- Home
- breaking
- Chhattisgarh
- तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट के महिला सर्किल समूह महिला समाज का तीज मिलन समारोह सम्पन्न
तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट के महिला सर्किल समूह महिला समाज का तीज मिलन समारोह सम्पन्न

👉 • इस अवसर पर मुख्य अतिथि ‘स्वयंसिद्धा’ की अध्यक्ष डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने कहा कि- ‘भिलाई एक लघु भारत है, हम सबको उत्तर भारतीय दक्षिण भारतीय में ना बांटते हुए केवल भारतीय बनना है’
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
हरे रंग की साड़ियों में सजी संवरी महिलाएं, चूड़ी से लेकर बिंदी तक सब हरे रंग में रंगा हुआ, सावन के गीतों पर नृत्य करती हुई, पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति देती हुई, एक दूसरे को सुहाग की मंगल कामनाएं देती हुई महिलाएं।इसमें कुछ भी नया नहीं था,तीज मिलन के कार्यक्रम तो ऐसे ही संपन्न होते हैं। अलग यह था कि यह कार्यक्रम तमिलनाडु के सलेम स्टील प्लांट के लेडिस सर्किल समूह द्वारा आयोजित किया गया था। जहां दक्षिण भारतीय महिलाएं उत्तर भारतीय परंपराओं को आत्मसात कर रही थी।
इस आयोजन की परिकल्पना महिला समाज की अध्यक्ष डॉ. अमिता बिसारे ने.
डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने कहा कि-

तमिल भाषा का गीत गाते हुए अपनी बात रखी और बताया कि भिलाई में रहने की वजह से हर एक प्रदेश की संस्कृति को अच्छी तरह जानती हूं क्योंकि भिलाई लघु भारत है। हम सबको उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय में ना बंटते हुए केवल भारतीय बनना होगा जिससे हम पूरे संसार के सामने एकजुटता की मिसाल प्रस्तुत कर सके। महिलाएं ही संस्कृति की ध्वजवाहक होती हैं। महिलाएं एक दूसरे का साथ दे तो निश्चित रूप से कोई भी काम असंभव नहीं। सलेम लेडिस सर्कल की अध्यक्ष श्रीमती अमिता बिसारे ने अपने भाषण में कहा कि जब तक महिलाएं घर से बाहर आकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगी तब तक एक सशक्त समाज का निर्माण नहीं हो पाएगा। महिलाओं के प्रतिभा को मंच देने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की बेहद आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि डॉ.अमिता बिसारे ने पूरे सलेम स्टील सिटी में पशु पक्षियों के लिए बसेरों व दाना पानी की व्यवस्था करवा कर पशु प्रेम का संदेश दिया है।
कार्यक्रम में डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने 6 शिक्षिकाओं को स्वयंसिद्धा सम्मान से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में सलेम इस्पात संयंत्र की अधिकारियों कर्मचारियों की धर्मपत्नियों ने खूबसूरत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। तत्पश्चात डॉ.सोनाली चक्रवर्ती ने सलेम इस्पात संयंत्र का भ्रमण किया व स्टेनलेस स्टील के बर्तन व सिक्के बनते देखे।
उन्होंने अधिशासी निदेशक श्री रवि कुमार बिसारे जी से सौजन्य भेंट व चर्चा की।बदलते समय में स्टेनलेस स्टील के बर्तनों की आवश्यकता दिन-दिन बढ़ रही है जिससे मनुष्य स्वस्थ जीवन यापन करते हुए प्लास्टिक से दूरी बना सके।जहाँ स्टील की बात आती है वहां सलेम स्टेनलेस स्टील सर्वोपरि है।
कार्यक्रम का संचालन लावण्या सुमित एवं धन्यवाद ज्ञापन सचिव संगीता कालिदास ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ.अमिता बिसारे के साथ उपाध्यक्ष रेवती वरदराजन,सचिव संगीता कालिदास,संयुक्त सचिव अनामिका मैनी, कोषाध्यक्ष सुष्मिता व समिति के सदस्य सविता बोधनकर, विद्या नागराजन,रम्या, नव्या,जयश्री सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)