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प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ को मिला- ‘Excellence of Initiation Award’ [उत्कृष्ट पहल सम्मान]

👉 • ‘उत्कृष्ट पहल सम्मान’ से सम्मानित होते- प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
इस्पात नगरी भिलाई में विगत 68 वर्षों से बांग्ला भाषा, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखा है- ‘बंगीय साहित्य संस्था’ [Legacy of Decades A Journey from 1958]

बीते दिनों ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा संचालित ‘प्रगति भवन’ के सभागार में ‘रवींद्र-नज़रूल उत्सव- 2026’ का एक दिवसीय भव्य आयोजन ‘बंगीय साहित्य संस्था’ के तत्वावधान में किया गया. दो सत्रों में हुए यह समारोह प्रात: 10.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक चला. आयोजन में रविंद्रनाथ टैगोर एवं काज़ी नज़रूल इस्लाम पर विविध कार्यक्रम हुए. भिलाई में यह समारोह अपने आप में अनूठा आयोजन था. जिसे इस्पात नगर के बुद्धिजीवी याद रखेंगे. इस आयोजन में सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. चित्तरंजन कर, भिलाई इस्पात संयंत्र के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर [प्रोजेक्ट] प्रबीर कुमार सरकार और बीएसपी ऑफ़िसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं ‘सेफ़ी’ के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर उपस्थित हुए.
रवींद्र-नज़रूल उत्सव में थीम सोंग, नृत्य, नाट्य, गीत-संगीत, कविता पाठ, विचार एवं उद्बोधन के अलावा भिलाई के तीन महत्वपूर्ण संस्था को सम्मानित भी किया गया. सम्मानित संस्था- ‘गीत वितान कला केंद्र’, ‘समभाव सामाजिक संस्था’ और प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ साहित्य समिति.
‘आरंभ’ साहित्य समिति को हिंदी एवं उर्दू साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहल के लिए सम्मानित किया गया.
एक नई शुरुआत या यूँ कहे किसी कार्य की शानदार आरंभ के लिए दिया गया सम्मान
‘उत्कृष्ट पहल सम्मान’
‘Excellence of Initiation Award’


Bangiya Sahitya Sangstha- Bhilai
Bangiya Sahitya Sangstha pleased to honour your organisations ARAMBH for Excellent Initiation in the field of Hindi and Urdu literature. We wish all the best towards your future growth.
बंगीय साहित्य संस्था- भिलाई, आपकी संस्था ‘आरंभ’ को हिंदी एवं उर्दू साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट पहल करने के लिए सम्मानित करते हुए प्रसन्नता का अनुभव करती है. हम आपके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर प्रगति के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं.
हस्ताक्षर-
बानी चक्रवर्ती, अध्यक्ष
समरेंद्र विश्वास, मुख्य सलाहकार
दुलाल समाद्दार, संपादक ‘मध्यबलय’
शुभेंदु बागची, महासचिव

भिलाई इस्पात संयंत्र के ED [प्रोजेक्ट] प्रबीर कुमार विश्वास और ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर के हाथों सम्मानित होने के बाद ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि-
‘आरंभ’ की नींव भिलाई-दुर्ग के 21 सदस्यों ने मिलकर किया था. नवम्बर-2025 को गठित होने के बाद सिर्फ 5 माह के अंदर ही हमारी संस्था का राज्य स्तरीय पंजीयन हुआ. ‘आरंभ’ का पेन कार्ड बनकर आ गया. ‘आरंभ’ वेब साइट पर कार्य चल रहा है. आने वाले 2 माह के अंदर बनकर तैयार [क्रियान्यवन] हो जाएगा. साहित्यिक पत्रिका ‘आरंभ’ प्रकाशन के लिए RNI की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. शासकीय गाइड लाइन के दिशा-निर्देशानुसार अप्रैल माह में आम सभा किया जाना है. हम साल में किसी एक साहित्यकार को उनके समग्र रचनात्मक योगदान के लिए ‘कृति आरंभ’ सम्मान भी शुरू करेंगे. प्रतिमाह साहित्यिक विचार-विमर्श, चर्चा गोष्ठी के साथ-साथ विद्यालय/महाविद्यालय/स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं के साथ कविता पाठ एवं कविता पर संवाद चर्चा कर रहे हैं. ‘आरंभ’ का मोनो एवं हमारा टैग लाइन ‘आरंभ हो अंत न हो-चिंतन कभी क्लांत न हो’/’आरंभ’ नवचिंतन का आलंब है’ को रजिस्टर्ड [Tradmark Registration Act.] किया है. संस्था का राज्य स्तरीय पंजीयन क्रमांक- 122202670950/25.05.2026 और आयकर पैन कार्ड नंबर है- AAWAA6330Q. हमारी संस्था की विचारधारा से प्रभावित होकर अब तक 16 आजीवन सदस्य एवं 45 सामान्य सदस्यों ने सदस्यता ग्रहण किया है.
‘आरंभ’ को इस सम्मान देने के लिए हमारी साहित्य समिति,’बंगीय साहित्य संस्था’ के प्रति हृदय से कृतज्ञता प्रगट करती है.

👉 • ‘आरंभ’ के प्रमुख सदस्यों के साथ ‘बंगीय साहित्य संस्था’ द्वारा आयोजित ‘रवींद्र-नज़रूल उत्सव’ के संयोजक, महासचिव एवं मंच संचालन शुभेंदु बागची.
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