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जन संस्कृति मंच [जसम] दुर्ग-भिलाई : अशोक तिवारी अध्यक्ष और सुरेश वाहने को सचिव की जिम्मेदारी मिली

👉 • ‘जसम’ पुनर्गठन इकाई में उपाध्यक्ष- एन पापा राव, दिव्या विद्याभूषण, सहसचिव- सुबोध देवांगन, पूर्णिमा साहू, कोषाध्यक्ष- सुलेमान खान, सह कोषाध्यक्ष- अनु वर्मा, संस्कृतिकर्मी प्रभार [नाट्य]- हरजिंदर सिंह भाटिया और जयप्रकाश नायर. कार्यकारिणी सदस्य- मीता दास, घनश्याम त्रिपाठी, डॉ. अंजन कुमार, अभिषेक पटेल, बृजेन्द्र तिवारी, दिनेश सोलंकी, टेकलाल निराला, पवन कुमार ढिंढे, मनिंदर सिंह बनाये गए
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई-दुर्ग
विगत दिनों जन संस्कृति मंच दुर्ग-भिलाई ईकाई की महत्वपूर्ण बैठक इस्पात नगर भिलाई में सम्पन्न हुई। जन संस्कृति मंच छत्तीसगढ़ के संरक्षक-समन्वयक सियाराम शर्मा, प्रसिद्ध कथाकार कैलाश बनवासी, जसम के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई की अध्यक्ष रूपेन्द्र तिवारी तथा कार्यकारिणी सदस्य पूनम संजू की उपस्थिति में दुर्ग-भिलाई ईकाई का पुनर्गठन किया गया। इस मौके पर सदस्यों ने सर्वसम्मति से ईकाई के अध्यक्ष के तौर पर आलोचक अशोक तिवारी का चयन किया जबकि सचिव पद की जिम्मेदारी दूसरी बार भी लेखक सुरेश वाहने को दी गई।
जसम भिलाई के उपाध्यक्ष एन. पापा राव, दिव्या, विद्याभूषण बनाए गए। सह-सचिव पद पर सुबोध देवांगन और पूर्णिमा साहू का चयन किया गया। कोषाध्यक्ष सुलेमान खान, सह-कोषाध्यक्ष अनु वर्मा, नाटक टीम का प्रभार संस्कृतिकर्मी हरजिंदर सिंह मोटिया व जयप्रकाश नायर को दिया गया है।
कार्यकारिणी सदस्यों में मीतादास, घनश्याम त्रिपाठी, अंजन कुमार, अभिषेक पटेल, बृजेन्द्र तिवारी, दिनेश सोलंकी, टेकलाल निराला, पवन कुमार ढिण्ढे, मनिंदर सिंह शामिल किए गए हैं।
संरक्षक की जिम्मेदारी प्रसिद्ध आलोचक सियाराम शर्मा, कथाकार कैलाश बनवासी, कवि वासुकि प्रसाद ‘उन्मत्त’ को दी गई है।
इस अवसर पर सियाराम शर्मा ने जन संस्कृति मंच के सांगठनिक इतिहास की जानकारी साझा की। उन्होंने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दी।
राजकुमार सोनी ने जसम में युवाओं की भागीदारी को जरूरी बताया। वर्तमान में देश के हालातों पर बात रखते हुए कहा कि हमें साम्प्रदायिकता और फासीवादी ताकतों का पुरजोर प्रतिरोध करते रहना है।
जन संस्कृति मंच ने ग्राम नकटी में ग्रामीणों के घरों को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने की कार्रवाई की निन्दा की है और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की है।
बैठक के अंत में विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका कलाकार तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई

तीजन बाई का जन्म- 24 अप्रैल, 1956 और मृत्यु- 5 जुलाई, 2026 को हुआ. बिलासपुर, रविशंकर और खैरागढ़ विश्वविद्यालयों ने डी.लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया. 1988 को पद्मश्री, 2003 में पद्मभूषण और 2019 में पद्म विभूषण से भारत सरकार ने अलंकृत किया. 1995 में संगीत नाटक अकादमी एवं 2018 में फुकुओका पुरुस्कार मिला. जन संस्कृति मंच की तरफ से शत् शत् नमन.
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