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राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में ‘विप्र’ बंधुओं ने एकत्रित होकर जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्रीश्री परशुरामजी प्रगटोत्सव दिवस मनाया

👉 • राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के सदस्य
भगवान विष्णु के छठे अवतार, ब्राह्माणों के आराध्यदेव परशुराम का प्रगटोत्सव [19 अप्रैल] श्रद्धा एवं भक्ति के साथ ‘राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज’ ने मनाया. ‘विप्र’ बंधुओं ने मिलकर ‘जगन्नाथ मंदिर’ सेक्टर-6 में चारों वेदों एवं शस्त्रों की विधिवत पूजा की. बताया जाता है कि भगवान परशुराम चिरंजीवी है तथा उनकी कृपा से जीवन की अनेक कठिनाईयों का निवारण संभव है. परशुराम के पिता ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका थीं. मंदिर के पुरोहित ने भक्तों को जानकारी दी कि उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर इंद्रदेव के आशीर्वाद से अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ. परशुराम की शिक्षा उनके दादा ऋचिक और पिता जमदग्नि से मिली थी. बालक ‘राम’ ने बचपन से ही अद्भुत पराक्रम और तेजस्वी का परिचय दिया. उनकी साधना और समर्पण से प्रसन्न होकर ‘शिव’ ने उन्हें अपना दिव्य अस्त्र ‘परशु’ याने ‘फरसा’ प्रदान किया. जिसके बाद राम “परशुराम” के नाम से जाने गए.

👉 • प्रेमप्रकाश पाण्डेय, प्रभुनाथ मिश्र, पीयूष मिश्रा और विनोद उपाध्याय के साथ ‘राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज’ के प्रमुख सदस्य

👉 [बाएँ से] • उर्मिला उपाध्याय, प्रभुनाथ मिश्र और लक्ष्मीकांत तिवारी
आज के इस पुनीत पूजन में यजमान आरटी चौधरी और अंजलि चौधरी रहे. पंडित ऋषि शर्मा ने विधिवत पूजन कार्य संपन्न कराई.


इस पूजन कार्य में छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, संरक्षक प्रभुनाथ मिश्र, राष्ट्रीय महामंत्री शशिकांत तिवारी, जिला-भिलाई अध्यक्ष लक्ष्मीकांत तिवारी, महामंत्री विनोद उपाध्याय, युवा अध्यक्ष पीयूष मिश्रा, ‘विश्व ब्राह्मण समाज’ के संयोजक पी. भानुजी राव और ‘छत्तीसगढ़ बंगाली ब्राह्मण महासभा’ के प्रदेश संयोजक प्रदीप भट्टाचार्य उपस्थित हुए.
प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि-
परशुराम एक ब्राह्मण होते हुए भी योद्धा थे. जो ज्ञान और पराक्रम के संगम के प्रतीक थे. उनका जीवन यह संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग सदैव धर्म की रक्षा एवं समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए.
प्रभुनाथ मिश्र ने कहा कि-
भगवान परशुराम के जीवन से हमें सीख मिलती है, सिर्फ शारीरिक शक्ति नहीं बल्कि जीवन में तरक्की के लिए ज्ञान की भी जरूरत होती है.
राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत तिवारी ने कहा कि-
परशुराम जी का संदेश हम ‘विप्र’ समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने की सीख देता है. समाज के कल्याण और अन्याय को मिटाने के लिए हम सबको एक होना चाहिए. हिंदुओं के लिए ऐसे आयोजन हमें एक सुत्र में पिरोते भी हैं.
भगवान परशुराम के विशेष पूजा-अर्चना एवं कथा में शामिल हुए-



‘राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज’ जिला-भिलाई के युवा अध्यक्ष विपिन उपाध्याय, सचिव राधाकांत पांडे, मीडिया प्रभारी राघवेंद्र प्रसाद पाठक, अरुण कुमार पंडा, अवधेश पांडे, आलोक बिहारी मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, चंद्रप्रकाश शर्मा, पंकज पाठक, रविंद्र आर. दवे, ज्योति दवे, जयरंजन गांगुली, अनुराग चतुर्वेदी, हरिशंकर चतुर्वेदी, सोमेश त्रिवेदी, सूर्यकांत पाण्डेय, ईश्वरचंद्र त्रिपाठी, नर्मदा प्रसाद मिश्रा, उर्मिला उपाध्याय, सुमित शर्मा, सुमन पुरोहित, रविंद्र साहू, जीके पांडा, मनोज तिवारी, गोविंद तिवारी, स्वीटी कौशिक, लक्ष्मीकांत बिस्वा, एमके पाढ़ी, उमेश मिश्रा, सरोजनी पाणीग्रही, आचार्य शशिभूषण मोहंती, सीएम महापात्रा, अरविंद तिवारी, कार्तिक दत्त पाण्डेय, रामलखन मिश्रा, श्रीमती शेफाली प्रदीप भट्टाचार्य, टीआर कन्नोजे और विभिन्न ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि एवं अनेकों ‘विप्र’ बंधु.
👉 • प्रभुनाथ मिश्र, लक्ष्मीकांत तिवारी और विनोद उपाध्याय परशुराम जी के महत्व पर उद्बोधन देते हुए…
[ • रिपोर्टिंग एवं फोटो संकलन प्रदीप भट्टाचार्य ]
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