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सामाजिक संस्था ‘दिशा’ : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर ‘दिशा’ ने बच्चों में जगाया देशभक्ति का जज़्बा : शहीद भगत सिंह राष्ट्रीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय में 54 जरूरतमंद बच्चों को बांटे पैर के जूते

👉 • ‘दिशा’ द्वारा आयोजित शहीद भगत सिंह राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग [तितुरडीह] में सेवा एवं जन कल्याण कार्यक्रम
• छत्तीसगढ़ आसपास
• दुर्ग
दुर्ग [28 सितम्बर, 2026] : शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर सामाजिक संस्था ‘दिशा’ ने शहीद भगत सिंह राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सेवा एवं जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किया. महान क्रांतिकारी भगत सिंह को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया.

👉 • इस अवसर पर ‘दिशा’ के वरिष्ठ सदस्य शांतनु दासगुप्ता, रामानुजन राजू, सुजीत चक्रवर्ती और विद्यालय के प्राचार्य चंद्रिका प्रसाद अग्रवाल उपस्थित थे
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के वरिष्ठ सदस्य श्री शांतनु दासगुप्ता, श्री रामानुजन राजू और श्री सुजीत चक्रवर्ती ने विद्यालय के प्राचार्य श्री चंद्रिका प्रसाद अग्रवाल के साथ मिलकर किया। सभी ने भगत सिंह के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपस्थित सदस्यों ने उनके अदम्य साहस, त्याग, राष्ट्रप्रेम और देश की स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
इस अवसर पर ‘दिशा’ की ओर से विद्यालय के 54 जरूरत मंद बच्चों को जूते भेंट किए गए और सभी बच्चों को मिठाई बाँटी गई। नए जूते पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। मिठाई वितरण से पूरा विद्यालय परिसर उल्लास और आत्मीयता से भर गया।
बच्चों ने दी देशभक्ति गीतों एवं विचारों की प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने शहीद भगत सिंह की स्मृति में उनके राष्ट्रभक्ति के नारे बुलंद किए और देशभक्ति की कई कविताओं का पाठ किया। साथ ही भगत सिंह के देशभक्तिपूर्ण विचारों से ओतप्रोत छोटी-छोटी प्रस्तुतियाँ देकर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। बी.एड. की छात्राओं ने भी अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीद को नमन किया।
जीने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा हैं भगत सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शांतनु दासगुप्ता ने कहा कि भगत सिंह केवल स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी नहीं, बल्कि देश के युवाओं के लिए साहस, विचारशीलता, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी के अमर प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन सिखाता है कि देशप्रेम केवल शब्दों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन में भी दिखाई दे।
उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और भविष्य में समाज व देश के उपयोगी नागरिक बनने का आह्वान किया।
श्री रामानुजन राजू ने शहीद भगत सिंह को नमन करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उनकी जरूरतों में सहभागी बनना ही सेवा की सच्ची भावना है।
सेवा के माध्यम से शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि
‘दिशा’ के सदस्यों ने कहा कि महापुरुषों को याद करने का सबसे सार्थक तरीका उनके आदर्शों को अपने जीवन और कर्मों में उतारना है। भगत सिंह ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया। उनकी जयंती पर जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर संस्था ने उनके त्याग, साहस और देशप्रेम को नमन करने का छोटा-सा प्रयास किया है।
कार्यक्रम के दौरान महिला सदस्यों ने बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति सजग रहने, अनुशासन का पालन करने और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर ‘दिशा’ की ओर से सर्वश्री शांतनु दासगुप्ता, रामानुजन राजू, कल्याण राय, देबाशीष मजूमदार, बापी दास, अशोक निम्बरते, प्रदीप दास, मोहन गिरी, भास्कर देवनाथ, अजय दुबे, रामजी सिन्हा, दुष्यंत तिवारी, सुजीत चक्रवर्ती, उत्तम डे, श्रीमती कल्पना चक्रवर्ती, मौसमी डे, सुनीता मजूमदार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। विद्यालय के शिक्षकगण और स्टाफ भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्राचार्य ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्री चंद्रिका प्रसाद अग्रवाल ने ‘दिशा’ के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह जयंती पर बच्चों के बीच किया गया यह सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायी है। बच्चों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उन्हें देशप्रेम, त्याग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से जोड़ना संस्था का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने विद्यालय की ओर से ‘दिशा’ के सभी सदस्यों को धन्यवाद और शुभकामनाएँ दीं।


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