• story
  • कहानी, संकल्प- सरला शर्मा

कहानी, संकल्प- सरला शर्मा

6 years ago
929

संकल्प

शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है, धूप तेज तो नहीं है पर ठंड भी नहीं है स्वेटर साथ लेना पड़ा मां की जिद पूरी करने वैसे भी कल रात से ही अनवरत चेतावनी मिल रही थी झुंझला गई बिंदु…सभी मांये ऐसी क्यों होती हैं ? देखो पहली बार अकेली जा रही हो सावधान रहना किसी से बात मत करना, कहां जा रही हो, क्यों जा रही हो, कब लौटोगी यह सब बताने मत लगना, कोई कुछ देतो लेकर खाने मत लगना, डिब्बे में पूड़ी सब्जी है, चाय किसी अच्छी जगह पर ही पीना आदि इत्यादि…मुस्कुरा उठे ओंठ..सयानी लड़की अकेली यात्रा कर सकती है मां के लिए तो यह अकल्पनीय है, किस्से, कहानी,सिनेमा की बात…तभी तो आशंकित थी…कैसे समझाये बिंदु.. मां मैं इक्कीसवीं  सदी की पढ़ी लिखी 22साल की लड़की हूँ।

बस कंडक्टर की आवाज से पता चला गन्तव्य पर पहुंच गई…धीरे धीरे भीड़ में रास्ता बनाते नीचे उतरी…एक पेड़ की छांव में खड़ी हुई चारों तरफ देखी..सामान्य सी जगह है..गांव से कस्बे में फिर तेजी से शहर में तब्दील होते चंद्रपुर को…हां यहीं आना था उसे..खरसिया, डभरा पार कर वैसे रायगढ़ से भी पास ही पड़ता।

पास ही चाय की गुमटी थी उसे देखकर लोगों ने जगह बना दी चाय वाले ने पूछा..हॉफ चाय दूं बहनजी ? इंकार में सिर हिला देने सेवो दूसरे ग्राहक से बात करने लगा बिंदु ने भी उसी सामान्य से पर शिक्षित दिखने वाले सज्जन से पूछा…यहां से बाजार किधर पड़ेगा भाई ? उत्तर मिला बाज़ार तो हफ्ते में एक ही दिन लगता है बुधवार को….

ओह!  साप्ताहिक बाज़ार समझ लिया इन्होंने अबकी पूछी..नहीं भाई मुझे पुस्तकों की वो जो पुरानी दुकान है वहां जाना है…।

दस बारह साल के एक बच्चे ने तुरन्त अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया..दीदी वहां अच्छी अच्छी नई किताबें नहीं मिलती..आप प्रकाश पुस्तक भंडार जाइये…पास में ही है।

बिंदु ने फिर प्रथम व्यक्ति से कहा…भाई मुझे जो पुस्तक चाहिए वह पुरानी पुस्तक दुकान में ही मिलेगी…सामान्य से व्यक्ति ने उत्तर दिया…मेरे साथ आइये मेरा घर उसी तिवारी पुस्तक दुकान के पास ही है…।बिंदु को मां की सावधानवाणी याद आई..किसी अपरिचित के साथ कहीं मत जाना…मन ने कहा बिंदु चलो.खुद पर भरोसा करो, दिन दोपहर को तुम डरोगी तो खुदको खोजने का, अपने को स्थापित करने का सपना पूरा कैसे करोगी ? चाय वाले ने कहा..बहनजी चले जाइये..जगदीश यहीं काबा शिंदा है ठीक जगह पहुंच जाएँगी…।

मानों अपनी चुनी रह पर पहला कदम रखा हो बिंदु ने…चल पड़ी…करीब एक किलोमीटर चलकर दाहिनी ओर मुड़े ही थे कि सामने ही पुरानी दुकान के फीके पड़ गये बोर्ड पर नज़र पड़ी..तिवारी पुस्तक भंडार…।

