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ट्रैफिक चालान से मिलेगी राहत! इस दिन लोक अदालत में लंबित ई-चालानों का होगा निपटारा, समझे पूरी प्रक्रिया

National Lok Adalat in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित ट्रैफिक ई-चालानों को लेकर वाहन चालकों के लिए अहम खबर सामने आई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में बड़ी संख्या में ई-चालान लंबित हैं। ऐसे वाहन मालिक, जिनके चालान का भुगतान या कानूनी निपटारा अभी बाकी है, 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठा सकते हैं। यहां मामलों का समाधान आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा।
राजधानी रायपुर में पुराने और हालिया मामलों को मिलाकर सवा लाख से अधिक ई-चालान लंबित बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 96,800 ई-चालान कोर्ट स्तर पर लंबित हैं। लंबे समय तक चालान का निपटारा नहीं होने पर वाहन संबंधी कुछ जरूरी प्रक्रियाओं में परेशानी आने की आशंका रहती है।
वाहन चालकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है 12 सितंबर ?
12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत लंबित ई-चालानों वाले वाहन चालकों के लिए राहत का अवसर हो सकती है। जिन लोगों का चालान लंबे समय से लंबित है, उन्हें निर्धारित समय के भीतर पंजीयन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। लोक अदालत में मामला स्वीकार होने और समाधान की शर्तें संबंधित प्राधिकरण तथा मामले की प्रकृति पर निर्भर करेंगी।
पंजीयन कराने वालों को मिलेगा मौका
लोक अदालत में लंबित मामलों को शामिल कराने के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन वाहन चालकों को अपने ई-चालान का निपटारा कराना है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीयन कराना होगा। समय पर प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित मामले को लोक अदालत में सुनवाई और समाधान के लिए रखा जा सकता है।
कब तक करें पंजीयन ?
यातायात ACP सतीश ठाकुर ने बताया कि पिछले 2 वर्षों से लंबित ई-चालानों का निपटारा 12 सितंबर को लोक अदालत में किया जाएगा। पंजीयन करने के लिए 10 सितंबर तक की तारीख तय की गई है। नागरिकों को सम्बंधित थाने और यातायात कार्यालय रायपुर द्वारा भी संपर्क कर लोक अदालत के बारें में जानकारी दी जा रही है। जिनके चालान लंबित है उन्हें कार्यालय आकर पंजीयन कराना होगा। जिसके बाद 12 सितंबर को चालान का समाधान किया जाएगा। अब तक 3000 से ज्यादा नागरिकों ने पंजीयन कराया है।
आपसी सहमति से होता है विवादों का समाधान
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां मामलों का समाधान पक्षकारों की आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से लोगों को राहत दिलाना और विवादों का जल्द समाधान करना है। ई-चालान से जुड़े मामलों में भी पात्र वाहन मालिक इस व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
लंबित रहा चालान तो बढ़ेगी मुश्किलें
ई-चालान लंबे समय तक लंबित रहने की स्थिति में वाहन मालिकों को आरसी, फिटनेस, परमिट या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कुछ कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने लंबित चालानों की स्थिति जांचें और यदि मामला लोक अदालत में निपटाने योग्य है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसका समाधान कराने का प्रयास करें।
समय रहते अपने ई-चालान की स्थिति जांचें
वाहन चालकों को सलाह है कि वे किसी भी लंबित ई-चालान को नजरअंदाज न करें। अपने वाहन के चालान की स्थिति जांचकर यह पता करें कि मामला किस स्तर पर लंबित है। यदि वह राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निपटाया जा सकता है, तो समय सीमा के भीतर पंजीयन कराकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करना उपयोगी रहेगा।कई
सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामले भी हो सकते हैं शामिल
लोक अदालतों में केवल यातायात से जुड़े मामले ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक उपयोगिता वाली विभिन्न सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान की व्यवस्था भी है। इनमें परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली-पानी, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल, बीमा, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े मामले शामिल हो सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में शिक्षा, आवास और रियल एस्टेट जैसी सेवाओं से जुड़े विवाद भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।
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