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‘साकेत साहित्य परिषद्’ का 28वां स्थापना दिवस प्रेस क्लब राजनांदगांव में सम्पन्न हुआ : साहित्यिक संगोष्ठी, पुस्तक विमोचन एवं काव्यपाठ

👉 • अतिथि रहे- डॉ. जय प्रकाश साव, डॉ. दादूलाल जोशी ‘फरहद’, विनोद साव, संजीव तिवारी
• छत्तीसगढ़ आसपास
• छत्तीसगढ़ [राजनांदगांव]
राजनांदगांव प्रेस क्लब में 1 अप्रैल को ‘साकेत साहित्य परिषद्’ का 28वां स्थापना दिवस मुख्य अतिथि देश के सुप्रसिद्ध समालोचक डॉ. जयप्रकाश साव एवं साहित्यिक चिंतक व संपादक डॉ. दादूलाल जोशी ‘फरहद’ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ. आयोजन में विशिष्ट अतिथि चर्चित व्यंग्यकार विनोद साव और ब्लागर एवं गूगल के लिए छत्तीसगढ़ी शब्दकोष बनाने वाले साहित्यकार संजीव तिवारी वक्ता के रूप में उपस्थित थे.

👉 • प्रथम सत्र में कुबेर सिंह साहू द्वारा संकलित व संपादित छत्तीसगढ़ के महान संगीतकार खुमानलाल साव पर केंद्रित कृति ‘स्मृतियों के सुवासित पुष्प’ का विमोचन किया गया.

👉 • साथ में स्व. यशवंत द्वारा लिखित आलोचनात्मक पुस्तकें ‘कुबेर की रचनाओं में समकालीनता एवं समकालीन समीक्षा दृष्टि’ व ‘आलोचना का मापदंड- हत्या’ तथा कुबेर सिंह साहू द्वारा रूसी साहित्यकार मैक्जिम गोर्की की कहानियों के छत्तीसगढ़ी अनुवाद की पुस्तक ‘बाज के गीत अऊ दूसर कहानी’ का भी विमोचन हुआ.
इस अवसर पर डॉ. जयप्रकाश साव ने कहा कि-
यशवंत एक प्रतिभा सम्पन्न और सशक्त समालोचक के रूप में उभर रहे थे. उनकी विमोचित पुस्तकों को पढ़कर उनकी आलोचनात्मक प्रतिभा और दृष्टि को समझा जा सकता है.
विनोद साव ने कहा कि-
छत्तीसगढ़ी साहित्य में अपनी विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध और लेखन की कोई परंपरा नहीं है. जिस प्रकार उत्तरप्रदेश में इलाहाबाद और मध्यप्रदेश में जबलपुर साहित्य और सांस्कृतिक केंद्र है. साहित्य एवं लोककला की दृष्टि से राजनांदगांव अत्यंत स्मृद्ध है. कुबेर जी द्वारा संकलित व संपादित कृति ‘स्मृतियों के सुवासित पुष्प’ इस दिशा में एक बड़ा काम है.
संजीव तिवारी ने कहा कि-
विभिन्न संस्मरणों के द्वारा खुमानलाल साव के व्यक्तित्व पर बातें कही. खुमानलाल साव पर केंद्रित दूसरी कृति प्रकाशित करेंगे.
डॉ. दादूलाल साहू ‘फरहद’ ने कहा कि-
स्व. यशवंत की कृतियों को प्रकाशित करवाकर कुबेर जी ने अपनी मित्रता निभाई है. ईमानदारी और कुशलता के साथ किताबों का संपादन व प्रकाशन किया गया है, वह प्रशंसनीय है.
प्रारंभ में ज्ञानदायिनी माँ शारदे की पूजा अर्चना के पश्चात ‘साकेत साहित्य परिषद्’ के अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ ने स्वागत उद्बोधन दिया. प्रथम सत्र का संचालन लखनलाल साहू ‘लहर’ एवं आभार व्यक्त राजकुमार चौधरी ने किया.

👉 • अतिथियों के साथ ‘साकेत साहित्य परिषद’ के सदस्य
द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी हुई. इस सत्र का संचालन रोशनलाल साहू ने किया-
कुबेर सिंह साहू, ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’, वीरेंद्र बहादुर सिंह, मुन्ना बाबू, दर्वेश आनंद, गजेंद्र हरिहारनो दीप, वीरेंद्र कुमार तिवारी ‘वीरू’, महेंद्र कुमार बघेल ‘मधु’, लखनलाल साहू ‘लहर’, राजकुमार चौधरी ‘रोंना’, डॉ. इकबाल खान ‘तन्हा’, जितेंद्र पटेल, डॉ. दीनदयाल साहू, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, पद्म लोचन शर्मा ‘मुंहफट’, अखिलेश प्रसाद मिश्रा, गिरीश ठक्कर, सचिन निषाद, अलखराम यादव, नंद कुमार साहू ‘नादान’, पवन कुमार ‘पहुना’, फकीर प्रसाद साहू ‘फक्कड़’, थंगेश्वर कुमार साहू, अखिलेश तिवारी, डॉ. पद्मा साहू ‘पर्वणी’, हर्षा देवांगन, सुषमा शुक्ला, शंतूराम गंजीर, डॉहरदास साहू, गायत्री साहू शिवांगी, चंचल साहू, रश्मि साहू, डॉ. अमित कुमार गुप्ता, एके द्विवेदी, डीआर सिन्हा, आनंद राम सारवा, रोशनलाल साहू, रुपल साहू, आरआर पटेल, शरद श्रीवास्तव, दूजराम साहू, महदीप जंघेल, देवेश देवांगन, रूपेश कुमार देवांगन, पंकज यादव, पप्पू कलिहारी और घनश्याम कटपाल ने कविताओं का पाठ किया.
अंत में ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ ने प्रेस क्लब राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि एवं आयोजन में उपस्थित सभी साहित्यकारों के प्रति आभार व्यक्त किया.
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