- Home
- Chhattisgarh
- सेल के 12 अफसरों का जबरन रिटायरमेंट पर ‘सेफ़ी’ एवं भिलाई इस्पात संयंत्र ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि मिला सांसद विजय बघेल से : आदेश वापस लेने हेतु सांसद से हस्तक्षेप की मांग
सेल के 12 अफसरों का जबरन रिटायरमेंट पर ‘सेफ़ी’ एवं भिलाई इस्पात संयंत्र ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि मिला सांसद विजय बघेल से : आदेश वापस लेने हेतु सांसद से हस्तक्षेप की मांग

👉 • बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष- नरेंद्र कुमार बंछोर, महासचिव- अंकुर मिश्रा एवं ‘सेफ़ी’ नॉमिनी- अखिलेश मिश्रा ने 12 कार्यपालक अधिकारियों के विरुद्ध जारी समय पूर्व सेवानिवृत्ति आदेशों के पुनर्विचार एवं वापस लेने की मांग सांसद विजय बघेल को पत्र प्रेषित कर किया…
• छत्तीसगढ़ आसपास
• भिलाई
भिलाई [13 सितम्बर, 2026] : सेल के 12 अधिकारियों के समयपूर्व सेवानिवृत्ति आदेशों को वापस लेने की मांग को लेकर सेफी चेयरमेन एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन बीएसपी के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर, ओए-बीएसपी के महासचिव अंकुर मिश्रा एवं सेफी नॉमिनी अखिलेश मिश्रा ने लोकसभा सांसद विजय बघेल से आवश्यक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
इस संबंध में सेफी की ओर से सांसद विजय बघेल को पत्र प्रेषित कर 12 कार्यपालक अधिकारियों के विरुद्ध जारी समयपूर्व सेवानिवृत्ति आदेशों के पुनर्विचार एवं उन्हें वापस लेने की मांग की गई है।
प्रेषित पत्र में कहा गया है कि-
लोकहित में समयपूर्व सेवानिवृत्ति का प्रावधान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था है, लेकिन इसका प्रयोग अत्यंत सावधानी, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जाना आवश्यक है। इस प्रकार के निर्णय का संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है तथा इससे संगठन में अधिकारियों के मनोबल, विश्वास एवं कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
‘सेफ़ी’ चेयरमैन एवं ‘ओए- बीएसपी’ अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने कहा कि-

समयपूर्व सेवानिवृत्ति जैसे गंभीर निर्णयों में पर्याप्त पारदर्शिता एवं वस्तुनिष्ठता सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कार्य निष्पादन मूल्यांकन में दिए जाने वाले ग्रेड, विशेष रूप से “C” ग्रेड, यदि ऐसे निर्णयों को प्रभावित करते हैं तो उसकी भी समुचित समीक्षा होनी चाहिए, ताकि मूल्यांकन अधिकारी के वास्तविक योगदान एवं कार्य निष्पादन को निष्पक्ष रूप से प्रतिबिंबित करे।
‘ओए’ भिलाई इस्पात संयंत्र के महासचिव- अंकुर मिश्रा ने कहा कि-
किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सत्यनिष्ठा, आचरण अथवा चिकित्सकीय रूप से कार्य करने की क्षमता से संबंधित कोई वास्तविक चिंता होने पर संबंधित सेल नीतियों के अंतर्गत निर्धारित विभागीय, सतर्कता अथवा चिकित्सकीय प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी के सेवाकाल को इस प्रकार समाप्त करने से पूर्व उचित प्रक्रिया एवं प्रभावी समीक्षा का अवसर मिलना आवश्यक है।
‘सेफ़ी’ नॉमिनी अखिलेश मिश्रा ने कहा कि-
अधिकारियों के बीच सेवा की सुरक्षा, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता का विश्वास बनाए रखना संगठनात्मक कार्यक्षमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित समाधान निकाला जाएगा।
पत्र के माध्यम से सांसद विजय बघेल से मुख्य रूप से 12 कार्यपालक अधिकारियों के विरुद्ध जारी अनुचित व औचित्यहीन समयपूर्व सेवानिवृत्ति आदेशों को वापस करवाने, कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रणाली एवं विशेष रूप से “C” ग्रेड दिए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा करने तथा समयपूर्व सेवानिवृत्ति की शक्ति के प्रयोग के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी दिशा-निर्देश सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है।
‘सेफ़ी’ एवं ‘ऑफिसर्स एसोसिएशन’ ने विश्वास व्यक्त किया कि सांसद विजय बघेल इस विषय की गंभीरता को देखते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करेंगे तथा अधिकारियों के हित में न्यायोचित समाधान सुनिश्चित कराने में सहयोग प्रदान करेंगे।
🟥🟥🟥
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)