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छत्तीसगढ़ के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका, प्रति यूनिट दरें बढ़ीं, विलंब से बिल जमा करने के नियम बदले, अग्रिम भुगतान पर छूट घटी

रायपुर। राज्य के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर आज बुधवार से महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित नई बिजली दरें आज से प्रभावी हो गई हैं।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक अधिक भुगतान करना होगा, जबकि गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गई है।
अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट कम कर दी गई
इसके साथ ही अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट कम कर दी गई है और विलंब से बिल जमा करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0 से 100 यूनिट तक बिजली की दर 4.10 रुपये से बढ़ाकर 4.40 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
101 से 200 यूनिट तक की दर 4.20 से बढ़कर 4.50 रुपये
101 से 200 यूनिट तक की दर 4.20 से बढ़कर 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.60 से 6 रुपये, 401 से 600 यूनिट तक 6.60 से 7 रुपये तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 8.30 रुपये की जगह 8.80 रुपये प्रति यूनिट देनी होगी।
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि
गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों पर बिजली की दर 40 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई है। आयोग ने अग्रिम बिजली बिल भुगतान पर मिलने वाली 1.25 प्रतिशत की छूट घटाकर 0.75 प्रतिशत कर दी है, जिससे समय से पहले भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाला लाभ कम हो जाएगा।
देर से भुगतान के नियमों में संशोधन
बिल के विलंबित भुगतान के नियमों में भी संशोधन किया गया है। अब निर्धारित तिथि के बाद बिल जमा करने पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की बजाय 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से सरचार्ज लगाया जाएगा। इसके अलावा एलवी-1 और एलवी-2 श्रेणी के अस्थायी बिजली कनेक्शनों पर सामान्य टैरिफ का गुणक 1.25 गुना से बढ़ाकर 1.5 गुना कर दिया गया है। हालांकि सरकार ने बकायेदार उपभोक्ताओं को राहत भी दी है।
लंबे समय से बकाया बिल जमा करने के लिए तीन महीने की मोहलत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुसार लंबे समय से बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को तीन महीने की अतिरिक्त मोहलत मिलेगी। इस अवधि में बकाया राशि जमा करने पर सरचार्ज पूरी तरह माफ रहेगा। साथ ही निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी जाएगी, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
बिल में बढ़ेगा एफपीपीएएस शुल्क
उपभोक्ताओं को अगले दो महीनों में बिजली बिल का दोहरा झटका लगेगा। इस महीने जहां जून माह के बिल में एफपीपीएएस (फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज) 9.13 प्रतिशत से बढ़कर 11.23 प्रतिशत हो जाएगा। इसके बाद अगस्त में जुलाई के बिल के साथ नया बिजली टैरिफ भी लागू होने से उपभोक्ताओं का बिल और बढ़ जाएगा।
बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान बाहरी स्रोतों से महंगी बिजली खरीदने और कोरबा के 210 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्रों के बंद रहने से एफपीपीएएस शुल्क में यह बढ़ोतरी की गई है।
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