जगदीश ने कहा…लीजिये आपका गन्तव्य आ गया अब मैं चलता हूँ…मुड़ने को ही था कि ठिठक गया दुकानदार यानि तिवारीजी की बात सुनकर…बिटिया इस किताब की एक ही प्रति बची है उसे भी जगदीश ने सुरक्षित करवा लिया है…बिंदु असमंजस में पड़ गई, निराशा छा गई उसकी आँखों में..लम्बी सांस खींच कर बोली…तिवारीजी मैं जयरामनगर से इसी पुस्तक के लिए इतनी दूर आई हूँ ओह! अब क्या करूँ ?कम से कम देख तो सकतीहूँ..तिवारीजी के हाथ से पुस्तक लेकर उत्सुकतावश पन्ने पलटने लगी..काश यह मुझे मिल जाती.विनयपूर्वक बोली कृपया यह मुझे दे दें उनके लिए आप दूसरी प्रति मंगा दीजियेगा।

जगदीश को उत्सुकता हुई इतनी दूर से अकेली आई हैं कुछ विशेष प्रयोज नही होगा,पास आकर बोला..मेडम मैं ही जगदीश हूँ  कहिये आपको छत्तीसगढ़ी साहित्य का ऐतिहासिक अद्ध्य्यन पुस्तक की जरूरत क्यों है ? थोड़ी उम्मीद जगी बिंदु के मन में उत्साहित होकर बोली..मैं बिंदु चौबे हूँ पी, एच.डी कर रही हूँ सन 1904 से1989 तक के छत्तीसगढ़ी साहित्य के बारे में जानकारी चाहिए जो इसी पुस्तक में मिलेगी।। जगदीश ने सोचा इसको जरूरत है मैं तो बाद में भी पढ़ सकता हूँ..

मुझे तो सिर्फ अध्ययन करना है बिंदु उत्तर की प्रतीक्षा कर रही थी रुक नही सकी तो बोल पड़ी…मैं इसकी कीमत अभी ही दे दूँगी…ओह! पुरूषो चित अहम जाग उठा साथ ही यह भी कि पैसे का घमंड दिखा रही है लड़की…रूखे स्वर में बोला…पैसे का महत्व किताब से ज्यादा नहीं है मैडम दूसरी बात कि अपनी मांग नम्रतापूर्वकर खनी चाहिए…नाराज़गी को छुपाने का प्रयास नहीं किया जगदीश ने….।

बुरा लगा बिंदु को..ऊंह..बड़ा अध्ययनशील समझते हैं खुद को फिर कीमत दे तो रही हूँ..ये पढ़े लिखे लड़के क्या समझते हैं खुद को…नहीं चाहिये इनकी कृपा..कहीं और खोज लूंगी..थोड़ी उपेक्षा दिखाते हुए उसने पुस्तक तिवारी जी को नहीं सीधे जगदीश के हाथों में ही थमादी..।

कभी कभी पलभर में हमारे विचार बदल जाते हैं जगदीश अपवाद तो नहीं..उसके मुहं से निकला…मैडम पुस्तक आप रख लीजिए…मुझे तो इसको पढ़कर हमर बोलीडॉटकॉम में डालना है ता कि लोग हमारे छत्तीसगढ़ी साहित्य की उचित जानकारी पा सकें यह काम तो मैं बाद में भी कर सकता हूँ…थोड़ा रुका..बोझिलता कम करने हंसकरबोला…बशर्ते आप पुस्तक वापस कर्रें…।

पुस्तक पाने की ख़ुशी, जगदीश के प्रति कृतज्ञता, मां की चेतावनी सब मन पर हावी हो गये समझ नहीं आ रहा था कैसे धन्यवाद देपर चुपचाप पुस्तक ले लेना असभ्यता होगी सोचकर ही बोली…धन्यवाद..मैं इसे पढ़कर अवश्य वापस करूँगी बस अपना नाम पता बता दीजिए….

यह था जगदीश और बिंदु का परिचय पर्व…नियति मुस्कुरा रही थी..फिर क्या?पुस्तकों का आदान प्रदान कब मन के लेन देन में बदल गया दोनों को पता ही नहीं चला।मुश्किल खड़ी हुई जब दोंनों परिवारों ने इस रिश्ते को शादी का नाम देने से इन्कार कर दिया कारण कुलीनताबोध, अमीरी गरीबी आदि प रजगदीश बिंदु दोनों आत्मनिर्भर थे चंद्रसेनी मंदिर में विवाह कर लिए कन्यादान तिवारी जी ने ही किया।

एक नया घर बसा..प्रेम अपनी जीत मना रहा था कि बिंदु की डॉक्टर ने ख़ुशख़बरी दी घर में नये मेहमान के आने की…जगदीश खुश तो बहुत हुआ पर नई जिम्मेदारी की चिंता भी हुई शुभचिंतक तिवारीजी शाम को सपत्नीक घर आये आश्वस्त किये।देखते देखते अस्पताल जाने का दिन आ गया…शाम 7 बजे बिंदु ने गोलमटोल सुन्दर शिशु को जन्म दिया, बच्चे को आशीर्वाद देने दादा दादी आये तो नाना नानी पीछे क्यों रहते?

अदृश्य, भाग्य, भगवान, नियति चाहे जिस नाम से पुकारें यथा समय उपस्थित होता ही है व्यतिक्रम अब भी नहीं हुआ..बेटे के जन्मदिन के लिए पूरा परिवार चंद्रसेनी मंदिर के आंगन में उपस्थित था पुजारी जी ने बेटे प्रतीक के नाम से पूजा,आरती सम्पन्न किया ही था लोग प्रसाद लेकर पक्के चबूतरे पर बैठे ही थे कि बिंदु की चीख सुनाई दी…जगदीश सहित कई लोग दौड़ पड़े…बिंदु की गोद में प्रतीक थामा थे से खून बह रहा था..हाँ बच्चा रो नहीं रहा था दादा ने कहा..मेरा पोता है बहादुर बच्चा है छोटी मोटी चोट से घबरा कर रोयेगाकैसे ?

नाना ने कहा पास ही दवाखाना है चलकर मरहम पट्टी करवा लेते हैं…डॉक्टर ने जाँचकर के बताया चोट अंदरूनी नहीं है पट्टी करवा लें दवा लिख देर हा हूँ..दादा चले गये पोते की मरहमपट्टी करवाने तब डॉक्टर ने पूछा बच्चे की चोट को किसने पहले देखा..बिंदु ने बताया उसीने पहले देखा था..अगला प्रश्न डॉक्टर ने पूछा..बच्चा चीख रहा था, रो रहा था या नहीं ? बिंदु घबरा गई जगदीश ने सहज उत्तर दिया नहीं डॉक्टर साहब प्रतीक चुपचाप था बल्कि अभी तक एक बार भी नहीं रोया है।

डॉक्टर ने कहा घबराएं नहीं..अभी तो घर जाइये ध्यान दें बुखार तो नहीं चढ़ रहा है पर कल अवश्य आकर बतायें की बच्चा कब, कितनी देर बाद रोया…। मेहमान तो घर चले गये पर बिंदु जगदीश आशंकित हो उठे..आखिर प्रतीक रोया क्यों नहीं, चोट लगने पर बच्चे का रोना स्वाभाविक है किंतु प्रतीक के क्षेत्र में यह अस्वाभाविकता क्यों ?

