावा, शीर्ष न्यायालय बोला- UPSC से सीखिए
breaking National

‘NEET परीक्षा प्रणाली फुलप्रूफ, सेंध लगाना मुश्किल…,’ मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में किया दावा, शीर्ष न्यायालय बोला- UPSC से सीखिए

छत्तीसगढ़ 3.40 लाख छात्रों के लिए बुरी खबर… आधार सीडिंग के फेर में फंसी छात्रवृत्ति, एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किलें
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ 3.40 लाख छात्रों के लिए बुरी खबर… आधार सीडिंग के फेर में फंसी छात्रवृत्ति, एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए बढ़ी मुश्किलें

कोरोना काल के बाद युवाओं में बढ़ा हार्ट अटैक, 40 से पहले ढाई गुना बढ़ा खतरा, आंबेडकर अस्पताल का अध्ययन
breaking Chhattisgarh

कोरोना काल के बाद युवाओं में बढ़ा हार्ट अटैक, 40 से पहले ढाई गुना बढ़ा खतरा, आंबेडकर अस्पताल का अध्ययन

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पोक्सो केस में शादी और समझौते के आधार पर नहीं मिलेगी छूट, FIR रद करने से किया इनकार
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पोक्सो केस में शादी और समझौते के आधार पर नहीं मिलेगी छूट, FIR रद करने से किया इनकार

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बदलेगी बिजली व्यवस्था, मोबाइल पर मिलेगी रोजाना खपत की जानकारी; 54% क्षेत्र में काम पूरा
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बदलेगी बिजली व्यवस्था, मोबाइल पर मिलेगी रोजाना खपत की जानकारी; 54% क्षेत्र में काम पूरा

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, 25 सितंबर से 14 अक्टूबर तक यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 18 एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द, 25 सितंबर से 14 अक्टूबर तक यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

मोदी सरकार के एक्शन से डरे मार्क जुकरबर्ग, Meta ने CSAM कंटेंट हटाया
breaking National

मोदी सरकार के एक्शन से डरे मार्क जुकरबर्ग, Meta ने CSAM कंटेंट हटाया

सीजेपी के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से नया अकाउंट, तेजी से बढ़े फॉलोअर्स
breaking Chhattisgarh

सीजेपी के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से नया अकाउंट, तेजी से बढ़े फॉलोअर्स

रायपुर में सुबह से झमाझम बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट; अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम
breaking Chhattisgarh

रायपुर में सुबह से झमाझम बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट; अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम

कविता

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आज पढ़ें ‘आरंभ’ साहित्यिक मंच में बांग्ला और हिंदी के सुस्थापित कवि पल्लव चटर्जी

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’
poetry

इस माह की कवयित्री : शुचि ‘भवि’

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : संध्या जैन

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला
poetry

कवि और कविता : इस माह के कवि में नीलमचंद सांखला

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : सोनिया नायडू

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’
poetry

‘आरंभ साहित्यिक मंच’ : हरि प्रकाश गुप्ता ‘सरल’

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

‘आरंभ’ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’
poetry

साहित्यिक पटल : सुरभि ताम्रकर ‘शावि’

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’
poetry

साहित्यिक ‘आरंभ’ : सुरभि ताम्रकार ‘शावि’

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर
poetry

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष दोहावली : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर

कहानी

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

story

कहानी : ‘ पानी के लिए ‘ – उर्मिला शुक्ल

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन