माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, ये लक्षण भी हो सकते हैं संकेत; जानें कब बरतें सावधानी

Lifestyle news: माइग्रेन को आमतौर पर तेज सिरदर्द से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह केवल सिर में दर्द होने की समस्या नहीं है। माइग्रेन के दौरान शरीर और दिमाग से जुड़े कई अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं। यही वजह है कि कई बार व्यक्ति इसे सामान्य सिरदर्द समझ लेता है और परेशानी को नजरअंदाज कर देता है। माइग्रेन के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और इनकी तीव्रता भी अलग-अलग रहती है।आइए जानते हैं इसके और क्या क्या लक्षण है।
जी मिचलाना और उल्टी
सिरदर्द के साथ जी मिचलाना माइग्रेन का एक आम लक्षण हो सकता है। कुछ लोगों को उल्टी भी हो सकती है। इसकी वजह से व्यक्ति को कमजोरी महसूस हो सकती है और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। कई बार खाना खाने या कुछ खास गंधों के कारण भी परेशानी ज्यादा महसूस होती है।
दिखाई देने में बदलाव
कुछ लोगों को माइग्रेन से पहले या उसके दौरान आंखों के सामने चमकती रोशनी, टेढ़ी-मेढ़ी लाइनें, धुंधलापन या किसी हिस्से में कम दिखाई देने जैसी समस्या महसूस हो सकती है। इसे माइग्रेन ऑरा कहा जाता है। हालांकि, हर माइग्रेन मरीज में ऑरा होना जरूरी नहीं है।
चक्कर, थकान और ध्यान लगाने में परेशानी
माइग्रेन के दौरान चक्कर आना, अत्यधिक थकान, कमजोरी या किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी हो सकती है। कुछ लोगों में बोलने में थोड़ी दिक्कत या हाथ-पैर में झनझनाहट जैसे लक्षण भी ऑरा के दौरान दिखाई दे सकते हैं। सिरदर्द खत्म होने के बाद भी कुछ समय तक थकान या सुस्ती बनी रह सकती है।
मूड और नींद में बदलाव
माइग्रेन शुरू होने से पहले कुछ लोगों के मूड में बदलाव, चिड़चिड़ापन, बेचैनी या असामान्य थकान महसूस हो सकती है। नींद ज्यादा आना या नींद के पैटर्न में बदलाव भी कुछ लोगों में देखा जाता है। ऐसे संकेतों को पहचानना व्यक्ति को आने वाले माइग्रेन अटैक के लिए पहले से तैयार होने में मदद कर सकता है।
कब तुरंत सावधान होने की जरूरत?
हर तेज सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता। अगर सिरदर्द अचानक बेहद तेज शुरू हुआ हो, पहली बार ऐसा दर्द महसूस हो रहा हो, साथ में बेहोशी, दौरा, बोलने में गंभीर दिक्कत, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, तेज बुखार और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। इसी तरह बार-बार होने वाले या पहले से अलग तरह के सिरदर्द को भी डॉक्टर से दिखाना जरूरी है।
माइग्रेन के लक्षणों को समझना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच अंतर पहचानने में मदद मिल सकती है। बार-बार परेशानी होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित खान-पान, पानी की पर्याप्त मात्रा और तनाव को नियंत्रित रखने जैसी स्वस्थ आदतें भी माइग्रेन को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)