प्रतीक को बुखार तो नहीं चढ़ा पर रोया नहीं बिंदु जगदीश डॉक्टर के पास पहुंचे डॉक्टर ने प्रतीक को खिलौना दिया, चुटकी बजाकर हंसाने की कोशिश की पर वह निर्विकार रहा।जगदीश ने पूछा डॉक्टर कोई डरने की बात तो नहीं है।डॉक्टर गम्भीर हो गये बोले….अभी मैं कुछ  नहीं कह सकता बच्चे को रायगढ़ के बालरोग विशेषज्ञ डॉ मखीजा को दिखादें फिर उनकी सलाह से आगे बढ़ेंगे पर जल्दी कीजिये….।

पति पत्नी चिंतित हो गये छुट्टी के लिए आवेदन देकर प्रतीक को डॉ मखीजा के पास ले गये…उन्होंने पूछा सामान्य बच्चे की तरह आप लोगों की बातों की, लाड़ प्यार की प्रतिक्रिया इस पर कैसी होती है ?

…बिंदु ने कहा..डॉ साहब प्रतीक गम्भीर बच्चा है हमारी बातें सुनता समझता है या नहीं हम ठीक से नहीं बता सकते अभी यह बोलना भी नहीं जानता….।समय पंख लगाकर उड़ता है चार महीने हो गये..एक दिन प्रतीक ने गर्म दूध की पतीली में हाथ डाल दिया..दूध फ़ैल गया बिंदु ने उसे गोद में उठा लिया हाथ को ठंडे पानी में डाला..अचानक ध्यान गया कि प्रतीक रो नहीं रहा है बल्कि भावहीन आँखों से हाथ को  है..चीख पड़ी बिंदु…फफोले पड़ गये हैं तू रो क्यों नहीं रहाहै, दर्द से चीख क्यों नहीं रहा है बेटा…???

जगदीश भी आ पहुंचा बेटे का हाथ देखा फिर डॉक्टर के पास गये इस बार डॉक्टर ने कहा…जगदीशजी मुझे बच्चे के दिमागी विकास की गति पर शंका है डॉ मखीजा या अन्य किसी बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएँ…यह अस्वाभाविकता का लक्षण है…।

इस अंचल में डॉ मखीजा बाल मानसिक विकलांगता के ख्याति प्राप्त डॉक्टर हैं फिर वहीं पहुंचे पर इस बार दोनों पति पत्नीआशंकित थे, डरे हुये थे…।आवश्यक परीक्षण के बाद डॉ मखीजा ने समझाया…

…किसी भी बच्चे के दिमागी विकास के दौरान होने वाला विकार है यह जो जन्मजात होता है बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ साथ इस अस्वाभाविकता का पता चलता है जो एक से तीन साल की अवधि में पूरी तरह दिखाई देने लगताहै।ऑप्टिज्मया आत्मविमोह भी कहते हैं।

जगदीश ने पूछा…डॉ साहब इसके लक्षण क्या हैं ?

डॉ ने कहा…बच्चा पुकारने पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करता, आँखों की दृष्टि ओजमयी नहींहोती।चोट लगने, शारीरिक पीड़ा होने पर भी सामान्य बच्चे की तरह रोता चीखता नहीं।

बिंदु ने पूछा..डॉ साहब यह होता क्योंहै ?

डॉ ने बताया…इस असामान्यता का कोई विशेष कारण अब तक चिकित्सा विज्ञान में नहीं पाया जा सका है फिर भी यह कहा जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान ही मस्तिष्कीय रसायन का असुंतलन,विकास की गति का धीमा होना ही मुख्य कारण है यह आनुवंशिक भी होताहै।

जगदीश ने कातर होकर विनती की…डॉ कोई तो इलाज होगा खर्च की परवाह मत करें?

सम्वेदना सूचक मुस्कान के साथ डॉ मखीजा ने बताया..यह अब तक लाइलाज़ बीमारी है किन्तु सही प्रशिक्षण, धीरज के साथ बच्चे को सामाजिकता से परिचय कराएं यदि ऐसे बच्चेमंदबुद्धि हैं तो आजीवन मनोरोग विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक होती है।बच्चे को अकेले न रहने दें उसकी सम्वेदनशीलता को जगाते रहें, यदि वो एक ही क्रिया को बार बार दोहराता है या अनजाने ही शरीर के किसी अंग का संचालन निरन्तर करता है तो उसका ध्यान हटाएं..।

बिंदु रोने लगी किसी तरह जगदीश ने उसे संभाला…घरआ गये..बात फैलते देर नहीं लगती तो लोगों को बातें बनाते भी देर नहीं लगती..कल तक जिस बच्चे के जन्म कीखुशियां मनाई जाती रही थी अब सुनाई पड़ने लगा मनमर्जी की शादी, न जन्मकुंडली मिलाई,न रीति रिवाज पूरे हुये, देवता पितर का कोप है ऐसा बच्चा…। बिंदु का रोना सह नहीं पाता था जगदीश पर लोगों का मुंह बंद करने का कोई उपाय भी तो नहीं था।

प्रतीक ने दो साल पूरे कर लिये डॉक्टर के बताये लक्षण अब स्पष्ट दिखाई देने लगे..नौकरी दोनों की थी कितनी छुट्टी मिलती ? परेशानी बढ़ती जा रही थी अब तो प्रतीक गुस्सा करने लगा था कभी कभी बिंदु या जगदीश को दांत से काट देता।

एक शाम बिंदु स्कूल से आकर खूब रोई…प्रिंसिपल ने ज्यादा छुट्टी के लिए खूब सुनाते हुये कह दिया प्रतीक तो सुधरने से रहा उसे तो हमेशा देखभाल की जरूरत होगी क्यों नहीं आप नौकरी का मोह छोड़ बच्चे के पास रहकर उसकी देखभाल करतीहैं ???

जगदीश सुनता रहा..बिंदु तो सो गई पर जगदीश के लिए यह निर्णायक रात थी।सुबह को तो होनी ही थी..बिंदु से उसने कहा हम दोनों में से किसी एक का प्रतीक के पास रहना जरूरी है किसी को तो नौकरी छोड़नी होगी…बात पूरी नहीं हुई थी कि बिंदु बोल पड़ी…ठीक है मैं आज ही त्यागपत्र दे दूँगी..।

हंसकर जगदीश ने कहा..तुम क्यों त्याग पत्र दोगी..स्त्री ही हमेशा त्याग, सेवा, बलिदान करे यह जरूरी तो नहीं है..नौकरी मैं छोडूंगा..प्रतीक के साथ रहूंगा..।

बिंदु के यह कहने पर कि लोग क्या कहेंगे फिर आप घर बैठकर समय कैसे बितायेंगे ?

जगदीश ने उत्तर दिया घर पर कम्प्यूटर सेंटर खोलूंगा यह काम मेरी रुचिका भी है,अनुभवी भी हूँ फिर सहायक रख लूंगा वैसे भी कम्प्यूटर सेंटर में  दिन भर भीड़ नहींरहती।बीच-बीच में प्रतीक को भी देखता रहूंगा..आने जाने वालों से प्रतीक मिलता जुलता भी रहेगा याद नहीं डॉ मखीजा ने कहा था प्रतीक को सामाजिक बनाना है अकेलापन उस को सामान्य व्यवहार करने नहीं देगा…थोड़ी नानुकुर के बाद बिंदु ऱाज़ी हो गई…। जगदीश ने आगे कहा हमें प्रतीक से सामान्य व्यवहार करना है आओ बिंदु हम संकल्पलें कि प्रतीक को असामान्य नहीं रहने देंगे।

 

विज्ञापन (Advertisement)

ब्रेकिंग न्यूज़

छत्तीसगढ़ के जंगल में मिली दुर्लभ मकड़ी ‘Mangora baii’, चीन के बाद भारत में पहली खोज
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के जंगल में मिली दुर्लभ मकड़ी ‘Mangora baii’, चीन के बाद भारत में पहली खोज

इंस्टाग्राम में मंत्री गुरु खुशवंत के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार
breaking Chhattisgarh

इंस्टाग्राम में मंत्री गुरु खुशवंत के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जेलों में रिक्त पदों पर कब होगी भर्ती? हाईकोर्ट ने डीजी जेल से मांगा जवाब
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के जेलों में रिक्त पदों पर कब होगी भर्ती? हाईकोर्ट ने डीजी जेल से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश के आसार, जानिए रायपुर का हाल
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश के आसार, जानिए रायपुर का हाल

छत्तीसगढ़ में BJP को झटका! 15 पदाधिकारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए वजह
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में BJP को झटका! 15 पदाधिकारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए वजह

छत्तीसगढ़ में 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा की छुट्टी, सरकार ने बदला पुराना आदेश
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा की छुट्टी, सरकार ने बदला पुराना आदेश

संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा- छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट जारी
breaking Chhattisgarh

संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा- छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट जारी

चीन ने बॉर्डर पर पेट्रोलिंग को लेकर दिया बड़ा बयान, भारत से की शांति बनाए रखने की अपील
breaking Chhattisgarh

चीन ने बॉर्डर पर पेट्रोलिंग को लेकर दिया बड़ा बयान, भारत से की शांति बनाए रखने की अपील

ऑस्ट्रेलिया के Visa नियम भारतीयों के लिए बदले, देने होंगे फिंगरप्रिंट और चेहरे की तस्वीर
breaking Chhattisgarh

ऑस्ट्रेलिया के Visa नियम भारतीयों के लिए बदले, देने होंगे फिंगरप्रिंट और चेहरे की तस्वीर

छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी भर्ती के नए नियम लागू, 15 गुना अभ्यर्थी होंगे शॉर्टलिस्ट
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी भर्ती के नए नियम लागू, 15 गुना अभ्यर्थी होंगे शॉर्टलिस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा बढ़ेगी, दिवाली से पहले 500 धार्मिक स्थलों के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड
breaking Chhattisgarh

अमेरिका में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा बढ़ेगी, दिवाली से पहले 500 धार्मिक स्थलों के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड

छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर स्पेशल अभियान, 32 हजार लोगों के खंगाले गए रिकॉर्ड्स; 250 से अधिक जांच के दायरे में
breaking Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर स्पेशल अभियान, 32 हजार लोगों के खंगाले गए रिकॉर्ड्स; 250 से अधिक जांच के दायरे में

गुलाबी ठंड के बीच छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर! इन तारीखों पर बरसेंगे बादल
breaking Chhattisgarh

गुलाबी ठंड के बीच छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर! इन तारीखों पर बरसेंगे बादल

रायपुर प्रेस क्लब में चली गोली, सदस्यता नहीं मिलने से नाराज युवक ने की फायरिंग, मचा हड़कंप
breaking Chhattisgarh

रायपुर प्रेस क्लब में चली गोली, सदस्यता नहीं मिलने से नाराज युवक ने की फायरिंग, मचा हड़कंप

नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव, गृह मंत्री अमित शाह और मनसुख मांडविया होंगे शामिल
breaking Chhattisgarh

नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक राज्योत्सव, गृह मंत्री अमित शाह और मनसुख मांडविया होंगे शामिल

कार्टून समाज को जागरूक करने के साथ सोचने और आत्ममंथन के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
breaking Chhattisgarh

कार्टून समाज को जागरूक करने के साथ सोचने और आत्ममंथन के लिए करता है प्रेरित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के आवेदन फिर शुरू, 15 अक्टूबर से कर सकेंगे अप्लाई, इस दिन होगी परीक्षा
breaking jobs

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के आवेदन फिर शुरू, 15 अक्टूबर से कर सकेंगे अप्लाई, इस दिन होगी परीक्षा

‘नरेंद्र मोदी डरपोक तानाशाह…,’ दिल्ली पहुंचे ही अभिजीत दीपके पीएम मोदी पर भड़के
breaking Chhattisgarh

‘नरेंद्र मोदी डरपोक तानाशाह…,’ दिल्ली पहुंचे ही अभिजीत दीपके पीएम मोदी पर भड़के

पति को ‘भिखारी’ कहना मानसिक क्रूरता, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दी तलाक की मंजूरी, जानें पूरा मामला
breaking Chhattisgarh

पति को ‘भिखारी’ कहना मानसिक क्रूरता, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दी तलाक की मंजूरी, जानें पूरा मामला

PM मोदी बोले- डिजिटल खतरे सीमाओं से पार, साइबर फ्रॉड रोकने को दुनिया साथ आए
breaking National

PM मोदी बोले- डिजिटल खतरे सीमाओं से पार, साइबर फ्रॉड रोकने को दुनिया साथ आए

कविता

कृति और कृतिकार- वीणा सिंह
poetry

कृति और कृतिकार- वीणा सिंह

आरंभ की अंतर्ध्वनि- 1 : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ की अंतर्ध्वनि- 1 : दीप्ति श्रीवास्तव

इस माह के कवि और कविता : तारक नाथ चौधुरी
poetry

इस माह के कवि और कविता : तारक नाथ चौधुरी

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ
poetry

देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन
poetry

विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य
poetry

डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी
poetry

कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी
poetry

कवि और कविता : पल्लव चटर्जी

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : उभरते हुए प्रगतिशील परंपरा एवं सोच के कवि डॉ. गिरधर चंद्रा ‘साज़’

इस माह की कवयित्री –  सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर
poetry

इस माह की कवयित्री – सेवानिवृत्त प्राचार्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी भिलाई जिला- दुर्ग छत्तीसगढ़ की श्रीमती वर्षा ठाकुर

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : बांग्ला-हिंदी के सुविख्यात प्रगतिशील परंपरा के छोटी-छोटी कविताओं के रचनाशील कवि पल्लव चटर्जी

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव
poetry

पावस रचना : दीप्ति श्रीवास्तव

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच – अर्पिता चौधुरी

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव
poetry

इस माह के ग़ज़लकार : सुशील यादव

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’
poetry

आरंभ साहित्यिक मंच : शुचि ‘भवि’

कहानी

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू
story

बचपन आसपास [बाल कहानी] – बलदाऊ राम साहू

लेख : कैलाश जैन बरमेचा
story

लेख : कैलाश जैन बरमेचा

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव
story

कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय
story

लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव
story

लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’
story

आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी
story

स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन
story

संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है
story

लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे
story

मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघु कथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ :  ब्रजेश मल्लिक
story

सत्य घटना पर आधारित कहानी : ‘सब्जी वाली मंजू’ : ब्रजेश मल्लिक

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती
story

लघुकथा : डॉ. सोनाली चक्रवर्ती

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे
story

कहिनी : मया के बंधना – डॉ. दीक्षा चौबे

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी
story

🤣 होली विशेष :प्रो.अश्विनी केशरवानी

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…
story

चर्चित उपन्यासत्रयी उर्मिला शुक्ल ने रचा इतिहास…

story

रचना आसपास : उर्मिला शुक्ल

story

रचना आसपास : दीप्ति श्रीवास्तव

story

कहानी : संतोष झांझी

लेख

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से
Article

‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में पावस ऋतु पर सरस काव्य गोष्ठी 26 जुलाई को इंदिरा गाँधी उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय सुपेला-भिलाई में अपराह्न 2.30 बजे से

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक
Article

रवींद्र-नज़रूल उत्सव-2026 : ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में रवींद्र-नज़रूल उत्सव 25 जुलाई को ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन प्रगति भवन’ में प्रात:11.00 बजे से रात 8.00 बजे तक

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए
Article

काव्य संध्या : प्रगतिशील कवि डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय के निवास में दिव्या सक्सेना, विजया भारती, गजेंद्र द्विवेदी ‘गिरीश’, पारुल पांडेय, संजय मैथिल, युसूफ सागर, हाजी रियाज़ खान गौहर, मनमोहन मतवाला, ओम पांडेय, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘सब्र’, छ्गनलाल सोनी, संतराम वर्मा और डॉ. आरबी कुशवाहा शामिल हुए

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर
Article

विशेष : भाईदूज, भाई-बहन के परस्पर प्रेम और दायित्व का त्योहार : भाईदूज और रक्षा बंधन की सनातनी मान्यताएं – श्रीमती संजीव ठाकुर

Article

तीन लघुकथा : रश्मि अमितेष पुरोहित

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : देश की बदनामी चालू आहे ❗ – राजेंद्र शर्मा

Article

लघुकथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश]

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा
Article

जोशीमठ की त्रासदी : राजेंद्र शर्मा

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा
Article

18 दिसंबर को जयंती के अवसर पर गुरू घासीदास और सतनाम परम्परा

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी
Article

जयंती : सतनाम पंथ के संस्थापक संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.
Article

🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा.

🟥 प्ररंपरा या कुटेव  ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा
Article

🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.
Article

▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज.

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.
Article

▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा.

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा
Article

▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक
Article

25 सितंबर पितृ मोक्ष अमावस्या के उपलक्ष्य में… पितृ श्राद्ध – श्राद्ध का प्रतीक

Article

🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश.

Article

🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग]

Article

🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल].

राजनीति न्यूज़

breaking Politics

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उदयपुर हत्याकांड को लेकर दिया बड़ा बयान

Politics

■छत्तीसगढ़ :

Politics

भारतीय जनता पार्टी,भिलाई-दुर्ग के वरिष्ठ कार्यकर्ता संजय जे.दानी,लल्लन मिश्रा, सुरेखा खटी,अमरजीत सिंह ‘चहल’,विजय शुक्ला, कुमुद द्विवेदी महेंद्र यादव,सूरज शर्मा,प्रभा साहू,संजय खर्चे,किशोर बहाड़े, प्रदीप बोबडे,पुरषोत्तम चौकसे,राहुल भोसले,रितेश सिंह,रश्मि अगतकर, सोनाली,भारती उइके,प्रीति अग्रवाल,सीमा कन्नौजे,तृप्ति कन्नौजे,महेश सिंह, राकेश शुक्ला, अशोक स्वाईन ओर नागेश्वर राव ‘बाबू’ ने सयुंक्त बयान में भिलाई के विधायक देवेन्द्र यादव से जवाब-तलब किया.

breaking Politics

भिलाई कांड, न्यायाधीश अवकाश पर, जाने कब होगी सुनवाई

धमतरी आसपास
Politics

धमतरी आसपास

Politics

स्मृति शेष- बाबू जी, मोतीलाल वोरा

Politics

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में हलचल

breaking Politics

राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा- मर्यादित भाषा में रखें अपनी बात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल  ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन
Politics

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने डाॅ. नरेन्द्र देव वर्मा पर केन्द्रित ‘ग्रामोदय’ पत्रिका और ‘बहुमत’ पत्रिका के 101वें अंक का किया विमोचन

मरवाही उपचुनाव
Politics

मरवाही उपचुनाव

Politics

प्रमोद सिंह राजपूत कुम्हारी ब्लॉक के अध्यक्ष बने

Politics

ओवैसी की पार्टी ने बदला सीमांचल का समीकरण! 11 सीटों पर NDA आगे

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ग्वालियर में प्रेस वार्ता

breaking Politics

अमित और ऋचा जोगी का नामांकन खारिज होने पर बोले मंतूराम पवार- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’

breaking Politics

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, भूपेश बघेल बिहार चुनाव के स्टार प्रचारक बिहार में कांग्रेस 70 सीटों में चुनाव लड़ रही है

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म
breaking National Politics

सियासत- हाथरस सामूहिक दुष्कर्म

breaking Politics

हाथरस गैंगरेप के घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा, पढ़िए पूरी खबर

breaking Politics

पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना के बाद, पीसीसी चीफ ने जांच समिति का किया गठन